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                <title>administration - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: गैरहाजिर अफसरों पर प्रशासन का शिकंजा, एसआईआर अभियान में सख्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान शुरू किया गया है। इस कार्य में समय पर उपस्थित नहीं होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुंबई मनपा ने कड़ा रूख अपनाया है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) व अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एसआईआर कार्य में गैर-हाजिर रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50526/mumbai-administration-tightens-its-grip-on-absent-officers-strictness-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-03t105409.652.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> मुंबई में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान शुरू किया गया है। इस कार्य में समय पर उपस्थित नहीं होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुंबई मनपा ने कड़ा रूख अपनाया है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) व अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एसआईआर कार्य में गैर-हाजिर रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।</p>
<p> </p>
<p>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में एसआईआर अभियान की प्रगति और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। बैठक में सभी मंडलीय उपायुक्तों, वार्ड स्तर के सहायक आयुक्तों और संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने कहा कि वर्तमान में मानसून के कारण बीएमसी अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। हालांकि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बैहद महत्वपूर्ण है।</p>
<p>सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसून संबंधी कार्यों व निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाकर काम में जुटना चाहिए। पाया गया है कि एसआईआर अभियान के पहले दिन कई बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ड्यूटी पर अनुपस्थित थे। इसलिए बीएमसी प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया है। बैठक में अतिरिक्त मनपा आयुक्त (पश्चिम उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:55:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: मॉनसून से निपटने के लिए मुंबई प्रशासन तैयार, 30000 पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा, हेल्पलाइन नंबर जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंबे इंतजार के बाद मुंबई में मॉनसून दस्तक दे दी है। इसके स्वागत में मुंबईकरों के साथ पुलिस भी जुट गई है। लेकिन, मॉनसून के दौरान होने वाले आसमानी आफत से निपटने के लिए शहर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस भी बीएमसी, एनडीआरएफ, आईएमडी और डिजास्टर के साथ तालमेल बिठाकर तैयारियां कर रखी हैं। सभी जोनल डीसीपी, रीजनल एडिशनल सीपी समेत अन्य पदाधिकारी बैठक में शामिल थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50475/mumbai-administration-ready-to-deal-with-mumbai-monsoon-30000-policemen"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/1000867418_1755699978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>लंबे इंतजार के बाद मुंबई में मॉनसून दस्तक दे दी है। इसके स्वागत में मुंबईकरों के साथ पुलिस भी जुट गई है। लेकिन, मॉनसून के दौरान होने वाले आसमानी आफत से निपटने के लिए शहर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस भी बीएमसी, एनडीआरएफ, आईएमडी और डिजास्टर के साथ तालमेल बिठाकर तैयारियां कर रखी हैं। सभी जोनल डीसीपी, रीजनल एडिशनल सीपी समेत अन्य पदाधिकारी बैठक में शामिल थे। 11 हजार से अधिक सरकारी सीसीटीवी कैमरे और 33 हजार से अधिक निजी सीसीटीवी कैमरों से महानगर की निगरानी रखी जाएंगी। 30000 से अधिक पुलिसकर्मियों को बारिश से निपटने के लिए लगाए जाएंगे। </p>
<p> </p>
<p><strong>ट्रैफिक पुलिस भी अलर्ट मोड पर:</strong><br />वर्ली स्थित ट्रैफिक मुख्यालय में भी मॉनसून के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे, इसको लेकर जॉइंट सीपी सत्यनारायण चौधरी के मार्गदर्शन में तैयारियां चल रही हैं। व्यस्ततम मार्गों के अलावाव गिरगांव, जूहु, अक्सा, दानापानी, मढ़-मार्वे जैसे चौपाटियों पर भी ट्रैफिक पुलिस की खास मौजूदगी रहेंगी।</p>
<p><strong>पुलिसकर्मियों को सीपीआर प्रशिक्षण:</strong><br />लगातार बारिश और जलजमाव से पैदा होने वाले स्थिति में अगर कोई फंस जाता है तो उन्हें अविलंब सहायता देने के लिए मुंबई पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। पुलिसकमियों को प्राथमिक चिकित्सा, आपदा और सीपीआर देने के लिए प्रशिक्षित किया किया गया है।</p>
<p><strong>तटों पर दूरबीन टॉवर से निगरानी:</strong><br />सुरक्षा व्यवस्था का पालन नहीं कर समुद्र में जाने और जान गंवाने वालों को रोकने के लिए अस्थाई तौर पर तटों पर वॉचटॉवर बनाए जा रहे हैं। इससे तटीय हलचलों पर नजर रखी जाएंगी। 342 लोकल मछुआरों से बातचीत कर उन्हें पुलिस मित्र बनाकर उनकी मदद ली जाएगी। सुरक्षा रक्षकों, स्थानीय तैराकों और मछुआरों से आपात स्थिति में मदद ली जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:31:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : 32 बाल विवाह रोककर प्रशासन ने दिखाई तत्परता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार अक्षय तृतीया के अवसर पर 32 बाल विवाह रोकने में सफल रही है। महिला व बाल कल्याण विभाग ने अपनी ‘स्पेशल फोर्स’ के ज़रिए पूरे राज्य में कड़ी कार्रवाई की और एक ही दिन में ये बाल विवाह रोकने में सफल रही। यह जानकारी मंगलवार को महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने दी। मंत्री अदिति ने बताया कि यह कार्रवाई “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत की गई। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49404/mumbai-administration-showed-promptness-by-stopping-32-child-marriages"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(33).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार अक्षय तृतीया के अवसर पर 32 बाल विवाह रोकने में सफल रही है। महिला व बाल कल्याण विभाग ने अपनी ‘स्पेशल फोर्स’ के ज़रिए पूरे राज्य में कड़ी कार्रवाई की और एक ही दिन में ये बाल विवाह रोकने में सफल रही। यह जानकारी मंगलवार को महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने दी। मंत्री अदिति ने बताया कि यह कार्रवाई “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत की गई। </p>
<p> </p>
<p>बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, नाबालिग लड़कियों और लड़कों की शादी कराना एक दंडनीय अपराध है। चूंकि पारंपरिक प्रथाओं के कारण कुछ इलाकों में अभी भी बाल विवाह हो रहे हैं,। इसलिए सरकार ने 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत जागरूकता और रोकथाम के उपाय किए गए है। मंत्री अदिति के अनुसार यह कार्रवाई कोंकण, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती और नागपुर विभाग में की गई। </p>
<p>लड़कियों के पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:54:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में इच्छामृत्यु के 40 आवेदन अटके, BMC में स्पष्ट नियमों के अभाव में प्रशासन उलझा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में ‘इच्छामृत्यु’ यानी पैसिव यूथेनेशिया का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में हरिश राणा को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत इच्छामृत्यु की अनुमति मिली थी, जिनका निधन हो गया. इस घटना के बाद यह सामने आया कि पिछले दो साल में मुंबई महानगरपालिका के पास इच्छामृत्यु के लिए 40 लोगों ने आवेदन किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48715/40-euthanasia-applications-stuck-in-mumbai-administration-entangled-due-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-26t122905.196.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में ‘इच्छामृत्यु’ यानी पैसिव यूथेनेशिया का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में हरिश राणा को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत इच्छामृत्यु की अनुमति मिली थी, जिनका निधन हो गया. इस घटना के बाद यह सामने आया कि पिछले दो साल में मुंबई महानगरपालिका के पास इच्छामृत्यु के लिए 40 लोगों ने आवेदन किया है. साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने एक अहम फैसला देते हुए गंभीर और लाइलाज मरीजों को कुछ शर्तों के साथ इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी. इसके बाद राज्य सरकार ने BMC को ऐसे मामलों में आवेदन लेने की जिम्मेदारी दी. इसी के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के पास अब तक 40 आवेदन जमा हो चुके हैं. यह संख्या दिखाती है कि कई लोग इस विकल्प को लेकर सोच रहे हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>स्पष्ट नहीं है कोई नियम</strong><br />सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन आवेदनों पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाए, इसको लेकर कोई स्पष्ट नियम तय नहीं है. करीब दो साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन यह तय नहीं कर पाया है कि किस केस में क्या कदम उठाना है. कानूनी और तकनीकी पहलुओं को लेकर भी कई तरह की उलझन बनी हुई है. इसी वजह से अब तक एक भी आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है.</p>
<p><strong>डॉक्टरों और प्रशासन के सामने मुश्किल सवाल</strong><br />वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि इच्छामृत्यु के मामलों में कई जटिल सवाल सामने आते हैं. जैसे अगर किसी व्यक्ति ने मुंबई में आवेदन किया, लेकिन उसकी मृत्यु किसी दूसरे शहर या राज्य में होती है, तो फैसला कौन लेगा? इसी तरह मरीज की हालत, परिवार की सहमति, मेडिकल बोर्ड की भूमिका और कानूनी जांच जैसे कई पहलुओं पर अभी भी स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं.</p>
<p><strong>डिजिटल पोर्टल को लेकर भी असमंजस</strong><br />सरकार के शहरी विकास विभाग ने इन मामलों को रिकॉर्ड करने के लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाया है. लेकिन BMC स्तर पर इसका इस्तेमाल अभी तक शुरू नहीं हो पाया है. कुछ डॉक्टरों का मानना है कि BMC को अपना अलग सिस्टम बनाना चाहिए, जबकि प्रशासन का कहना है कि जब सरकारी पोर्टल मौजूद है, तो नया सिस्टम बनाने की जरूरत नहीं है.</p>
<p><strong>समाधान की उम्मीद, सरकार पर नजर</strong><br />इस पूरे मामले में सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्टर निखिल दातार ने सरकार से स्पष्ट प्रक्रिया तय करने की मांग की है. उन्होंने इस विषय पर कानूनी लड़ाई भी लड़ी है. BMC प्रशासन ने भी सरकार से कई बार पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे हैं. अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे, ताकि मरीजों और उनके परिवारों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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