<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/9515/step" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>step - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/9515/rss</link>
                <description>step RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नई दिल्ली : अब जीना मुश्किल है, पत्नी की इस बात को सहन नहीं कर सके जज अमन कुमार शर्मा, उठा लिया खौफनाक कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के जज आलोक कुमार शर्मा आत्महत्या मामले में पत्नी को ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है। परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पत्नी के टॉर्चर की वजह से आलोक शर्मा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। वहीं, अमन के पिता प्रेम शर्मा के पुलिस को दिए गए कथित बयान का हवाला देते हुए परिवार के एक सदस्य ने बताया कि अमन ने घटना वाली रात करीब 10 बजे अपने पिता को फोन किया और अपनी परेशानी बताई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49677/new-delhi-now-it-is-difficult-to-live-judge-aman"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-03t192249.716.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के जज आलोक कुमार शर्मा आत्महत्या मामले में पत्नी को ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है। परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पत्नी के टॉर्चर की वजह से आलोक शर्मा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। वहीं, अमन के पिता प्रेम शर्मा के पुलिस को दिए गए कथित बयान का हवाला देते हुए परिवार के एक सदस्य ने बताया कि अमन ने घटना वाली रात करीब 10 बजे अपने पिता को फोन किया और अपनी परेशानी बताई।</p>
<p> </p>
<p><strong>अब जीना मुश्किल हो गया है, जज के आखिरी शब्द</strong><br />अमन ने अपने पिता से बात करते हुए कहा कि मैं बहुत परेशान हूं और मेरे लिए जीना मुश्किल हो गया है। मुझे दो महीने से प्रताड़ित किया जा रहा है। अमन के बहनोई के ससुर राजेश के मुताबिक अमन का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, जो स्वयं एक न्यायिक अधिकारी हैं। अमन की पत्नी की बहन (निधि मलिक) एक आईएएस अधिकारी हैं और जम्मू में तैनात हैं। अमन के अनुसार, निधि मलिक उसके जीवन में दखल दे रही थी और उसके घर को कंट्रोल कर रही थी।</p>
<p><strong>पत्नी ने पिता का किया अपमान तो उठाया खौफनाक कदम</strong><br />अमन के पिता ने कहा कि उनकी बहू ने उनसे कहा कि अगर आप यहां से नहीं जाते हैं, तो वह पुलिस को बुला लेगी। अगली सुबह, अमन के पिता ने अपनी बहू के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उनका फोन ब्लॉक कर दिया था। तभी घर में झगड़ा शुरू हो गया। झगड़ा के बाद अमन के पिता दूसरे कमरे में चले गए।</p>
<p><strong>अमन की पत्नी चिल्ला रही थी और अमन रो रहा था</strong><br />अमन के पिता के अनुसार, स्वाति बहुत गुस्से में चिल्ला रही थी, जबकि अमन रो रहा था। थोड़ी देर बाद शोर बंद हो गया। उन्होंने सोचा कि झगड़ा सुलझ गया होगा और कुछ देर इंतजार किया। कुछ देर बाद जब वे उन्हें देखने गए, तो उन्होंने स्वाति से अमन के बारे में पूछा, जिस पर उसने कहा कि उसे नहीं पता।<br />जब उन्होंने अमन के मोबाइल पर कॉल किया, तो उन्हें बाथरूम के अंदर घंटी बजने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने बाथरूम के दरवाजे पर दस्तक दी और उसे दरवाजा खोलने के लिए कहा। इसी दौरान युद्धवीर (स्वाति के चाचा) और निधि मलिक आ गए। उन्होंने बहुत कोशिश की, दरवाजे पर फर्नीचर पटका, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49677/new-delhi-now-it-is-difficult-to-live-judge-aman</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49677/new-delhi-now-it-is-difficult-to-live-judge-aman</guid>
                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:23:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/download---2026-05-03t192249.716.jpg"                         length="6618"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : भोईवाड़ा में डिटेंशन सेंटर शुरू, 2500 बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में कई सालों से जिस डिटेंशन सेंटर के निर्माण और संचालन को लेकर चर्चा चल रही थी, वह अब आखिरकार धरातल पर उतर आया है. महाराष्ट्र गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुंबई के भोईवाड़ा इलाके में यह डिटेंशन सेंटर आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है. शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक अब इसी सेंटर में रखा जाएगा. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48751/detention-center-started-in-mumbai-bhoiwada-step-taken-after-arrest"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-27t132412.228.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में कई सालों से जिस डिटेंशन सेंटर के निर्माण और संचालन को लेकर चर्चा चल रही थी, वह अब आखिरकार धरातल पर उतर आया है. महाराष्ट्र गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुंबई के भोईवाड़ा इलाके में यह डिटेंशन सेंटर आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है. शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक अब इसी सेंटर में रखा जाएगा. </p>
<p> </p>
<p>एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस डिटेंशन सेंटर का संचालन इसी साल 20 मार्च (2026) से शुरू कर दिया गया है. इस सेंटर में एक साथ करीब 150 लोगों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है. यहां केवल पुरुषों ही नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों को भी रखने के लिए अलग से विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि मानवाधिकारों के मानकों का पालन किया जा सके. </p>
<p><strong>फिलहाल 10 से 15 बांग्लादेशी नागरिक किए गए शिफ्ट</strong><br />सूत्रों ने बताया कि सेंटर के शुरू होते ही यहां अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. फिलहाल भोईवाड़ा के इस डिटेंशन सेंटर में 10 से 15 बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है. बताया जा रहा है कि इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. </p>
<p><strong>क्यों पड़ी इस डिटेंशन सेंटर की जरूरत?</strong><br />मुंबई पुलिस शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चला रही है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केवल साल 2025-26 के दौरान ही मुंबई पुलिस ने 2500 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है. इतनी बड़ी संख्या में हो रही गिरफ्तारियों के कारण इन लोगों को सुरक्षित और कानूनी निगरानी में रखने के लिए एक विशेष सेंटर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. अब भोईवाड़ा में इस डिटेंशन सेंटर के शुरू होने से पुलिस, प्रशासन और जांच एजेंसियों को एक बड़ी राहत मिली है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48751/detention-center-started-in-mumbai-bhoiwada-step-taken-after-arrest</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48751/detention-center-started-in-mumbai-bhoiwada-step-taken-after-arrest</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:24:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-27t132412.228.jpg"                         length="15439"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई लोकल यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम! अप्रैल 2026 से पटरी पर उतरेगी ऑटोमैटिक डोर नॉन एसी लोकल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सीएसएमटी–कल्याण रूट पर होगा पायलट प्रोजेक्ट, यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम! मुंबई लोकल के इतिहास में पहली बार बिना एसी वाली ट्रेनों में ऑटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजों की सुविधा शुरू होने जा रही है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और हादसों की रोकथाम को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा में जल्द ही एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। सेंट्रल रेलवे ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल 2026 से मुंबई में पहली बार बिना एसी लोकल ट्रेनें ऑटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजों के साथ चलाई जाएंगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47219/a-big-step-for-the-safety-of-mumbai-local-passengers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-24t174509.870.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई : सीएसएमटी–कल्याण रूट पर होगा पायलट प्रोजेक्ट, यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम! मुंबई लोकल के इतिहास में पहली बार बिना एसी वाली ट्रेनों में ऑटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजों की सुविधा शुरू होने जा रही है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और हादसों की रोकथाम को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा में जल्द ही एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। सेंट्रल रेलवे ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल 2026 से मुंबई में पहली बार बिना एसी लोकल ट्रेनें ऑटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजों के साथ चलाई जाएंगी। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और हादसों को रोकने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, दो नई नॉन-एसी इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट  रेक मार्च 2026 के अंत तक सेंट्रल रेलवे को मिल जाएंगी। इन ट्रेनों में ऑटोमैटिक क्लोज़िंग दरवाजे और वेस्टिब्यूल कनेक्शन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, जो अब तक केवल एसी लोकल ट्रेनों में ही उपलब्ध थीं।</p>
<p> </p>
<p><strong>सीएसएमटी–कल्याण रूट बना पायलट कॉरिडोर</strong><br />रेलवे प्रशासन ने इस नई तकनीक को पहले सीएसएमटी से कल्याण के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनों पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करने का फैसला लिया है। यह रूट मुंबई उपनगरीय नेटवर्क का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है, जहां रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। इस कॉरिडोर पर भीड़, धक्का-मुक्की और चलती ट्रेन से गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। ऐसे में ऑटोमैटिक दरवाजों वाली नॉन-एसी ट्रेनें यात्रियों के लिए राहत साबित हो सकती हैं।</p>
<p><strong>मार्च में आएगा प्रोटोटाइप, होंगे कई ट्रायल</strong><br />सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि इन ट्रेनों का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मार्च के अंत तक इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा प्रोटोटाइप रेक की डिलीवरीकी जाएगी। इसके बाद सेंट्रल रेलवे द्वारा कई स्तरों पर तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण किए जाएंगे। सभी परीक्षणों के बाद ही इन ट्रेनों को यात्रियों के लिए शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।” रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल के दौरान दरवाजों की ऑटोमैटिक सिस्टम, वेंटिलेशन, आपातकालीन निकास और भीड़ प्रबंधन जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।<br />नॉन-एसी यात्रियों के लिए बड़ी राहत<br />अब तक मुंबई लोकल में ऑटोमैटिक दरवाजों की सुविधा केवल एसी लोकल ट्रेनों तक सीमित थी। लेकिन बड़ी संख्या में यात्री रोजाना नॉन-एसी लोकल से ही सफर करते हैं। ऐसे में इस सुविधा के नॉन-एसी ट्रेनों में आने से आम यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। रेलवे आंकड़ों के मुताबिक, हर साल लोकल ट्रेनों से गिरने या दरवाजों पर लटकने के कारण सैकड़ों हादसे होते हैं। ऑटोमैटिक दरवाजे ट्रेन के चलने के दौरान बंद रहेंगे, जिससे यात्रियों के गिरने की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।</p>
<p><strong>वेस्टिब्यूल कनेक्शन से भीड़ होगी नियंत्रित</strong><br />इन नई रेकों में वेस्टिब्यूल कनेक्शन भी होगा, जिससे यात्री एक कोच से दूसरे कोच में सुरक्षित तरीके से आ-जा सकेंगे। इससे प्लेटफॉर्म पर भीड़ का दबाव कम करने और ट्रेनों के अंदर यात्रियों के बेहतर वितरण में मदद मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह सुविधा पीक ऑवर के दौरान यात्रियों को काफी राहत दे सकती है।</p>
<p><strong>यात्री संगठनों की लंबे समय से मांग</strong><br />यात्री संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि नॉन-एसी लोकल ट्रेनों में भी एसी जैसी सुरक्षा सुविधाएं दी जाएं। कई हादसों के बाद यह मांग और तेज हो गई थी। अब रेलवे के इस फैसले को यात्रियों की जीत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कुछ यात्रियों ने यह चिंता भी जताई है कि ऑटोमैटिक दरवाजों से वेंटिलेशन और भीड़ के समय चढ़ने-उतरने में परेशानी हो सकती है।</p>
<p><strong>रेलवे का दावा: सुरक्षा और सुविधा दोनों पर फोकस</strong><br />रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन नॉन-एसी ट्रेनों में पर्याप्त वेंटिलेशन सिस्टम होगा, ताकि यात्रियों को घुटन महसूस न हो। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों के लिए मैनुअल ओपनिंग सिस्टम भी दिया जाएगा। रेलवे का कहना है कि एसी लोकल ट्रेनों के अनुभव के आधार पर इन नई नॉन-एसी ट्रेनों के डिजाइन को और बेहतर बनाया गया है।</p>
<p><strong>भविष्य में अन्य रूटों पर भी विस्तार संभव</strong><br />अगर सीएसएमटी–कल्याण रूट पर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में इसे अन्य उपनगरीय रूटों पर भी लागू किया जा सकता है। इससे मुंबई लोकल की पूरी तस्वीर बदल सकती है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि यह कदम मुंबई लोकल को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और यात्री-अनुकूलबनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।</p>
<p><strong>भारतीय रेलवे की ऐतिहासिक पहल </strong><br />मुंबई लोकल में बिना एसी वाली ऑटोमैटिक डोर ट्रेनों की शुरुआत न केवल तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह यात्रियों की जान बचाने की दिशा में एक अहम प्रयास भी है। रोजाना लाखों यात्रियों के जीवन को प्रभावित करने वाली यह योजना अगर सफल रही, तो यह मुंबई लोकल के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। अब सभी की नजरें मार्च में होने वाले ट्रायल और अप्रैल 2026 में प्रस्तावित शुरुआत पर टिकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47219/a-big-step-for-the-safety-of-mumbai-local-passengers</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47219/a-big-step-for-the-safety-of-mumbai-local-passengers</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:46:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/download---2026-01-24t174509.870.jpg"                         length="8179"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई : ऐतिहासिक किलों की शान और सुरक्षा के लिए महाविकास अघाड़ी सरकार ने एक अहम कदम; खास कमेटी बनाने का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के ऐतिहासिक किलों की शान और सुरक्षा के लिए महाविकास अघाड़ी सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। कैबिनेट मीटिंग में किलों के बारे में मंत्री नितेश राणे ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में एक खास कमेटी बनाने का फैसला लिया गया है, और इस कमेटी के सह-अध्यक्ष के तौर पर राजस्व मंत्री, वन मंत्री और मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री को नियुक्त किया गया है। कैबिनेट मीटिंग के बाद मंत्री नितेश राणे ने मंत्रालय में मीडिया से बात की। इस फैसले के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि किलों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए यह कमेटी बनाई गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46298/an-important-step-taken-by-the-mahavikas-aghadi-government-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-18t135139.639.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र के ऐतिहासिक किलों की शान और सुरक्षा के लिए महाविकास अघाड़ी सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। कैबिनेट मीटिंग में किलों के बारे में मंत्री नितेश राणे ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में एक खास कमेटी बनाने का फैसला लिया गया है, और इस कमेटी के सह-अध्यक्ष के तौर पर राजस्व मंत्री, वन मंत्री और मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री को नियुक्त किया गया है। कैबिनेट मीटिंग के बाद मंत्री नितेश राणे ने मंत्रालय में मीडिया से बात की। इस फैसले के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि किलों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए यह कमेटी बनाई गई है। मैं खुद इस कमेटी का सदस्य हूं। कुछ जगहों पर जब लोग गैर-कानूनी निर्माण हटाने जाते हैं, तो लोग इकट्ठा हो जाते हैं। कई बार ऐसी जगहों पर हथियार भी मिले हैं। कुछ लोग इतिहास मिटाने का काम कर रहे हैं। नितेश राणे ने चेतावनी दी कि हमारे किलों पर किसी की भी टेढ़ी नज़र बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दिशा में कार्रवाई कल से शुरू होगी। हमारी कमेटी में छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदुत्व के मुद्दे पर कोई समझौता न करने वाले लोग हैं, यह भी उन्होंने साफ किया।</p>
<p> </p>
<p>मंत्री नितेश राणे ने मुंबई महानगरपालिका चुनावों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुंबई का DNA हिंदुत्व और महादेव है। जो लोग 'आई लव पाकिस्तान' कहते हैं, उनका यहां काम नहीं चलेगा। मुंबई का मेयर वही बनेगा जो महादेव से प्यार करता है और उनके विचारों को मानता है। हम मुंबई में गंदगी नहीं रखना चाहते। बालासाहेब ठाकरे ने हिंदुत्व और मुंबई को बचाया। वह बिके नहीं थे, नितेश राणे ने कहा।</p>
<p>इस बीच, मंत्री नितेश राणे ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के ऑपरेशन सिंदूर पर दिए बयान पर भी ध्यान दिया। पृथ्वीराज चव्हाण को बता दें कि यह मामला खत्म हो गया है। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो पाकिस्तान की भाषा बोलती है, इसमें कुछ भी नया नहीं है। हम भूले नहीं हैं कि जुलूसों में पाकिस्तान के हरे झंडे लहराए जा रहे थे, उन्होंने जवाब दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46298/an-important-step-taken-by-the-mahavikas-aghadi-government-for</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/46298/an-important-step-taken-by-the-mahavikas-aghadi-government-for</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 18:52:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-12/download---2025-12-18t135139.639.jpg"                         length="11119"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        