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                <title>Adani group - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>अडाणी मामले पर SC कमेटी की रिपोर्ट से मुश्किलें बढ़ी , संदेह के घेरे में आई 6 इकाइयों की होगी जांच</title>
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                        <![CDATA[हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडाणी समूह पर शेयरों के भाव में हेराफेरी करने और धनशोधन के आरोप लगाए जाने के बाद इन शेयरों के भाव में भारी गिरावट आने पर इन शेयर सौदों में मुनाफा कमाया गया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21076/sc-committee-report-on-adani-case-increased-difficulties-6-units"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/adani-sc-1-e1676637908854.webp" alt=""></a><br /><p>उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति ने कहा है कि चार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) सहित छह इकाइयां अडाणी समूह के शेयरों में संदिग्ध सौदों के लिए जांच के घेरे में हैं। समिति ने 178 पृष्ठ की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से पहले अडाणी समूह के शेयरों में ‘शॉर्ट पोजिशन’ (भाव गिरने पर मुनाफा कमाना) बनाई गई और भाव गिरने पर इन सौदों में पर्याप्त मुनाफा दर्ज किया गया।</p>
<p>समिति ने कहा है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडाणी समूह पर शेयरों के भाव में हेराफेरी करने और धनशोधन के आरोप लगाए जाने के बाद इन शेयरों के भाव में भारी गिरावट आने पर इन शेयर सौदों में मुनाफा कमाया गया। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) अडाणी समूह के खिलाफ आरोपों की पहले से ही जांच कर रहा था। हिंडनबर्ग रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद शीर्ष अदालत ने विशेषज्ञ समिति की नियुक्ति की थी। इस समिति के प्रमुख उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए एम सप्रे बनाए गए थे जबकि ओ पी भट्ट, के वी कामत, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेशन इसके सदस्य़ थे।</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/adani-sc-1-e1676637908854.webp" alt="adani-sc-1-e1676637908854"></img></p>
<p>हिंडनबर्ग के आरोप सामने आने के बाद अडाणी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। हालांकि, अडाणी समूह ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया था। रिपोर्ट में कहा गया कि नकदी खंड में अडाणी के शेयरों के संबंध में कोई प्रतिकूल बात नहीं पाई गई, लेकिन छह इकाइयों की ओर से संदिग्ध सौदे हुए। इनमें से चार एफपीआई, एक कॉरपोरेट इकाई और एक व्यक्ति हैं। रिपोर्ट में छह में से किसी का नाम नहीं बताया गया। इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।</p>]]>
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                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/21076/sc-committee-report-on-adani-case-increased-difficulties-6-units</link>
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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 15:54:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एलआईसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पीएफ का पैसा अडानी समूह में अवैध रूप से निवेश किया गया - नाना पटोले </title>
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                        <![CDATA[संयुक्त संसदीय समिति की मांग पहली बार नहीं की जा रही है। इससे पहले भी कई मामलों में जेपीसी का गठन कर जांच की जा चुकी है। तथाकथित बोफोर्स मामले में जेपीसी का गठन किया गया था। शेयर बाजार में हुए घोटाले की जांच के लिए भी जेपीसी की स्थापना की गई थी। इसके अलावा शीतल पेय मामले में भी जेपीसी की जांच की गई थी। विशेष रूप से शीतल पेय के संबंध में २००३ में स्थापित जेपीसी की अध्यक्षता एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने की थी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19796/lic--sbi--pf-money-illegally-invested-in-adani-group---nana-patole"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(2)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> एलआईसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पीएफ का पैसा अडानी समूह में अवैध रूप से निवेश किया गया है। यह करोड़ों लोगों की मेहनत का पैसा है। लोगों को इसका हिसाब मिलना चाहिए। यह बात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कही। उन्होंने आगे कहा कि अडानी कंपनियों में हुए घोटाले का सच सामने लाना है तो संयुक्त संसदीय जांच समिति (जेपीसी) के माध्यम से ही पूरा सच सामने आ सकता है। कांग्रेस सहित देश की १९ पार्टियां जेपीसी की मांग पर अडिग हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त संसदीय समिति की मांग पहली बार नहीं की जा रही है। इससे पहले भी कई मामलों में जेपीसी का गठन कर जांच की जा चुकी है। तथाकथित बोफोर्स मामले में जेपीसी का गठन किया गया था। शेयर बाजार में हुए घोटाले की जांच के लिए भी जेपीसी की स्थापना की गई थी। इसके अलावा शीतल पेय मामले में भी जेपीसी की जांच की गई थी। विशेष रूप से शीतल पेय के संबंध में २००३ में स्थापित जेपीसी की अध्यक्षता एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने की थी। अडानी मामले में कोई घोटाला नहीं हुआ है तो फिर पीएम मोदी जेपीसी जांच से क्यों डर रहे हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा सवाल पूछते हुए नाना पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा मुद्दा नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में उन्होंने अपनी डिग्री का उल्लेख किया है। अगर उनके पास डिग्री है, तो उसे दिखाने में क्या हर्ज है? पटोले ने कहा कि इलेक्शन कमीशन को गलत जानकारी देना गुनाह है, सवाल बस इतना है। महाविकास आघाड़ी के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के तानाशाही शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं और हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी। पटोले ने यह भी चेतावनी दी कि अगर स्थानीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी का कोई भी नेता भाजपा से हाथ मिलाता है तो पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Apr 2023 11:00:01 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>फर्जी कंपनियों के जरिए अडानी ग्रुप में २० हजार करोड़ रुपए का निवेश किया गया - नाना पटोले </title>
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                        <![CDATA[ ९ साल में मोदी सरकार ने आम लोगों का पैसा अपने दोस्तों की जेब में डालने का काम किया है। देश के सभी प्रमुख सरकारी उद्योग और ठेके सिर्फ अडानी को दिए गए हैं। फर्जी कंपनियों के जरिए अडानी ग्रुप में २० हजार करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। यह पैसा कहां से आया? यही सवाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उठाया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19464/rs-20-000-crore-was-invested-in-adani-group-through-shell-companies---nana-patole"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> पिछले ९ साल में मोदी सरकार ने आम लोगों का पैसा अपने दोस्तों की जेब में डालने का काम किया है। देश के सभी प्रमुख सरकारी उद्योग और ठेके सिर्फ अडानी को दिए गए हैं। फर्जी कंपनियों के जरिए अडानी ग्रुप में २० हजार करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। यह पैसा कहां से आया? यही सवाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उठाया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने चुनौती देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में हिम्मत है तो अडानी के उद्योग की जांच कराएं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश कांग्रेस ने मोदी-अडानी भ्रष्ट गठबंधन का पर्दाफाश करने के लिए शुक्रवार को राज्य के सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने ठाणे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उक्त चुनौती दी। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी, ललित मोदी, विजय माल्या जैसे चोर और लुटेरे देश के लोगों का पैसा लूटकर विदेश भाग गए। नीरव मोदी और ललित मोदी को चोर कहने पर राहुल गांधी को सजा हुई और उनकी सांसदी रद्द कर दी गई। यह सब भाजपा के इशारे पर किया गया है।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/19464/rs-20-000-crore-was-invested-in-adani-group-through-shell-companies---nana-patole</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Apr 2023 15:36:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अडाणी समूह को लाइसेंस देने का विरोध...राज्य के बिजली कर्मचारी तीन दिनों तक हड़ताल पर</title>
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                        <![CDATA[ बिजली क्षेत्र में महावितरण कंपनी के समांतर अडानी समूह को लाइसेंस देने का राज्य के बिजली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के तहत उन्होंने आज रात से अगले तीन दिनों तक हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/16639/protest-against-grant-of-license-to-adani-group---state-power-workers-on-strike-for-three-days"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-01/download3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>बिजली क्षेत्र में महावितरण कंपनी के समांतर अडानी समूह को लाइसेंस देने का राज्य के बिजली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के तहत उन्होंने आज रात से अगले तीन दिनों तक हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन में महावितरण, महानिर्मिति और महापारेषण कंपनी के कर्मचारियों व अधिकारियों के शामिल होने से तीन दिनों तक महाराष्ट्र में बिजली आपूर्ति ठप होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि ऐसा हुआ तो महाराष्ट्र को तीन दिनों तक अंधेरे में डूबने से कोई रोक नहीं पाएगा। इसलिए बिजली कंपनियों के प्रबंधन में खलबली मच गई है। महावितरण के भांडुप परिमंडल में आनेवाले सब स्टेशन से भी बिजली गायब होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्ण भोईर के अनुसार महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, महाराष्ट्र राज्य विद्युत ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड और महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिटेड राज्य के स्वामित्व वाली बिजली कंपनियां हैं। इन बिजली कंपनियों के निजीकरण के प्रयास के खिलाफ ये हड़ताल होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवा लाख कर्मचारी होंगे शामिल</strong><br />राज्य की तीन सरकारी बिजली कंपनियों के कर्मचारी केंद्र और सूबे की ‘ईडी’ सरकार के खिलाफ इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल ३२ हजार कर्मचारी संगठन के सदस्य शामिल होंगे। बाद में ८० हजार स्थायी कर्मचारी और ४० हजार कॉन्ट्रेक्ट वाले कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे। विभाग में संघर्ष समिति के दावे के अनुसार सवा लाख कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा समय में महानिर्मिती की ओर से ७,००० मेगावाट बिजली उत्पन्न की जाती है। यहां कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली का उत्पादन प्रभावित होगा। महापारेषण बिजली आपूर्ति और उप केंद्रों के जरिए २१,००० मेगावाट बिजली का उच्च दाब बनाए रहता है। उच्च दाब और लघु दाब में अस्थिरता आने से ट्रांसफॉर्मर बंद हो सकता है, सर्किट फेल हो सकती है। ऐसे में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी।</p>]]>
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                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/16639/protest-against-grant-of-license-to-adani-group---state-power-workers-on-strike-for-three-days</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Jan 2023 10:58:52 +0530</pubDate>
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