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                <title>city - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>city RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई, द‍िल्‍ली, बंगलूरू वाले क‍ितने टेंपरेचर पर चलाएं एसी? हर शहर के लिए अलग है सेटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कम या ज्यादा? क्या आप भी एसी चलाते समय टेम्परेचर को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं तो बता दें कि जगह और रीजन के आधार पर एसी की कूलिंग अलग-अलग टेम्परेचर पर काम करती है। अगर आपको बेहतर कूलिंग और कम बिजली बिल चाहिए तो आपको जगह के आधार पर एसी का टेम्परेचर सेट करना चाहिए। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49443/at-what-temperature-should-the-ac-be-run-in-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(37).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कम या ज्यादा? क्या आप भी एसी चलाते समय टेम्परेचर को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं तो बता दें कि जगह और रीजन के आधार पर एसी की कूलिंग अलग-अलग टेम्परेचर पर काम करती है। अगर आपको बेहतर कूलिंग और कम बिजली बिल चाहिए तो आपको जगह के आधार पर एसी का टेम्परेचर सेट करना चाहिए। </p>
<p> </p>
<p>आपने अभी तक ये तो पढ़ा और सुना होगा कि एसी को सही टेम्परेचर पर चलाना कितना जरूरी है। इससे ना सिर्फ एसी बेहतर कूलिंग देता है। बल्कि बिजली बिल भी बचता है। लेकिन क्या आपको पता है कि शहर और रीजन के आधार पर भी एसी के टेम्परेचर की सेटिंग अलग होती है। ये जरूरी नहीं है कि जिस टेम्परेचर पर दिल्ली-एनसीआर में एसी सही कूलिंग दे रहा है, उसी पर वह मुंबई और बंगलूरू जैसे इलाकों में भी दें। साथ ही, सिर्फ टेंपरेचर ही नहीं बल्कि इलाकों के आधार पर मोड भी अलग सिलेक्ट करके आप अपने एसी की कूलिंग बढ़ा और बिजली बिल घटा सकते हैं। आइये, इसका पूरा गणित समझते हैं। </p>
<p><strong>कोलकाता और पूर्वी भारत</strong><br />कोलकाता और पूर्वी भारत की बात करें तो यहां 24–25°C पर पंखे के साथ एसी चलानी चाहिए। इससे कमरे में नम और गर्म हवा का बहाव बना रहता है। ठंडक के साथ-साथ आराम भी बढ़ाता है। </p>
<p><strong>बंगलूरू और आसपास के इलाके</strong><br />बंगलूरू और आसपास के इलाकों में एसी चलाने का सही तापमान 25–26°C है। क्योंकि, इन इलाकों में बहुत ज्यादा गर्मी नहीं होती है। इस कारण 25–26°C तापमान पर ये अच्छी और बेहतर कूलिंग देते रहते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:31:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : उमस और विदर्भ में लू, अगले 5 दिन महाराष्ट्र के लिए भारी, जानें आपके शहर का हाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज अब खतरनाक मोड़ ले रहा है। बेमौसम बारिश का दौर थमते ही सूरज की तपिश ने अपना 'रौद्र रूप' दिखाना शुरू कर दिया है। विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा तक पूरा राज्य भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, बल्कि किसानों की फसलों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49207/mumbai-humidity-and-heat-wave-in-vidarbha-next-5-days"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t114117.705.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज अब खतरनाक मोड़ ले रहा है। बेमौसम बारिश का दौर थमते ही सूरज की तपिश ने अपना 'रौद्र रूप' दिखाना शुरू कर दिया है। विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा तक पूरा राज्य भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, बल्कि किसानों की फसलों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। </p>
<p> </p>
<p><strong>अकोला बना राज्य का 'हॉटस्पॉट', पारा 42 के पार </strong><br />पिछले 24 घंटों में अकोला राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया है, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। केवल अकोला ही नहीं, बल्कि नासिक (41 डिग्री), पुणे और मुंबई में भी गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया है। मुंबई और कोंकण के तटीय इलाकों में तापमान के साथ-साथ बढ़ती नमी ने उमस को असहनीय बना दिया है। नांदेड़ जैसे शहरों में दोपहर के वक्त सड़कें सुनसान नजर आने लगी हैं। </p>
<p><strong>विदर्भ के लिए 'येलो अलर्ट' जारी </strong><br />उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं के कारण मौसम विभाग ने विदर्भ के अमरावती, अकोला, चंद्रपुर और वर्धा जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पारा 45 डिग्री के पार नहीं जाता, इसे तकनीकी रूप से लू नहीं कहा जाएगा, लेकिन 42-43 डिग्री का मौजूदा स्तर भी सामान्य से बहुत अधिक है।</p>
<p><strong>खेती पर मंडरा रहा खतरा </strong><br />भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा प्रहार खेती पर हो रहा है। नांदेड़ जिले के अर्धापुर और मुदखेड़ जैसे इलाकों में केले के बाग सूखने लगे हैं। वाष्पीकरण की दर बढ़ने और कुओं और बोरवेल में पानी का स्तर घटने से किसान बेबस नजर आ रहे हैं। केले के हरे-भरे पत्ते अब पीले पड़ने लगे हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है। </p>
<p><strong>सेहत का रखें ख्याल </strong><br />बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी और धूप से बचने के लिए भरपूर पानी पिएं और नींबू पानी, छाछ या कोकम शरबत का सेवन करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। पालतू जानवरों को छाया में रखें और उनके लिए पानी की व्यवस्था करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49207/mumbai-humidity-and-heat-wave-in-vidarbha-next-5-days</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:42:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर : चाय आधी, छोटे हुए समोसे और तवा रोटी गायब… गैस किल्लत में सिकुड़ा ‘स्वाद’ का शहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कमर्शियल गैस टंकी की किल्लत का असर अब स्वाद पर नजर आने लगा है। खाने-पीने के लिए मशहूर इंदौर के मैन्यू कम हो चले हैं। कहीं ग्लास में चाय कम हो गई, समोसे-आलूबड़े के आकार छोटे कर दिए गए हैं तो कहीं दाम ज्यादा हो चुके हैं। वैकल्पिक डीजल भट्टी गैस के मुकाबले महंगी पड़ रही है। कई दुकानों और स्टॉल पर तो ताले डल गए हैं। दुकानदार आइटम भी कम बना रहे हैं। गैस के कारण स्वाद से लेकर आर्थिक तौर पर भी प्रभाव पड़ रहा है। हालात कब सामान्य होंगे इस बारे में जिम्मेदार कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48851/indore-tea-reduced-to-half-samosas-and-tawa-rotis-missing%E2%80%A6"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-31t133415.664.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इंदौर : </strong>कमर्शियल गैस टंकी की किल्लत का असर अब स्वाद पर नजर आने लगा है। खाने-पीने के लिए मशहूर इंदौर के मैन्यू कम हो चले हैं। कहीं ग्लास में चाय कम हो गई, समोसे-आलूबड़े के आकार छोटे कर दिए गए हैं तो कहीं दाम ज्यादा हो चुके हैं। वैकल्पिक डीजल भट्टी गैस के मुकाबले महंगी पड़ रही है। कई दुकानों और स्टॉल पर तो ताले डल गए हैं। दुकानदार आइटम भी कम बना रहे हैं। गैस के कारण स्वाद से लेकर आर्थिक तौर पर भी प्रभाव पड़ रहा है। हालात कब सामान्य होंगे इस बारे में जिम्मेदार कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। </p>
<p> </p>
<p><strong>कई रेस्टोरेंट, चाय-नाश्ते स्टॉल पर लगा ताला</strong><br />एमजी रोड प्रेस क्लब के पास स्थित एक रेस्टोरेंट करीब 15 दिन से बंद है। राजा प्रजापत ने बताया, गैस टंकी नहीं मिलने से रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। राजा का पाटनीपुरा में एक रेस्टोरेंट और है। कुछ दिन पहले तक यहां टंकी मिली, लेकिन अब बंद हो गई। यहां डीजल भट्टी से जैसे-तैसे काम किया जा रहा है। कृष्णपुरा छत्री पर पोहे, आलूबड़ा, जलेबी का स्टॉल लगाने वाले अनिल राजपाल ने भी अपना काम 15 दिन से बंद कर रखा है। अनिल का कहना है कि मेरे पास कमर्शियल गैस कनेक्शन है, उसके बाद भी टंकी नहीं मिल रही है। चंदननगर डी सेक्टर में सूरज ने अपनी चाय-नाश्ते की दुकान बंद कर रखी है।</p>
<p><strong>किसी ने बढ़ाए दाम तो किसी ने की चाय कम</strong><br />कमर्शियल गैस टंकी से सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे दुकानदार और चाय नाश्ते की दुकानें हो रहे हैं। सिरपुर के गणेश त्रिवेेदी ने बताया, हमने चाय, समोसा, कचोरी के रेट तो नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन चाय की मात्रा कम कर दी है। समोसा-कचोरी को थोड़ा छोटा किया है। नृसिंह बाजार के एक दुकानदार ने समोसा, कचोरी और पोहा के दाम बढ़ा दिए हैं। </p>
<p><strong>वैकल्पिक ईंधन महंगा, कई आइटम बंद किए</strong><br />कोठारी मार्केट के कचोरी दुकानदार दीपक भोजावत ने बताया, उनकी दुकान पर कई तरह के नाश्ते के आइटम मिलते हैं। कचोरी के लिए डीजल भट्टी लगाई है जो गैस से महंगी पड़ रही है। हर दिन 1700 रुपए की दो टंकी से काम चल जाता था, अब डीजल भट्टी में 5 से 7 हजार रुपए तक रोज डीजल का खर्च आ रहा हैं। इस वजह से चाय, भजिए, खमण जैसे आइटम बंद कर दिए हैं। प्रकाश राठौर ने बताया, हम भट्टी, इंडक्शन, तंदूर का उपयोग कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:35:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे : स्कूलों के पास सिगरेट-गुटखा बेचने वालों की अब खैर नहीं, नगर परिषद ने शुरू किया बड़ा ‘सफाई’ अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48773/those-selling-cigarettes-and-gutkha-near-thane-schools-are-no"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t105839.277.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे :</strong> ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह निर्णय नगर परिषद की अध्यक्ष तेजश्री करंजुले-पाटिल और मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ की बैठक में लिया गया था।</p>
<p> </p>
<p>पिछले कुछ वर्षों में अंबरनाथ शहर में गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री के मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों के विक्रेता स्कूलों के पास पान के पत्ते रखकर छात्रों को नशे के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अंबरनाथ नगरपालिका ने स्कूलों और मंदिरों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। </p>
<p><strong>नियमों को उल्लघंन किया तो हाेगी कार्रवाई</strong><br />इस अभियान के तहत, स्कूलों के पास बिक्री करने वाले दुकानदारों को पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। सिगरेट और तंबाकू का सेवन छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह आदत जो कम उम्र में शुरू होती है, बाद में लत में बदल जाती है और कैंसर, श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनती है।</p>
<p><strong>छात्रों पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव</strong><br />अंबरनाथ नगर परिषद अध्यक्ष तेजश्री करंजुले ने बताया कि यह अभियान इसलिए चलाया जा रहा है क्योंकि इसका विद्यालय के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह कार्रवाई नगर परिषद के अतिक्रमण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। नागरिकों से भी ऐसी बिक्री के बारे में जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और तंबाकू मुक्त वातावरण बनाना है। नपा के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ के आदेशानुसार नपा के अवैध निर्माण तोडू दस्ते के प्रमुख नरेंद्र सखें की टीम ने टपरियों को हटाने तथा तोड़क कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>नारे नहीं, सड़कों पर कार्रवाई की जरूरत है</strong><br />वर्तमान स्थिति में अंबरनाथ शहर के विभिन्न हिस्सों में कई स्कूलों के पास सिगरेट और तंबाकू बेचने वाले दर्जनों स्टॉल मौजूद हैं। स्कूलों द्वारा नगर पालिका से बार-बार शिकायत करने के बावजूद, इन स्टॉलों को अभी भी पनाह दी जा रही है। इसलिए नगर पालिका ने स्कूलों के पास स्थित स्टॉलों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या नगर पालिका अधिकारी वास्तव में स्कूलों के पास से इन स्टॉलों को हटाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:59:56 +0530</pubDate>
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