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                            <item>
                <title>मुंबई : एमबीए छात्रों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा; एक सप्लायर गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गोरेगांव ईस्ट में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज से दो एमबीए छात्रों की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की जांच में अहम खुलासे हुए हैं। वनराई पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक कॉलेज छात्र को गिरफ्तार किया गया है, जिसने दोनों मृतकों को एमडीएमए की गोलियां बेची थीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49231/big-revelation-in-the-case-of-death-of-mumbai-mba"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-15t133039.504.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>गोरेगांव ईस्ट में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज से दो एमबीए छात्रों की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की जांच में अहम खुलासे हुए हैं। वनराई पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक कॉलेज छात्र को गिरफ्तार किया गया है, जिसने दोनों मृतकों को एमडीएमए की गोलियां बेची थीं।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र ने प्रति गोली 1600 रुपये के हिसाब से ड्रग्स की बिक्री की थी। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्रों ने कुल चार गोलियां ली थीं, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:31:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 8वीं पास 'साइबर किंगपिन' गिरफ्तार, 2 साल में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, 10 राज्यों में था फैला जाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>झारखंड का जामताड़ा एक बार फिर साइबर अपराध के केंद्र के रूप में उभरा है. मुंबई पुलिस ने 25 वर्षीय मजहर आलम उर्फ इजरायल मियां को गिरफ्तार किया है, जिसने महज 8वीं तक की शिक्षा के बावजूद तकनीक का ऐसा घातक जाल बुना कि सिर्फ दो साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली. मजहर की गिरफ्तारी ने डिजिटल सुरक्षा की कलई खोलकर रख दी है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48793/mumbai-8th-pass-cyber-kingpin-arrested-built-an-empire-worth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-29t104011.847.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>झारखंड का जामताड़ा एक बार फिर साइबर अपराध के केंद्र के रूप में उभरा है. मुंबई पुलिस ने 25 वर्षीय मजहर आलम उर्फ इजरायल मियां को गिरफ्तार किया है, जिसने महज 8वीं तक की शिक्षा के बावजूद तकनीक का ऐसा घातक जाल बुना कि सिर्फ दो साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली. मजहर की गिरफ्तारी ने डिजिटल सुरक्षा की कलई खोलकर रख दी है.</p>
<p> </p>
<p>पुलिस जांच के अनुसार, जामताड़ा के फुकबांदी गांव का रहने वाला मजहर पहले छोटे-मोटे फ्रॉड करता था. उसने ठगी की बारीकियां अपने एक रिश्तेदार से सीखी थीं, जो पहले ही मकोका के तहत जेल जा चुका है. जमानत पर बाहर आने के बाद मजहर ने अपना खुद का संगठित सिंडिकेट बनाया और 10 राज्यों में अपना नेटवर्क फैला दिया.</p>
<p><strong>सॉफ्टवेयर इंजीनिय की तरह दिया साजिश को अंजाम</strong><br />आरोपी का काम करने का तरीका किसी पेशेवर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जैसा था. हनीट्रैप (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन): वह गूगल पर विभिन्न बैंकों के फर्जी 'क्रेडिट कार्ड हेल्पलाइन' नंबर डाल देता था. जब कोई जरूरतमंद मदद के लिए सर्च करता, तो उसका नंबर सामने आता.</p>
<p><strong>मालवेयर का हमला: </strong>खुद को बैंक अधिकारी बताकर वह पीड़ित को व्हाट्सएप पर 'क्रेडिट कार्ड एपीके' नाम की फाइल भेजता. इसे डाउनलोड करते ही फोन का पूरा एक्सेस मजहर के पास चला जाता.</p>
<p><strong>ओटीपी बाईपास: </strong>यह मालवेयर न केवल डेटा चुराता, बल्कि कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ओटीपी भी सीधे मजहर को भेज देता था, जिससे पीड़ित को भनक तक नहीं लगती थी.</p>
<p><strong>डिजिटल लूट का निवेश: </strong>चोरी किए गए डेटा से वह अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करता और फर्जी मर्चेंट अकाउंट्स के जरिए पैसों को 'क्लीन' करता था. ठगी के पैसों से मजहर ने जामताड़ा में एक आलीशान बंगला बनवाया, करीब 30 लाख रुपये का फ्रेंचाइजी शोरूम खोला और महंगी गाड़ियां खरीदीं. उसकी लाइफस्टाइल किसी बड़े बिजनेसमैन जैसी हो गई थी.</p>
<p><strong>मुंबई में शिकायत के बाद बेनकाब हुआ जालसाज</strong><br />मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज एक शिकायत के बाद  एपीआई अमित देवकर और उनकी टीम ने तकनीकी जांच शुरू की. टीम ने 10 दिनों तक झारखंड में डेरा डाला और आखिरकार मजहर को दबोच लिया.</p>
<p>गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अब तक 94 सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया. उसके पास से कई मोबाइल, एडमिन पैनल एक्सेस और क्रेडिट कार्ड डेटा की भारी-भरकम शीट मिली हैं. अब तक 10 राज्यों से जुड़ी 36 से ज्यादा शिकायतें सीधे तौर पर उससे जुड़ी पाई गई हैं. मुंबई पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें और गूगल पर मिलने वाले हेल्पलाइन नंबरों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 10:41:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई के आसपास रेलवे नेटवर्क और होगा मजबूत, मंत्रालय ने दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और संचार व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 1,236 करोड़ रुपये की तीन बड़े प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दे दी है. इन प्रोजेक्‍ट से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी, संचार नेटवर्क आधुनिक बनेगा और कवच सिस्टम को तेजी से लगाया जा सकेगा. रेल मंत्रालय ने इन प्रस्तावों को हरी झंडी दी है. तीनों कवच में दो ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से संबंधित हैं और एक कचव 4.0 ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48719/railway-network-around-mumbai-will-become-stronger-ministry-approves"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-26t124139.060.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और संचार व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 1,236 करोड़ रुपये की तीन बड़े प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दे दी है. इन प्रोजेक्‍ट से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी, संचार नेटवर्क आधुनिक बनेगा और कवच सिस्टम को तेजी से लगाया जा सकेगा. रेल मंत्रालय ने इन प्रस्तावों को हरी झंडी दी है. तीनों कवच में दो ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से संबंधित हैं और एक कचव 4.0 ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी है.</p>
<p> </p>
<p>सेंट्रल रेलवे के सभी पांच डिवीजनों में मजबूत ड्यूल फाइबर कम्युनिकेशन नेटवर्क बनाने के लिए 623.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसमें सोलापुर, नागपुर, पुणे, भुसावल और मुंबई डिवीजन शामिल हैं. 2,250 किलोमीटर रूट पर ओवरहेड वायर लगाई जाएगी जो ट्रैक्शन लाइन की सुरक्षा के साथ हाई-स्पीड संचार भी करेगी. इसके अलावा 2,673 किलोमीटर रूट पर अंडरग्राउंड 2×48 फाइबर केबल बिछाई जाएगी. दोनों तरफ अलग-अलग फाइबर पाथ बनाया जाएगा, जिससे एक खराब हो जाए तो दूसरा काम करता रहेगा. ट्रेनों का ऑपरेशन बाधित न हो. अतिरिक्त फाइबर को डार्क फाइबर के रूप में लीज पर देकर रेलवे अतिरिक्त आय भी हो सकेगी.</p>
<p>दक्षिण भारत के व्यस्त रूटों पर कचव 4.0 सिस्टम लगाने के लिए 310.18 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह सिस्टम तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 548 किलोमीटर रूट पर लगाया जाएगा. इसमें जोलारपेट्टई-ईरोड (180 किमी), चेन्नई बीच-ताम्बरम-चेंगलपट्टू (60 किमी) और शोरानूर-मंगलौर (308 किमी) शामिल हैं. कवच सिस्टम ट्रेन को अपने आप ब्रेक लगाकर एक्‍सडेंट से रोकता है और सिग्नल पास करने पर भी रोकता है.</p>
<p>वेस्टर्न रेलवे के गुजरात स्थित राजकोट और भावनगर डिवीजनों में फाइबर नेटवर्क पूरा करने के लिए 302.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. कुल 1,653 किलोमीटर रूट पर 2×48 फाइबर केबल बिछाई जाएगी. इससे इन डिवीजनों में फाइबर बैकबोन पूरा हो जाएगा और कचव सिस्टम को बिना देरी के लगाया जा सकेगा.ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे की मार्डन बनाएंगी हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:42:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : नो गैस, नो डब्बा! एलपीजी संकट से मुंबई का टिफिन नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग की वजह से देश में एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ा है. ईरान ने प्रमुख तेल-गैस ढुलाई मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की बात कही है. इससे तेल-गैस की ढुलाई पर असर पड़ा है. भारत भी अपनी गैस जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं अरब देशों से आयात करता है. ऐसे में भारत में भी एलपीजी की कमी देखी जा रही है. हालांकि सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं पर असर न पड़े, इसके लिए कई जरूरी कदम उठा रही है. एलपीजी के कमर्शिलय सिलेंडरों में कमी की गई है. इस कारण तमाम रेस्टोरेंटों और टिफिन सर्विस देने वाले लोगों के काम पर असर पड़ा है. इसी में से एक है मु्ंबई का फेमस टिफिन नेटवर्क.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48678/mumbais-tiffin-network-badly-affected-due-to-mumbai-no-gas"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t191509.660.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग की वजह से देश में एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ा है. ईरान ने प्रमुख तेल-गैस ढुलाई मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की बात कही है. इससे तेल-गैस की ढुलाई पर असर पड़ा है. भारत भी अपनी गैस जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं अरब देशों से आयात करता है. ऐसे में भारत में भी एलपीजी की कमी देखी जा रही है. हालांकि सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं पर असर न पड़े, इसके लिए कई जरूरी कदम उठा रही है. एलपीजी के कमर्शिलय सिलेंडरों में कमी की गई है. इस कारण तमाम रेस्टोरेंटों और टिफिन सर्विस देने वाले लोगों के काम पर असर पड़ा है. इसी में से एक है मु्ंबई का फेमस टिफिन नेटवर्क.</p>
<p> </p>
<p>मुंबई के साकिनाका से वर्ली तक, मुंबई का पारंपरिक टिफिन सर्विस नेटवर्क अब गंभीर एलपीजी संकट की चपेट में है. यह टिफिन सर्विस ऐप आधारित डिलिवरी सर्विस से दशकों पहले से मुंबई नगरी में घर-घर खाना पहुंचाने का एक बड़ा नेटवर्क है. एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण कई टिफिन वाले पुराने जमाने की लकड़ी-कोयले की सिगड़ी पर खाना बना रहे हैं, मेन्यू काट रहे हैं और ऑर्डर ठुकरा रहे हैं. कुछ तो पूरी तरह बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं.</p>
<p>इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक साकिनाका में 33 वर्षीय चिराग पुरोहित 2009 से ‘यम्मी टिफिन्स’ चला रहे हैं. एलपीजी न मिलने पर उन्होंने लकड़ी और कोयले की सिगड़ी पर खाना बनाना शुरू कर दिया है. वह बताते हैं कि रोटी-सब्जी के अलावा हम हाई-प्रोटीन राइस बाउल भी बनाते थे, लेकिन अब उन्हें बंद करना पड़ा है. एक दिन में 500 डब्बे बनते थे, अब घटकर 300 रह गए हैं. सिगड़ी पर खाना बनने में बहुत ज्यादा समय लगता है. उनकी कैटरिंग बिजनेस भी बुरी तरह प्रभावित हुई है.</p>
<p>इसी तरह भांडुप में 29 वर्षीय ओमकार अजित पाटकर ‘भोजनयान टिफिन सर्विस’ चला रहे हैं. वह कहते हैं कि चाइनीज डिश या फ्राई करने वाली चीजें लकड़ी-कोयले पर नहीं बनाई जा सकतीं. पिछले दो हफ्तों से एक भी सिलेंडर नहीं मिला है. हम बंद होने के कगार पर हैं. जोशेवाड़ी में लक्ष्मी टिफिन सर्विस भी बंद हो गई. 30 वर्षीय आकाश अधिवंद रोजाना 70 डब्बे छात्रों, कामकाजी लोगों और परिवारों को सप्लाई करते थे. उन्होंने कहा कि दूसरा सिलेंडर खत्म हो गया, रिफिल नहीं हो पाया. गैस एजेंसी सिर्फ इतना कह रही है कि कुछ दिनों में स्थिति सुधर सकती है. </p>
<p>वर्ली कोलीवाड़ा में नीतीन मोरगांवकर ‘आईचा डब्बा टिफिन सर्विस’ चलाते हैं. वह कहते हैं कि 14 किलो वाले सिलेंडर का दाम 920 रुपये से बढ़कर ब्लैक में 2,500-3,000 रुपये हो गया है. पहले 120 रुपये में मिलने वाला साधारण रोटी-सब्जी का डब्बा अब 135 रुपये का हो गया है. डिलीवरी के साथ 175 रुपये. मार्जिन करीब 30 प्रतिशत घट गया है. उनकी पांच महिलाएं रोज 2,000 चपातियां बनाकर थोक में बेचती थीं, लेकिन अब वह काम भी बंद करना पड़ा. मोरगांवकर कहते हैं कि इन महिलाओं का रोजगार छिन गया, लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं था.</p>
<p><strong>केंद्र ने बढ़ाई कोटा, लेकिन टिफिन वालों को अभी राहत नहीं</strong><br />केंद्र सरकार ने सोमवार से सभी राज्यों में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई 20 प्रतिशत बढ़ा दी है, जिससे कुल आवंटन पूर्व संकट स्तर का 50 प्रतिशत हो गया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने 21 मार्च को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया कि अतिरिक्त 20 प्रतिशत कोटा रेस्तरां, ढाबा, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी यूनिट, सब्सिडाइज्ड कैंटीन और 5 किलो फ्री ट्रेड सिलेंडर (माइग्रेंट मजदूरों के लिए) को प्राथमिकता से दिया जाए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 19:16:00 +0530</pubDate>
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