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                <title>administration - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>administration RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : 32 बाल विवाह रोककर प्रशासन ने दिखाई तत्परता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार अक्षय तृतीया के अवसर पर 32 बाल विवाह रोकने में सफल रही है। महिला व बाल कल्याण विभाग ने अपनी ‘स्पेशल फोर्स’ के ज़रिए पूरे राज्य में कड़ी कार्रवाई की और एक ही दिन में ये बाल विवाह रोकने में सफल रही। यह जानकारी मंगलवार को महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने दी। मंत्री अदिति ने बताया कि यह कार्रवाई “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत की गई। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49404/mumbai-administration-showed-promptness-by-stopping-32-child-marriages"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(33).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार अक्षय तृतीया के अवसर पर 32 बाल विवाह रोकने में सफल रही है। महिला व बाल कल्याण विभाग ने अपनी ‘स्पेशल फोर्स’ के ज़रिए पूरे राज्य में कड़ी कार्रवाई की और एक ही दिन में ये बाल विवाह रोकने में सफल रही। यह जानकारी मंगलवार को महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने दी। मंत्री अदिति ने बताया कि यह कार्रवाई “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत की गई। </p>
<p> </p>
<p>बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, नाबालिग लड़कियों और लड़कों की शादी कराना एक दंडनीय अपराध है। चूंकि पारंपरिक प्रथाओं के कारण कुछ इलाकों में अभी भी बाल विवाह हो रहे हैं,। इसलिए सरकार ने 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत जागरूकता और रोकथाम के उपाय किए गए है। मंत्री अदिति के अनुसार यह कार्रवाई कोंकण, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती और नागपुर विभाग में की गई। </p>
<p>लड़कियों के पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:54:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में इच्छामृत्यु के 40 आवेदन अटके, BMC में स्पष्ट नियमों के अभाव में प्रशासन उलझा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में ‘इच्छामृत्यु’ यानी पैसिव यूथेनेशिया का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में हरिश राणा को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत इच्छामृत्यु की अनुमति मिली थी, जिनका निधन हो गया. इस घटना के बाद यह सामने आया कि पिछले दो साल में मुंबई महानगरपालिका के पास इच्छामृत्यु के लिए 40 लोगों ने आवेदन किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48715/40-euthanasia-applications-stuck-in-mumbai-administration-entangled-due-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-26t122905.196.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में ‘इच्छामृत्यु’ यानी पैसिव यूथेनेशिया का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में हरिश राणा को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत इच्छामृत्यु की अनुमति मिली थी, जिनका निधन हो गया. इस घटना के बाद यह सामने आया कि पिछले दो साल में मुंबई महानगरपालिका के पास इच्छामृत्यु के लिए 40 लोगों ने आवेदन किया है. साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने एक अहम फैसला देते हुए गंभीर और लाइलाज मरीजों को कुछ शर्तों के साथ इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी. इसके बाद राज्य सरकार ने BMC को ऐसे मामलों में आवेदन लेने की जिम्मेदारी दी. इसी के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के पास अब तक 40 आवेदन जमा हो चुके हैं. यह संख्या दिखाती है कि कई लोग इस विकल्प को लेकर सोच रहे हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>स्पष्ट नहीं है कोई नियम</strong><br />सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन आवेदनों पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाए, इसको लेकर कोई स्पष्ट नियम तय नहीं है. करीब दो साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन यह तय नहीं कर पाया है कि किस केस में क्या कदम उठाना है. कानूनी और तकनीकी पहलुओं को लेकर भी कई तरह की उलझन बनी हुई है. इसी वजह से अब तक एक भी आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है.</p>
<p><strong>डॉक्टरों और प्रशासन के सामने मुश्किल सवाल</strong><br />वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि इच्छामृत्यु के मामलों में कई जटिल सवाल सामने आते हैं. जैसे अगर किसी व्यक्ति ने मुंबई में आवेदन किया, लेकिन उसकी मृत्यु किसी दूसरे शहर या राज्य में होती है, तो फैसला कौन लेगा? इसी तरह मरीज की हालत, परिवार की सहमति, मेडिकल बोर्ड की भूमिका और कानूनी जांच जैसे कई पहलुओं पर अभी भी स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं.</p>
<p><strong>डिजिटल पोर्टल को लेकर भी असमंजस</strong><br />सरकार के शहरी विकास विभाग ने इन मामलों को रिकॉर्ड करने के लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाया है. लेकिन BMC स्तर पर इसका इस्तेमाल अभी तक शुरू नहीं हो पाया है. कुछ डॉक्टरों का मानना है कि BMC को अपना अलग सिस्टम बनाना चाहिए, जबकि प्रशासन का कहना है कि जब सरकारी पोर्टल मौजूद है, तो नया सिस्टम बनाने की जरूरत नहीं है.</p>
<p><strong>समाधान की उम्मीद, सरकार पर नजर</strong><br />इस पूरे मामले में सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्टर निखिल दातार ने सरकार से स्पष्ट प्रक्रिया तय करने की मांग की है. उन्होंने इस विषय पर कानूनी लड़ाई भी लड़ी है. BMC प्रशासन ने भी सरकार से कई बार पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे हैं. अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे, ताकि मरीजों और उनके परिवारों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : भायखला जेल के 800 कैदियों के निवाले पर संकट... LPG की कमी के बाद प्रशासन ने शुरू किया ‘प्लान-B’</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी आपूर्ति में रक्षा, रेलवे, पुलिस और जेलों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बावजूद, नागपुर मध्यवर्ती कारागृह जैसी जगहों से गैस की कमी की खबरें आने के बाद भायखला जेल प्रशासन ने पहले ही तीन दिन का गैस स्टॉक सुरक्षित कर लिया है। संबंधित गैस वितरक एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि आपूर्ति की कड़ी न टूटे। जेल के भीतर प्रतिदिन 2 हजार से अधिक रोटियां सेंकी जाती हैं, जिसके लिए निरंतर ईंधन की आवश्यकता होती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48529/800-prisoners-of-mumbai-byculla-jail-face-crisis-after-shortage"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/erewr.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>ईरान-इजरायल संघर्ष और वैश्विक सप्लाई चेन में आए व्यवधान का असर अब मुंबई की जेलों की रसोई तक पहुँच गया है। मुंबई के भायखला जिला कारागृह में एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत के कारण 800 से अधिक कैदियों के भोजन पर संकट मंडरा रहा है। हालांकि, जेल प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ियों के चूल्हों को फिर से जीवित करने की तैयारी शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य पूर्व में तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली गैस आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका सीधा प्रभाव अब संस्थागत रसोइयों पर दिख रहा है। भायखला जेल की क्षमता वैसे तो 462 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहाँ करीब 550 महिला और 350 पुरुष सहित कुल 900 के करीब कैदी बंद हैं। इतने बड़े समूह के लिए दिन में दो बार भोजन, नाश्ता और चाय तैयार करने के लिए प्रतिदिन 7 से 8 गैस सिलेंडरों की खपत होती है।<br /><br />जेल अधीक्षक अशोक कारकर के अनुसार, गैस संकट को देखते हुए जेल की पुरानी कैंटीन, जो पिछले एक साल से बंद थी, उसके रिनोवेशन का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। यदि गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप होती है, तो दाल-चावल पकाने के लिए लकड़ियों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ियों का स्टॉक भी जमा कर लिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैदियों को समय पर भोजन मिलता रहे, क्योंकि जेल के भीतर कैदियों के पास बाहर के लोगों की तरह होटल या स्ट्रीट फूड जैसे कोई वैकल्पिक साधन मौजूद नहीं हैं।<br /><br />महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी आपूर्ति में रक्षा, रेलवे, पुलिस और जेलों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बावजूद, नागपुर मध्यवर्ती कारागृह जैसी जगहों से गैस की कमी की खबरें आने के बाद भायखला जेल प्रशासन ने पहले ही तीन दिन का गैस स्टॉक सुरक्षित कर लिया है। संबंधित गैस वितरक एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि आपूर्ति की कड़ी न टूटे। जेल के भीतर प्रतिदिन 2 हजार से अधिक रोटियां सेंकी जाती हैं, जिसके लिए निरंतर ईंधन की आवश्यकता होती है।<br /><br />जेल के बाहर आम नागरिक गैस की कमी होने पर इंडक्शन चूल्हा, केरोसिन या बाहर से खाना मंगाने जैसे विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन जेल मैनुअल के अनुसार कैदी केवल जेल की रसोई में बना भोजन ही कर सकते हैं। उन्हें घर का बना या बाहर का खाना देने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में रसोई गैस का संकट लंबा खिंचने पर कानून-व्यवस्था और कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। फिलहाल जेल स्टाफ इस संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त घंटों तक काम कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 21:17:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पालघर : प्रशासन ने LPG की कमी की अफ़वाहों को ख़ारिज किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वैश्विक स्तर पर चल रही युद्ध जैसी स्थिति के कारण घरेलू LPG की संभावित कमी को लेकर कुछ इलाकों में फैल रही अफवाहों के बीच, ज़िला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पालघर ज़िले में घरेलू खाना पकाने वाली गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है और इसकी कोई कमी नहीं है। 'आपूर्ति सुचारू है, अफवाहों पर विश्वास न करें': डॉ. इंदु रानी जाखड़ ज़िला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि पूरे ज़िले में घरेलू LPG सिलेंडरों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी है और नागरिकों को कमी के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48408/palghar-administration-dismisses-rumors-of-lpg-shortage"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/lpg-cylinder-shortage-in-my-city-today-2026-03-c9e2375808d4256ba8bac3c112f99923-1200x800.webp" alt=""></a><br /><p><strong>पालघर : </strong>वैश्विक स्तर पर चल रही युद्ध जैसी स्थिति के कारण घरेलू LPG की संभावित कमी को लेकर कुछ इलाकों में फैल रही अफवाहों के बीच, ज़िला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पालघर ज़िले में घरेलू खाना पकाने वाली गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है और इसकी कोई कमी नहीं है। 'आपूर्ति सुचारू है, अफवाहों पर विश्वास न करें': डॉ. इंदु रानी जाखड़ ज़िला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि पूरे ज़िले में घरेलू LPG सिलेंडरों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी है और नागरिकों को कमी के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।</p>
<p> </p>
<p>ज़िला प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और न ही अनावश्यक रूप से LPG सिलेंडरों का भंडारण करने की होड़ में पड़ें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि घरेलू LPG सिलेंडर पूरी तरह से घरेलू उपयोग के लिए हैं, और ऐसे सिलेंडरों के किसी भी व्यावसायिक या अनधिकृत उपयोग पर संबंधित व्यक्तियों या संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कालाबाज़ारी रोकने के लिए बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल<br />भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी तेल विपणन कंपनियों के नियमों के अनुसार, जमाखोरी और कालाबाज़ारी को रोकने के लिए दो सिलेंडर बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<p>नियमों के अनुसार, अगला सिलेंडर पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिनों बाद ही बुक किया जा सकता है। इस बीच, ज़िले के सभी LPG वितरकों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित मानदंडों के अनुसार, बुकिंग के बाद सिलेंडरों की डिलीवरी उपभोक्ताओं तक जल्द से जल्द हो। नागरिकों को सलाह दी गई है कि बुकिंग से संबंधित किसी भी समस्या या किसी भी तकनीकी कठिनाई के मामले में वे अपनी संबंधित गैस एजेंसियों से संपर्क करें।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48408/palghar-administration-dismisses-rumors-of-lpg-shortage</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:09:04 +0530</pubDate>
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