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                <title>families - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>families RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : हजारों कुटुंब एक ही अस्पताल पर निर्भर; -सेवन हिल्स को दोबारा पैनल में लेने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>२४ घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मी आज अपनी ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इंतजार करने को मजबूर हैं। हजारों पुलिस परिवार इलाज के लिए सिर्फ एक ही अस्पताल पर निर्भर हैं, जिससे गंभीर बीमारी की स्थिति में भारी परेशानी खड़ी हो रही है। पश्चिमी उपनगर में सेवाएं देने वाले पुलिसकर्मियों के लिए सेवन हिल्स अस्पताल को पैनल से बाहर किए जाने के बाद संकट और गहरा गया है। ऐसे में सेवन हिल्स को दोबारा पैनल में शामिल करने की मांग शिवसेना विधायक अनंत (बाला) नर ने कल विधानसभा में की, ताकि वर्दीधारियों एवं उनके परिवारों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48060/mumbai-thousands-of-families-depend-on-one-hospital-demand"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-28t110441.230.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>२४ घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मी आज अपनी ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इंतजार करने को मजबूर हैं। हजारों पुलिस परिवार इलाज के लिए सिर्फ एक ही अस्पताल पर निर्भर हैं, जिससे गंभीर बीमारी की स्थिति में भारी परेशानी खड़ी हो रही है। पश्चिमी उपनगर में सेवाएं देने वाले पुलिसकर्मियों के लिए सेवन हिल्स अस्पताल को पैनल से बाहर किए जाने के बाद संकट और गहरा गया है। ऐसे में सेवन हिल्स को दोबारा पैनल में शामिल करने की मांग शिवसेना विधायक अनंत (बाला) नर ने कल विधानसभा में की, ताकि वर्दीधारियों एवं उनके परिवारों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।</p>
<p> </p>
<p>पूरक मांगों पर चर्चा के दौरान अनंत नर ने जोगेश्वरी-पूर्व क्षेत्र में खाद्य व नागरिक आपूर्ति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने जोगेश्वरी-पूर्व के बिंबिसार नगर में राशन वितरण कार्यालय उपलब्ध कराने, राशन दुकानों में वरिष्ठ नागरिकों के अंगूठे के निशान मशीन पर न आने की समस्या का समाधान करने, जोगेश्वरी के सर्वोदय नगर स्थित बंद पड़े दवाखाने की मरम्मत करने, राजमार्ग के किनारे ईसाई कब्रिस्तान के लिए दी गई जमीन पर जल्द निर्माण कराने तथा जोगेश्वरी लिंक रोड से प्रभावित प्रताप नगर श्मशानभूमि की जगह पर आसपास के झोपड़पट्टीवासियों का पुनर्वास कर वहां श्मशानभूमि विकसित करने की मांग भी की।</p>
<p><strong>आईसीयू की भारी कमी</strong><br />जोगेश्वरी के ट्रॉमा अस्पताल में तीन में से दो आईसीयू, अस्पताल शुरू होने के दो साल बाद ही बंद हो गए थे और अब तक शुरू नहीं हुए हैं। वहां पर्याप्त मानवबल भी नहीं है। कुछ डॉक्टर केवल उपस्थिति दर्ज कर अन्यत्र काम करते हैं। इसकी जांच की जाए। इस तरह की मांग भी नर ने की। कोरोना काल के बाद उपनगरों में फेफड़ों के रोग बढ़े हैं, लेकिन आईसीयू की कमी है। इसलिए ट्रॉमा अस्पताल के बंद पड़े आईसीयू को तत्काल शुरू किया जाए, यह आग्रह भी उन्होंने किया। साथ ही नाट्यगृह, पुस्तकालय और अग्निशमन विभाग से जुड़े मुद्दे भी उन्होंने उठाए।</p>
<p><strong>शिवसेना विधायक ने उठाई आवाज</strong><br />जोगेश्वरी और आस-पास के क्षेत्रों में कई पुलिस कॉलोनियों में हजारों पुलिस परिवार रहते हैं। फिलहाल, इलाज के लिए पैनल में केवल वॉकहार्ट अस्पताल उपलब्ध है। विधायक (बाला) नर ने कहा कि सेवन हिल्स अस्पताल पहले पैनल में था, लेकिन अब हटाए जाने के कारण पुलिसकर्मियों को केवल वॉकहार्ट अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उन्हें गंभीर परेशानी होती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48060/mumbai-thousands-of-families-depend-on-one-hospital-demand</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 11:05:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इंदौर में नलों से टपका 'जहर', उजड़ गए हंसते-खेलते परिवार; 15 मौतों का जिम्मेदार कौन?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भागीरथपुरा में सप्लाई हुए जहरीले पानी से अब तक 15 जानें जा चुकी हैं। शुक्रवार सुबह ही एमवायएच में भर्ती  68 वर्षीय गीताबाई की मौत हो गई। सबसे ज्यादा प्रभावित बस्ती की पान वाली गली में हैं। यहां 20 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती रहे हैं। घटना के बाद विभाग ने पानी के सैंपल लिए थे उनकी जांच रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार पानी पीने योग्य नहीं था। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद अब हैजा फैलने का डर भी सताने लगा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46669/poison-dripping-from-taps-in-indore-laughing-families-destroyed-who"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images-(52).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इंदौर : </strong>भागीरथपुरा में सप्लाई हुए जहरीले पानी से अब तक 15 जानें जा चुकी हैं। शुक्रवार सुबह ही एमवायएच में भर्ती  68 वर्षीय गीताबाई की मौत हो गई। सबसे ज्यादा प्रभावित बस्ती की पान वाली गली में हैं। यहां 20 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती रहे हैं। घटना के बाद विभाग ने पानी के सैंपल लिए थे उनकी जांच रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार पानी पीने योग्य नहीं था। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद अब हैजा फैलने का डर भी सताने लगा है।</p>
<p> </p>
<p><strong>मेरी मां को जहरीले पानी ने छीन लिया, मेरे बेटे को बचा लो...</strong><br />जहरीले पानी की इस त्रासदी के शिकार पीड़ित अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें संजय यादव भी शामिल हैं। उनकी मां की मौत जहरीले पानी से हो गई और उनका बेटा भी अस्पताल में भर्ती है। संजय और उनकी पत्नी को भी उल्टी-दस्त की शिकायत थी। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती किया गया है। संजय ने बताया कि मेरी मां ने मेरे सामने आंखें मूंद ली, अब मुझे मेरे बेटे की चिंता है। उसे दस बोतल स्लाइन चढ़ाई गई। संजय ने कहा कि मेरी मां को जहरीले पानी ने छीन लिया, लेकिन मेरे बेटे को सरकार बचा ले। इस परिवार ने ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चेक लेने से इनकार कर दिया था।</p>
<p><strong>पैकेट वाले दूध में पानी डाल कर पिलाया</strong><br />जहरीले पानी ने पांच माह के बच्चे अव्यान साहू को भी उसके परिवार से छीन लिया। परिवार में एक बेटी है। दस साल बाद अव्यान हुआ था। 8 जुलाई को उसका जन्म हुआ। परिवार में बरसों बाद खुशियां आई थीं। बच्चे की मौत के बाद मां बात करने की स्थिति में नहीं है। अव्यान के पिता सुनील ने बताया कि डिलीवरी के बाद पत्नी को दूध ठीक से नहीं आ रहा था। इस कारण अव्यान को ऊपर का दूध पिलाना शुरू किया। पैकेट वाला दूध नवजात के लिए ज्यादा गाढ़ा होता है। आसानी से वह पच सके, इस कारण उसमें हम पानी मिलाते थे। हमें क्या पता था कि वो जहरीला पानी हमसे बेटे को छीन लेगा। अव्यान को पहले दस्त हुए तो उसे एक क्लीनिक ले गए। दवा से आराम नहीं मिला। इस बीच उसे तेज बुखार आ गया। अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।</p>
<p><strong>बेटी को खाना खिलाया और तबीयत हो गई खराब</strong><br />जहरीले पानी से मंजुला वाड़े की मौत हो गई। मंजुला की चार बेटियां हैं। अपने ससुराल से आई बेटी के लिए मंजुला ने रात को खाना बनाया था। वह अपने घर लौट गई। रात को मंजुला को उल्टियां होने लगीं। पति ने बताया कि उसे अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने कहा है कि उसकी मौत हो गई है।</p>
<p><strong>पानी में थे जानलेवा बैक्टीरिया</strong><br />जो पानी भागीरथपुरा के घरों में पहुंचा। उसमें हानिकारक बैक्टीरिया था। इसका खुलासा मेडिकल कॉलेज की प्रारंभिक रिपोर्ट में हुआ है। यह पानी पीने योग्य नहीं था, लेकिन बीते एक माह से सप्लाई हो रहा था। उसे पीकर लोग बीमार हुए और 14 लोग अब तक इस मामले में जान गंवा चुके हैं। अभी भी पानी में बैक्टीरिया है या नहीं, इसके लिए लगातार 80 से 100 सैंपल नगर निगम बस्ती से जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। आशंका है कि मरीजों को हैजा भी हो सकता है। मरीजों की कल्चर रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। हैजा बीमारी में जो ट्रीटमेंट दिया जाता है, वही इस समय मरीजों को दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में चार मरीजों की मौत डायरिया से बताई गई है।</p>
<p><strong>कब क्या हुआ</strong><br />25 दिसंबर से मरीज अस्पतालों में रिपोर्ट होना शुरू हो गए थे। दो अस्पतालों में 18 मरीज भर्ती हुए। <br />28 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मरीजों के पास पहुंचे।<br />29 दिसंबर को एक व्यक्ति की मौत डायरिया के कारण रिपोर्ट हुई। शाम तक आंकड़ा चार तक पहुंचा।<br />30 दिसंबर को पता चला चार दिन से बस्ती में मौतें हो रही हैं। अब तक आंकड़ा 14 तक पहुंच चुका है।<br />अस्पतालों में 200 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, जिनमें 30 की हालत गंभीर है।<br />पांच हजार से ज्यादा मरीजों की जांच स्वास्थ्य विभाग कर चुका है।<br />मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- इस घटना के लिए मैं खुद को जिम्मेदार मानता हूं</p>
<p>विजयवर्गीय ने कहा कि वे इस शहर के जनप्रतिनिधि हैं। इस घटना के लिए वे खुद को भी जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा रहवासी कई दिनों से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे कि भागीरथपुरा के पार्षद ने निगमायुक्त को इसकी शिकायत की थी। इसकी एक कॉपी उन्होंने मुझे दी थी। उसे भी मैंने निगमायुक्त को भेज दिया था। विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार है। गलती हमारे अधिकारी की है तो उसे हम भी अपनी जिम्मेदारी मानेंगे।</p>
<p><strong>पानी पीने योग्य नहीं था</strong><br />निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने बताया कि पानी के लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। पानी दूषित पाया गया। वह पीने योग्य नहीं था। पानी की कुछ और रिपोर्ट आनी बाकी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 17:29:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : प्रॉपर्टी की लड़ाइयों से परिवारों में दरार; बॉम्बे हाई कोर्ट ने भाई-बहनों के बीच लंबे केस लड़ने के खिलाफ चेतावनी दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दशकों से चल रही प्रॉपर्टी की लड़ाइयों से परिवारों में दरार पड़ने पर चिंता जताते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने भाई-बहनों के बीच लंबे केस लड़ने के खिलाफ चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे झगड़े न तो परिवार में तालमेल बिठाते हैं और न ही बड़े समाज के हित में। कोर्ट ने ऐसे झगड़ों और “वसुधैव कुटुम्बकम” को बढ़ावा देने वाले मुहावरे के बीच साफ फर्क बताया, जिसका मतलब है कि दुनिया एक परिवार है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46655/mumbai-property-disputes-create-rift-in-families-bombay-high-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-02t113630.404.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> दशकों से चल रही प्रॉपर्टी की लड़ाइयों से परिवारों में दरार पड़ने पर चिंता जताते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने भाई-बहनों के बीच लंबे केस लड़ने के खिलाफ चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे झगड़े न तो परिवार में तालमेल बिठाते हैं और न ही बड़े समाज के हित में। कोर्ट ने ऐसे झगड़ों और “वसुधैव कुटुम्बकम” को बढ़ावा देने वाले मुहावरे के बीच साफ फर्क बताया, जिसका मतलब है कि दुनिया एक परिवार है। </p>
<p> </p>
<p><strong>2003 की अपील खारिज करते हुए की गई बातें</strong><br />जस्टिस एमएस सोनक और अद्वैत सेठना की बेंच ने ये बातें एक बहन की 2003 की अपील को खारिज करते हुए कहीं। यह अपील एक वसीयत के झगड़े में एक बहन ने अपने भाई के खिलाफ दायर की थी, जिसकी जड़ें 1980 के दशक के आखिर में थीं। </p>
<p><strong>बेटी की लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की अर्जी खारिज </strong><br />67 पेज के एक डिटेल्ड फैसले में, कोर्ट ने एक बेटी की अर्जी खारिज कर दी, जिसमें उसने अपनी गुज़र चुकी मां की वसीयत के बारे में लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जारी करने की मांग की थी। वसीयत में बांद्रा के सबअर्बन इलाके में परिवार की प्रॉपर्टी उसे और उसके दो भाइयों को दी गई थी। </p>
<p><strong>भाइयों ने माँ की विल की वैलिडिटी पर सवाल उठाया </strong><br />इस विल को दो और भाइयों ने चैलेंज किया, जिन्हें इससे बाहर रखा गया था, लेकिन बाद में उनके पिता की विल में उन्हें प्रॉपर्टी के एग्जीक्यूटर के तौर पर नाम दिया गया था। उन्होंने अपनी माँ की विल पर शक जताया और दावा किया कि यह किसी के असर और मिलीभगत से बनाई गई थी। कोर्ट को हालात संदिग्ध लगे बेंच ने माँ की विल के बारे में लेटर ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन जारी करने से मना कर दिया, यह देखते हुए कि उसके हिसाब से इसके आस-पास संदिग्ध और शक वाले हालात हैं।</p>
<p>हाई कोर्ट ने कहा, "अपील करने वाली (बेटी), विल की प्रोपाउंडर होने के बावजूद, इसे खारिज करके इस कोर्ट की अंतरात्मा को संतुष्ट नहीं कर पाई है, जबकि ऐसा करने की कानूनी ज़िम्मेदारी थी।" 'वसुधैव कुटुम्बकम' का ज़िक्र करके मज़ाक बताया केस से अलग होते हुए, बेंच ने परिवार के अंदर प्रॉपर्टी के कड़वे झगड़ों की मज़ाक बताने के लिए अक्सर कही जाने वाली भारतीय कहावत "वसुधैव कुटुम्बकम" का ज़िक्र किया। कोर्ट ने कहा, “अभी जैसे मामले साफ़ फ़र्क के क्लासिक उदाहरण हैं: परिवारों के अंदर प्रॉपर्टी को लेकर झगड़े जिनका कोई अंत नहीं दिखता और आखिर में केस में देरी होती है। यह एक ऐसी आदत है जिसे समाज के बड़े हित में कम किया जाना चाहिए।”</p>
<p><strong>माता-पिता दोनों की वसीयत से जुड़ा विवाद</strong><br />जजों ने कहा कि यह एक और “पारिवारिक कहानी” थी जहाँ बच्चे अपने गुज़र चुके माता-पिता की दो वसीयतों को चुनौती दे रहे थे। याचिका के अनुसार, अपील करने वाले के माता-पिता की शादी 1933 में हुई थी और उनके पाँच बेटे और एक बेटी थी। </p>
<p><strong>पिता की वसीयत 1976 में बनी </strong><br />1976 में, अपील करने वाले के पिता की मौत हो गई और उन्होंने अपनी पत्नी और दो बेटों को अपनी प्रॉपर्टी का एग्जीक्यूटर और ट्रस्टी बनाने के लिए एक वसीयत छोड़ी। वसीयत में हर बेटे को 10,000 रुपये देने का प्लान था, जिसका इस्तेमाल उनके दो भाइयों और बहन को किया जाना था। माँ की विल 1987 में बनी 1987 में, माँ की मौत हो गई और उन्होंने अपनी विल में प्रॉपर्टी अपनी बेटी और दो और बेटों के नाम कर दी। </p>
<p><strong>बेटों को बाहर रखने पर सवाल </strong><br />जिन दो बेटों का नाम शुरू में उनके पिता की विल में ट्रस्टी के तौर पर था, उन्होंने दावा किया कि उनकी माँ की विल में कुछ छिपा हुआ था और उसमें यह नहीं बताया गया था कि उन्हें इससे बाहर क्यों रखा गया।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 11:37:15 +0530</pubDate>
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                <title>नवी मुंबई: मज़दूरों और उनके परिवारों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने ड्रोन शो में किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपना ऑपरेशन शुरू किया, इसके ऑपरेशनल लॉन्च से एक दिन पहले हुए एक शानदार ड्रोन शो ने इंटरनेट का ध्यान खींचा, न सिर्फ़ अपनी शानदार विज़ुअल सुंदरता के लिए, बल्कि अपने गहरे इमोशनल हाव-भाव के लिए भी। एक ऑफिशियल प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, 1,515 ड्रोन वाले एक शानदार ड्रोन शो ने रात के आसमान को रोशन कर दिया,</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46450/navi-mumbai-workers-and-their-families-honored-by-navi-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-25t141200.614.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई: </strong>नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपना ऑपरेशन शुरू किया, इसके ऑपरेशनल लॉन्च से एक दिन पहले हुए एक शानदार ड्रोन शो ने इंटरनेट का ध्यान खींचा, न सिर्फ़ अपनी शानदार विज़ुअल सुंदरता के लिए, बल्कि अपने गहरे इमोशनल हाव-भाव के लिए भी। एक ऑफिशियल प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, 1,515 ड्रोन वाले एक शानदार ड्रोन शो ने रात के आसमान को रोशन कर दिया, जिससे 3D कमल के फूल, कमल से प्रेरित इंटीरियर,नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लोगो, “ग्रीन एयरपोर्ट” विज़ुअल्स, मुंबई के ऊपर उड़ता एक एयरक्राफ्ट और भारत के उदय को दिखाने वाले मोटिफ्स सहित शानदार एरियल फॉर्मेशन बने। इस सिंक्रोनाइज़्ड डिस्प्ले ने आसमान को इनोवेशन और आर्टिस्ट्री के एक चलते-फिरते कैनवस में बदल दिया, जो एयरपोर्ट के स्केल और विज़न का जश्न मना रहा था। </p>
<p> </p>
<p>हालांकि, जिस चीज़ ने नेटिज़न्स को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया, वह थी इवेंट के लिए चुनी गई ऑडियंस। बड़े लोगों या सेलिब्रिटीज़ के बजाय, ड्रोन शो खास तौर पर एयरपोर्ट बनाने वाले मज़दूरों और उनके परिवारों, जिनमें उनके बच्चे भी शामिल हैं, के लिए ऑर्गनाइज़ किया गया था। प्रेस नोट में बताया गया कि दर्शकों में दिव्यांग लोग, युवा एथलीट औरनवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कर्मचारी भी शामिल थे, जो सभी इस पल को लाइव देख रहे थे। यह इशारा उन हज़ारों मज़दूरों को दिल से धन्यवाद देने के लिए था जिनकी कोशिशों से यह बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू हुआ। इवेंट के वीडियो और तस्वीरें तेज़ी से वायरल हो गईं, कई सोशल मीडिया यूज़र्स नेनवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तारीफ़ की कि उन्होंने सिर्फ़ दिखावटी शान पर ध्यान देने के बजाय प्रोजेक्ट के पीछे के लोगों को पहचाना।</p>
<p>नेटिज़न्स ने इतिहास से इमोशनल तुलना की, कई लोगों ने कमेंट किया, “शाहजहाँ रो रहे होंगे,” यह बताते हुए कि ताजमहल बनाने वालों को उनके समय में कभी भी पब्लिक में सम्मान नहीं दिया गया। कई लोगों ने इस श्रद्धांजलि को दुर्लभ, मानवीय और शक्तिशाली बताया, और इसे एक ऐसा पल बताया जहाँ मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर को गरिमा और आभार का साथ मिला। तब से ड्रोन शो की सबको साथ लेकर चलने वाले जश्न के एक उदाहरण के तौर पर बहुत तारीफ़ हुई है, जिसने भारत के अगले एविएशन लैंडमार्क को बनाने वाले हाथों पर ध्यान दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 14:12:53 +0530</pubDate>
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