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                <title>duped - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>duped RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : निवेश के नाम पर व्यापारी से 3.25 करोड़ की ठगी, बंधकर बनाकर मारपीट भी की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक व्यवसायी से धोखाधड़ी और जबरन वसूली कर करीब 3.25 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इसके साथ ही मारपीट करने की भी बात कही जा रही है। मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि नौ सदस्यों वाले एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया। विले पार्ले पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, सभी नौ आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि ये आरोपी मुंबई, ओडिशा, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49367/in-the-name-of-mumbai-investment-he-cheated-a-businessman"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t101614.0401.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> एक व्यवसायी से धोखाधड़ी और जबरन वसूली कर करीब 3.25 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इसके साथ ही मारपीट करने की भी बात कही जा रही है। मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि नौ सदस्यों वाले एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया। विले पार्ले पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, सभी नौ आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि ये आरोपी मुंबई, ओडिशा, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>जुलाई 2025 से आरोपियों के संपर्क में थे</strong><br />पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी चलाता है, जुलाई 2025 में 9 आरोपियों में से चार के संपर्क में आया था। उन लोगों ने खुद को ब्रोकर बताया था। अधिकारी के अनुसार, इस गिरोह ने 'आर्कशिप ग्रुप' नाम की एक कंपनी में निवेश करने के लिए व्यवसायी को मना लिया, और उसे भारी मुनाफे का वादा किया।</p>
<p>उनकी बातों में आकर, व्यवसायी ने ऑनलाइन 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, बाद में उसे पता चला कि वह रकम 'मानव धर्मयोग' नाम के एक NGO के खाते में भेजी गई थी। वहीं, जब पीड़ित ने आरोपियों से इस बारे में पूछा, तो उसे अपनी कंपनी के जनरल मैनेजर के साथ विले पार्ले में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास एक होटल में मीटिंग के लिए बुलाया गया।</p>
<p><strong>मीटिंग के लिए बुलाया फिर लूटे रुपये</strong><br />अधिकारी ने बताया कि होटल में, गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर उन दोनों के साथ मारपीट की और बंदूक की नोक पर उन्हें धमकाया। इसके बाद गिरोह ने 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, और धमकी दी कि अगर व्यवसायी ने पैसे नहीं दिए तो वे उसे जान से मार देंगे। अपनी जान के डर से, उसने आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक खातों में ऑनलाइन लगभग 2.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।</p>
<p>पैसे मिलने के बाद, आरोपियों ने दोनों को छोड़ दिया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर वह पुलिस के पास गया तो उसे गंभीर अंजाम भुगतने पड़ेंगे। हालांकि, अपने परिवार वालों और दोस्तों की सलाह पर, पीड़ित बाद में पुलिस के पास गया और शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p>शिकायत की पुष्टि करने के बाद, पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली, गंभीर चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य आरोपों के तहत FIR दर्ज कर ली। अब इस मामले को आगे की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि ये आरोपी एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49367/in-the-name-of-mumbai-investment-he-cheated-a-businessman</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:53:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बिजली बिल का नाम बदलने के बहाने बुजुर्ग महिला से 25 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंधेरी इलाके में रहने वाली 78 साल की एक बुजुर्ग महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। ठग ने बिजली बिल पर नाम बदलने के बहाने उनके बैंक खाते से 25 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए। यह घटना तब हुई जब महिला केरल में अपने रिश्तेदारों से मिलने गई थी। महिला ने 10 मार्च को बिजली बिल में नाम बदलवाने के लिए अर्जी दी थी। अगले दिन उन्हें एक व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने नाम बदलने की फीस के तौर पर सिर्फ 13 रुपये मांगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48831/thane-police-releases-youth-who-spread-rumors-after-apology"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-13t141557.265.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी इलाके में रहने वाली 78 साल की एक बुजुर्ग महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। ठग ने बिजली बिल पर नाम बदलने के बहाने उनके बैंक खाते से 25 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए। यह घटना तब हुई जब महिला केरल में अपने रिश्तेदारों से मिलने गई थी। महिला ने 10 मार्च को बिजली बिल में नाम बदलवाने के लिए अर्जी दी थी। अगले दिन उन्हें एक व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने नाम बदलने की फीस के तौर पर सिर्फ 13 रुपये मांगे।</p>
<p> </p>
<p>इसके बाद ठग ने ई-केवाईसी पूरा करने के नाम पर महिला के व्हाट्सएप पर एक फाइल भेजी। महिला ने जैसे ही वह फाइल डाउनलोड की, ठग को उनके मोबाइल फोन का पूरा कंट्रोल मिल गया। इसके बाद ठग ने महिला से क्रेडिट कार्ड की जानकारी और पासवर्ड मांगा। कुछ ही देर में उनके खातों से 25 लाख रुपये से ज्यादा कट गए।</p>
<p>ठगी का अहसास होने पर महिला ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर जानकारी दी। 21 मार्च को मुंबई वापस आने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 18:28:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : बॉम्बे हाईकोर्ट के जज को जामताड़ा से आया फोन, फिर वॉट्सऐप पर एक मैसेज, और लग गया बड़ा चूना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की कफ परेड पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जज के साथ साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, सुनियोजित तरीके से क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स घोटाले के जरिए लगभग 6.02 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में यह गिरफ्तारी हुई है.<br />मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मजहर आलम इसराइल मियां के रूप में हुई है, जो झारखंड के जामताड़ा का रहने वाला है. कफ परेड पुलिस ने जामताड़ा साइबर सेल और करमाटांड़ पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया. जांचकर्ताओं के अनुसार, इसराइल मियां कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है, बल्कि वह कथित तौर पर 10 राज्यों में दर्ज कम से कम 36 मामलों से जुड़ा हुआ है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48781/mumbai-bombay-high-court-judge-got-a-call-from-jamtara"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t184634.029.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की कफ परेड पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जज के साथ साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, सुनियोजित तरीके से क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स घोटाले के जरिए लगभग 6.02 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में यह गिरफ्तारी हुई है.<br />मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मजहर आलम इसराइल मियां के रूप में हुई है, जो झारखंड के जामताड़ा का रहने वाला है. कफ परेड पुलिस ने जामताड़ा साइबर सेल और करमाटांड़ पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया. जांचकर्ताओं के अनुसार, इसराइल मियां कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है, बल्कि वह कथित तौर पर 10 राज्यों में दर्ज कम से कम 36 मामलों से जुड़ा हुआ है.</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के अनुसार, यह घटना 28 फरवरी को शुरू हुई जब जज ने अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने के लिए बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करने की कोशिश की. आधिकारिक हेल्पलाइन व्यस्त होने के कारण उन्होंने इंटरनेट का सहारा लिया, जो उनके लिए महंगा साबित हुआ. उन्हें जो नंबर मिला, वह साइबर अपराधियों की ओर से लगाया गया एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर था.</p>
<p>पुलिस ने बताया जब आप इस तरह के नंबर डायल करते हैं तो साइबर ठगों की ओर से आपको एक एपीके फाइल भेजी जाती है. उस नंबर पर कॉल करने के बाद, जज को 18एमबी का एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए व्हाट्सअप लिंक मिला. जब फाइल उनके आईफोन पर नहीं खुली, तो ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर बात कर रहे ठगो ने उन्हें इसके बजाय एंड्रॉइड डिवाइस का उपयोग करने की सलाह दी.</p>
<p>निर्देशों पर भरोसा करते हुए उन्होंने अपना सिम कार्ड अपनी हाउस हेल्प के एंड्रॉइड फोन में डाला और एप्लिकेशन डाउनलोड कर लिया. उन्होंने जैसे ही एप्लीकेशन में अपने क्रेडिट कार्ड डिटेल्स डाले, ताकि क्रेडिट पॉइंट रिडीम हो सके, उनके क्रेडिट कार्ड से 6 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए.<br />धोखाधड़ी के बारे में पता चलते ही तुरंत जज की ओर से मुंबई पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और लगभग 10 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48781/mumbai-bombay-high-court-judge-got-a-call-from-jamtara</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 18:47:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भांडुप : आरोपी ने 12 पीड़ितों को सरकारी नौकरी और करोड़ों का लालच देकर 57.92 लाख की ठगी की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी विनय गोविंद पाटिल पर आरोप है कि उसने पीड़ितों को, जिनमें एक टीचर और उसके पति भी शामिल हैं, करोड़पति बनाने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा। बताया जा रहा है कि कुल 12 लोगों से 57.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48708/bhandup-accused-defrauded-12-victims-of-5792-lakh-by-luring"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-25t173826.887.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भांडुप : </strong>धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी विनय गोविंद पाटिल पर आरोप है कि उसने पीड़ितों को, जिनमें एक टीचर और उसके पति भी शामिल हैं, करोड़पति बनाने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा। बताया जा रहा है कि कुल 12 लोगों से 57.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। </p>
<p> </p>
<p><strong>एफआईआर का विवरण </strong><br />एफआईआर के अनुसार, आरोपी विनय पाटिल ने 2016 में शिकायतकर्ता सुप्रिया सुनील केदारी (35), जो डोंबिवली ईस्ट में रहने वाली एक टीचर हैं, से एक आपसी जान-पहचान वाले के ज़रिए दोस्ती की। उस समय सुप्रिया भांडुप में रहती थीं। भाई बनकर उनका भरोसा जीतने के बाद, उसने कथित तौर पर नौकरी और आर्थिक समृद्धि का वादा करके परिवार को झांसे में लिया।</p>
<p>2017 में, पाटिल ने केदारी के पति सुनील से पैसे लिए और उन्हें बीएमसी के सैनिटेशन विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया। बाद में, 2021 में, उसने दावा किया कि वह उन्हें नेशनल क्राइम ब्यूरो में नौकरी दिला सकता है और 25 फरवरी, 2023 की तारीख वाला एक जॉइनिंग लेटर भी उन्हें सौंप दिया। हालाँकि, वह नौकरी कभी मिली ही नहीं। आरोपी ने आगे दावा किया कि उसने जून 2019 में केदारी के नाम पर "एस.एस. इन्फ्रा एंड कंस्ट्रक्शनn" नाम की एक कंपनी शुरू की है। उसने कथित तौर पर उन्हें नामी कंपनियों से जुड़े दूर-दराज के प्रोजेक्ट साइट दिखाए और बिज़नेस डील्स के ज़रिए उन्हें करोड़पति बनाने का वादा किया। उसने ओला-उबर बिज़नेस के लिए कार खरीदने के नाम पर उनसे 2.5 लाख रुपये भी लिए और दावा किया कि उसने उनके नाम पर 30 लाख रुपये का सिडको फ्लैट बुक कर दिया है, जबकि उसने इसके कोई दस्तावेज़ नहीं दिए।</p>
<p>दिसंबर 2020 में, पाटिल ने झूठा दावा किया कि वह केंद्र सरकार के किसी विभाग में विजिलेंस ऑफिसर के तौर पर काम कर रहा है। फरवरी 2022 तक, उसने केदारी के दोस्तों और रिश्तेदारों को बहुत कम कीमत पर सरकारी नौकरियाँ दिलाने का प्रस्ताव देना शुरू कर दिया। उस पर भरोसा करके, सुप्रिया ने 10 लोगों को उससे मिलवाया, जिनसे उसने 44.07 लाख रुपये ठग लिए। उसने रेलवे, नायर अस्पताल, राज्य विधानमंडल, ईसीएल कंपनी और यहाँ तक कि हाई कोर्ट के किसी अधिकारी के ड्राइवर के पद के लिए भी नकली अपॉइंटमेंट लेटर जारी किए। जाँच में पता चला कि सभी अपॉइंटमेंट लेटर नकली थे।</p>
<p><strong>मनगढ़ंत बिल</strong><br />इसके अलावा, पाटिल पर आरोप है कि उसने मई 2021 से मार्च 2023 के बीच, 5.37 करोड़ रुपये के मनगढ़ंत बिलों पर केदारी के हस्ताक्षर और कंपनी की मुहरें हासिल कर लीं; उसने दावा किया था कि ये बिल मशीनरी के किराए के लिए थे। इसके बदले में कंपनी को कभी कोई भुगतान नहीं मिला, और बताया जाता है कि कंपनी के बैंक खाते में भी कोई लेन-देन नहीं हुआ। बार-बार पैसे वापस मांगने के बावजूद, पाटिल ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद केदारी ने भांडुप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:40:37 +0530</pubDate>
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