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                <title>bill - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : ताज होटल को बीएमसी ने थमाया ₹22 करोड़ का नोटिस, 26/11 हमले के बाद से बाहर लगे बैरिकेड्स का है बिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलाबा इलाके में स्थित ऐतिहासिक ताज महल पैलेस होटल मुश्किल में आ गया है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका यानी बीएमसी ने होटल को एक नया डिमांड नोटिस भेजा है. इस नोटिस में ताज मैनेजमेंट से 22.03 करोड़ रुपये मांगे गए हैं. यह रकम पब्लिक रोड और फुटपाथ के ऑक्यूपेशन चार्ज के तौर पर मांगी गई है. 26/11 आतंकी हमले के बाद जून 2009 में होटल के बाहर भारी सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए गए थे.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50793/bmc-issues-notice-of-%E2%82%B922-crore-to-mumbai-taj-hotel"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/tej-hotel-mumbai-5-2026-07-fbb5b4454adee5286be32fe7e94adfc6.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कोलाबा इलाके में स्थित ऐतिहासिक ताज महल पैलेस होटल मुश्किल में आ गया है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका यानी बीएमसी ने होटल को एक नया डिमांड नोटिस भेजा है. इस नोटिस में ताज मैनेजमेंट से 22.03 करोड़ रुपये मांगे गए हैं. यह रकम पब्लिक रोड और फुटपाथ के ऑक्यूपेशन चार्ज के तौर पर मांगी गई है. 26/11 आतंकी हमले के बाद जून 2009 में होटल के बाहर भारी सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए गए थे. इनमें कई तरह के प्लांटर्स और पिलर्स शामिल थे. आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इन सुरक्षा उपायों ने बड़ी जगह घेर रखी है. इससे करीब 800 स्क्वायर मीटर पब्लिक रोड कवर हो गया है. इसके अलावा 1100 स्क्वायर मीटर से ज्यादा पब्लिक फुटपाथ भी ब्लॉक है. इसी जगह को इस्तेमाल करने के लिए बीएमसी ने यह भारी भरकम बिल भेजा है. ताज मैनेजमेंट के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है.</p>
<p> </p>
<p>दिसंबर 2020 में बीएमसी की पिछली स्टैंडिंग कमेटी ने ताज होटल को बड़ी राहत दी थी. तब राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए रोड चार्ज पर 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी. फुटपाथ की फीस को भी पूरी तरह से माफ कर दिया गया था. लेकिन मई 2025 में बीएमसी एडमिनिस्ट्रेटर ने इन सभी फायदों को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. अब होटल से पूरा पैसा भरने की डिमांड की गई है. </p>
<p>बीएमसी अधिकारियों ने एक अहम फैसले के तहत यह छूट कैंसल की है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर भी इसी तरह का सिक्योरिटी टैक्स लगाया गया था. स्टॉक एक्सचेंज ने अपने सारे बकाया बिल को पूरी तरह से क्लियर करने का फैसला किया. इसी बात को आधार बनाते हुए बीएमसी ने ताज होटल की छूट भी खत्म कर दी. अब सभी के लिए एक समान नियम लागू किया जा रहा है.</p>
<p>बीएमसी ने अपने दूसरे डिमांड नोटिस में बहुत कड़ी चेतावनी दी है. अगर यह बकाया राशि तुरंत नहीं चुकाई गई तो भारी ब्याज लगाया जाएगा. हर महीने 15 प्रतिशत की दर से ब्याज के तौर पर पेनल्टी लगेगी. इस नोटिस के बाद ताज मैनेजमेंट के प्रतिनिधि सीनियर अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह सुरक्षा बैरियर पब्लिक की सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी हैं. मैनेजमेंट का तर्क है कि इसे कमर्शियल अतिक्रमण नहीं माना जाना चाहिए.<br />इस नए नोटिस से ठीक पहले ताज होटल में भारी हड़कंप मच गया था. शनिवार और रविवार की देर रात पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आई थी. कॉलर ने कहा, 'दाऊद ने ताज होटल में बम रखा है.' इसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. होटल की लॉबी से लेकर पार्किंग तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया.</p>
<p>कई घंटों की जांच के बाद पुलिस को कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली. पुलिस जांच में यह कॉल पूरी तरह फर्जी साबित हुई. तकनीकी जांच में पता चला कि यह कॉल नवी मुंबई के तुर्भे इलाके से की गई थी. पुलिस ने नंबर ट्रेस कर लिया है और कॉलर की तलाश की जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 10:04:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : महिला आरक्षण बिल पास न होने पर एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर साधा निशाना, पीएम मोदी के कदम की सराहना की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को महिला आरक्षण बिल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की। साथ ही, उन्होंने लोकसभा में इस बिल के पास न हो पाने को लेकर विपक्ष की कड़ी आलोचना की और इसे "इतिहास का काला दिन" करार दिया। बिल पेश किए जाने का ज़िक्र करते हुए शिंदे ने कहा, "सबसे पहले, मैं महिला आरक्षण बिल लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद और बधाई देता हूँ।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49325/mumbai-womens-reservation-bill-not-passed-eknath-shinde-targets-opposition"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(27).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को महिला आरक्षण बिल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की। साथ ही, उन्होंने लोकसभा में इस बिल के पास न हो पाने को लेकर विपक्ष की कड़ी आलोचना की और इसे "इतिहास का काला दिन" करार दिया। बिल पेश किए जाने का ज़िक्र करते हुए शिंदे ने कहा, "सबसे पहले, मैं महिला आरक्षण बिल लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद और बधाई देता हूँ।" उन्होंने आगे ज़ोर देकर कहा कि विपक्ष ने महिलाओं का सम्मान करने का एक अहम मौका गँवा दिया है। शिंदे ने कहा, "यह विपक्ष के लिए महिलाओं का सम्मान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक मौका था, जिसे उन्होंने गँवा दिया। यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।" इस कानून के महत्व को रेखांकित करते हुए और विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने कहा, "यह बिल हमारे देश की 50 प्रतिशत महिलाओं—यानी लगभग 70 करोड़ महिलाओं—के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता।"</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल महिला-विरोधी हैं और देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "यह महिलाओं को सशक्त बनाने का एक मौका था, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अपना असली महिला-विरोधी चेहरा दिखा दिया है। मैं उनकी कड़ी निंदा और भर्त्सना करता हूँ। देश कह रहा है कि भारत महिलाओं के सम्मान का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के हितों के खिलाफ काम किया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने बिल्कुल सही कहा है कि यह महिलाओं की आकांक्षाओं की हत्या जैसा है। विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार छीनने और लोकतंत्र को कमज़ोर करने का काम किया है।" चुनावी नतीजों से तुलना करते हुए शिंदे ने कहा, "जिस तरह 'लाडली बहना' योजना ने महाराष्ट्र में विपक्ष को सबक सिखाया, उसी तरह पूरे देश की महिलाएं नरेंद्र मोदी जी का समर्थन करेंगी और विपक्ष को सबक सिखाएंगी।"</p>
<p>प्रस्तावित बिल का उद्देश्य मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना और इसी तरह के प्रावधान राज्य विधानसभाओं, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेशों—जिनमें पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं—तक विस्तारित करना था। एक अन्य सदस्य, विल्सन ने कहा कि आरक्षण स्थायी होना चाहिए, न कि भविष्य की प्रक्रियाओं पर निर्भर। शुक्रवार को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। इसके पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट। विधेयक के पारित न हो पाने के बाद सरकार ने कहा कि वह इससे जुड़े दो अन्य विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:49:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मुंबई: इंडिया अघाड़ी ने मोदी सरकार की साज़िश नाकाम की, हर्षवर्धन सपकाल ने महिला आरक्षण बिल पर हमला बोला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोकसभा में आज महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। सरकार को इस बिल के पक्ष में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। साथ ही, महिला आरक्षण बिल के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल भी पास नहीं हो सका। इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोदी सरकार की आलोचना की है। आज लोकतंत्र की बड़ी जीत हुई है। यह कहते हुए कि इंडिया अघाड़ी ने मोदी सरकार की साज़िश नाकाम कर दी है, हर्षवर्धन सपकाल ने महिला आरक्षण बिल पर मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49293/mumbai-india-aghadi-foiled-the-conspiracy-of-modi-government-harshvardhan"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t135006.422.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>लोकसभा में आज महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। सरकार को इस बिल के पक्ष में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। साथ ही, महिला आरक्षण बिल के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल भी पास नहीं हो सका। इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोदी सरकार की आलोचना की है। आज लोकतंत्र की बड़ी जीत हुई है। यह कहते हुए कि इंडिया अघाड़ी ने मोदी सरकार की साज़िश नाकाम कर दी है, हर्षवर्धन सपकाल ने महिला आरक्षण बिल पर मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला।</p>
<p> </p>
<p><strong>हर्षवर्धन सपकाल ने असल में क्या कहा?</strong><br />हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि 'इंडिया' अघाड़ी ने महिला आरक्षण के नाम पर निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल लाकर देश के संविधान, लोकतंत्र और चुनावी ढांचे को बदलने की मोदी सरकार की साज़िश नाकाम कर दी। महिलाओं को 33 परसेंट रिज़र्वेशन देने वाला बिल संसद ने 2023 में ही पास कर दिया था। कांग्रेस लगातार मांग करती रही है कि इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से लागू किया जाए। लेकिन, मोदी सरकार महिलाओं को सीधा रिज़र्वेशन नहीं देना चाहती थी, इसीलिए उसने जनगणना की शर्त लगाकर इसे लागू करने में देरी करने की कोशिश की।</p>
<p><strong>सरकार की फ़ेडरल सिस्टम को ही खतरे में डालने की कोशिश</strong><br />अब जब देश में जनगणना चल रही है, तो नतीजों का इंतज़ार किए बिना, सरकार ने महिला रिज़र्वेशन की आड़ में सुधारों के नाम पर जल्दबाजी में डिलिमिटेशन बिल लाकर फ़ेडरल सिस्टम को ही खतरे में डालने की कोशिश की, और आज विपक्षी पार्टियों की एकता ने इसे हरा दिया। सपकाल ने कहा कि यह डेमोक्रेसी की बड़ी जीत है।</p>
<p><strong>महिलाओं के लिए 33 परसेंट रिज़र्वेशन 2029 के उस चुनाव से लागू किया जाना चाहिए</strong><br />कांग्रेस पार्टी इसका पूरा सपोर्ट करेगी। लेकिन महिलाओं के नाम पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस देश के लोकतंत्र, संवैधानिक और चुनावी सुरक्षा में गैर-संवैधानिक बदलाव करके देश में बंटवारा करने और फेडरल सिस्टम के लिए खतरा पैदा करने की किसी भी योजना को कभी सफल नहीं होने देगी।<br />पहले राउंड में संविधान संशोधन के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि संविधान संशोधन बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने लोकसभा में संविधान 131वां संशोधन बिल, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल, 2026 और परिसीमन बिल, 2026 पेश किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सत्ताधारी पार्टी के कई नेताओं ने इन बिलों के पक्ष में बात की। दूसरी ओर, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, अरविंद सावंत, अमोल कोल्हे, वर्षा गायकवाड़, कल्याण बनर्जी समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों ने बिल के पक्ष में बात की। क्योंकि यह एक कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट बिल है, इसलिए इसे पास करने के लिए लोकसभा में मौजूद सदस्यों के दो-तिहाई वोट ज़रूरी हैं। इस कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट बिल पर लोकसभा में वोटिंग वोटिंग के ज़रिए हुई।</p>
<p>पहले राउंड में कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े। कुल 528 सांसदों ने वोट किया, अब कल राज्यसभा में वोटिंग होगी। 528 का दो-तिहाई 352 था, इसलिए यह साफ़ हो गया कि सरकार के पास कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल पास करने के लिए ज़रूरी नंबर नहीं थे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने घोषणा की कि कॉन्स्टिट्यूशन 131वां अमेंडमेंट बिल, 2026 रिजेक्ट कर दिया गया है। इसके बाद पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने बाकी दो बिलों को आगे न बढ़ाने का फ़ैसला किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49293/mumbai-india-aghadi-foiled-the-conspiracy-of-modi-government-harshvardhan</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:55:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई: महिला आरक्षण बिल खारिज होते ही नवनीत राणा फूट-फूटकर रो पड़ीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की राजनीति में इस समय चर्चा में चल रहा महिला आरक्षण बिल आखिरकार लोकसभा में खारिज हो गया है। सरकार को इस बिल के पक्ष में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। साथ ही, महिला आरक्षण बिल के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल भी पास नहीं हो सका। नतीजतन, इस बिल के खारिज होने के बाद सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा है और उसकी आलोचना की है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की बड़ी जीत हुई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49291/navneet-rana-wept-bitterly-as-mumbai-womens-reservation-bill-was"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t133918.586.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश की राजनीति में इस समय चर्चा में चल रहा महिला आरक्षण बिल आखिरकार लोकसभा में खारिज हो गया है। सरकार को इस बिल के पक्ष में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। साथ ही, महिला आरक्षण बिल के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल भी पास नहीं हो सका। नतीजतन, इस बिल के खारिज होने के बाद सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा है और उसकी आलोचना की है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की बड़ी जीत हुई है। भारत अघाड़ी ने मोदी सरकार की साजिश को नाकाम कर दिया है, यह कहते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने महिला आरक्षण बिल पर मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला। वहीं, बीजेपी नेता नवनीत राणा इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए काफी भावुक हो गई हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल खारिज होने के बाद नवनीत राणा की आंखों में आंसू आ गए हैं।</p>
<p> </p>
<p>विपक्ष ने इस बिल को पास नहीं होने दिया, इसलिए आज का दिन काले दिन के तौर पर याद किया जाएगा। विपक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। आज का काला दिन विपक्ष ने बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश की, इसलिए हम उनके सामने सिर झुकाते हैं। हालांकि, हम उनसे माफी मांगते हैं, हम उन्हें पूरी बहुमत नहीं दे पाए। पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कुछ इस तरह रिएक्ट किया।<br />भारत अघाड़ी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं थी, लेकिन हमने डिलिमिटेशन का विरोध किया था।</p>
<p>हमने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था। लेकिन जनगणना होने से पहले यह कई लोगों के साथ अन्याय होता। भारत फ्रंट ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया, लेकिन हमने डिलिमिटेशन का विरोध किया, बीजेपी की कोशिश नाकाम रही। इसका इस्तेमाल कोलकाता और तमिलनाडु में किया जा सकता है। बीजेपी इसका 100 परसेंट राजनीतिकरण करेगी, ऐसा नेशनलिस्ट शरद पवार ग्रुप के MLA रोहित पवार ने कहा। महिला आरक्षण बिल एक राजनीतिक साज़िश थी, वह गिर गई। दूसरी ओर, शिवसेना ठाकरे ग्रुप के MP संजय राउत ने भी इसी मुद्दे पर बात की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:40:07 +0530</pubDate>
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