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                <title>than - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : 100किलोमीट के ज्यादा का सफर, बेंगलुरु को पीछे छोड़ मुंबई बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के बड़े शहरों में मेट्रो का विस्तार तेजी से हो रहा है और यह अब शहरी परिवहन की रीढ़ बनता जा रहा है. इसी क्रम में मुंबई मेट्रो ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस उपलब्धि के तहत मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 100 किलोमीट से अधिक का हो गया है. इस विस्तार के साथ बेंगलुरु को पीछे छोड़ते हुए मुंबई मेट्रो अब देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है. पहले नंबर पर 416 किलोमीटर परिचालन नेटवर्क के साथ दिल्ली मेट्रो पहले स्थान पर है. वहीं, अब बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो लगभग 96 किलोमीटर के परिचालन नेटवर्क के साथ तीसरे स्थान पर है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49127/mumbai-travels-more-than-100-kilometers-leaving-bengaluru-behind-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/895229795722f5ce787b10838895dcfe6e5610a8.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारत के बड़े शहरों में मेट्रो का विस्तार तेजी से हो रहा है और यह अब शहरी परिवहन की रीढ़ बनता जा रहा है. इसी क्रम में मुंबई मेट्रो ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस उपलब्धि के तहत मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 100 किलोमीट से अधिक का हो गया है. इस विस्तार के साथ बेंगलुरु को पीछे छोड़ते हुए मुंबई मेट्रो अब देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है. पहले नंबर पर 416 किलोमीटर परिचालन नेटवर्क के साथ दिल्ली मेट्रो पहले स्थान पर है. वहीं, अब बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो लगभग 96 किलोमीटर के परिचालन नेटवर्क के साथ तीसरे स्थान पर है. </p>
<p> </p>
<p>अभी हाल ही में मुंबई मेंट्रो नेटवर्क में दो नई लाइनें (मेट्रो लाइन 9 और मेट्रो लाइन 2B) जुड़ने से यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई. हालांकि, ये दोनों लाइनें अभी पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हुई हैं, लेकिन पहले चरण के तहत शुरू हुए परिचालन से कुल नेटवर्क में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है. फेज-1 के  तहत मेट्रो-9 की ऑपरेशनल लंबाई करीब 4.7 किलोमीटर है, जो ठाणे क्षेत्र तक पहली सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी वाला मार्ग है.  </p>
<p>गौर हो कि मुंबई  की मेट्रो लाइन 9 को लाइन 7 से जोड़ा गया है, जिससे अंधेरी ईस्ट से मीरा-भायंदर तक अब सीधा सफर संभव हो गया है. इन दो नई लाइनों के जुड़ने से मुंबई का परिचालन मेट्रो नेटवर्क छह कॉरिडोर तक विस्तारित हुआ है. वहीं, फेज-1 के  तहत मेट्रो लाइन 2B की ऑपरेशनल लंबाई करीब 5.6 किमी है, जो  2B मुंबई में हार्बर लाइन पर पहली मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इन दोनों मेट्रो लाइनों के शुरू होने से मुंबई में सफर पहले से तेज और आसान हो जाएगा. लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और रोजाना के सफर में काफी समय बचेगा. </p>
<p><strong>पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुआ विस्तार</strong><br />इस तरह नए नेटवर्क के परिचालन की शुरूआत हो जाने से मुंबई मेंट्रो का नेटवर्क का 101 किलोमीटर तक विस्तार हो गया है. गौर हो कि मुंबई मेट्रो का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हो रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो  मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लगभग 330-350 किमी तक हो सकता है, जिससे यह और भी बड़ा और अधिक प्रभावी हो जाएगा. इससे ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने, यात्रा समय घटाने और पर्यावरणीय प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:09:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई में बढ़ी गर्मी, स्काईमेट ने इस बार के मॉनसून में औसत से कम बारिश का लगाया अनुमान, बढ़ी किसानों की टेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49063/heat-increased-in-mumbai-skymet-predicted-less-than-average-rainfall"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(94).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?</p>
<p> </p>
<p>पिछले साल राज्य भर में अत्यधिक बारिश के कारण किसान परेशान हो गए थे। इस साल उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। हालांकि स्काईमेट की ताजा रिपोर्ट के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं। इस बात की संभावना है कि मॉनसून के मौसम की शुरुआत में ही 'अल नीनो' की घटना सक्रिय हो सकती है। स्काईमेट की स्टडी से पता चलता है कि इससे जलवायु में बड़े बदलाव आएंगे। इसके परिणामस्वरूप जून और सितंबर के महीनों के बीच बारिश औसत से कम होगी। इसके अलावा एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि इसके परिणामस्वरूप देश भर में सूखे जैसी स्थिति पैदा होने की 30 प्रतिशत संभावना है। </p>
<p><strong>अल नीनो मॉनसून के लिए बनेगा विलेन</strong><br />प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में सतह का तापमान बढ़ रहा है। इससे अल नीनो की घटना बनने की संभावना बढ़ जाती है। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस घटना का भारत के मॉनसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही स्काईमेट ने यह भी कहा कि अल नीनो के प्रभाव की तीव्रता को हिंद महासागर में 'इंडियन ओशन डाइपोल' द्वारा कुछ हद तक कम किया जा सकता है। उम्मीद है कि IOD जून की शुरुआत में मॉनसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाएगा। </p>
<p><strong>अगस्त और सितंबर में कब बारिश</strong><br />हालांकि इसके परिणामस्वरूप देश के कई हिस्सों में अगस्त और सितंबर के बीच बारिश का स्तर कम रहने की संभावना है। महाराष्ट्र में आमतौर पर जुलाई और अगस्त के दौरान सबसे अधिक बारिश होती है। इसलिए जलवायु में यह बदलाव किसानों के लिए भारी नुकसान का जोखिम पैदा करता है। इन बदलावों का प्रभाव मध्य और पश्चिमी भारत में सबसे ज्यादा महसूस होने की संभावना है। </p>
<p><strong>भारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट का इंतजार</strong><br />इस बीच देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में अल नीनो का प्रभाव कम होने की उम्मीद है। नतीजतन इन क्षेत्रों में पूरे मॉनसून के मौसम के दौरान अच्छी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी जारी नहीं की है। फिर भी आईएमडी के इस सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट सौंपने की संभावना है। स्काईमेट के पूर्वानुमान के अनुसार, औसत से कम बारिश होने की 40 प्रतिशत संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 11:58:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई :बीएमसी स्कूलों के आधे से ज़्यादा छात्र बीच में स्कूल छोड़ देते हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के म्युनिसिपल स्कूलों में हज़ारों बच्चों के लिए, पहली क्लास में एक भीड़-भाड़ वाली क्लासरूम से शुरू होने वाला सफ़र अक्सर मंज़िल तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो जाता है. एक नई रिपोर्ट में पता चला है कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूलों में अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले आधे से भी कम छात्र 10वीं क्लास तक इस सिस्टम में बने रहते हैं—जिससे शहर की पब्लिक शिक्षा में कमियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48436/more-than-half-of-students-in-mumbai-bmc-schools-drop"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-15t085358.639.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के म्युनिसिपल स्कूलों में हज़ारों बच्चों के लिए, पहली क्लास में एक भीड़-भाड़ वाली क्लासरूम से शुरू होने वाला सफ़र अक्सर मंज़िल तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो जाता है. एक नई रिपोर्ट में पता चला है कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूलों में अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले आधे से भी कम छात्र 10वीं क्लास तक इस सिस्टम में बने रहते हैं—जिससे शहर की पब्लिक शिक्षा में कमियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. </p>
<p> </p>
<p>‘मुंबई में म्युनिसिपल शिक्षा की स्थिति 2026’ नाम की यह रिपोर्ट प्रजा फाउंडेशन ने जारी की है. अपनी वेबसाइट के अनुसार, यह एक “गैर-पक्षपातपूर्ण संगठन है जो जवाबदेह शासन को संभव बनाने की दिशा में काम करता है.” रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015-16 में बीएमसी स्कूलों में पहली क्लास में दाखिला लेने वाले छात्रों में से सिर्फ़ 48 प्रतिशत ही 2024-25 तक 10वीं क्लास तक इस सिस्टम में बने रहे.</p>
<p>रिपोर्ट में पहली से 10वीं क्लास तक छात्रों के स्कूल में बने रहने की दर (रिटेंशन रेट) के विश्लेषण से पता चलता है कि जहां ज़्यादातर छात्र शुरुआती सालों में स्कूल में बने रहते हैं, वहीं 7वीं क्लास के बाद यह दर लगातार घटने लगती है. रिपोर्ट के अनुसार, इस रुझान की एक वजह उन म्युनिसिपल स्कूलों की कम संख्या है जो सेकेंडरी शिक्षा देते हैं. </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है, “पहली से 10वीं क्लास तक के रिटेंशन रेट दिखाते हैं कि 7वीं क्लास के बाद लगातार गिरावट आती है, जिसकी वजह शायद सेकेंडरी शिक्षा (8वीं क्लास से आगे) के लिए बीएमसी स्कूलों की कमी हो सकती है.”</p>
<p>रिपोर्ट यह भी बताती है कि शहर में बीएमसी द्वारा चलाए जा रहे कई स्कूलों में से 587 स्कूलों में पहली से 8वीं क्लास तक की पढ़ाई होती है, जबकि सिर्फ़ 75 स्कूलों में ही 9वीं और 10वीं क्लास की शिक्षा दी जाती है. इस ढाँचागत कमी का मतलब है कि म्युनिसिपल संस्थानों में प्राइमरी या अपर-प्राइमरी शिक्षा पूरी करने वाले बड़ी संख्या में छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे स्कूलों में जाना पड़ता है, जिससे उनके बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) का खतरा बढ़ जाता है. </p>
<p>प्रजा फाउंडेशन द्वारा रिपोर्ट जारी करने के लिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (शिक्षा), प्राची जांभेकर ने कहा, “मुझे लगता है कि छात्रों के स्कूल में टिके रहने की दर (रिटेंशन रेट) काफी चिंताजनक है. ऐसा लगता है कि कई छात्र उन सरकारी स्कूलों में चले जाते हैं, जहां 9वीं और 10वीं कक्षा की पढ़ाई होती है. हमारी सबसे पहली प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि हम छात्रों के स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकें. किसी भी हाल में, किसी भी बच्चे को समय से पहले स्कूल नहीं छोड़ना चाहिए; उन्हें कम से कम 10वीं कक्षा तक अपनी पढ़ाई पूरी करनी ही चाहिए.” </p>
<p>उन्होंने आगे कहा, “मैंने अनुरोध किया है कि अगली बार जब डेटा इकट्ठा किया जाए, तो उसमें खास तौर पर यह देखा जाए कि क्या छात्र सचमुच 9वीं और 10वीं कक्षा में अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं. शायद बोर्ड इस बारे में कोई सर्टिफिकेशन दे सकता है, खासकर यह जानकारी कि 10वीं कक्षा की परीक्षाओं में कितने छात्र शामिल हुए.” </p>
<p>यह रिपोर्ट छात्रों के स्कूल छोड़ने के बारे में लगातार मिलने वाले आधिकारिक डेटा की कमी पर भी चिंता जताती है. रिपोर्ट में कहा गया है: “स्कूल छोड़ने वालों की संख्या कम करने के मकसद से चलाए गए राष्ट्रीय अभियानों, जैसे सर्व शिक्षा अभियान, आरटीई (2009), और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) के बावजूद, बीएमसी के शिक्षा विभाग के पास वार्ड-वार, स्कूल-वार, कक्षा-वार या लिंग-वार बारीक डेटा रखने के लिए कोई सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था नहीं है.” </p>
<p>“पिछले कुछ सालों से, प्रजा फाउंडेशन बीएमसी स्कूलों में स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या जानने के लिए आरटीआई फाइल करता आ रहा है. हालाँकि, साल 2019-2020 के लिए दी गई जानकारी अधूरी थी; जबकि साल 2022-23 और 2023-24 के लिए, स्कूल छोड़ने वालों के बारे में कोई जानकारी दी ही नहीं गई,” रिपोर्ट में आगे कहा गया है. <br />बीएमसी के अतिरिक्त म्युनिसिपल कमिश्नर, अविनाश धाकने ने ज़्यादा से ज़्यादा ओपन-सोर्स डेटा उपलब्ध कराने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. “यह रिपोर्ट बुरी बातों से ज़्यादा अच्छी बातों को उजागर करती है, लेकिन रिटेंशन रेट और स्कूल छोड़ने वालों से जुड़े ये मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर काम करना बहुत ज़रूरी है. हमारे लिए यह समझना बहुत अहम है कि छात्र आखिर कहां जा रहे हैं. इसे ट्रैक करना (पता लगाना) इतना मुश्किल भी नहीं है. डेटा को ट्रैक भी किया जाना चाहिए और आम लोगों के लिए उपलब्ध भी कराया जाना चाहिए.” <br />अंग्रेज़ी को प्राथमिकता<br />प्रजा फाउंडेशन की रिपोर्ट में म्युनिसिपल स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की भाषा की पसंद में आए एक बड़े बदलाव पर भी रोशनी डाली गई है. 2015-16 से 2024-25 के बीच, कुल स्कूल दाखिलों में बीएमसी स्कूलों का हिस्सा थोड़ा बढ़कर 41 प्रतिशत से 44 प्रतिशत हो गया, जिससे पता चलता है कि म्युनिसिपल स्कूल शहर के छात्रों के एक बड़े तबके को शिक्षा देना जारी रखे हुए हैं. <br />हालांकि, शिक्षा के माध्यम में एक साफ़ बदलाव आया है. <br />इसी दौरान, मराठी-माध्यम वाले बीएमसी स्कूलों में छात्रों के दाखिले में 34 प्रतिशत की गिरावट आई, हिंदी-माध्यम वाले स्कूलों में 39 प्रतिशत और उर्दू-माध्यम वाले स्कूलों में 30 प्रतिशत की गिरावट आई. इसके विपरीत, अंग्रेज़ी-माध्यम वाले म्युनिसिपल स्कूलों में दाखिलों में 54 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो यह दिखाता है कि अभिभावकों के बीच सरकारी शिक्षा व्यवस्था के तहत अंग्रेज़ी-भाषा में शिक्षा पाने की चाहत बढ़ रही है. </p>
<p>रिपोर्ट बताती है कि म्युनिसिपल स्कूलों में अंग्रेज़ी-माध्यम वाले सेक्शन के विस्तार का असर इस बदलाव पर पड़ सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है, “छात्रों की पसंद अब अंग्रेज़ी माध्यम और व्यवस्थित बोर्ड स्कूलों की ओर झुक रही है, जिससे इन श्रेणियों में औसत दाखिले बढ़ रहे हैं.” </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के सभी स्कूलों में कुल दाखिलों में बीएमसी स्कूलों का हिस्सा थोड़ा बढ़ने के बावजूद, पिछले एक दशक में मुंबई की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में छात्रों की कुल संख्या में तेज़ी से गिरावट आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के सभी स्कूलों में कुल दाखिले 2015-16 में 9,24,933 से घटकर 2024-25 में 7,08,763 रह गए, जो 23 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है. </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है, “स्कूलों की कुल श्रेणियों में से, 83 प्रतिशत स्कूल ‘सेमी-इंग्लिश’ पैटर्न का पालन करते हैं, जिनमें कुल दाखिलों का 65 प्रतिशत हिस्सा आता है. इसकी तुलना में, अंग्रेज़ी-माध्यम वाले स्कूल कुल स्कूलों का 13 प्रतिशत हैं, लेकिन उनमें कुल छात्रों के दाखिलों का 35 प्रतिशत हिस्सा आता है.” प्रजा फाउंडेशन के सीईओ मिलिंद म्हस्के ने कहा, “अब जब चुने हुए प्रतिनिधि आ गए हैं, तो स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों को मज़बूत करने, स्कूल डेवलपमेंट प्लान बनाने और यह पक्का करने में पार्षदों की अहम भूमिका है कि वार्ड लेवल पर स्कूलों पर खास ध्यान दिया जाए. बीएमसी स्कूलों के कामकाज को बेहतर बनाने और म्युनिसिपल शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा फिर से कायम करने के लिए, लोकल संस्थागत ढांचों को मज़बूत करना ही सबसे ज़रूरी होगा.”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 08:55:42 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : बिश्नोई गैंग का खौफ पैदा कर वर्चस्व जमाने की कोशिश; एक दर्जन से ज्यादा सितारों को मिली धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फिल्मी दुनिया में खौफ पैदा कर अपना वर्चस्व जमाने की कोशिश जारी है। सलमान खान, कपिल शर्मा, दिशा पाटनी के बाद रविवार तड़के फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग ने एक बार फिर पूरी इंडस्ट्री को दहशत में डाल दिया है। फिल्मी हस्तियों को डरा- धमकाकर प्रोटेक्शन मनी वसूलना अंडरवर्ल्ड की पुरानी फितरत है। पिछले साल एंटी एक्सटार्शन सेल में एक दर्जन से ज्यादा इस तरह की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47421/mumbai-bishnoi-gangs-attempt-to-establish-supremacy-by-creating-fear"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/images---2026-02-02t113652.595.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>फिल्मी दुनिया में खौफ पैदा कर अपना वर्चस्व जमाने की कोशिश जारी है। सलमान खान, कपिल शर्मा, दिशा पाटनी के बाद रविवार तड़के फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग ने एक बार फिर पूरी इंडस्ट्री को दहशत में डाल दिया है। फिल्मी हस्तियों को डरा- धमकाकर प्रोटेक्शन मनी वसूलना अंडरवर्ल्ड की पुरानी फितरत है। पिछले साल एंटी एक्सटार्शन सेल में एक दर्जन से ज्यादा इस तरह की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। फिल्मी सितारों के अलावा कुछ बिल्डरों को भी थ्रेट किया गया है। इन शिकायतों में ज्यादातर बिश्नोई गैंग का नाम आया है। इसी मद्देनजर पुलिस रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग को देख रही है और इस वारदात में गैंगस्टर का हाथ होने से इंकार नहीं कर रही है। वहीं बिश्नोई गैंग के आरजू बिश्नोई और हरी बॉक्सर हरमन संदू ने गोलीबारी की जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया पर कहा है कि शेट्टी को बहुत बार मैसेज किया, लेकिन उसको समझ में नहीं आया। ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। आगे फिर बात नहीं मानी तो घर के बाहर नहीं, बल्कि सीधे सीने पर गोली चलेगी। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग मामले में चार आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>रविवार तड़के तीन बजे के करीब मुंबई के जुहू इलाके में मशहूर फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के आवास पर ‘शेट्टी टावर्स’ के बाहर ५ राउंड फायरिंग की गई। इस सनसनीखेज वारदात के समय रोहित शेट्टी अपने घर के अंदर ही मौजूद थे। रोहित शेट्टी के घर पर तीन गोलियों के निशान मिले हैं। बालकनी में लगी कांच भी गोली लगने से टूट गई है। गनीमत यह है कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इस घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। गोलीबारी के बाद फौरन मुंबई पुलिस के आला अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।</p>
<p><strong>आरोपियों को पकड़ने के लिए १२ टीमें बनाई गईं</strong><br />मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि फायरिंग करने वाला आरोपी केवल एक ही था। पुलिस उस इलाके में लगे सीसीटीवी वैâमरों की फुटेज खंगाल रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को इस मामले की जांच सौंपी गई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच ने १२ टीमें बनाई हैं। हमलावर ने वारदात वाली जगह के नजदीक एक ऑटो ड्राइवर से बात की थी। ऑटो ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि हमलावर ने उससे पूछा था कि कल्याण चलोगे? तो ड्रायवर ने कहा, ‘कल्याण दूर है, वह उसको जुहू के नजदीक वाले स्टेशन पर छोड़ सकता है। अब पुलिस ने ड्राइवर का बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:37:49 +0530</pubDate>
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