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                <title>method - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : एटीएम से पैसे निकालते समय रहें सावधान! मुंबई में सामने आया चोरी का नया तरीका, ऐसे फंसाते थे कैश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एटीएम से पैसे निकालते समय सावधान हो जाइए। मुंबई की भांडुप पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो एटीएम मशीन के कैश स्लॉट यानी जहां से पैसे निकलते हैं, पर प्लास्टिक या फाइबर की पट्टी (शीट) लगाकर ग्राहकों के पैसे फंसा देता था और बाद में उसे चुरा लेता था। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50834/be-careful-while-withdrawing-money-from-mumbai-atm-a-new"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-19t112425.488.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एटीएम से पैसे निकालते समय सावधान हो जाइए। मुंबई की भांडुप पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो एटीएम मशीन के कैश स्लॉट यानी जहां से पैसे निकलते हैं, पर प्लास्टिक या फाइबर की पट्टी (शीट) लगाकर ग्राहकों के पैसे फंसा देता था और बाद में उसे चुरा लेता था। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है। </p>
<p> </p>
<p><strong>ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़</strong><br />यह पूरा मामला तब सामने आया जब बैंक ऑफ बड़ौदा (भांडुप शाखा) की शाखा प्रबंधक रीचा अरुण श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि भांडुप के सचदेव कॉम्प्लेक्स स्थित बैंक के एटीएम में कुछ अज्ञात बदमाशों ने मशीन के कैश स्लॉट के साथ छेड़छाड़ की थी। </p>
<p><strong>कैसे देते थे वारदात को अंजाम?</strong><br />आरोपी एटीएम के कैश स्लॉट पर प्लास्टिक की एक बारीक पट्टी चिपका देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो उसके खाते से पैसे कट जाते थे, लेकिन पट्टी लगी होने के कारण नकदी बाहर नहीं आ पाती थी। ग्राहक को लगता था कि कोई तकनीकी खराबी है और वह चला जाता था। जैसे ही ग्राहक वहां से हटता, आरोपी तुरंत एटीएम के अंदर जाकर पट्टी हटाते और फंसा हुआ कैश लेकर फरार हो जाते थे। बैंक को इस तरह की लगातार 5 शिकायतें मिली थीं।</p>
<p>शिकायत मिलने के बाद भांडुप पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एटीएम केंद्र के पिछले दो दिनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में साफ दिखा कि आरोपी पहले आकर मशीन में प्लास्टिक की पट्टी लगाते हैं और फिर ग्राहकों के जाने के बाद पैसे निकाल लेते हैं। जांच में दो पुरुषों और दो महिलाओं की सक्रिय भूमिका सामने आई। </p>
<p><strong>मुख्य आरोपी गिरफ्तार, माल बरामद</strong><br />पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी मोहम्मद जियाद उर्फ अयान इरशाद अहमद (उम्र 21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं की संलिप्तता का भी खुलासा हुआ है, जिन्हें पुलिस ने नोटिस जारी कर जांच में शामिल किया गया है। </p>
<p>पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 80 हजार रुपये की मोटरसाइकिल, प्लास्टिक की पट्टी, ओप्पो मोबाइल फोन और 39,500 रुपये की नकदी बरामद की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 1.29 लाख रुपये है। मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 11:25:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : ओबीसी निकाय ने ओबीसी सीटों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की गणना पद्धति पर आपत्ति जताई </title>
                                    <description><![CDATA[<p>ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष बबन तायवाड़े ने स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी सीटों के निर्धारण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गणना पद्धति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे समुदाय के लिए सीटों की संख्या कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे नागपुर नगर निगम में एक ओबीसी सीट का नुकसान हुआ है और उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मामले की जाँच करने की माँग की।किसी स्थानीय निकाय में आरक्षित सीटों के निर्धारण में उस समुदाय के कुल सीटों की संख्या और विशिष्ट समुदाय के लिए आरक्षित प्रतिशत को ध्यान में रखा जाता है, जो ओबीसी के मामले में 27% है। तायवाड़े ने जिस पद्धति को चुनौती दी है, वह राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) द्वारा जारी की गई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45523/mumbai-obc-body-objects-to-state-election-commissions-calculation-method"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-16t124702.918.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष बबन तायवाड़े ने स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी सीटों के निर्धारण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गणना पद्धति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे समुदाय के लिए सीटों की संख्या कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे नागपुर नगर निगम में एक ओबीसी सीट का नुकसान हुआ है और उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मामले की जाँच करने की माँग की।किसी स्थानीय निकाय में आरक्षित सीटों के निर्धारण में उस समुदाय के कुल सीटों की संख्या और विशिष्ट समुदाय के लिए आरक्षित प्रतिशत को ध्यान में रखा जाता है, जो ओबीसी के मामले में 27% है। तायवाड़े ने जिस पद्धति को चुनौती दी है, वह राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) द्वारा जारी की गई थी।</p>
<p> </p>
<p>ओबीसी नेता के अनुसार, इस गणना में, यदि ओबीसी सीटों की संख्या में एक अंश शामिल है, तो उस अंश को अनदेखा किया जाना चाहिए, जबकि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और महिलाओं जैसे अन्य समुदायों के मामले में ऐसा नहीं है।उन्होंने कहा, "एससी, एसटी और महिलाओं के मामले में, अगर संख्या में कोई अंश है और वह .50 से ऊपर है, तो उसे अगली संख्या में पूर्णांकित कर दिया जाता है, जिससे उन्हें एक अतिरिक्त सीट मिल जाती है।" "</p>
<p>नागपुर नगर निगम की गणना के अनुसार, कुल सीटों की संख्या 151 है और ओबीसी कोटा 27 है। इसे 100 से भाग देने पर यह 40.77 आता है। लेकिन एसईसी फॉर्मूले के अनुसार इस अंश को नज़रअंदाज़ कर दिया गया और 41 सीटों की बजाय 40 ओबीसी सीटें घोषित कर दी गईं। अगर यही बात एससी/एसटी या महिला कोटे के साथ होती, तो उन्हें एक अतिरिक्त सीट मिल जाती। यह ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय है।"तायवाड़े ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात की है, जिन्होंने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे इस पर गौर करेंगे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 12:48:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईटेक तरीके से परीक्षार्थी मुंबई पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कर रहा था नकल... 'मुन्ना भाई' हुए गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पूरे महाराष्ट्र से तमाम लड़के-लड़कियां पुलिस कांस्टेबल बनने की चाहत में परीक्षा देने मुंबई पहुंचे हैं. बोरीवली के जया बेन कोट परीक्षा केंद्र में भी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा चल रही थी. कई छात्र-छात्राएं ये परीक्षा दे रहे थे, इसी दौरान पर्यवेक्षक की जांच में पाया गया कि एक परीक्षार्थी की कान में ब्लूटूथ फंस गया है और जब जांच की गई तो पता चला कि इस ब्लूटूथ के जरिए उसे पेपर सॉल्व कराया जा रहा था.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/37312/the-candidate-was-cheating-in-mumbai-police-constable-recruitment-exam-using-a-hi-tech-method--munnabhai--arrested"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-01/7844.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान नकल करते हुए एक परीक्षार्थी को पकड़ा गया है. वो बेहद ही हाईटेक तरीके से इस परीक्षा में नकल कर रहा था. पुलिस बनने से पहले ही वो नकल चोर बन गया और संदेह होने पर जांच के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. मुंबई में दो दिनों से पुलिस भर्ती की परीक्षा चल रही है. इसके लिए मुंबई के तमाम जगहों पर अलग-अलग केंद्र बनाए गए हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">पूरे महाराष्ट्र से तमाम लड़के-लड़कियां पुलिस कांस्टेबल बनने की चाहत में परीक्षा देने मुंबई पहुंचे हैं. बोरीवली के जया बेन कोट परीक्षा केंद्र में भी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा चल रही थी. कई छात्र-छात्राएं ये परीक्षा दे रहे थे, इसी दौरान पर्यवेक्षक की जांच में पाया गया कि एक परीक्षार्थी की कान में ब्लूटूथ फंस गया है और जब जांच की गई तो पता चला कि इस ब्लूटूथ के जरिए उसे पेपर सॉल्व कराया जा रहा था.<br /><br />इसकी सूचना पुलिस को दी गई और कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने इस परीक्षार्थी को गिरफ्तार कर लिया. एक दिन पहले ओशिवारा पुलिस स्टेशन की हद में भी इसी तरह से एक सेंटर पर कांस्टेबल की परीक्षा देने वाले एक परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल पुलिस ने धोखाधड़ी और विश्वविद्यालय अधिनियम 1982 के तहत मामला दर्ज किया गया है.<br /><br />पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि ब्लूटूथ के जरिए कोई बाहर से इन्हें पेपर सॉल्व कर रहा था. अब पुलिस उस शख्स की तलाश कर रही है कि किसने इन्हें फोन किया था. साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लग रही है क्या इसके पीछे कोई बड़ा गैंग कम कर रहा है जो पुलिस में भर्ती करने के नाम पर रैकेट चला रहा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2025 20:59:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट के एक फैसले ने सरल कर दिया बच्चा गोद लेने का तरीका, सिंगल हैं तो भी बन सकती हैं मम्मी... </title>
                                    <description><![CDATA[अकेले कामकाजी माता-पिता या तलाकशुदा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चा गोद ले सकते हैं। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने भूसावाल जिला अदालत के फैसले को बदलते हुए ये बात कही है। भूसावाल कोर्ट ने एक महिला द्वारा अपनी बहन के बच्चे को गोद लेने से इस आधार पर मना कर दिया कि वो सिंगल वर्किंग वूमन है और इस कारण वो बच्चे पर व्यक्तिगत रुप से ध्यान नहीं दे पाएगी, जिसके बाद महिला ने इस मामले में जिला अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19859/a-decision-of-the-high-court-has-simplified-the-method-of-adopting-a-child--even-if-you-are-single--you-can-become-a-mother"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(2)11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अकेले कामकाजी माता-पिता या तलाकशुदा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चा गोद ले सकते हैं। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने भूसावाल जिला अदालत के फैसले को बदलते हुए ये बात कही है। भूसावाल कोर्ट ने एक महिला द्वारा अपनी बहन के बच्चे को गोद लेने से इस आधार पर मना कर दिया कि वो सिंगल वर्किंग वूमन है और इस कारण वो बच्चे पर व्यक्तिगत रुप से ध्यान नहीं दे पाएगी, जिसके बाद महिला ने इस मामले में जिला अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले पर सुनवाई के समय जस्टिस गौरी गोडसे ने कहा कि एक तलाकशुदा या सिंगल माता-पिता किशोर जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम, 2015 के तहत बच्चा गोद लेने के लिए बिल्कुल योग्य है, उन्होंने कहा कि जिला अदालत का काम सिर्फ यह पता लगाना है कि बच्चा गोद लेने के लिए क्या सभी आवश्यक मानदंड पूरे किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि सिंगल माता-पिता काम करने के लिए बाध्य होते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उन्हे इस आधार पर दत्तक माता-पिता होने के लिए अपात्र ठहराया जाए. इसी के ही साथ कोर्ट ने कामकाजी महिला और गृहिणी के बीच तुलना पर भई कड़ी आपत्ति जताई है. जस्टिस ने कहा कि निचली अदालत के द्वारा जैविक मां के गृहिणी होने और संभावित मां के कामकाजी महिला होने के बीच की गई तुलना मध्यकालीन रूढ़िवादी की मानसिकता को दिखाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/19859/a-decision-of-the-high-court-has-simplified-the-method-of-adopting-a-child--even-if-you-are-single--you-can-become-a-mother</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Apr 2023 11:29:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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