<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/9425/name" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>name - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/9425/rss</link>
                <description>name RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : SIR से नाम कटा तो वोटर लिस्ट में कैसे जुड़वाएं? चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा प्रोसेस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में एसआइआर प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। चुनाव आयोग ने प्रारूप वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इसमें राज्य में 2 करोड़ से अधिक लोगों के नाम नहीं है। मुंबई में ऐसे करीब 36 लाख लोग हैं जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अभी भी लोगों के पास एक नियमित प्रक्रिया पूरी कर वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवा सकते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51666/if-your-name-is-removed-from-mumbai-sir-how-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-03t104826.960.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में एसआइआर प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। चुनाव आयोग ने प्रारूप वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इसमें राज्य में 2 करोड़ से अधिक लोगों के नाम नहीं है। मुंबई में ऐसे करीब 36 लाख लोग हैं जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अभी भी लोगों के पास एक नियमित प्रक्रिया पूरी कर वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवा सकते हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>1 अक्टूबर 2026 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता भी फॉर्म-6 और संबंधित घोषणा-पत्र के जरिए नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की जांच के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल करने पर निर्णय लेंगे। किसी नाम पर आपत्ति होने पर फॉर्म-7 और नाम, पता, उम्र या लिंग जैसी प्रविष्टियों में सुधार के लिए फॉर्म-8 के जरिए आवेदन किया जा सकता है। सजेशन-ऑब्जेक्शन पर सुनवाई और अन्य प्रक्रिया के बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।</p>
<p>आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण आवेदन खारिज होने पर मतदाता दस्तावेजों की पूर्ति कर दोबारा आवेदन कर सकता है। इसके अलावा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत अपील का भी प्रावधान है। वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म नंबर छह के साथ यह दस्तावेज होंगे जमा किया जा सकता है। इसमें किसी केंद्रीय, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम द्वारा नियमित कर्मचारी, पेंशनर को जारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, भारत में किसी सरकारी, स्थानीय निकाय बैंक डाकघर, एलआइसी, सार्वजनिक उपक्रम द्वारा एक सितंबर 1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र, प्रमाण-पत्र, दस्तावेज़। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र। पासपोर्ट। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक शैक्षणिक प्रमाण-पत्र। सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र। वन अधिकार प्रमाण-पत्र। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी, एससी, एसटी या अन्य जाति प्रमाण-पत्र। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां उपलब्ध हो)। राज्य, स्थानीय निकाय द्वारा तैयार पारिवार रजिस्टर शामिल है।</p>
<p><strong>महाराष्ट्र में SIR पर राहुल गांधी ने साधा निशाना :</strong><br />महाराष्ट्र में एसआईआर पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मैंने पहले ही कहा था कि यह वोट चोरी है। राहुल गांधी ने पूछा है कि कौन सी लिस्ट सही थी लोकसभा, विधानसभा या फिर मौजूदा वोटर लिस्ट है इसका एक ही लक्ष्य सिर्फ BJP की जीत। वहीं शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि हर वोटर चेक कर लें कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। संविधान के ज़रिए हर नागरिक को एक वोट का अधिकार है। इस अधिकार को न खोएं। हर किसी को चेक कर लेना चाहिए कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51666/if-your-name-is-removed-from-mumbai-sir-how-to</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51666/if-your-name-is-removed-from-mumbai-sir-how-to</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 10:49:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-03t104826.960.jpg"                         length="28045"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: एडमिशन के नाम पर ठगी, 10 इंजीनियर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के बड़े और नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों को अपना शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. मुंबई की पवई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उच्च शिक्षित हैं और इनमें से 5 तो खुद बीटेक इंजीनियर हैं. पुलिस ने इनके पास से 1 करोड़ रुपये से अधिक का इलेक्ट्रॉनिक और लग्जरी सामान भी बरामद किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51430/10-engineers-arrested-for-cheating-in-the-name-of-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/powai-police-2.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश के बड़े और नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों को अपना शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. मुंबई की पवई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उच्च शिक्षित हैं और इनमें से 5 तो खुद बीटेक इंजीनियर हैं. पुलिस ने इनके पास से 1 करोड़ रुपये से अधिक का इलेक्ट्रॉनिक और लग्जरी सामान भी बरामद किया है.</p>
<p> </p>
<p>इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए डीसीपी दत्ता नलावडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पवई पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई थी. जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आकर्षक विज्ञापन देते थे और देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में एनआरआई या मैनेजमेंट कोटे से पक्का एडमिशन दिलाने का झांसा देते थे.</p>
<p>तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि यह पूरा नेक्सस (नेटवर्क) पुणे से संचालित हो रहा था. गिरोह ने पुणे में दो बकायदा कॉल सेंटर खोल रखे थे. सूचना पक्की होने पर पवई पुलिस ने पुणे के दोनों कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की और वहां से 10 आरोपियों को धर दबोचा.<br />पीड़ितों को हैदराबाद और दिल्ली ले जाकर देते थे चकमा<br />पुलिस के मुताबिक, ये जालसाज दिल्ली, हैदराबाद और देश के अन्य बड़े शहरों में स्थित संस्थानों में एडमिशन का दावा करते थे. विश्वास जीतने के लिए ये ठग पीड़ितों को फ्लाइट से संबंधित शहरों में ले जाते थे. एक मामले में ये एक पीड़ित को एडमिशन प्रक्रिया के नाम पर हैदराबाद ले गए थे और वहां फर्जी तरीके से कागजी कार्रवाई कर उसे भरोसा दिलाया था कि उसका एडमिशन हो गया है. यह गिरोह साल 2024 से लगातार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था. </p>
<p><strong>मास्टरमाइंड बिहार का, लग्जरी गाड़ियां बरामद</strong><br />गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में चार बिहार से, चार उत्तर प्रदेश से, एक झारखंड और एक हरियाणा का रहने वाला है. ज्यादातर आरोपियों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है. इस पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड (सरगना) बिहार का रहने वाला 35 वर्षीय सोनू कुमार है. </p>
<p>पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन, कई लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं. इसके अलावा इनकी ठगी की कमाई से खरीदी गई जगुआर, बीएमडब्ल्यू  और मारुति सुजुकी एस-क्रॉस जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं. इनमें से कुछ वाहन आरोपियों के दोस्तों के नाम पर रजिस्टर्ड पाए गए हैं. पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने छात्रों को अपना शिकार बनाया है और उन्होंने ठगी की कुल कितनी रकम जमा की है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51430/10-engineers-arrested-for-cheating-in-the-name-of-mumbai</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51430/10-engineers-arrested-for-cheating-in-the-name-of-mumbai</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 11:16:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/powai-police-2.jpeg"                         length="141320"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : फायर सेफ्टी के नाम पर खानापूर्ति; -३ लाख से ज्यादा इमारतें फायर सेफ्टी से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में गगनचुंबी इमारतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उनकी आग से सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है, इसका जवाब बेहद डरावना है। मुंबई फायर ब्रिगेड के आंकड़ों के मुताबिक, शहर की ३ लाख से ज्यादा इमारतें फायर सेफ्टी के दायरे में पूरी तरह नहीं हैं। जनवरी से जून २०२६ के बीच महज ६,४४८ सोसाइटियों ने फॉर्म बी जमा किया यानी कुल इमारतों का लगभग २ फीसदी! सवाल सीधा है-बाकी ९८ फीसदी इमारतों में रहने वाले लाखों मुंबईकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51392/khanpurti-in-the-name-of-mumbai-fire-safety-more"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-16t121413.887.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में गगनचुंबी इमारतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उनकी आग से सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है, इसका जवाब बेहद डरावना है। मुंबई फायर ब्रिगेड के आंकड़ों के मुताबिक, शहर की ३ लाख से ज्यादा इमारतें फायर सेफ्टी के दायरे में पूरी तरह नहीं हैं। जनवरी से जून २०२६ के बीच महज ६,४४८ सोसाइटियों ने फॉर्म बी जमा किया यानी कुल इमारतों का लगभग २ फीसदी! सवाल सीधा है-बाकी ९८ फीसदी इमारतों में रहने वाले लाखों मुंबईकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?</p>
<p> </p>
<p>विलेपार्ले-पश्चिम की शांता भुवन सोसाइटी में लगी आग ने इस लापरवाही की पोल खोल दी। वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, वहां फायर सेफ्टी सिस्टम का कुछ हिस्सा ही काम कर रहा था। ऐसे में सवाल उठता है कि हादसे के बाद दमकल की गाड़ी पहुंच भी जाए तो यदि अलार्म, उपकरण या आपातकालीन व्यवस्था ही न चले तो जान बचाएगा कौन?</p>
<p><strong>नियम हैं, लेकिन कार्रवाई का डंडा कहां?</strong><br />हर छह महीने में सेल्फ-सेफ्टी दाखिल करने की व्यवस्था है, लेकिन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर दमकल विभाग सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। स्टाफ की कमी के कारण हर इमारत का नियमित निरीक्षण भी मुश्किल है। न प्रभावी जुर्माना, न कड़ी कार्रवाई और न ही अनुपालन करने वालों के लिए कोई प्रोत्साहन—ऐसे में फायर सेफ्टी भी कागजी खानापूर्ति बनकर रह गई है।</p>
<p>मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। सरकार और मनपा को अब चेतना होगा। आग लगने के बाद दमकल भेजना समाधान नहीं; आग लगने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा—हादसे से पहले या फिर लाशें गिनने के बाद?</p>
<p><strong>फायर सेफ्टी बनी कागजी खानापूर्ति!</strong><br />मुंबई में हजारों इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। फायर सेफ्टी के लिए जरूरी फॉर्म बी जमा करने वाली सोसाइटियों की संख्या बेहद कम है। स्टाफ की कमी और कमजोर कार्रवाई से नियमों का डर खत्म होता दिख रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक रैंडम जांच, भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई ही हादसों को रोक सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51392/khanpurti-in-the-name-of-mumbai-fire-safety-more</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51392/khanpurti-in-the-name-of-mumbai-fire-safety-more</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:15:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/images---2026-08-16t121413.887.jpg"                         length="8793"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई:शिवसेना के नाम और पहचान पर कानूनी जंग, सुप्रीम कोर्ट करेगा बड़े विवाद का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक, शिवसेना की वास्तविक पहचान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट द्वारा दायर याचिकाओं पर शीर्ष अदालत अब उन कानूनी और संवैधानिक पहलुओं की समीक्षा करेगी, जिनका संबंध चुनाव आयोग के उस फैसले से है, जिसमें पार्टी की पहचान और चुनाव चिह्न को लेकर निर्णय दिया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51166/mumbai-legal-battle-over-shiv-senas-name-and-identity-supreme"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/04_08_2022-shiv_sena_supreme_court_22952438_m.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक, शिवसेना की वास्तविक पहचान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट द्वारा दायर याचिकाओं पर शीर्ष अदालत अब उन कानूनी और संवैधानिक पहलुओं की समीक्षा करेगी, जिनका संबंध चुनाव आयोग के उस फैसले से है, जिसमें पार्टी की पहचान और चुनाव चिह्न को लेकर निर्णय दिया गया था।</p>
<p> </p>
<p><strong>मामला क्या है? </strong><br />शिवसेना में राजनीतिक विभाजन के बाद पार्टी दो गुटों में बंट गई। एक गुट का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं, जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व एकनाथ शिंदे के हाथ में है। दोनों पक्षों ने स्वयं को मूल शिवसेना का प्रतिनिधि बताया। बाद में चुनाव आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों और संगठनात्मक व विधायी समर्थन के आधार पर पार्टी की पहचान और चुनाव चिह्न को लेकर फैसला दिया। इसी निर्णय को उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट में किन मुद्दों पर होगी सुनवाई? </strong><br />सुनवाई के दौरान अदालत मुख्य रूप से इन पहलुओं पर विचार कर सकती है— चुनाव आयोग के फैसले की वैधानिकता। राजनीतिक दल की वास्तविक पहचान तय करने का आधार। संगठनात्मक बहुमत और विधायी बहुमत का महत्व। चुनाव चिह्न आवंटन से जुड़े कानूनी प्रावधान। संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून की व्याख्या। उद्धव गुट की दलील उद्धव ठाकरे गुट का कहना है कि पार्टी की पहचान केवल निर्वाचित विधायकों की संख्या से तय नहीं की जा सकती। उनका तर्क है कि पार्टी का संविधान, संगठनात्मक ढांचा और मूल विचारधारा भी किसी राजनीतिक दल की पहचान तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। याचिकाओं में चुनाव आयोग के निर्णय को चुनौती देते हुए उसे कानूनी कसौटी पर परखने की मांग की गई है। </p>
<p><strong>दूसरे पक्ष का रुख </strong><br />दूसरी ओर, प्रतिपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग ने उपलब्ध रिकॉर्ड, कानूनी प्रावधानों और संबंधित तथ्यों के आधार पर अपना निर्णय दिया था। उनका तर्क है कि आयोग ने स्थापित प्रक्रिया का पालन किया और उसका फैसला कानून के अनुरूप है। फैसले का व्यापक असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का प्रभाव केवल शिवसेना तक सीमित नहीं रहेगा। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल में विभाजन की स्थिति में पार्टी की पहचान, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक अधिकारों से जुड़े मामलों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर इस मामले पर पूरे देश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं। अदालत के अंतिम फैसले का असर महाराष्ट्र की राजनीति, दलों की आंतरिक संरचना और चुनावी रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51166/mumbai-legal-battle-over-shiv-senas-name-and-identity-supreme</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51166/mumbai-legal-battle-over-shiv-senas-name-and-identity-supreme</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 11:34:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/04_08_2022-shiv_sena_supreme_court_22952438_m.jpg"                         length="25378"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        