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                <title>sent - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : डीआरआई का बड़ा एक्शन, नाइजीरिया भेजी जा रही प्रतिबंधित दवाएं बरामद 3 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजस्व खुफिया निदेशालय ने मन:प्रभावी दवाओं के अवैध निर्माण और विदेश भेजने के प्रयास से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसी ने मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में कार्रवाई करते हुए नाइजीरिया भेजी जा रही बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की खेप बरामद की। मामले में नेटवर्क से जुड़े तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51283/big-action-by-mumbai-dri-banned-medicines-being-sent-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-11t110236.684.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> राजस्व खुफिया निदेशालय ने मन:प्रभावी दवाओं के अवैध निर्माण और विदेश भेजने के प्रयास से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसी ने मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में कार्रवाई करते हुए नाइजीरिया भेजी जा रही बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की खेप बरामद की। मामले में नेटवर्क से जुड़े तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>डीआरआई के अधिकारियों के मुताबिक, 2 अगस्त को मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स पर एक संदिग्ध खेप को रोका गया था। दस्तावेजों में इस खेप को प्रीगाबालिन कैप्सूल  के रूप में घोषित किया गया था। जांच और तलाशी के दौरान अधिकारियों ने इसमें 1 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट बरामद कीं। दोनों दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया जाता है, लेकिन इनके दुरुपयोग और अवैध कारोबार को लेकर एजेंसियां लगातार कार्रवाई करती रही हैं। </p>
<p>खेप की जांच आगे बढ़ने पर डीआरआई अधिकारियों को महाराष्ट्र में चल रहे एक संगठित नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि बरामद टैपेंटाडोल का निर्माण महाराष्ट्र के अंबरनाथ इलाके में किया जा रहा था। इसके बाद तैयार दवाओं को मुंबई एयरपोर्ट के पास स्थित एक गोदाम में ले जाकर दोबारा पैक किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके आधार पर डीआरआई ने संबंधित परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और कच्चा माल बरामद किया गया। एजेंसी अब बरामद सामग्री और दस्तावेजों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।</p>
<p>डीआरआई ने इस मामले में नेटवर्क के तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कथित तौर पर खेप का निर्यातक, सप्लायर-कम-कोऑर्डिनेटर और निर्माता शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, इन आरोपियों की भूमिका अवैध दवाओं के निर्माण, सप्लाई, पैकिंग और विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया में सामने आई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क ने पहले भी कितनी बार मन:प्रभावी दवाओं की तस्करी या अवैध निर्यात किया है। साथ ही नाइजीरिया में इस खेप को प्राप्त करने वाले लोगों और विदेश में मौजूद नेटवर्क से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है। डीआरआई की कार्रवाई के बाद अवैध रूप से मन:प्रभावी दवाओं के निर्माण और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ निगरानी और कड़ी किए जाने की संभावना है। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:04:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: धारावी प्रोजेक्ट के लिए पेड़ हटाने का प्रस्ताव अथॉरिटी को सौंपा; क्या 8000 पेड़ काटे जाएंगे? </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार के धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत आठ हजार पेड़ काटे जाएंगे। हालांकि बीएमसी की योजना धारावी इलाके में मौजूद खुली जगहों पर 30,000 पेड़ फिर से लगाने की है। इस मामले से जुड़ा एक प्रस्ताव मंगलवार को 'ट्री अथॉरिटी' की बैठक में पेश किया गया। इसके अलावा धारावी पुनर्वास प्रोजेक्ट की वजह से हुए पेड़ों के नुकसान की भरपाई के लिए पालघर जिले में भी पेड़ लगाए जाएंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51014/proposal-for-removal-of-trees-for-mumbai-dharavi-project-submitted"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-29t122720.353.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र सरकार के धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत आठ हजार पेड़ काटे जाएंगे। हालांकि बीएमसी की योजना धारावी इलाके में मौजूद खुली जगहों पर 30,000 पेड़ फिर से लगाने की है। इस मामले से जुड़ा एक प्रस्ताव मंगलवार को 'ट्री अथॉरिटी' की बैठक में पेश किया गया। इसके अलावा धारावी पुनर्वास प्रोजेक्ट की वजह से हुए पेड़ों के नुकसान की भरपाई के लिए पालघर जिले में भी पेड़ लगाए जाएंगे।</p>
<p> </p>
<p><strong>धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार</strong><br />धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत धारावी में रहने वाले पात्र झुग्गी-झोपड़ी निवासियों को 'स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी' के जरिए मुफ़्त घर दिए जाएंगे। लगभग 3,50,000 अपात्र झुग्गी-झोपड़ी निवासियों को किराए पर घर उपलब्ध कराए जाएंगे। शुरू में इन लोगों को दूसरी जगह बसाने के लिए मुंबई में ही कुछ जगहों पर विचार किया गया था, लेकिन इस कदम का विरोध हुआ। अब जबकि प्रोजेक्ट तेजी पकड़ रहा है। इस प्रक्रिया में धारावी इलाके के पेड़ प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>पहले फेज में कितने पेड़ होंगे प्रभावित</strong><br />धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1,693 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से 871 पेड़ काटे जाएंगे। जबकि 822 पेड़ दूसरी जगह लगाए जाएंगे। मुआवजे के तौर पर कंपनी ने नगर निगम को एक लिखित वादा (अंडरटेकिंग) दिया है कि वह पालघर जिले के चहाडे गांव में 90 एकड़ जमीन पर स्थानीय प्रजातियों के 22,904 पेड़ लगाएगी। </p>
<p><strong>22,904 नए पेड़ लगाए जाएंगे</strong><br />नगर निगम के गार्डन विभाग को सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार, धारावी में सिटी सर्वे नंबर 2 (हिस्सा) और 3 (हिस्सा), सब-प्लॉट B पर पुनर्वास इमारतों के निर्माण के लिए खुदाई के काम से 8,000 पेड़ प्रभावित होंगे। मई 2026 में की गई संयुक्त जांच में साइट पर कुल 2,005 पेड़ पाए गए थे। इनमें 1,998 जीवित पेड़ और 7 उखड़े हुए पेड़ शामिल थे। मंजूर की गई योजना के मुताबिक, प्रोजेक्ट के काम में बाधा बन रहे 1,693 पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की ओर से दिए गए लिखित वादे के अनुसार, पेड़ काटे जाने के 15 दिनों के भीतर 22,904 नए पेड़ लगाए जाएंगे। </p>
<p><strong>एक और प्रस्ताव</strong><br />मुंबई नगर निगम के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स, साथ ही प्राइवेट रीडेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से कुल 1,443 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से 902 पेड़ों को सीधे काटा जाएगा, जबकि 541 पेड़ों को दूसरी जगह लगाया (ट्रांसप्लांट) जाएगा। नगर निगम ने कहा है कि पेड़ों को हटाने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 21,625 पेड़ लगाए जाएंगे। इस प्रस्ताव को मंगलवार को ट्री अथॉरिटी की बैठक में पेश किया जाना है। </p>
<p><strong>प्रोजेक्ट के लिए 'बेस्ट' डिपो की ज़मीन की भी जरूरत</strong><br />धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 'बेस्ट' अंडरटेकिंग के धारावी और काला किला डिपो की ज़मीन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम की ओर से इन बस डिपो की जमीन को धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर करने की मंजूरी मिलने के बाद इस पहल पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें शामिल कुल जमीन में से 2.35 एकड़ जमीन 'बेस्ट' अंडरटेकिंग की है, जबकि बाकी जमीन जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र में आती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:28:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 800 करोड़ रुपये की ठगी: ईडी की मुंबई से लेकर बंगलूरू तक छापेमारी, क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजी गई ठगी की रकम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्दाफाश किया है। ईडी की मुंबई जोनल शाखा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत मुंबई, पुणे और बंगलूरू के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि लोगों से ठगे गए पैसे को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा जा रहा था। इस मामले में कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50967/mumbai-fraud-of-rs-800-crore-ed-raids-from-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/img_dk_shivakumar_at_ed__2_1_79c5icdl.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्दाफाश किया है। ईडी की मुंबई जोनल शाखा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत मुंबई, पुणे और बंगलूरू के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि लोगों से ठगे गए पैसे को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा जा रहा था। इस मामले में कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। </p>
<p> </p>
<p><strong>ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों की ठगी</strong><br />ईडी के मुताबिक यह पूरा मामला 'ऑल पैनल एक्सचेंज' नाम के एक ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। इस प्लेटफॉर्म के खिलाफ महाराष्ट्र के जलगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।</p>
<p>जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप संदेश भेजकर इस एप से जोड़ा गया था। शुरुआत में उसका भरोसा जीतने के लिए उसे छोटी-छोटी रकम निकालने की अनुमति दी गई। इससे उसे लगा कि प्लेटफॉर्म असली है। बाद में जब उसने बड़ी रकम निवेश कर दी, तो पैसे निकालने का विकल्प बंद कर दिया गया और आरोपियों ने उससे संपर्क भी खत्म कर दिया। </p>
<p>ईडी की जांच में पता चला कि गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर लोगों से ठगे गए पैसे को पुणे स्थित एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में भेजा जाता था। इसके लिए फर्जी बैंक खाते और कई मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इसी कंपनी के खाते देशभर में हुई कई साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हैं। इनमें फर्जी शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर होने वाली ठगी के मामले शामिल हैं। बंगलूरू पुलिस ने भी इस कंपनी के खिलाफ 5.30 करोड़ रुपये की ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। </p>
<p><strong>ऐसे विदेश भेजी जा रही थी अवैध कमाई</strong><br />ईडी के अनुसार, आरोपियों ने अपराध से कमाए गए पैसे को कई फर्जी कंपनियों के जरिए इधर-उधर घुमाया और फिर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के माध्यम से उसे वर्चुअल डिजिटल एसेट में बदलकर विदेश भेज दिया। जांच में यह भी पता चला कि इन कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं था और इन्हें डमी निदेशकों के नाम पर संचालित किया जा रहा था। </p>
<p>सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एक क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक क्रिप्टो एक्सचेंज पर फर्जी खाता और वॉलेट खोला गया। इसी खाते के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। ईडी का कहना है कि यह पूरी रकम ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से ठगी गई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 12:19:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दुबई भेजे जा रहे थे मुंबई के बैंक खाते और सिम कार्ड, क्राइम ब्रांच ने किया बड़े गिरोह का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50555/mumbais-bank-accounts-and-sim-cards-were-being-sent-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-05t121928.728.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें। मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन गेमिंग और साइबर धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुंबई के अलग-अलग बैंकों में फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खोलता था और फिर उन्हें एक्टिवेट करके सिम कार्ड के साथ दुबई भेज देता था, जहां इनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।</p>
<p> </p>
<p><strong>खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के बाद छापा</strong><br />डीसीपी राज तिलक रौशन ने शनिवार को बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को अपने खुफिया सूत्रों से पक्की जानकारी मिली थी कि मुंबई के मस्जिद बंदर पश्चिम इलाके के ईसाजी स्ट्रीट पर स्थित पार्श्व चैंबर्स की तीसरी मंजिल पर 'जी. डी. ओवरसीज' नाम से एक फर्जी कंपनी का ऑफिस चलाया जा रहा है। इस ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>
<p><strong>66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम बरामद</strong><br />जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम ने बताए गए ठिकाने पर अचानक छापा मारा। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना और उसके पांच साथियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से अलग-अलग बैंकों के 66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 15 पासबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड, दो कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, दो पेनड्राइव और विभिन्न फर्जी कंपनियों की 68 रबर की स्टैम्प बरामद की हैं। इसके अलावा अलग-अलग बैंकों के खाता खोलने वाले फॉर्म, बिजली के बिल और कई कंपनियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जब्त किए गए हैं।</p>
<p><strong>आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज</strong><br />इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ मुंबई के पायधुनी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया है और क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को मामले की जांच सौंप दी गई है । गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जब मुंबई की एक कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें 8 जुलाई  तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने बैंक खाते दुबई भेजे हैं और इनके तार किन-किन बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:22:11 +0530</pubDate>
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