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                <title>Due - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>पालघर :  अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण करने पालघर पहुंचे मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति का जायजा लेने के लिए महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले पालघर पहुंचे। उन्होंने जिले के प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क मरम्मत और विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने, काम की गुणवत्ता बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51092/palghar-minister-shivendraraje-bhosale-reached-palghar-to-inspect-the-roads"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/hopbwlzasaackqm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पालघर : </strong>जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति का जायजा लेने के लिए महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले पालघर पहुंचे। उन्होंने जिले के प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क मरम्मत और विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने, काम की गुणवत्ता बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने निरीक्षण के दौरान मनोर-मासवण-पालघर, पालघर-सरावली-बोईसर और बोईसर-चिंचणी-डहाणू जैसे प्रमुख मार्गों का दौरा किया। उन्होंने बारिश के कारण हुए नुकसान, सड़कों की वर्तमान स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और प्रस्तावित मरम्मत योजनाओं की जानकारी ली।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान खराब हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए, ताकि आम लोगों को यातायात में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के बाद डहाणू स्थित उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के सभागार में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न सड़क परियोजनाओं, लंबित कार्यों, अतिवृष्टि से हुए नुकसान और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को सभी विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारभूत जरूरत होती हैं और सरकार पालघर जिले की सड़क व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस मौके पर सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक निरंजन डावखरे, विधायक विलास तरे, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानाडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता किनी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि राज्य सरकार पालघर जिले में बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि मरम्मत और विकास से जुड़े सभी कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे, जिससे नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 13:30:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : जान की कीमत 7 लाख... मैंने रिपोर्ट फाड़ दी: पेड़ गिरने से बच्चे की मौत पर बोलीं मुंबई की मेयर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में पेड़ गिरने से 11 साल के लड़के की मौत के मामले में आई रिपोर्ट को खारिज करते हुए, मेयर रितु तावड़े ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों से इस घटना की दोबारा जांच करने को कहा है. तावड़े ने कहा कि उन्होंने उस रिपोर्ट को "फाड़ दिया". उन्होंने कहा, "कल हमने कॉर्पोरेशन में सर्वसम्मति से प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज कर दिया. हमने रिपोर्ट की कॉपी फाड़ दी है और प्रशासन से दोबारा जांच करने और जांच पैनल में दो कॉर्पोरेटर को शामिल करने के लिए कहा है."</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50819/mumbais-life-cost-7-lakhs-i-tore-the-report-says"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/ocimssrg_mumbai-tree-collapse_650x400_01_july_26.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में पेड़ गिरने से 11 साल के लड़के की मौत के मामले में आई रिपोर्ट को खारिज करते हुए, मेयर रितु तावड़े ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों से इस घटना की दोबारा जांच करने को कहा है. तावड़े ने कहा कि उन्होंने उस रिपोर्ट को "फाड़ दिया". उन्होंने कहा, "कल हमने कॉर्पोरेशन में सर्वसम्मति से प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज कर दिया. हमने रिपोर्ट की कॉपी फाड़ दी है और प्रशासन से दोबारा जांच करने और जांच पैनल में दो कॉर्पोरेटर को शामिल करने के लिए कहा है."</p>
<p> </p>
<p>बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराया और अपने अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी. 30 जून को चेंबूर में स्कूल बस पर एक बड़ा पेड़ गिरने से विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी.</p>
<p><strong>जान की कीमत 7 लाख रुपये लगा दी, ये स्वीकार्य नहीं: मुंबई मेयर</strong><br />मेयर ने इस बात पर जोर दिया कि वह भी एक मां हैं और परिवार का दर्द समझती हैं. तावड़े ने कहा, "मैं भी एक मां हूं. उनका बच्चा चला गया. उनका घर उजड़ गया है और यह रिपोर्ट पीड़ित परिवार के लिए 7 लाख रुपये का मुआवजा तय करती है, जिसका मैं कड़ा विरोध करती हूं. मैंने मॉनसून से पहले खुद उस सड़क का दौरा किया था और साइट इंजीनियर को कमजोर पेड़ों के बारे में चेतावनी दी थी. हमने एक कीमती जान गंवा दी, और उन्होंने उसके लिए 7 लाख रुपये की कीमत तय कर दी. यह स्वीकार्य नहीं है." </p>
<p>जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सड़क का काम करने वाले ठेकेदार पर 5 लाख रुपये और सुपरवाइजिंग कंसल्टेंट पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई. रिपोर्ट में सड़क और उद्यान विभाग की ओर से कोई लापरवाही नहीं पाई गई.</p>
<p>इंटरव्यू में विहान के पिता ने आरोप लगाया था कि लापरवाही के मामले को प्राकृतिक आपदा का रूप दे दिया गया. उन्होंने कहा, "यह साबित होना चाहिए कि यह इंसानी लापरवाही थी और इस काम से जुड़े सभी लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए. मुझे लगता है कि इससे न्याय मिलेगा. साथ ही, कुछ नियम बनने चाहिए या प्रक्रियाओं में सुधार होना चाहिए ताकि अगले मॉनसून में किसी और के साथ ऐसा न हो." </p>
<p>इधर शिवसेना (यूबीटी) की नेता और नगर निकाय में विपक्ष की नेता किशोरी पेडनेकर ने विहान के परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 12:01:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>मुंबई लोकल का एसी खराब होने के बाद भट्टी बना ट्रेन का डिब्बा, दम घुटने से कई यात्री बेहोश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लोकल का डिब्बा उस वक्त गर्म भट्टी में तब्दील हो गया जब उसका एसी खराब हो गया। यात्रियों से खचाखच भरे इस डिब्बे में महिलाओं समेत कई लोग दम घुटने से बेहोश हो गए। एक यात्री को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और आखिर में ट्रेन को मुलुंड और कुर्ला के बीच लगभग 15 किलोमीटर तक दरवाजे खोलकर चलाया गया ताकि हवा आ-जा सके।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50724/after-mumbai-locals-ac-broke-down-the-train-compartment-became"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-14t104939.346.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लोकल का डिब्बा उस वक्त गर्म भट्टी में तब्दील हो गया जब उसका एसी खराब हो गया। यात्रियों से खचाखच भरे इस डिब्बे में महिलाओं समेत कई लोग दम घुटने से बेहोश हो गए। एक यात्री को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और आखिर में ट्रेन को मुलुंड और कुर्ला के बीच लगभग 15 किलोमीटर तक दरवाजे खोलकर चलाया गया ताकि हवा आ-जा सके।</p>
<p> </p>
<p><strong>रेलवे ने क्या कहा?</strong><br />सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता ने कहा, "आज सुबह 8:33 बजे टिटवाला से सीएसएमटी जाने वाली ट्रेन में सफर के दौरान एसी खराब हो गया। यात्रियों की ओर से दम घुटने की शिकायत के बाद ट्रेन को मुलुंड स्टेशन पर रात 9:38 बजे से 9:54 बजे तक रोका गया। दो महिलाओं ने दम घुटने की शिकायत की और एक अन्य यात्री 43 वर्षीय फहीम अंसारी को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। इसके अलावा हवा के आवागमन के लिए मुलुंड और कुर्ला के बीच 15 किलोमीटर की दूरी तक ट्रेन को दोनों तरफ के दरवाजे खोलकर चलाना पड़ा।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार और पानी दिया गया और वे अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गए लेकिन अंसारी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उन्होंने मेडिकल मदद मांगी थी। उन्हें मुलुंड वेस्ट के एमटी अग्रवाल अस्पताल ले जाया गया और बाद में सुबह 11:30 बजे उन्हें छुट्टी दे दी गई।"<br />उन्होंने कहा कि सेंट्रल रेलवे ने इस बात की जांच के लिए एक इंक्वायरी बिठाई है कि एयर-कंडीशनिंग का लोड बगल वाली यूनिट ने क्यों नहीं उठाया, जबकि ऐसा ही होना चाहिए था। साथ ही ट्रेन में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण वहां मौजूद टेक्नीशियन एसी रीसेट स्विच तक नहीं पहुंच पाया।</p>
<p><strong>प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?</strong><br />चश्मदीदों के मुताबिक, दीवा स्टेशन के बाद ट्रेन के कई डिब्बों में एसी ने काम करना बंद कर दिया, जिससे खचाखच भरी ट्रेन के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी और दम घुटने जैसी स्थिति बन गई। यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन पर 15 से ज्यादा बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी भी कॉल का जवाब नहीं मिला।<br />जब ट्रेन मुलुंड स्टेशन (सुबह लगभग 9:50 बजे) पहुंची तो हालात बहुत खराब हो चुके थे। यात्रियों ने मांग की कि ट्रेन को रोका जाए और आगे बढ़ने से पहले तकनीकी खराबी को ठीक किया जाए। उन्होंने डिब्बों में ताजी हवा आने देने के लिए दरवाजे भी खुले रखे क्योंकि लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 10:55:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबईकरों के लिए गुड न्यूज, भारी बारिश के चलते विहार और तुलसी झील लबालब, BMC ने दिया अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबईकरों के लिए गुड न्यूज है। मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब शहर में पानी की सप्लाई करने वाली झीलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने जानकारी दी कि विहार झील के बाद अब तुलसी झील भी ओवरफ्लो होने लगी है। हालांकि मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सभी झीलों में कुल जल भंडारण अभी अधिकतम क्षमता का 41.43 प्रतिशत ही पहुंचा है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50634/good-news-for-mumbaikars-due-to-heavy-rains-vihar-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-09t120308.768.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबईकरों के लिए गुड न्यूज है। मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब शहर में पानी की सप्लाई करने वाली झीलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने जानकारी दी कि विहार झील के बाद अब तुलसी झील भी ओवरफ्लो होने लगी है। हालांकि मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सभी झीलों में कुल जल भंडारण अभी अधिकतम क्षमता का 41.43 प्रतिशत ही पहुंचा है। </p>
<p> </p>
<p><strong>तुलसी झील कब हुई लबालब?</strong><br />बीएमसी के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, तुलसी झील मंगलवार रात 11:43 बजे ओवरफ्लो होने लगी। इससे कुछ घंटे पहले उसी दिन रात 9 बजे विहार झील भी ओवरफ्लो होकर बहने लगी थी। पिछले कुछ दिनों से झील के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों झीलें भर गईं। बीएमसी के जल अभियांत्रिकी विभाग ने बताया कि तुलसी झील मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली 7 प्रमुख झीलों में से एक है। खास बात यह है कि यह उन दो झीलों में शामिल है जो बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के भीतर स्थित हैं।</p>
<p><strong>पिछले साल कब भरी थी तुलसी झील?</strong><br />तुलसी झील रोजाना औसतन 1.8 करोड़ लीटर (18 मिलियन लीटर) पानी मुंबई को उपलब्ध कराती है। तुलसी झील पिछले साल 16 अगस्त 2025 को ओवरफ्लो हुई थी, जबकि 2024 में 4 अगस्त को यह भरकर बहने लगी थी। तुलसी झील मुंबई नगर निगम मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर (करीब 22 मील) दूर स्थित है। यह एक कृत्रिम झील है, जिसका निर्माण वर्ष 1879 में पूरा हुआ था। उस समय इस झील के निर्माण पर लगभग 40 लाख रुपए खर्च किए गए थे।</p>
<p><strong>तुलसी झील में कितना पानी?</strong><br />झील का कैचमेंट एरिया लगभग 6.76 किलोमीटर है, जबकि पूरी तरह भरने पर इसका जल क्षेत्रफल लगभग 1.35 वर्ग किलोमीटर हो जाता है। पूरी क्षमता से भरने पर इसमें 804.6 करोड़ लीटर (8046 मिलियन लीटर) उपयोग योग्य पानी संग्रहित किया जा सकता है। यही वजह है कि इसे मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में सबसे छोटी झील माना जाता है।</p>
<p><strong>तुलसी झील भरी तो कहां जाता है बाकी पानी?</strong><br />बीएमसी ने यह भी बताया कि जब तुलसी झील पूरी तरह भर जाती है, तो उसका अतिरिक्त पानी विहार झील में पहुंचता है। लगातार हो रही बारिश के कारण आने वाले दिनों में शहर की अन्य जलापूर्ति झीलों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50634/good-news-for-mumbaikars-due-to-heavy-rains-vihar-and</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:03:57 +0530</pubDate>
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