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                <title>land - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई : जमीन विवाद में मंत्री प्रताप सरनाईक पर मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के खिलाफ भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने भूमिपुत्रों की जमीन हड़पने का मामला सोमवार को ठाणे जिले के कासारवड़वली पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाया है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49538/case-registered-against-minister-pratap-sarnaik-in-mumbai-land-dispute"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(47).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के खिलाफ भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने भूमिपुत्रों की जमीन हड़पने का मामला सोमवार को ठाणे जिले के कासारवड़वली पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाया है।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाने के बाद मेहता ने कहा कि ठाणे जिले के भायंदर पाड़ा में यहां के भूमिपुत्रों (भोइर व अन्य लोगों के) से संबंधित 2,439 वर्ग मीटर के भूखंड में से 1,219 वर्ग मीटर जमीन पर परिवहन मंत्री ने अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया है।</p>
<p>नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रताप सरनाईक दावा करते हैं कि वे 'मराठी मानुष' का समर्थन करते हैं, लेकिन वे अपने निजी फायदे के लिए स्थानीय 'भूमिपुत्रों' को बेघर कर रहे हैं। उनके कार्यों से सरकार की छवि खराब हो रही है।</p>
<p>मेहता ने प्रताप सरनाईक से यह भूखंड तत्काल भूमिपुत्रों को लौटाने और नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:40:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सेंचुरी मिल मुंबई की जमीन 1350 करोड़ में हो जाएगी प्राइवेट प्रॉपर्टी, शापूरजी, रहेजा समेत 4 बड़ी कंपनियां आईं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोअर परेल स्थित सेंचुरी मिल की बहुमूल्य ज़मीन अब BMC के लिए बड़ी कमाई का जरिया बनने जा रही है। इस जमीन के विकास और लीज से बीएमसी को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए देश की चार बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां मैदान में उतर चुकी है। इनमें शापूरजी पालनजी ग्रुप, रहेजा ग्रुप, किश्तो ग्रुप और पेडर रियलिटी कंपनियों के नाम शामिल है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49507/the-land-of-mumbai-century-mill-will-become-private-property"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t130848.009.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>लोअर परेल स्थित सेंचुरी मिल की बहुमूल्य ज़मीन अब BMC के लिए बड़ी कमाई का जरिया बनने जा रही है। इस जमीन के विकास और लीज से बीएमसी को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए देश की चार बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां मैदान में उतर चुकी है। इनमें शापूरजी पालनजी ग्रुप, रहेजा ग्रुप, किश्तो ग्रुप और पेडर रियलिटी कंपनियों के नाम शामिल है। </p>
<p> </p>
<p><strong>लीज़ से BMC को मिलेगे 1348 करोड़ रुपये</strong><br />बीएमसी ने इस ज़मीन के विकास के लिए हाल ही में टेंडर जारी किया था। सूत्रों के अनुसार, शापूरजी पालनजी ग्रुप, रहेजा ग्रुप, किश्तो ग्रुप और पेडर रियलिटी जैसी कंपनियों आवेदन किया है। इन प्रस्तावों पर आने वाले सप्ताह में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बीएमसी इस ज़मीन की नीलामी करेगी, जिससे उसे करीब 1,348 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।</p>
<p><strong>1927 में दी गई थी जमीन</strong><br />करीब 6 एकड़ में फैली यह ज़मीन ऐतिहासिक रूप से सेंचुरी स्पिनिंग ऐंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को 1 अप्रैल, 1927 से 28 साल के लिए दी गई थी। इसका उद्देश्य मिल के कामगारों के लिए आवास उपलब्ध कराना था। इस ज़मीन पर 476 कमरे, 10 दुकानें और कई चॉल बनाई गई थीं। हालोंकि, 31 मार्च, 1955 को लीज समाप्त हो गई थी और नियमों के अनुसार ज़मीन बीएमसी को वापस मिलनी थी। लेकिन लीज खत्म होने के बाद भी विवाद शुरू हो गया। </p>
<p><strong>बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर मिली जमीन</strong><br />सेंचुरी मिल ने इस जमीन पर अपना अधिकार बनाए रखने के लिए अदालत का रुख किया। इसके जवाब में बीएमसी ने भी कानूनी लड़ाई लड़ी। लंबे समय तक चले इस मामले में अंततः बीएमसी को जीत मिली और ज़मीन उसके कब्जे में वापस आ गई। ज़मीन वापस मिलने के बाद बीएमसी ने इसके विकास की योजना बनाई। इसके तहत सबसे पहले यहां रहने वाले मूल कामगारों, किरायेदारों और अन्य निवासियों का सर्वे किया गया, ताकि पुनर्वास और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई जा सके। </p>
<p><strong>बनेंगे लक्जरी घर, मजदूरों को मिलेंगे फ्लैट</strong><br />सर्वे पूरा होने के बाद अब बीएमसी ने इस ज़मीन को निजी डिवेलपर्स के जरिए विकसित करने का फैसला लिया है। बीएमसी के स्टेट डिपार्टमेंट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट BMC के लिए राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ शहर के पुनर्विकास का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 'टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा रही है और सभी कानूनी व तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से न केवल बीएमसी को अच्छी आय होगी, बल्कि पुराने कामगारों का पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जाएगा।' योजना के अनुसार, यहां लक्ज़री घर बनाए जाएंगे। इनमें कुछ घर सेंचुरी मिल के मूल कामगारों और कर्मचारियों को दिए जाएंगे, जबकि बाकी फ्लैट्स खुले बाज़ार में बेचे जाएंगे। </p>
<p>फिलहाल इस ज़मीन की मौजूदा कीमत करीब 660 करोड़ रुपये आंकी गई है, लेकिन विकास के बाद इसकी वैल्यू कई गुना बढ़ने की संभावना है। बीएमसी इस ज़मीन को 30 साल की लीज पर देगी, जिससे उसे एकमुश्त राशि के साथ-साथ लंबे समय तक स्थिर आय भी मिलती रहेगी।<br /> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:17:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वसई में फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर के लिए जमीन चयन के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने मत्स्य क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नया कदम उठाया है। इसके तहत नितेश राणे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पालघर जिले के वसई में प्रस्तावित फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान की जाए। मंत्री राणे ने यह भी कहा कि चिन्हित की गई जमीन का विस्तृत प्रस्ताव तुरंत राजस्व विभाग (रेवेन्यू डिपार्टमेंट) को भेजा जाए, ताकि आगे की प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49377/instructions-for-selection-of-land-for-fisheries-training-center-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(30).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वसई : </strong>महाराष्ट्र सरकार ने मत्स्य क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नया कदम उठाया है। इसके तहत नितेश राणे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पालघर जिले के वसई में प्रस्तावित फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान की जाए। मंत्री राणे ने यह भी कहा कि चिन्हित की गई जमीन का विस्तृत प्रस्ताव तुरंत राजस्व विभाग (रेवेन्यू डिपार्टमेंट) को भेजा जाए, ताकि आगे की प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा सके।</p>
<p> </p>
<p>यह निर्देश मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए, जिसकी अध्यक्षता स्वयं नितेश राणे ने की। बैठक में वसई में फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई और परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में स्नेहा दुबे और प्रेरणा देशभरता सहित मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं और संभावित स्थानों की जानकारी प्रस्तुत की।</p>
<p>मंत्री राणे ने कहा कि वसई क्षेत्र में फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को मत्स्य पालन और उससे जुड़े व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और मत्स्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ होनी चाहिए, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनिंग सेंटर में आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे युवाओं को बेहतर कौशल विकास मिल सके।</p>
<p>सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर में मत्स्य पालन, नाव संचालन, मछली संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह केंद्र क्षेत्रीय मछुआरों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक के दौरान परियोजना की समयबद्ध प्रगति पर भी चर्चा की गई और संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाना है। यह परियोजना पूरी होने के बाद वसई और आसपास के क्षेत्रों में मत्स्य उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक होगी।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 19:18:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :3.0 ग्रोथ सेंटर के लिए 216 एकड़ भूमि अधिग्रहण, रायगढ़ में विकास को मिलेगी नई गति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="background-color:rgb(0,0,0);">मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने रायगढ़ जिले में प्रस्तावित मुंबई 3.0 परियोजना के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए 216 एकड़ भूमि सफलतापूर्वक अधिग्रहित कर ली है। यह उपलब्धि पेन-रायगढ़ ग्रोथ सेंटर से जुड़ी उस प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें शेयरहोल्डर एग्रीमेंट साइन होने के बाद परियोजना को लेकर आगे की तैयारियां तेज हो गई हैं।</span></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49341/acquisition-of-216-acres-of-land-for-mumbai-30-growth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t134138.055.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने रायगढ़ जिले में प्रस्तावित मुंबई 3.0 परियोजना के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए 216 एकड़ भूमि सफलतापूर्वक अधिग्रहित कर ली है। यह उपलब्धि पेन-रायगढ़ ग्रोथ सेंटर से जुड़ी उस प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें शेयरहोल्डर एग्रीमेंट साइन होने के बाद परियोजना को लेकर आगे की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह भूमि अधिग्रहण मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पार्टिसिपेटरी लैंड एक्विजिशन पॉलिसी को मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स के कारण संभव हुआ है। इस नीति के तहत जमीन मालिकों को परियोजना में भागीदारी के कई विकल्प दिए जा रहे हैं, जिससे वे केवल भूमि देने वाले नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया के सक्रिय भागीदार बन सकें।</p>
<p> </p>
<p>रायगढ़ के पेन ग्रोथ कॉरिडोर को मुंबई 3.0 न्यू टाउन डेवलपमेंट एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के करीब स्थित है, जिसमें अटल सेतु, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और विरार-अलीबाग मल्टी-मॉडल कॉरिडोर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से इस पूरे क्षेत्र को बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अनुसार इस ग्रोथ सेंटर से भविष्य में लगभग 2 लाख से अधिक उच्च कौशल और अच्छी वेतन वाली प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बनें</p>
<p>पार्टिसिपेटरी मॉडल के तहत जमीन मालिकों को कई विकल्प दिए जा रहे हैं। इनमें आपसी सहमति से भूमि अधिग्रहण शामिल है, जिसमें महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट 1966 के प्रावधानों के तहत मुआवजा तय किया जाएगा। इसके अलावा डेवलपमेंट राइट्स के माध्यम से मुआवजा देने का विकल्प भी मौजूद है, जिसमें एफएसआई और टीडीआर जैसे प्रावधान शामिल हैं। कुछ मामलों में अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिए जा सकते हैं। इसके साथ ही लैंड पूलिंग मॉडल भी प्रस्तावित है, जिसमें विकसित भूमि के बदले अविकसित भूमि का प्रावधान किया जाएगा। इस मॉडल के तहत जमीन मालिकों को विकसित भूमि का लगभग 22.5 प्रतिशत हिस्सा वापस मिलने का प्रावधान है, जैसा कि सिडको मॉडल में देखा गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का कहना है कि यह पूरी नीति पारदर्शिता, न्यायसंगत प्रक्रिया और भागीदारी पर आधारित है, जिससे स्थानीय भूमि मालिक भी दीर्घकालिक विकास का हिस्सा बन सकें। मुंबई 3.0 को एक आधुनिक, योजनाबद्ध और आर्थिक रूप से मजबूत शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49341/acquisition-of-216-acres-of-land-for-mumbai-30-growth</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:42:51 +0530</pubDate>
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