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                <title>officials - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>officials RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: एमएसआरटीसी का राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार सख्त, अधिकारियों को एक महीने का अल्टीमेटम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सरकार ने घाटे में चल रही महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने निगम के अधिकारियों को एक महीने के भीतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तय अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50477/government-gives-strict-one-month-ultimatum-to-officials-to-increase"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-30t123250.458.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सरकार ने घाटे में चल रही महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने निगम के अधिकारियों को एक महीने के भीतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तय अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>
<p>प्रताप सरनाइक ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कहा कि निगम की आय बढ़ाना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले एक महीने के भीतर राजस्व में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और इसका परिणाम भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि केवल योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। सरकार का मानना है कि एमएसआरटीसी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जो निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।<br />सरनाइक ने स्पष्ट किया कि राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को निलंबन, तबादला या पदावनति जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि निगम की वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी। एमएसआरटीसी राज्य के लाखों यात्रियों को रोजाना परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराती है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का यह प्रमुख माध्यम है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से निगम वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। आय और खर्च के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठाने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>बैठक में अधिकारियों को टिकट बिक्री बढ़ाने, बसों के बेहतर संचालन, समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर जोर देने के निर्देश दिए गए। साथ ही आय बढ़ाने के नए उपाय तलाशने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए भी कहा गया। सरकार का मानना है कि यदि विभिन्न स्तरों पर बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तो निगम की आय में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसी वजह से विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50477/government-gives-strict-one-month-ultimatum-to-officials-to-increase</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:33:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वसई तहसील कार्यालय में रिश्वत का बड़ा मामला,एंटी-करप्शन ब्यूरो ने एजेंट को पकड़ा, अधिकारी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के वसई तहसीलदार कार्यालय में एक बार फिर रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे राजस्व विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी-करप्शन ब्यूरो  की ठाणे यूनिट ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई करते हुए एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी मामले के बाद से फरार बताया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49388/big-case-of-bribery-in-vasai-tehsil-office-anti-corruption-bureau"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t130719.871.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वसई : </strong>महाराष्ट्र के वसई तहसीलदार कार्यालय में एक बार फिर रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे राजस्व विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी-करप्शन ब्यूरो  की ठाणे यूनिट ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई करते हुए एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी मामले के बाद से फरार बताया जा रहा है। ACB की जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान अनिल प्रभाकर चौबल के रूप में हुई है। उसे उस समय पकड़ा गया जब वह कथित रूप से ₹7 लाख की रिश्वत ले रहा था। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वसई क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक मामले को निपटाने के लिए अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही थी।</p>
<p> </p>
<p>मामला जमीन पर बने अवैध निर्माण को गिराने से रोकने और भूमि के नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) कन्वर्ज़न से जुड़े दस्तावेजों को आगे बढ़ाने से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, शुरुआत में इस काम के लिए ₹40 लाख की मांग की गई थी, जिसे बाद में बातचीत के बाद घटाकर ₹7 लाख कर दिया गया। ACB की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में वसई तहसील कार्यालय के अपर तहसीलदार (नॉन-एग्रीकल्चरल डिवीज़न) विनोद बालकृष्ण धोत्रे की भूमिका भी संदिग्ध है। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने के बाद वह मौके से फरार हो गए और अब तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।</p>
<p>एंटी-करप्शन ब्यूरो की टीम ने ट्रैप<br />कार्रवाई के दौरान अनिल चौबल को पैसे लेते हुए गिरफ्तार किया और मामले से जुड़े सबूत एकत्र किए। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह रिश्वतखोरी का नेटवर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें सरकारी स्तर पर भी कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है। घटना के बाद वसई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब फरार अधिकारी विनोद धोत्रे की तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।</p>
<p>ACB अधिकारियों ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत की मांग किस स्तर तक और किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह की अवैध वसूली के मामले सामने आए हैं। इस घटना ने एक बार फिर राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर लंबी प्रक्रियाओं और कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कुल मिलाकर, वसई तहसील कार्यालय का यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है, जहां रिश्वत के जरिए सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:07:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवी मुंबई : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समेत कई अधिकारियों पर एफआईआर, मृतक की पत्नी ने लगाए ये गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बेलापुर स्थित प्रसिद्ध बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो  के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे और उनकी टीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर मृतक की पत्नी डॉ. किरण गुरुनाथ चिचकर (56) के लिखित बयान के आधार पर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3) (जबरन वसूली), 352, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48791/fir-against-several-officers-including-the-zonal-director-of-navi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-29t103410.882.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई : </strong>बेलापुर स्थित प्रसिद्ध बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो  के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे और उनकी टीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर मृतक की पत्नी डॉ. किरण गुरुनाथ चिचकर (56) के लिखित बयान के आधार पर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3) (जबरन वसूली), 352, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. </p>
<p> </p>
<p>डॉ. किरण चिचकर ने अपने बयान में बताया कि घटना की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को हुई, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो   अधिकारी आकाश मलिक 15-20 लोगों की टीम के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर पहुंचे. उस समय वे घर पर नहीं थे. आरोप है कि अधिकारियों ने घर के नौकर को पीटा, उसका फोन छीन लिया और जबरन घर की तलाशी ली. इस दौरान टीम ने बिना किसी जब्ती सूची (पंचनामा) के घर से 2 लाख रुपये नकद, कीमती घड़ियां और जरूरी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और बैंक स्टेटमेंट जब्त कर लिए. </p>
<p><br />घावटे ने संपत्ति कुर्क करने की दी धमकी- डॉ. किरण<br />शिकायत के अनुसार, जोनल डायरेक्टर अमित घावटे ने गुरुनाथ चिचकर को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया. डॉ. किरण का आरोप है कि घावटे ने उनके पति को धमकी दी थी कि यदि वे अपने बच्चों का नाम केस से हटवाना चाहते हैं, तो उन्हें 10 से 15 करोड़ रुपये देने होंगे. पैसे न देने पर पूरे परिवार को झूठे ड्रग्स केस में फंसाकर जेल भेजने और संपत्ति कुर्क करने की धमकी दी गई थी.</p>
<p>पीड़िता ने केवल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ही नहीं, बल्कि एंटी नार्कोटिक्स सेल  बेलापुर के वरिष्ठ अधिकारी संदीप निगड़े पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. बयान के मुताबिक, निगड़े ने बिल्डर के ऑफिस आकर सबके सामने उन्हें गाली-गलौज की और पैसों की मांग की. उन्होंने धमकी दी थी कि पैसे लाओ या बच्चों को हाजिर करो, वरना तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को जेल में डाल देंगे.</p>
<p> <br />डॉक्टर किरण ने आरोप लगाया कि लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना के कारण गुरुनाथ चिचकर गहरे मानसिक दबाव में थे. इसी तनाव के चलते 21 अप्रैल को उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. आखिरकार, 25 अप्रैल 2025 को उन्होंने अपने कार्यालय में सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन अधिकारियों के नाम लिखे हैं जो उन्हें परेशान कर रहे थे.<br />डॉ. किरण ने पुलिस को बताया कि उनके पति ने आत्महत्या से पहले अपनी जान को खतरा बताते हुए नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली. अब पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 10:36:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : चंदन तस्करों को छोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चंद्रपुर ज़िले में सागौन की तस्करी के मामले को गंभीरता से लेते हुए, वन मंत्री गणेश नाइक ने विधानसभा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्करों के पकड़े जाने के बावजूद दबाव में आकर उन्हें रिहा किए जाने की घटना की जाँच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान, विधायक देवराव भोंगले ने चंद्रपुर ज़िले के जिवती तालुका में सागौन की तस्करी का मुद्दा उठाया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48576/ordered-investigation-against-officials-who-released-mumbai-sandalwood-smugglers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-20t111734.792.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>चंद्रपुर ज़िले में सागौन की तस्करी के मामले को गंभीरता से लेते हुए, वन मंत्री गणेश नाइक ने विधानसभा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्करों के पकड़े जाने के बावजूद दबाव में आकर उन्हें रिहा किए जाने की घटना की जाँच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान, विधायक देवराव भोंगले ने चंद्रपुर ज़िले के जिवती तालुका में सागौन की तस्करी का मुद्दा उठाया।</p>
<p> </p>
<p>कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाया कि जब वन विभाग ने ब्रह्मपुरी निर्वाचन क्षेत्र में सागौन की लकड़ी से लदे दो ट्रैक्टर ज़ब्त किए, तो एक स्थानीय नेता वन विभाग के कार्यालय गया और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, साथ ही तस्करों को रिहा करने के लिए उन पर दबाव डाला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48576/ordered-investigation-against-officials-who-released-mumbai-sandalwood-smugglers</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:18:14 +0530</pubDate>
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