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                <title>Now - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : गांव में डायबिटीज का इलाज अब होगा आसान, जितेंद्र सिंह ने IIT मुंबई में बना डिजिटल पोर्टल किया लॉन्च</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्रामीण भारत में मधुमेह की बढ़ती चुनौती से निपटने और गांव-गांव तक जांच व उपचार की सुविधा पहुंचाने के लिए रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) द्वारा आईआईटी मुंबई के सहयोग से तैयार किए गए रूरल आउटरीच प्रोग्राम (आरआरओपी) डाटा इंट्री पोर्टल का शुभारंभ आज केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51396/diabetes-treatment-will-now-be-easy-in-mumbai-villages-jitendra"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/untitled-design-2023-01-17t170739.344.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ग्रामीण भारत में मधुमेह की बढ़ती चुनौती से निपटने और गांव-गांव तक जांच व उपचार की सुविधा पहुंचाने के लिए रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) द्वारा आईआईटी मुंबई के सहयोग से तैयार किए गए रूरल आउटरीच प्रोग्राम (आरआरओपी) डाटा इंट्री पोर्टल का शुभारंभ आज केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। </p>
<p> </p>
<p>जितेंद्र सिंह ने आरएसएसडीआई रूरल आउटरीच प्रोग्राम (आरआरओपी) का डिजिटल प्लेटफॉर्म और मरीजों के लिए ‘आरएसएसडीआई विश्वास’ वीडियो श्रृंखला का शुभारंभ करते हुए कहा कि अंतिम गांव तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना उसी समावेशी और तकनीक आधारित विकास का हिस्सा है, जिसके लिए विकसित भारत संकल्पित है।</p>
<p>जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर इन पहलों का शुभारंभ विशेष महत्व रखता है। ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता, चिकित्सक और डिजिटल उपकरण मिलकर मधुमेह की समय रहते पहचान और उसके प्रबंधन में मदद करेंगे। वहीं, ‘विश्वास’ वीडियो मरीजों को उनकी अपनी भाषा में बीमारी को समझने और आत्मविश्वास के साथ उसका प्रबंधन करने में सहायक सिद्ध होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51396/diabetes-treatment-will-now-be-easy-in-mumbai-villages-jitendra</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:20:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 1 लाख से अधिक टैक्सी ड्राइवरों ने सीखी कामकाजी मराठी, यात्रियों से अब स्थानीय भाषा में करेंगे संवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में यात्रियों और टैक्सी चालकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। राज्य में 1 लाख से अधिक टैक्सी ड्राइवरों ने कामकाजी मराठी का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय भाषा में संवाद को बढ़ावा देना, यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चालक अब मराठी में सामान्य बातचीत, दिशा-निर्देश समझने, यात्रियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से जानने और स्थानीय प्रशासन से जुड़े आवश्यक संवाद करने में सक्षम होंगे। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51192/mumbai-more-than-1-lakh-taxi-drivers-have-learned-working"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/image_f982a1c81.png" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में यात्रियों और टैक्सी चालकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। राज्य में 1 लाख से अधिक टैक्सी ड्राइवरों ने कामकाजी मराठी का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय भाषा में संवाद को बढ़ावा देना, यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चालक अब मराठी में सामान्य बातचीत, दिशा-निर्देश समझने, यात्रियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से जानने और स्थानीय प्रशासन से जुड़े आवश्यक संवाद करने में सक्षम होंगे। </p>
<p> </p>
<p>क्यों शुरू की गई यह पहल? महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों, विशेषकर मुंबई, पुणे, ठाणे और नवी मुंबई में बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों से आए टैक्सी चालक काम करते हैं। ऐसे में भाषा संबंधी दिक्कतें कई बार यात्रियों और चालकों के बीच संवाद में बाधा बनती थीं। इसी समस्या को दूर करने के लिए कामकाजी मराठी का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया, ताकि चालक रोजमर्रा के संवाद में मराठी का प्रभावी उपयोग कर सकें।</p>
<p><strong>प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया?</strong><br />कार्यक्रम के तहत टैक्सी चालकों को मराठी भाषा की बुनियादी समझ और रोजमर्रा के उपयोग से जुड़े विषय सिखाए गए, जिनमें— यात्रियों का स्वागत करना। गंतव्य और मार्ग से जुड़ी बातचीत। किराया और भुगतान संबंधी संवाद। आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक बातचीत। स्थानीय प्रशासन और यातायात से जुड़े सामान्य शब्द। यात्रियों को क्या होगा फायदा? इस पहल से यात्रियों को कई लाभ मिलने की उम्मीद है— स्थानीय भाषा में बेहतर संवाद। यात्रा के दौरान कम भ्रम।</p>
<p><strong>सेवा की गुणवत्ता में सुधार</strong><br /> पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक अनुभव। भाषा और रोजगार का संतुलन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय भाषा का ज्ञान सेवा क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए अतिरिक्त कौशल के रूप में काम करता है। इससे न केवल ग्राहकों का अनुभव बेहतर होता है, बल्कि चालकों के लिए भी रोजगार के अवसर मजबूत हो सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 13:56:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : अब जीना मुश्किल है, पत्नी की इस बात को सहन नहीं कर सके जज अमन कुमार शर्मा, उठा लिया खौफनाक कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के जज आलोक कुमार शर्मा आत्महत्या मामले में पत्नी को ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है। परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पत्नी के टॉर्चर की वजह से आलोक शर्मा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। वहीं, अमन के पिता प्रेम शर्मा के पुलिस को दिए गए कथित बयान का हवाला देते हुए परिवार के एक सदस्य ने बताया कि अमन ने घटना वाली रात करीब 10 बजे अपने पिता को फोन किया और अपनी परेशानी बताई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49677/new-delhi-now-it-is-difficult-to-live-judge-aman"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-03t192249.716.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के जज आलोक कुमार शर्मा आत्महत्या मामले में पत्नी को ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है। परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पत्नी के टॉर्चर की वजह से आलोक शर्मा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। वहीं, अमन के पिता प्रेम शर्मा के पुलिस को दिए गए कथित बयान का हवाला देते हुए परिवार के एक सदस्य ने बताया कि अमन ने घटना वाली रात करीब 10 बजे अपने पिता को फोन किया और अपनी परेशानी बताई।</p>
<p> </p>
<p><strong>अब जीना मुश्किल हो गया है, जज के आखिरी शब्द</strong><br />अमन ने अपने पिता से बात करते हुए कहा कि मैं बहुत परेशान हूं और मेरे लिए जीना मुश्किल हो गया है। मुझे दो महीने से प्रताड़ित किया जा रहा है। अमन के बहनोई के ससुर राजेश के मुताबिक अमन का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, जो स्वयं एक न्यायिक अधिकारी हैं। अमन की पत्नी की बहन (निधि मलिक) एक आईएएस अधिकारी हैं और जम्मू में तैनात हैं। अमन के अनुसार, निधि मलिक उसके जीवन में दखल दे रही थी और उसके घर को कंट्रोल कर रही थी।</p>
<p><strong>पत्नी ने पिता का किया अपमान तो उठाया खौफनाक कदम</strong><br />अमन के पिता ने कहा कि उनकी बहू ने उनसे कहा कि अगर आप यहां से नहीं जाते हैं, तो वह पुलिस को बुला लेगी। अगली सुबह, अमन के पिता ने अपनी बहू के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उनका फोन ब्लॉक कर दिया था। तभी घर में झगड़ा शुरू हो गया। झगड़ा के बाद अमन के पिता दूसरे कमरे में चले गए।</p>
<p><strong>अमन की पत्नी चिल्ला रही थी और अमन रो रहा था</strong><br />अमन के पिता के अनुसार, स्वाति बहुत गुस्से में चिल्ला रही थी, जबकि अमन रो रहा था। थोड़ी देर बाद शोर बंद हो गया। उन्होंने सोचा कि झगड़ा सुलझ गया होगा और कुछ देर इंतजार किया। कुछ देर बाद जब वे उन्हें देखने गए, तो उन्होंने स्वाति से अमन के बारे में पूछा, जिस पर उसने कहा कि उसे नहीं पता।<br />जब उन्होंने अमन के मोबाइल पर कॉल किया, तो उन्हें बाथरूम के अंदर घंटी बजने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने बाथरूम के दरवाजे पर दस्तक दी और उसे दरवाजा खोलने के लिए कहा। इसी दौरान युद्धवीर (स्वाति के चाचा) और निधि मलिक आ गए। उन्होंने बहुत कोशिश की, दरवाजे पर फर्नीचर पटका, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:23:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अब सिर्फ 90 मिनट में मुंबई से पुणे, मिसिंग लिंक से खत्म होगा खंडाला घाट के जाम का झंझट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई-पुणे के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बना ‘मिसिंग लिंक’ आज (1 मई) महाराष्ट्र दिवस के मौके पर खुल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन करेंगे। मुंबई-पुणे के बीच हर दिन यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट एक बड़ी सौगात है, जो न सिर्फ समय बचाएगा बल्कि सफर को भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49607/now-in-just-90-minutes-the-problem-of-traffic-jam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/add-a-heading-2-1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई-पुणे के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बना ‘मिसिंग लिंक’ आज (1 मई) महाराष्ट्र दिवस के मौके पर खुल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन करेंगे। मुंबई-पुणे के बीच हर दिन यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट एक बड़ी सौगात है, जो न सिर्फ समय बचाएगा बल्कि सफर को भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यह 13.3 किमी लंबा एक नया खंड है जो मुंबई की ओर खोपोली को लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ता है। इसे खास तौर पर पुराने खंडाला घाट के घुमावदार और जाम वाले रास्ते को बायपास करने के लिए बनाया गया है, जहां अक्सर ट्रैफिक धीमा होता है, हादसों का खतरा सबसे अधिक रहता है।<br /><strong></strong></p><p><strong><br /></strong></p><p><strong>लोनावला झील से 182 मीटर नीचे से गुजरेगी</strong><br />उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 26 अप्रैल को मिसिंग लिंक का दौरा किया था। तब उन्होंने मिसिंग लिंक को लेकर अहम जानकारी देते हुए कहा था कि तेज हवाओं, भारी बारिश और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह सड़क लोनावला झील से 182 मीटर नीचे से गुजरेगी। इस परियोजना को पूरा करना एक चुनौती थी, लेकिन महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को इस विशाल चुनौती को स्वीकार करने और परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए विशेष रूप से सराहा जाना चाहिए।<br /><strong></strong></p><p><strong>30 मिनट तक घटेगा सफर, दूरी भी होगी कम</strong><br />इस नए मार्ग (मिसिंग लिंक) के शुरू होने से पुणे और मुंबई के बीच यात्रा का समय कम से कम 30 मिनट घटने की उम्मीद है। पीक आवर्स और छुट्टियों के दौरान यह समय बचत और ज्यादा हो सकती है। साथ ही कुल दूरी भी करीब 6 किमी कम हो जाएगी, जिससे सफर तेज और ज्यादा सुगम बनेगा।<br /></p><p><strong>मिसिंग लिंक के लिए नहीं लगेगा टोल</strong><br />सबसे अच्छी बात यह है कि मिसिंग लिंक से जाने के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त टोल नहीं देना होगा। तलेगांव और खालापुर के मौजूदा टोल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी लोग बिना अतिरिक्त खर्च के तेज सफर का लाभ उठा सकेंगे।<br /><strong></strong></p><p><strong>6695 करोड़ की लागत से बना है मिसिंग लिंक</strong><br />करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से बना मिसिंग लिंक 2019 से निर्माणाधीन था। घाट सेक्शन में भारी बारिश, तेज हवाओं और वैश्विक सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण इसमें कई बार देरी हुई, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है।<br /></p><p><strong>एशिया के सबसे लंबे टनल में शामिल</strong><br />इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसके दो विशाल टनल हैं। इनमें से एक टनल 8.9 किलोमीटर लंबी है, जो इसे एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक बनाती है। जबकि दूसरी टनल 1.9 किलोमीटर लंबी है। दोनों टनल की चौड़ाई 23.75 मीटर है, जो इसे दुनिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग में से एक बनाती है।<br /></p><p><strong>टाइगर वैली ब्रिज मुख्य आकर्षण का केंद्र</strong><br />मिसिंग लिंक में 650 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज भी शामिल है, जो टाइगर वैली के ऊपर बनाया गया है। करीब 182 मीटर ऊंचा यह पुल देश के सबसे ऊंचे सड़क पुलों में से एक है और आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है।<br /></p><p><strong>ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत की उम्मीद</strong><br />खंडाला घाट लंबे समय से ट्रैफिक का बड़ा बाधा बिंदु रहा है। नए मार्ग के शुरू होने से पुराने रास्ते पर ट्रैफिक करीब 70 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है, जिससे पूरे एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू और सुरक्षित बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49607/now-in-just-90-minutes-the-problem-of-traffic-jam</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:02:11 +0530</pubDate>
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