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                <title>removed - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: एफडीए की सख्ती का असर, मुंबई के स्कूल कैंटीन से हटने लगा जंक फूड अब मिलेगा हेल्दी खाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की सख्ती का असर अब स्कूलों में भी दिखाई देने लगा है। सीनियर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में घटिया और असुरक्षित खाद्य उत्पादों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बाद मुंबई के कई स्कूलों ने अपनी कैंटीन व्यवस्था में बदलाव करना शुरू कर दिया है। स्कूल परिसरों में जंक फूड और एयरेटेड ड्रिंक्स की बिक्री को लेकर एफडीए की चेतावनी के बाद कई स्कूलों ने कैंटीन मेन्यू में बदलाव किया है। अब बच्चों को स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51458/due-to-the-strictness-of-mumbai-fda-junk-food-is"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-20t115636.157.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की सख्ती का असर अब स्कूलों में भी दिखाई देने लगा है। सीनियर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में घटिया और असुरक्षित खाद्य उत्पादों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बाद मुंबई के कई स्कूलों ने अपनी कैंटीन व्यवस्था में बदलाव करना शुरू कर दिया है। स्कूल परिसरों में जंक फूड और एयरेटेड ड्रिंक्स की बिक्री को लेकर एफडीए की चेतावनी के बाद कई स्कूलों ने कैंटीन मेन्यू में बदलाव किया है। अब बच्चों को स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के टिफिन में पौष्टिक खाद्य पदार्थ भेजने की सलाह दी जा रही है।</p>
<p> </p>
<p>स्कूल कैंटीन में बदला मेन्यू एफडीए की कार्रवाई के बाद स्कूल प्रशासन ने कैंटीन संचालकों को निर्देश देना शुरू कर दिया है कि बच्चों को ऐसे खाद्य पदार्थ न बेचे जाएं जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। पहले जहां कई कैंटीन में पैकेट वाले स्नैक्स, ज्यादा तेल वाले फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक और अन्य जंक फूड आसानी से उपलब्ध होते थे, अब उनकी जगह पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा रहे हैं। कई स्कूलों ने अपने कैंटीन मेन्यू में फल, सलाद, पोहा, उपमा, इडली, सैंडविच, पौष्टिक स्नैक्स और अन्य हेल्दी विकल्पों को जगह दी है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव जरूरी है।<br />एफडीए ने जारी की थी चेतावनी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने स्कूल परिसरों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए थे कि ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जाए, जिनमें अधिक मात्रा में नमक, चीनी और वसा होती है। एफडीए का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र में ही अस्वास्थ्यकर खानपान की आदतों से बचाना है। विभाग का मानना है कि बचपन में खानपान की गलत आदतें आगे चलकर मोटापा, डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं।</p>
<p><strong>तुकाराम मुंढे की कार्रवाई का असर</strong><br />एफडीए में सीनियर अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने कई जगहों पर खाद्य उत्पादों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। मुंढे की कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। उनकी सख्ती का असर अब स्कूलों तक पहुंचा है, जहां प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 11:57:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई मेयर की कार से हटाई गई लाल-नीली बत्ती, क्यों हो रहा विवाद?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने रविवार को बताया कि उसने मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े की सरकारी गाड़ी से लाल-नीली चमकने वाली लाइटें हटा दी हैं। यह कदम इनके गैरकानूनी होने और वीआईपी संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोपों को लेकर हुए विवाद के बाद उठाया गया है। महानगरपालिका के अन्य पदाधिकारियों की गाड़ियों से भी इसी तरह की लाइटें हटा दी गई हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48458/why-red-blue-lights-were-removed-from-mumbai-mayors-car-causing"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-16t122614.876.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने रविवार को बताया कि उसने मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े की सरकारी गाड़ी से लाल-नीली चमकने वाली लाइटें हटा दी हैं। यह कदम इनके गैरकानूनी होने और वीआईपी संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोपों को लेकर हुए विवाद के बाद उठाया गया है। महानगरपालिका के अन्य पदाधिकारियों की गाड़ियों से भी इसी तरह की लाइटें हटा दी गई हैं।</p>
<p> </p>
<p>पिछले महीने मुंबई की मेयर का पद संभालने के बाद तावड़े को एक मल्टी-पर्पस गाड़ी दी गई थी। इस गाड़ी में लाल-नीली चमकने वाली लाइटें लगी हुई थीं। बीएमसी के अनुसार, यह कार्रवाई तब की जब प्रशासन के संज्ञान में आया कि उसकी कुछ गाड़ियों में चमकने वाली लाइटें लगी हुई हैं।</p>
<p>उसने तावड़े की सरकारी गाड़ी की एक तस्वीर भी साझा की जिसमें ये चमकने वाली लाइटें नहीं थीं। यह कार्रवाई कुछ इंटरनेट मीडिया यूजर्स द्वारा इन लाइटों पर सवाल उठाए जाने के बाद की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 12:53:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एमपी, केरल, छत्तीसगढ़ और अंडमान में मसौदा सूची जारी; करीब 93 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची को प्रकाशित कर दिया गया। इन तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मसौदा सूची से करीब 95 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।  केरल में 2.78 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 24.08 लाख नाम हटाए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में कुल 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 27.34 लाख के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जबकि मध्य प्रदेश में 5.74 करोड़ मतदाताओं में से 42.74 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए हैं। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में कुल 3.10 लाख मतदाताओं में से लगभग 64 हजार के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46417/draft-list-released-in-mp-kerala-chhattisgarh-and-andaman-names"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download-(95)1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्‍ली :  </strong>मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची को प्रकाशित कर दिया गया। इन तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मसौदा सूची से करीब 95 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।  केरल में 2.78 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 24.08 लाख नाम हटाए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में कुल 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 27.34 लाख के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जबकि मध्य प्रदेश में 5.74 करोड़ मतदाताओं में से 42.74 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए हैं। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में कुल 3.10 लाख मतदाताओं में से लगभग 64 हजार के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। </p>
<p> </p>
<p>चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटे हैं, वे अब भी पुनः शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी और इस पर अंतिम निर्णय निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी लेंगे।</p>
<p><strong>केरल में हटाए गए 24 लाख से अधिक नाम</strong><br />केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार किया गया मतदाता सूची का मसौदा मंगलवार को निर्वाचन आयोग ने प्रकाशित गया, जिसमें से 24 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण के गणना चरण के पूरा होने के बाद मसौदा सूची में 2,54,42,352 मतदाताओं को शामिल किया गया है, जबकि 24,08,503 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।</p>
<p>हटाए गए नामों में से 6,49,885 नाम मृत व्यक्तियों से संबंधित हैं, 6,45,548 मतदाताओं का पता नहीं लगाया जा सका और 8,16,221 मतदाताओं की पहचान उनके पंजीकृत पते से स्थायी रूप से स्थानांतरित होने के रूप में की गई। इसके अतिरिक्त, 1,36,029 'डुप्लिकेट' मतदाताओं और अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले 1,60,830 मतदाताओं की पहचान की गई।</p>
<p>पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले केरल की मतदाता सूची में 2,78,50,855 मतदाता थे। मतदाता सूची से हटाए गए नामों का प्रतिशत 8.65 है। मसौदा सूची से संबंधित आपत्तियां और शिकायतें 22 जनवरी तक जमा की जा सकती हैं और अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।<br />मध्य प्रदेश के आंकड़े</p>
<p>चुनाव आयोग ने मंगलवार को मध्य प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। आयोग द्वारा जारी की गई एसआईआर मतदाता सूची में 42.74 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 निर्वाचकों में से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 निर्वाचकों ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं। मसौदा सूची से जो 42 लाख से अधिक नाम काटे गए हैं। उसमें  31.51 लाख मतदाता शिफ्ट हो गए या अनुपस्थित मिले। वहीं 8.46 लाख मतदाता मृत पाए गए। इसके अलावा 2.77 लाख मतदाताओं के एक से अधिक जगहों पर नाम पाए गए।   </p>
<p>मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ निर्वाचक ऐसे रहे, जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके। इसके पीछे कई कारण रहे। निर्वाचक का अन्य राज्य में पंजीकरण, व्यक्ति का अस्तित्व में न होना, समय सीमा तक प्रपत्र जमा न करना अथवा स्वयं मतदाता का पंजीकरण में रुचि न लेना। इसके अलावा, एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाए गए निर्वाचकों का नाम केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ में हटे 27.34 लाख मतदाताओं के नाम</strong><br />छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का विस्तृत ब्यौरा सामने आया है। राज्य में कुल 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 27.34 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं। एसआईआर प्रक्रिया के तहत कुल 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाताओं से एनरोलमेंट फॉर्म एकत्र किए गए। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार जांच के दौरान 6 लाख 42 हजार 234 मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि हुई। इसके अलावा 19 लाख 13 हजार 540 मतदाता स्थानांतरण या अनुपस्थित पाए गए, जबकि 1 लाख 79 हजार 43 मतदाता ऐसे मिले जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 21:15:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : तमिलनाडु और गुजरात में मतदाताओं मतदाता सूची से हटाए गए लाखों नाम, चुनाव से पहले इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तमिलनाडु और गुजरात में मतदाता सूची को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट सूची में तमिलनाडु से 97.37 लाख और गुजरात से 73.73 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में बड़े बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग की तरफ से शुक्रवार को जारी की गई ड्राफ्ट सूची के अनुसार तमिलनाडु और गुजरात में मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए गए है। आयोग द्वारा जारी यह सूची राज्यों में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी की गई है। एक तरफ जहां तमिलनाडु मतदाता सूची से 97.37 लाख नाम हटाए गए है। वहीं दूसरी ओर गुजरात में 73.73 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए है।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46320/new-delhi-lakhs-of-names-removed-from-voter-list-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-19t203802.467.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली </strong>: तमिलनाडु और गुजरात में मतदाता सूची को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट सूची में तमिलनाडु से 97.37 लाख और गुजरात से 73.73 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में बड़े बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग की तरफ से शुक्रवार को जारी की गई ड्राफ्ट सूची के अनुसार तमिलनाडु और गुजरात में मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए गए है। आयोग द्वारा जारी यह सूची राज्यों में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी की गई है। एक तरफ जहां तमिलनाडु मतदाता सूची से 97.37 लाख नाम हटाए गए है। वहीं दूसरी ओर गुजरात में 73.73 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए है।  </p>
<p> </p>
<p><strong>कैसा है गुजरात का हाल?</strong><br />चुनाव आयोग द्वारा गुजरात में जारी ड्राफ्ट सूची में 5.08 करोड़ मतदाताओं में से केवल 4.34 करोड़ को वैध माना गया है। वहीं तमिलनाडु में 6.41 करोड़ मतदाताओं में से केवल 5.43 करोड़ मतदाताओं को वैध्य माना गया है।  तमिलनाडु जिला चुनाव कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया में कई जिलों से लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके तहत कोयंबटूर में करीब 6.50 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए। वहीं डिंडीगुल जिले में 2.34 लाख वोटर हटे, जिससे कुल मतदाता संख्या 19.35 लाख से घटकर 16.09 लाख रह गई।</p>
<p><strong>चेन्नई में हुई सबसे ज्यादा कटौती</strong><br />बता दें कि चुनाव आयोग के द्वारा जारी ड्राफ्ट सूची का सबसे ज्यादा असर राजधानी चेन्नई में देखने को मिला। यहां यहां 14.25 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए। इसके बाद कुल मतदाता संख्या 40.04 लाख से घटकर 25.79 लाख रह गई। करूर जिले में 79,690 मतदाताओं के नाम हटाए गए। यहां मतदाता संख्या 8.79 लाख से घटकर 8.18 लाख हो गई। साथ ही कांचीपुरम जिले में 2.74 लाख वोटरों के नाम काटे गए।</p>
<p><strong>मतदाता सूची से क्यों हटाए गए नाम, समझिए?</strong><br />चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट सूची से लाखों मतदाताओं का नाम क्यों हटाया गया। इस बात को चुनाव आयोग की तरफ से दिए गए बयान के आधार पर ऐसे समझा जा सकता है कि सूची में शामिल 1.56 लाख लोगों की मौत हो गई, 27,323 मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, 12.22 लाख वोटर दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके थे और 18,772 मामलों में दोहरी वोटिंग पाई गई। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने बताया कि यह ड्राफ्ट मतदाता सूची राज्यभर में कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद तैयार की गई है। आगे आपत्तियां और दावे दर्ज करने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46320/new-delhi-lakhs-of-names-removed-from-voter-list-in</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 20:39:24 +0530</pubDate>
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