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                <title>citizen - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>citizen RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : दिल्ली-मुंबई साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: 11 गिरफ्तार, वरिष्ठ नागरिक से 22.67 लाख की ठगी का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली पुलिस के साउथ-वेस्ट जिले की साइबर थाना टीम ने एक बड़े ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह दिल्ली और मुंबई से मिलकर काम कर रहा था और लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था. पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने एक 60 साल के वरिष्ठ नागरिक को फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन दिखाकर अपने जाल में फंसाया और उनसे ₹22.67 लाख की ठगी कर ली. <br />शिकायतकर्ता ए. श्रीनिवासन ने पुलिस को बताया कि उन्हें फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखा, जिसमें वित्त मंत्री के भाषण का दुरुपयोग करते हुए एआय आधारित ट्रेडिंग से ज्यादा मुनाफे का दावा किया गया था. विज्ञापन में दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद कुछ लोगों ने खुद को इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताकर फोन और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48666/mumbai-delhi-mumbai-cyber-fraud-gang-busted-11-arrested-fraud-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t121704.141.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दिल्ली पुलिस के साउथ-वेस्ट जिले की साइबर थाना टीम ने एक बड़े ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह दिल्ली और मुंबई से मिलकर काम कर रहा था और लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था. पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने एक 60 साल के वरिष्ठ नागरिक को फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन दिखाकर अपने जाल में फंसाया और उनसे ₹22.67 लाख की ठगी कर ली. <br />शिकायतकर्ता ए. श्रीनिवासन ने पुलिस को बताया कि उन्हें फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखा, जिसमें वित्त मंत्री के भाषण का दुरुपयोग करते हुए एआय आधारित ट्रेडिंग से ज्यादा मुनाफे का दावा किया गया था. विज्ञापन में दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद कुछ लोगों ने खुद को इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताकर फोन और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया. </p>
<p> </p>
<p>उन्होंने शिकायतकर्ता को मुद्रोन एप और 9प्रो प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर कराया और क्रेओवियाह टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पैसा निवेश कराने को कहा. कुछ समय तक मुनाफे का लालच दिखाने के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया और शिकायतकर्ता को पता चला कि उनके साथ ठगी हो चुकी है. </p>
<p><strong>दिल्ली में खुला फर्जी दफ्तर</strong><br />मामले की जांच के लिए साइबर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई. डिजिटल डाटा, कॉल डिटेल और मनी ट्रेल की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रोहिणी और नेताजी सुभाष प्लेस  में इस गैंग का नेटवर्क चल रहा है. पुलिस ने दोनों जगह छापेमारी कर तजिंदर सिंह उर्फ लकी, आशीष सैनी, शिव दयाल सिंह, शिवा और गिरिराज किशोर को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि एनएसपी में इन लोगों ने फर्जी ऑफिस बना रखा था, जहां से नकली बैंक खाते खोलकर उन्हें साइबर ठगों को सप्लाई किया जाता था. </p>
<p><strong>मुंबई और राजस्थान से भी जुड़े तार</strong><br />पूछताछ में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम कई खातों से होते हुए मुंबई के एक बैंक खाते में पहुंचती थी. इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के बिजाई नगर (ब्यावर) में छापेमारी कर रामदेव सांगला, प्रवीण कुमावत, दीपक मेवाड़ा और त्रिलोक चंद नायक को भी गिरफ्तार किया. ये लोग फर्जी बैंक खाते जुटाकर उन्हें मुंबई में बैठे PK नाम के व्यक्ति को देते थे, जिसके जरिए ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर किया जाता था. </p>
<p><strong>विदेशी साइबर ठगों से भी कनेक्शन</strong><br />पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों के लिए भारत में बैंक खातों का इंतजाम करता था, जिनके जरिए ठगी की रकम घुमाई जाती थी. पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग सामान बरामद किया है. जिनमें 40 मोबाइल फोन, 92 फर्जी सिम कार्ड, 39 पासबुक और चेकबुक, 27 एटीएम कार्ड,4 पैन कार्ड ,1 लैपटॉप और 1 डेस्कटॉप, 2पीओएस मशीन,6 यूपीआई स्कैनर 1 प्रिंटर शामिल है. बैंक खाते खोलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फर्जी दस्तावेज भी पुलिस ने बरामद किए है. </p>
<p><strong>दिल्ली पुलिस की जांच अभी जारी</strong><br />दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह मामला एफआईआर दर्ज किया गया है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने देशभर में कई लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48666/mumbai-delhi-mumbai-cyber-fraud-gang-busted-11-arrested-fraud-of</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:18:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे : सीनियर सिटिज़न से 10 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले साइबर चोर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शहर के एक सीनियर सिटिज़न से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 11.5 करोड़ रुपये ठगने वाले साइबर चोरों को साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार चोरों के नाम हर्षद सुभाष धनतोले (उम्र 23), समर्थ सुरेश देशमुख (उम्र 24, दोनों अभी कर्वेनगर में रहते हैं, असल में छत्रपति संभाजीनगर में रहते थे) हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48177/cyber-thief-who-defrauded-pune-senior-citizen-of-rs-10"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-04t120216.286.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे :</strong> शहर के एक सीनियर सिटिज़न से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 11.5 करोड़ रुपये ठगने वाले साइबर चोरों को साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार चोरों के नाम हर्षद सुभाष धनतोले (उम्र 23), समर्थ सुरेश देशमुख (उम्र 24, दोनों अभी कर्वेनगर में रहते हैं, असल में छत्रपति संभाजीनगर में रहते थे) हैं। आरोपी धनतोले और देशमुख ने सीनियर सिटिज़न के मोबाइल नंबर पर कॉन्टैक्ट किया था और खुद को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन का ऑफिसर बताया था। बैंक अकाउंट का इस्तेमाल ब्लैक मनी के ट्रांज़ैक्शन में किया गया था और डर था कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन  इस मामले में डिजिटल अरेस्ट करेगी।</p>
<p> </p>
<p>यह कहकर कि इस मामले में परिवार वालों को भी अरेस्ट किया जाएगा, आरोपियों ने सीनियर सिटिज़न और उनके परिवार वालों से चोरों के दिए बैंक अकाउंट में तुरंत पैसे जमा करने को कहा। इसके बाद सीनियर सिटिज़न ने चोरों के अकाउंट में 10 करोड़ 74 हज़ार रुपये जमा कर दिए। फ्रॉड का पता चलने पर उन्होंने शिवाजीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। CCTV फुटेज चेक करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जिस बैंक अकाउंट में सीनियर सिटिज़न ने पैसे जमा किए थे, उसकी टेक्निकली जांच की गई, तो पता चला कि चोरों ने शहर के कुछ ATM से पैसे निकाले थे। पुलिस ने संबंधित ATM से CCTV फुटेज चेक की। साइबर पुलिस टीम ने जांच कर आरोपी धनतोले और देशमुख को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 4 लाख 78 हजार रुपये कैश जब्त किया गया है।</p>
<p>40 लाख रुपये फ्रीज किए गए आरोपी के अकाउंट में 40 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। क्राइम ब्रांच के एडिशनल पुलिस कमिश्नर पंकज देशमुख, डिप्टी कमिश्नर विवेक मसल के गाइडेंस में साइबर पुलिस स्टेशन की सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर स्वप्नाली शिंदे, पुलिस इंस्पेक्टर संगीता देवकाटे, असिस्टेंट इंस्पेक्टर अर्चना कटके, सब-इंस्पेक्टर सुशील डामरे, अजीत बाधे की टीम ने यह कार्रवाई की।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Mar 2026 12:03:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़... नेपाली नागरिक के पास मिला इतना चरस, कीमत उड़ा देगी होश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान महेश (46) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 10.97 किलोग्राम हाई-ग्रेड चरस बरामद की है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह बरामदगी दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46723/new-delhi-international-drug-smuggling-gang-busted-the-price-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-04t171229.584.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान महेश (46) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 10.97 किलोग्राम हाई-ग्रेड चरस बरामद की है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह बरामदगी दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है।</p>
<p> </p>
<p>प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नेपाली नागरिक महेश नियमित रूप से नेपाल से दिल्ली तक अवैध मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने और वितरण करने के धंधे में संलिप्त था। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहा था और इसका नेटवर्क नेपाल से शुरू होकर भारत में विभिन्न स्थानों तक फैला हुआ था। </p>
<p>दिल्ली पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का संबंध बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी से है और बरामद चरस की खेप एक बड़ी खेप का हिस्सा हो सकती है।</p>
<p>दिल्ली पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। महेश को दिल्ली में एक सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर पकड़ा गया। उसकी तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी महेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 17:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पब्लिक ज़मीन के मोनेटाइज़ेशन का विरोध करने वाली एक नागरिक याचिका को मिला ज़बरदस्त रिस्पॉन्स </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पब्लिक ज़मीन के मोनेटाइज़ेशन का विरोध करने वाली एक नागरिक याचिका को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिसमें 6,000 से ज़्यादा लोगों ने सरकारी कीमती ज़मीनों को प्राइवेट कंपनियों को ट्रांसफर करने का विरोध किया है। मनीलाइफ़ फ़ाउंडेशन की फ़ाउंडर ट्रस्टी सुचेता दलाल की चेंज.ओआरजी याचिका, ऐसे मोनेटाइज़ेशन के बारे में 128 से ज़्यादा जाने-माने लोगों के साइन किए गए एक ज़ोरदार बयान के बाद आई है, जिसमें पूर्व पुलिस कमिश्नर जूलियो रिबेरो, पूर्व नेवी चीफ़ विष्णु भागवत, बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज गौतम पटेल और अर्बन डिज़ाइन रिसर्च इंस्टीट्यूट, वनशक्ति और आमची मुंबई आमची BEST जैसे संगठन शामिल हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45968/mumbai-a-citizen-petition-opposing-the-monetisation-of-public-land"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/images---2025-12-04t120537.906.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पब्लिक ज़मीन के मोनेटाइज़ेशन का विरोध करने वाली एक नागरिक याचिका को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिसमें 6,000 से ज़्यादा लोगों ने सरकारी कीमती ज़मीनों को प्राइवेट कंपनियों को ट्रांसफर करने का विरोध किया है। मनीलाइफ़ फ़ाउंडेशन की फ़ाउंडर ट्रस्टी सुचेता दलाल की चेंज.ओआरजी याचिका, ऐसे मोनेटाइज़ेशन के बारे में 128 से ज़्यादा जाने-माने लोगों के साइन किए गए एक ज़ोरदार बयान के बाद आई है, जिसमें पूर्व पुलिस कमिश्नर जूलियो रिबेरो, पूर्व नेवी चीफ़ विष्णु भागवत, बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज गौतम पटेल और अर्बन डिज़ाइन रिसर्च इंस्टीट्यूट, वनशक्ति और आमची मुंबई आमची BEST जैसे संगठन शामिल हैं।</p>
<p> </p>
<p>बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा हायर किए गए एक प्राइवेट ऑपरेटर के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले ड्राइवरों ने मुंबई के प्रतीक्षा नगर डिपो में अचानक हड़ताल कर दी। जाने-माने नागरिकों के लेटर में मुंबई के कुल एरिया के लगभग 18% हिस्से के बड़े पैमाने पर पब्लिक ज़मीन के मोनेटाइजेशन पर चिंता जताई गई थी, जिसका मकसद अपग्रेडेशन को आसान बनाना था। इस अखबार ने यह भी बताया था कि मुंबई की कुल 34,000 एकड़ रहने लायक ज़मीन में से 6021.50 एकड़ ज़मीन को केंद्र और राज्य सरकारों ने कैसे अनलॉक किया था।</p>
<p>मनीलाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर स्वयंसेवी संस्था, एक्टिविस्ट, वकीलों और अकेडेमिक्स के एक ग्रुप ने एक व्हाइट पेपर निकाला है, जिसमें अब महाराष्ट्र सरकार से मांग की गई है कि वह सभी प्रपोज़्ड मोनेटाइजेशन को रोक दे, और पब्लिक ज़मीन का इस्तेमाल सिर्फ़ असली पब्लिक कामों जैसे घर, नागरिक सुविधाओं और खुली जगहों के लिए किया जाए। दलाल ने बताया कि इस मुद्दे पर जनता का रिस्पॉन्स बहुत बड़ा था, लेकिन सरकार ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "हमें सरकारी ज़मीनों पर और डेटा पाने के लिए सूचना के अधिकार के तहत फाइल करना पड़ सकता है और अगर सरकार जवाब नहीं देती है तो हम पब्लिक इंटरेस्ट पिटीशन फाइल करने पर भी विचार कर सकते हैं।</p>
<p>चेंज.ओआरजी पिटीशन महाराष्ट्र सरकार के थिंक-टैंक MITRA के लाए गए एक व्हाइट पेपर के बाद आई थी, जिसमें BEST डिपो की ज़मीन बेचने की सलाह दी गई थी, ताकि BEST अपने इलेक्ट्रिफिकेशन टारगेट को पूरा कर सके। यह बताते हुए कि BEST के पास “पूरे शहर में सौ एकड़ से ज़्यादा ज़मीन” है, पेपर में कहा गया कि BEST के 10 बड़े डिपो में मोनेटाइज़ेशन मॉडल “2035 तक ₹10,000 से 12,000 करोड़” जुटाने के लिए काफ़ी था।पेपर में कहा गया, “उदाहरण के लिए, बांद्रा डिपो साइट पर… कमर्शियल फ़्लोर स्पेस की कीमत ₹25,000 से ₹30,000 प्रति स्क्वायर फ़ीट है।” “थोड़ा सा वर्टिकल रीडेवलपमेंट भी सात से आठ लाख स्क्वेयर फ़ीट कमर्शियल एरिया दे सकता है, जिसकी कीमत ₹1,500 से ₹2,000 करोड़ होगी। डिंडोशी और देवनार में भी ऐसा ही पोटेंशियल है।</p>
<p>सिर्फ़ तीन डिपो मिलकर ₹6,000 से ₹7,000 करोड़ का इनफ़्लो पैदा कर सकते हैं—जो 3,000 से 3,500 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए काफ़ी है, जो BEST के इलेक्ट्रिफ़िकेशन टारगेट का लगभग एक तिहाई हिस्सा है।”व्हाइट पेपर में कहा गया कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो BEST म्युनिसिपल सब्सिडी पर डिपेंडेंट रहेगी और पैसेंजर खोती रहेगी। पेपर में कहा गया, “लेकिन, अगर TOD और MMI को प्रपोज़्ड तरीके से लागू किया जाता है, तो BEST 2035 तक 12,500 इलेक्ट्रिक बसों का फ़्लीट हासिल कर सकती है, उन्हें रखने के लिए डिपो कैपेसिटी बढ़ा सकती है, रोज़ाना 4 मिलियन पैसेंजर की राइडरशिप को स्टेबल कर सकती है और उसी साल तक नॉन-फ़ेयर सोर्स से 25-30% रेवेन्यू कमा सकती है।”</p>
<p>आमची मुंबई आमची BEST के को-कन्वीनर हुसैन इंदौरवाला ने बताया कि सरकार ने 2010 में ही कुर्ला, ओशिवारा, माहिम, दहिसर, मरोल-मरोशी और यारी रोड डिपो कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए दे दिए थे और डिंडोशी, देवनार और बांद्रा जैसे दूसरे डिपो के डेवलपमेंट को मंज़ूरी दी थी। धारावी डिपो को धारावी के लोगों के पुनर्वास के लिए दिया जा रहा है,” उन्होंने कहा। “एक बार BEST डिपो की ज़मीन सौंप दी गई, तो वह हमेशा के लिए चली जाएगी। BEST को अभी भी उन प्राइवेट डेवलपर्स से ₹320 करोड़ वसूलने हैं, जिन्हें पहले प्लॉट दिए गए थे।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 12:06:19 +0530</pubDate>
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