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                <title>law - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के ससुर-साला हुए अरेस्ट, मुंबई पुलिस ने लिया एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान के ससुराल में हड़कंप मचा है. यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान, साले और उनके एक रिश्तेदार को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. यूसुफ पठान के ससुर-साले को बायकुला इलाके में एक युवक और उसके रिश्तेदारों की पिटाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शनिवार रात करीब 9 बजे एक कार से पानी गिरने के मामूली विवाद पर बात बिगड़ गई थी. इसके बाद मामला मारपीट में बदल गया और कहासुनी हो गई.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49365/mumbai-former-cricketer-yusuf-pathans-father-in-law-and-brother-in-law-arrested-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-21t140628.8181.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>भारत के पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान के ससुराल में हड़कंप मचा है. यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान, साले और उनके एक रिश्तेदार को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. यूसुफ पठान के ससुर-साले को बायकुला इलाके में एक युवक और उसके रिश्तेदारों की पिटाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शनिवार रात करीब 9 बजे एक कार से पानी गिरने के मामूली विवाद पर बात बिगड़ गई थी. इसके बाद मामला मारपीट में बदल गया और कहासुनी हो गई.</p>
<p> </p>
<p>दरअसल, जब स्थानीय निवासी यूसुफ खान अपनी कार से घर जा रहे थे, तभी कार सड़क पर एक गड्ढे में चली गई और पानी उछलकर शोएब खान पर गिर गया. हालांकि, यूसुफ खान ने कार रोककर माफी मांगी, लेकिन शोएब ने उन्हें गाली दी और बांस की छड़ी से कार का शीशा तोड़ दिया, जिससे यूसुफ घायल हो गए. फिर असली लड़ाई शुरू हुई और मामला पुलिस तक जा पहुंचा.</p>
<p><strong>कब और कैसे हुआ सबकुछ</strong><br />बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार रात करीब 9 बजे हुई. 30 साल के यूसुफ खान घर लौट रहे थे. उनकी कार एक पानी के गड्ढे से गुजरी. इससे पानी उछलकर शोएब खान (35) पर जा गिरा. शोएब खान यूसुफ पठान के रिश्तेदार हैं. यूसुफ खान का दावा है कि उन्होंने तुरंत गाड़ी रोकी और माफी मांगी, लेकिन बात बढ़ गई और बहस शुरू हो गई. आरोप है कि शोएब खान ने उन्हें गालियां दीं, बांस की लाठी से उनकी कार का शीशा तोड़ दिया और उनके साथ मारपीट की. इसके बाद यूसुफ खान घर गए और अपने परिवार की सलाह पर पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया. </p>
<p><strong>यूसुफ पठान के ससुर से सामना</strong><br />हालांकि, पुलिस स्टेशन जाते समय कथित तौर पर उनका सामना खालिद खान उर्फ ​​मकालीक से हुआ, जो यूसुफ पठान के ससुर हैं. पुलिस के अनुसार, यूसुफ पठान के ससुर खालिद ने अपने बेटे उमरशाद खान (35), शोएब खान और एक अन्य आरोपी शहबाज पठान के साथ मिलकर यूसुफ खान और उनके परिवार के साथ फिर से झगड़ा और मारपीट की.</p>
<p><strong>सीसीटीवी के आधार पर एक्शन</strong><br />इसके बाद पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच की. इसके बाद बायकुला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खालिद खान, उमरशाद खान और शोएब खान को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, आरोपी शाहबाज पठान अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है और बताया जा रहा है कि अदालत ने उन्हें 2 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:44:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : 'नए कानून को सांविधानिक आधार पर चुनौती देंगे पूर्व कैडर अफसर, क्या है 122 'आईपीएस और मिथक' की कहानी?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>'सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026' को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। पिछले दिनों इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक का उद्देश्य, सीएपीएफ में 'ग्रुप ए सामान्य ड्यूटी' के अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित सामान्य नियमों को विनियमित करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49108/69d8f9d36fc10"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t194536.599.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>'सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026' को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। पिछले दिनों इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक का उद्देश्य, सीएपीएफ में 'ग्रुप ए सामान्य ड्यूटी' के अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित सामान्य नियमों को विनियमित करना है। इससे देश का आंतरिक सुरक्षा ढांचा मजबूत होगा और सीएपीएफ अधिकारियों की सेवा शर्तों में अधिक स्पष्टता व एकरूपता आएगी। दूसरी ओर पूर्व कैडर अफसरों ने इस विधेयक को कैडर अफसरों के साथ-साथ निचले रैंक के हितों के लिए नुकसानदायक बताया है।</p>
<p> </p>
<p>बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद का कहना है कि सीएपीएफ के नए अधिनियम को संवैधानिक आधार पर चुनौती दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कैडर अफसरों के पक्ष में जो फैसला दिया था, उसे पलटने के लिए ही सरकार ने यह नया कानून बनाया है। सूद ने इस मामले में 122 'आईपीएस और मिथक' का राज खोला है।  </p>
<p>गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक के पारित होने के बाद कहा था, इसे देश की सुरक्षा संरचना को मजबूत, सुदृढ़ और अधिक संगठित बनाने के लिए एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जाना चाहिए। यह कानून, सीएपीएफ अधिकारियों की सेवा शर्तों में लंबे समय से चले आ रहे संरचनात्मक असंतुलन और कैडर प्रबंधन में चुनौतियों का समाधान करने के साथ-साथ परिचालन दक्षता में सुधार लाने का प्रयास करता है। समय के साथ सीएपीएफ की भूमिका और जिम्मेदारियों का काफी विस्तार हुआ है, लेकिन विभिन्न बलों में सेवा शर्तें, अलग-अलग नियमों, निर्देशों और प्रशासनिक उपायों द्वारा शासित होती रही हैं। यह विधेयक, मौजूदा व्यवस्थाओं में जो भी विसंगतियां हैं, उन्हें दूर करेगा। इन बलों में वित्तीय लाभों की निरंतरता सुनिश्चित होगी। यह विधेयक ग्रुप 'ए' जनरल ड्यूटी अधिकारियों की भर्ती, पदोन्नति, वरिष्ठता और अन्य सेवा शर्तों को नियंत्रित करने के लिए एक स्पष्ट व्यापक ढांचा प्रदान करता है। </p>
<p><strong>इस सांविधानिक आधार पर दी जाएगी चुनौती...  </strong><br />बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद कहते हैं कि सीएपीएफ के नए कानून को इस संवैधानिक आधार पर चुनौती दिया जाना निश्चित है, क्योंकि यह किसी भी कानूनी खामी को दूर नहीं करता है। अनुच्छेद 14 और 16 के तहत कैडर अधिकारियों को प्राप्त मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर भी चुनौती दी जाएगी। सरकार ने नया कानून बनाकर, सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पलटा है। इसके जरिए केंद्र सरकार ने संवैधानिक मुद्दों और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी निहितार्थों से ध्यान हटाकर 'आईपीएस' अधिकारियों की समन्वय क्षमता, प्रशिक्षण और रणनीतिक दृष्टि की कथित श्रेष्ठता का समर्थन किया है। बतौर सूद, इस मामले को सही परिप्रेक्ष्य में रखने की आवश्यकता है। यह धारणा केवल सेवारत और पूर्व आईपीएस अधिकारियों के साथ-साथ सत्ताधारी दल के राजनेताओं द्वारा व्यक्त की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 19:49:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे : राज ठाकरे का बड़ा बयान, जनसंख्या नियंत्रण कानून की उठाई मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई अहम मुद्दों पर तत्काल कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में जल्द से जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाना चाहिए, ताकि सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हो सके। राज ठाकरे ने अपने संबोधन में जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बढ़ती जनसंख्या देश के संसाधनों पर दबाव डाल रही है, इसलिए इस दिशा में सख्त कानून बनाना समय की मांग है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48802/pune-raj-thackerays-big-statement-raised-demand-for-population-control"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-29t122130.918.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे: </strong>आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई अहम मुद्दों पर तत्काल कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में जल्द से जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाना चाहिए, ताकि सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हो सके। राज ठाकरे ने अपने संबोधन में जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बढ़ती जनसंख्या देश के संसाधनों पर दबाव डाल रही है, इसलिए इस दिशा में सख्त कानून बनाना समय की मांग है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय को प्राथमिकता देने की अपील की।इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र के ऐतिहासिक शहर नरेंद्र मोदी औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने की भी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह नामकरण मराठा इतिहास और गौरव से जुड़ा हुआ है, और इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी। </p>
<p>राज ठाकरे के इन बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ नेता इन मांगों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहे हैं। फिलहाल, केंद्र सरकार की ओर से इन मुद्दों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आने वाले समय में यह विषय राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:27:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : जांच करें कि क्या मुंबई की सड़कों पर बांग्लादेशी प्रवासी फेरी लगा रहे हैं, कानून के अनुसार कार्रवाई करें: हाईकोर्ट ने BMC और पुलिस को निर्देश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को आदेश दिया कि वे शहर की सड़कों पर फेरी लगाने वाले सभी लोगों की पहचान का 'पूरी तरह' से सत्यापन करें। साथ ही यह भी जांच करें कि क्या इनमें कोई 'बांग्लादेशी' या अन्य 'प्रवासी' शामिल हैं जो फेरी लगाने के काम में लगे हैं। यदि ऐसे लोग मिलते हैं, तो अधिकारियों को उनके खिलाफ 'उचित' कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48664/mumbai-should-investigate-whether-bangladeshi-migrants-are-hawking-on-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t120540.836.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को आदेश दिया कि वे शहर की सड़कों पर फेरी लगाने वाले सभी लोगों की पहचान का 'पूरी तरह' से सत्यापन करें। साथ ही यह भी जांच करें कि क्या इनमें कोई 'बांग्लादेशी' या अन्य 'प्रवासी' शामिल हैं जो फेरी लगाने के काम में लगे हैं। यदि ऐसे लोग मिलते हैं, तो अधिकारियों को उनके खिलाफ 'उचित' कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की खंडपीठ ने महाराष्ट्र हॉकर संघ (फेरीवालों का एक संगठन) द्वारा उनके समक्ष रखी गई दलील पर विचार किया। संघ ने तर्क दिया कि राज्य वर्तमान में बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है, जिनमें से कई कथित तौर पर फेरी लगाने के काम में लिप्त हैं। संघ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे प्रवासियों की मौजूदगी न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह स्थानीय विक्रेताओं और फेरीवालों के साथ भी रोज़ाना के झगड़ों का कारण बन रही है।</p>
<p> </p>
<p>खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में आदेश दिया, "बीएमसी और पुलिस तत्काल उन सभी व्यक्तियों की पहचान का पूरी तरह से सत्यापन करें, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन पर बांग्लादेशी या अन्य गैर-भारतीय नागरिक होने का आरोप है। ये वे लोग हैं, जो स्टॉल लगाते हैं, सामान बेचते हैं या फेरी लगाते हैं, अथवा ऐसे स्टॉल मालिकों, विक्रेताओं या फेरीवालों के सहायक या मददगार के तौर पर काम करते हैं। यदि कोई व्यक्ति अवैध प्रवासी पाया जाता है तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सक्षम अधिकारियों द्वारा उसे वापस उसके देश भेजने  के कदम भी शामिल हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की विफलता के लिए संबंधित सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा।"</p>
<p>बॉम्बे हाईकोर्ट जजों ने आगे कहा कि अदालत के लिए यह पूरी तरह से अविवेकपूर्ण और असंवेदनशील होगा कि वह मौजूदा खतरों और निष्क्रियता के परिणामों को नज़रअंदाज़ कर दे। इस मुद्दे को तब तक बढ़ने दे जब तक कि यह अंततः राज्य के सामने कहीं अधिक गंभीर परिणाम उत्पन्न न कर दे। जजों ने ज़ोर देकर कहा, "जो मौजूदा हालात हमारे संज्ञान में लाए गए, वे बेहद चिंताजनक हैं।</p>
<p>नागरिकों को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लगातार गंभीर और बार-बार आने वाली रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें ये शामिल हैं: पैदल चलने वाले लोग फुटपाथ का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उन पर कब्ज़ा हो चुका है; इस वजह से उन्हें सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग नागरिक इन हालात का सबसे ज़्यादा खामियाज़ा भुगतते हैं और लगातार खतरे में रहते हैं; बुज़ुर्ग नागरिकों और दिव्यांग लोगों के लिए अपने घरों से सुरक्षित और सम्मान के साथ बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो गया। बहुत ज़्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों में, जहां लोगों की आवाजाही बहुत ज़्यादा होती है, ऐसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं, जहां अनुचित शारीरिक संपर्क की घटनाएं सामने आती हैं—खासकर महिलाओं के साथ—और ऐसे हालात में उनके पास शिकायत करने या मदद पाने का कोई खास ज़रिया नहीं होता।" <br /> इसके अलावा, जजों ने यह भी बताया कि फेरीवालों की समस्या की वजह से रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को उन इमारतों तक पहुंचने में दिक्कत होती है, जो सार्वजनिक सड़कों से लगी हुई हैं; और जब वे शिकायत करते हैं तो कथित तौर पर उन्हें धमकियों और डराने-धमकाने का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन सेवाएं—जैसे कि फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस—भी रिहायशी सोसाइटियों तक नहीं पहुंच पातीं, क्योंकि फेरीवालों ने संकरी गलियों पर कब्ज़ा कर रखा होता है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों में भारी-भरकम निवेश किया होता है, लेकिन उनके दुकानों के दरवाज़े और डिस्प्ले विंडो (दिखाने वाली खिड़कियाँ) अक्सर बंद हो जाते हैं; इससे उनकी दुकानें राहगीरों को लगभग दिखाई ही नहीं देतीं, जिसका उनकी रोज़ी-रोटी पर बुरा असर पड़ता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:06:50 +0530</pubDate>
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