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                <title>appeared - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : सड़क पर अचानक आ गया मगरमच्छ, मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पवई झील के पास एक सात फुट लंबा मगरमच्छ मिलने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. मगरमच्छ को सुरक्षित निकालकर मेडिकल जांच के बाद पवई झील के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाएगा. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50588/crocodile-suddenly-appears-on-mumbai-road-creates-panic"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/crocodile-pixabay_l.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पवई झील के पास एक सात फुट लंबा मगरमच्छ मिलने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. मगरमच्छ को सुरक्षित निकालकर मेडिकल जांच के बाद पवई झील के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाएगा. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है.</p>
<p> </p>
<p>इसे यूजर ने एक्स पर शेयर किया है. वीडियो शेयर करते हुए यूजर ने दावा किया है कि मुंबई के पवई झील के पास मोरारजी नगर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब सात फुट लंबा मगरमच्छ एक दरगाह के पास पहुंच गया. मगरमच्छ को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही वन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. काफी सावधानी के साथ मगरमच्छ को पकड़ने में टीम लग गई.</p>
<p>मगरमच्छ को बिना किसी चोट पहुंचाए सुरक्षित पकड़ लिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मगरमच्छ का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है और उसकी हालत सामान्य है. स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद उसे दोबारा उसके के लिए सुरक्षित जगह में छोड़ दिया जाएगा, यानी पवई झील के सुरक्षित इलाके में छोड़ दिया जाएगा. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे : बीएमसी चुनाव में क्यों चर्चा में आया ठाणे का म्हात्रे परिवार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में जैसा राजनीती का हिसाब किताब है, नतीजे हमेशा चौंकाने वाले आते हैं. बावजूद इसके कोई गफलत में आकर सवाल कर सकता है कि कैसे? तो ऐसे लोगों को एक बार ठाणे का रुख करना चाहिए, जहां एक हैरान करने वाला कारनामा हुआ है.  ठाणे नगर निगम चुनावों में एक ही परिवार ने  तीन विरोधी पार्टियों के टिकट पर चुनाव लड़कर तीन वार्ड जीते हैं. जी हां सही सुना आपने. ठाणे के जिस परिवार का जिक्र यहां हो रहा है, वो क्षेत्र का म्हात्रे परिवार है जिसने सिर्फ आज नहीं, काफी लंबे समय से महाराष्ट्र में वंशवादी राजनीती के चलते चर्चाओं का बाजार गर्म किया हुआ है.  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47023/why-did-mhatre-family-of-thane-come-into-limelight-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-16t191626.858.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>महाराष्ट्र में जैसा राजनीती का हिसाब किताब है, नतीजे हमेशा चौंकाने वाले आते हैं. बावजूद इसके कोई गफलत में आकर सवाल कर सकता है कि कैसे? तो ऐसे लोगों को एक बार ठाणे का रुख करना चाहिए, जहां एक हैरान करने वाला कारनामा हुआ है.  ठाणे नगर निगम चुनावों में एक ही परिवार ने  तीन विरोधी पार्टियों के टिकट पर चुनाव लड़कर तीन वार्ड जीते हैं. जी हां सही सुना आपने. ठाणे के जिस परिवार का जिक्र यहां हो रहा है, वो क्षेत्र का म्हात्रे परिवार है जिसने सिर्फ आज नहीं, काफी लंबे समय से महाराष्ट्र में वंशवादी राजनीती के चलते चर्चाओं का बाजार गर्म किया हुआ है.  </p>
<p> </p>
<p>जिक्र वंशवादी राजनीती का हुआ है.  तो आगे बढ़ने से पहले हमारे लिए ये बताना बहुत जरूरी है कि ये एक ऐसा फैक्टर है जिसकी जड़ें भारत में हर एक चुनावी मौसम में उभरकर सामने आती हैं. बता दें कि ठाणे में प्रह्लाद म्हात्रे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उम्मीदवार के तौर पर जीते, वहीं रेखा म्हात्रे ने शिवसेना के टिकट पर जीत हासिल की.  ​​</p>
<p>परिवार के एक और सदस्य, रवीण म्हात्रे ने बीएमसी के लिए एक वार्ड जीता.  हालांकि, कुल नतीजे प्रह्लाद के लिए दिल तोड़ने वाले रहे, क्योंकि बीएमसी-सेना गठबंधन ने ठाणे नगर निगम चुनावों में दबदबा बनाया. ध्यान रहे कि ठाणे अविभाजित शिवसेना का गढ़ और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गृह क्षेत्र है.  जहां बीएमसी और शिंदे ने हाथ मिलाया।  जबकि महायुति के एक और सदस्य, अजीत पवार की राकांपा ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया.</p>
<p>131 सीटों वाली ठाणे नगर निकाय में, शिंदे सेना ने 87 सीटों पर और बीएमसी ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा. दूसरी ओर, कभी अलग हुए ठाकरे बंधु , उद्धव और राज, 20 साल बाद महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव एक साथ लड़ने के लिए फिर से एक साथ आए. उन्होंने ठाणे में भी अपना गठबंधन जारी रखा और शरद पवार की राकांपा के साथ भी हाथ मिलाया. हालांकि, वे बीएमसी-सेना की लहर में हार गए. बात अगर कांग्रेस की हो तो कांग्रेस ने यहां अकेले 96 सीटों पर चुनाव लड़ा.</p>
<p>2017 में, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना ने 131 सीटों में से 67 सीटें जीतकर खुद ही परिषद बनाई. राकांपा 34 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही और बीएमसी ने 23 सीटें हासिल कीं. हालांकि, एकनाथ शिंदे का ठाणे में पहले से ही दबदबा था, 2017 में चुने गए 67 शिवसेना पार्षदों में से 66 ने उपमुख्यमंत्री का समर्थन किया था. 1987-1993 को छोड़कर, अविभाजित शिवसेना ने ठाणे पर अपना दबदबा बनाए रखा है, जिसका मुख्य कारण पार्टी के दिग्गजों - बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की विरासत है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 19:16:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : शहर के खास हिस्सों में मराठी पहचान पर आधारित कई गुमनाम होर्डिंग्स </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में पॉलिटिकल चर्चा का एक नया दौर देखने को मिल रहा है, क्योंकि शहर के खास हिस्सों में मराठी पहचान पर आधारित कई गुमनाम होर्डिंग्स दिखाई दिए हैं। लोगों से एक साथ खड़े होने की अपील करने वाले बोल्ड मैसेज के साथ, इन पोस्टरों ने लोगों में उत्सुकता जगाई है और नगर निगम चुनावों से पहले पॉलिटिकल माहौल को और तेज़ कर दिया है। होर्डिंग्स पर कुछ खास नारे लिखे हैं, जैसे एक बार ज़मीन चली गई, तो वापस नहीं मिलती, मराठी लोगों, मुंबई बचाओ, यह तुम्हारे वजूद की आखिरी लड़ाई है और इस बार तुम्हें मराठी के लिए एक साथ आना होगा। ये मैसेज बिज़ी जंक्शनों, रेलवे स्टेशन एरिया, मार्केट और रिहायशी इलाकों में लगाए गए हैं, ताकि रोज़ाना आने-जाने वाले लोगों और लोकल लोगों को ज़्यादा से ज़्यादा दिख सकें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46273/many-anonymous-hoardings-based-on-marathi-identity-in-specific-parts"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-17t171456.364.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई में पॉलिटिकल चर्चा का एक नया दौर देखने को मिल रहा है, क्योंकि शहर के खास हिस्सों में मराठी पहचान पर आधारित कई गुमनाम होर्डिंग्स दिखाई दिए हैं। लोगों से एक साथ खड़े होने की अपील करने वाले बोल्ड मैसेज के साथ, इन पोस्टरों ने लोगों में उत्सुकता जगाई है और नगर निगम चुनावों से पहले पॉलिटिकल माहौल को और तेज़ कर दिया है। होर्डिंग्स पर कुछ खास नारे लिखे हैं, जैसे एक बार ज़मीन चली गई, तो वापस नहीं मिलती, मराठी लोगों, मुंबई बचाओ, यह तुम्हारे वजूद की आखिरी लड़ाई है और इस बार तुम्हें मराठी के लिए एक साथ आना होगा। ये मैसेज बिज़ी जंक्शनों, रेलवे स्टेशन एरिया, मार्केट और रिहायशी इलाकों में लगाए गए हैं, ताकि रोज़ाना आने-जाने वाले लोगों और लोकल लोगों को ज़्यादा से ज़्यादा दिख सकें।</p>
<p> </p>
<p>पॉलिटिकल ओनरशिप न होने से सवाल उठ रहे हैं जिस बात ने और भी दिलचस्प बना दिया है, वह है बिलबोर्ड पर किसी का नाम, पार्टी का निशान या ऑर्गनाइज़ेशनल सिग्नेचर का पूरी तरह से गायब होना। इस गुमनामी ने कैंपेन के पीछे के लोगों के इरादे और पहचान के बारे में अटकलों को हवा दी है। पॉलिटिकल जानकारों का मानना ​​है कि ये पोस्टर मराठी प्राइड नैरेटिव को फिर से ज़िंदा करने की एक सोची-समझी कोशिश का हिस्सा हैं, जिसने ऐतिहासिक रूप से मुंबई के चुनावी नतीजों पर असर डाला है।<br />इस समय को अहम माना जा रहा है। ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच समझौते की संभावना और हाल के सालों में मराठी वोटों के बंटवारे को देखते हुए, एनालिस्ट का कहना है कि इमोशनल पिच का मकसद वोटर की भावना को एक करना है। पहचान की राजनीति फिर से सेंटर स्टेज पर अस्तित्व की आखिरी लड़ाई मुहावरे के इस्तेमाल ने खास तौर पर ध्यान खींचा है। इसे आने वाले नगर निगम चुनावों को पहचान और अपनेपन की सीधी लड़ाई के तौर पर दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पॉलिटिकल स्ट्रेटजिस्ट का मानना ​​है कि यह सिंबॉलिज्म खास वार्डों में वोटर के व्यवहार को बदल सकता है।</p>
<p>अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि नगर निगम और चुनाव अधिकारी ऐसे गुमनाम मैसेजिंग पर कैसे रिस्पॉन्ड करते हैं, खासकर जब मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट पास आ रहा है। काउंटर होर्डिंग्स ने जुबानी जंग को और बढ़ा दिया मराठी एकता वाले होर्डिंग्स दिखने के तुरंत बाद, अलग-अलग मोहल्लों में पोस्टरों का एक और सेट सामने आया। इन काउंटर मैसेज में पूछा गया, जो लोग हिंदुत्व को स्वीकार नहीं कर सके, वे मराठी लोगों के हितों की रक्षा कैसे करेंगे? नागरिकों से अलर्ट रहने और किसी एक परिवार के असर में न आने की अपील की गई। दोनों पक्षों के तेवर तीखे होने से, मुंबई में निकाय चुनावों से पहले माहौल गरम और इमोशनल होने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 17:15:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेसी के भारत दौरे के मुख्य आयोजक की कोर्ट में पेशी, 14 दिनों की पुलिस रिमांड में भेजा गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लियोनेल मेसी के G.O.A.T इंडिया टूर 2025 के प्रमोटर और आयोजक शतद्रु दत्ता को बिधाननगर कोर्ट ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस टूर के इंतजामों और स्टेडियम में प्रतिबंधित सामान की बिक्री की जांच कर रही है। वहीं दत्ता के वकील ने उन्हें झूठा फंसाए जाने का दावा किया है।  फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के G.O.A.T इंडिया टूर 2025 के प्रमोटर और मुख्य आयोजक शतद्रु दत्ता  को कोलकाता की बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी दत्ता को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46196/chief-organizer-of-messis-india-tour-appears-in-court-sent"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-14t201433.270.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बिधाननगर : </strong>लियोनेल मेसी के G.O.A.T इंडिया टूर 2025 के प्रमोटर और आयोजक शतद्रु दत्ता को बिधाननगर कोर्ट ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस टूर के इंतजामों और स्टेडियम में प्रतिबंधित सामान की बिक्री की जांच कर रही है। वहीं दत्ता के वकील ने उन्हें झूठा फंसाए जाने का दावा किया है।  फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के G.O.A.T इंडिया टूर 2025 के प्रमोटर और मुख्य आयोजक शतद्रु दत्ता  को कोलकाता की बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी दत्ता को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आयोजक पर टूर के आयोजन से जुड़े मामलों में जांच चल रही है। इसी सिलसिले में उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था।</p>
<p> </p>
<p>फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस इस यह भी जांच कर रही है कि आयोजकों ने स्टेडियम के अंदर पानी की बोतलें और पेय पदार्थ कैसे बिकने दिए, जबकि ऐसे कार्यक्रमों में ये चीजें प्रतिबंधित होती हैं।</p>
<p><strong>दत्ता के वकील ने कोर्ट में क्या कहा?</strong><br />हालांकि कोर्ट में सुनवाई के दौरान दत्ता के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 14 दिनों की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। इससे पहले जब दत्ता को कोर्ट लाया गया, तो कोर्ट के बाहर भाजपा समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया। <br />सॉल्ट स्टेडियम में हंगामा, एक नजर<br />बता दें कि कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फुटबॉल सुपरस्टार लियोनल मेसी के अचानक स्टेडियम छोड़ने के बाद नाराज फैंस भड़क उठे। अपने G.O.A.T दौरे पर भारत पहुंचे मेसी को देखने हजारों दर्शक भारी कीमत पर टिकट लेकर पहुंचे थे। लैप ऑफ ऑनर के बाद मेसी के जल्दी निकलते ही फैंस ने कुर्सियां और बोतलें फेंककर विरोध जताया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।<br />मेसी और खेल प्रेमियों से सीएम ममता ने मांगी थी माफी<br />हालांकि स्टेडियम में मचे इस हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेसी और खेल प्रेमियों से माफी मांगी थी। साथ ही इस पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच समिति बनाने के भा एलान किया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा था कि वह खुद भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्टेडियम जा रही थीं। वहां हजारों की संख्या में खेल प्रेमी और फुटबॉल स्टार लियोनल मेसी के फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए जुटे हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46196/chief-organizer-of-messis-india-tour-appears-in-court-sent</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 20:15:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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