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                <title>census - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>census RSS Feed</description>
                
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                <title>जातीय जनगणना के बाद बिहार में लागू हुआ 75 फीसदी आरक्षण...  सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">राज्य में आरक्षण का संशोधित प्रावधान लागू होने के बाद अब शिक्षण संस्थानों और नौकरी में अनुसूचित जाति/जनजाति, ईबीसी और ओबीसी को 75 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा। बिहार सरकार ने आरक्षण की सीमा में 15 फीसदी का इजाफा किया है।उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार की बिहार सरकार द्वारा जातीय जनगणना के आंकड़े सामने आने के 50 दिनों के बाद अब राज्य में आरक्षण का संशोधित प्रावधान लागू कर दिया गया है। </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26149/75-percent-reservation-implemented-in-bihar-after-caste-census----government-issued-notification"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/download-(15)7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटना : </strong>नीतीश कुमार सरकार ने बिहार में आरक्षण का संशोधित प्रावधान लागू कर दिया है। इससे पहले प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने बिहार में आरक्षण बढ़ाने वाली नई रिजर्वेशन नीति को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद सरकार ने गैजेट जारी करते हुए इसे  21 नवंबर 2023 (मंगलवार) से तत्काल रूप से लागू कर दिया है। <br /><br />राज्य में आरक्षण का संशोधित प्रावधान लागू होने के बाद अब शिक्षण संस्थानों और नौकरी में अनुसूचित जाति/जनजाति, ईबीसी और ओबीसी को 75 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा। बिहार सरकार ने आरक्षण की सीमा में 15 फीसदी का इजाफा किया है।उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार की बिहार सरकार द्वारा जातीय जनगणना के आंकड़े सामने आने के 50 दिनों के बाद अब राज्य में आरक्षण का संशोधित प्रावधान लागू कर दिया गया है। <br /><br />सीएम नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 पेश किया था। इसमें आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 75 फीसदी करने का प्रावधान था। जो 9 नवंबर को विधानसभा और विधानपरिषद में पास हो गया, जिसे उसी दिन राज्य कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब राज्यपाल ने भी इस पर मुहर लगा दी हैं। जिसके बाद इसे गजट में प्रकाशित करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि राज्य में मुख्या विपक्षी पार्टी बीजेपी ने भी इस बिल को अपना समर्थन दिया था। नए विधेयक के अनुसार, अनुसूचित जनजाति के लिए मौजूदा आरक्षण दोगुना कर किया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाती के लिए इसे 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 फीसदी किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि, ईबीसी के लिए आरक्षण 18 फीसदी से बढ़ाकर 25 प्रतिशत होगा। वहीं,  ओबीसी के लिए आरक्षण को 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाएगा। इसके साथ ही सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाला 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा। <br /><br />उल्लेखनीय है कि राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने नई रिजर्वेशन नीति समेत अन्य तीन विधेयकों को भी हाल ही में मजूरी दे दी है।  इनमें बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) विधेयक 2023, बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2023 और बिहार विनियोग विधेयक 2023 शामिल है। इस विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार ने गजट प्रकाशित कर दिया था।</p>]]>
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                <pubDate>Tue, 21 Nov 2023 18:54:11 +0530</pubDate>
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                <title>सरकार में अगर हिम्मत है... तो जातिगत जनगणना कराए - विजय वडेट्टीवार</title>
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                        <![CDATA[<p>वडेट्टीवार ने कहा, राज्य में पानी की भारी कमी है। पानी के लिए पर्याप्त संतुलन नहीं है। आम लोगों और मवेशियों को काफी परेशानी हो रही है इसलिए सरकार को सूखा घोषित कर किसानों की दिवाली मीठी बनानी चाहिए। सरकार ने सत्ताधारी विधायकों के इलाके में सूखा घोषित कर राज्य के किसानों के साथ अन्याय किया है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/25777/if-the-government-has-courage----then-it-should-conduct-caste-census---vijay-wadettiwar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/download-(4)6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बौद्धिक सूखेपन के कारण अक्सर सरकार प्राकृतिक सूखे की मांग को लेकर भी संवेदनशील नहीं होती है। केवल सत्तारूढ़ दल के प्रतिनिधियों के तालुकाओं में सूखे की घोषणा करके विधायकों की दिवाली को मीठा करने की बजाय सरकार को राज्य में सामान्य सूखे की घोषणा करके राज्य के सभी किसानों की दिवाली को मीठा करना चाहिए। जस्टिस शिंदे समिति द्वारा पूरे महाराष्ट्र में कुनबी जाति का रिकॉर्ड ढूंढने का काम चल रहा है।</p>
<p>जब यह कार्य किया जा रहा है तो अन्य पिछड़ा वर्ग सहित सभी जातियों का रिकॉर्ड मंगाकर इसका श्वेत पत्र प्रकाशित किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में सरकार जस्टिस शिंदे समिति को निर्देश दे, इसके साथ ही सरकार में अगर हिम्मत है, तो जातिगत जनगणना कराए, ऐसी मांग विधानसभा विरोधी दल नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार से की है। कल विधानभवन में आयोजित पत्रकार परिषद में उक्त मांग की।</p>
<p>वडेट्टीवार ने कहा, राज्य में पानी की भारी कमी है। पानी के लिए पर्याप्त संतुलन नहीं है। आम लोगों और मवेशियों को काफी परेशानी हो रही है इसलिए सरकार को सूखा घोषित कर किसानों की दिवाली मीठी बनानी चाहिए। सरकार ने सत्ताधारी विधायकों के इलाके में सूखा घोषित कर राज्य के किसानों के साथ अन्याय किया है।</p>
<p>इससे सरकार का बौद्धिक सूखा उजागर हो गया है। अब सरकार को दूसरे चरण में सूखा घोषित करने की अक्ल आ गई है। लेकिन दूसरे चरण में शेष सत्ताधारी विधायकों के तालुका में सूखा घोषित कर विधायकों की दिवाली मीठी करने की बजाय किसानों की दिवाली मीठी की जानी चाहिए। सरकार को सूखा घोषित करने में राजनीति नहीं करनी चाहिए।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Nov 2023 11:38:39 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>राज्य सरकार का मनपा को निर्देश...प्रभागों की जनगणना अनुसार बनाए बाउंड्री</title>
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                        <![CDATA[राज्य सरकार ने मुंबई मनपा को निर्देश दिया है कि नई जनगणना के अनुसार प्रभागों की बाउंड्री बनाने का काम तत्काल शुरू करें।राज्य सरकार के इस निर्देश से चुनाव को लेकर बनी आशंका फिर एक बार बनने लगी है कि  छ्टने लगी है । मनपा चुनाव अब फिर एक बार जल्द होने के आसार दिखाई देने लगे है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/15603/state-government-s-instructions-to-municipal-corporation----make-boundaries-according-to-the-census-of-divisions"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-11/download-(2)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><br /><strong>मुंबई :</strong> राज्य सरकार ने मुंबई मनपा को निर्देश दिया है कि नई जनगणना के अनुसार प्रभागों की बाउंड्री बनाने का काम तत्काल शुरू करें।राज्य सरकार के इस निर्देश से चुनाव को लेकर बनी आशंका फिर एक बार बनने लगी है कि  छ्टने लगी है । मनपा चुनाव अब फिर एक बार जल्द होने के आसार दिखाई देने लगे है। बता दे की राज्य में सरकार बदलने के बाद प्रभागों की संख्या को लेकर मामला कोर्ट में गया हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">महाविकास आघाड़ी सरकार ने मुंबई में वार्डो की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 कर दी थी। लेकिन राज्य में  एकनाथ शिंदे बाला साहेब  की शिवसेना और भाजपा की सरकार बनने के बाद बिना जनगणना के वार्डो की संख्या बढ़ाए जाने को ठुकराते हुए दोबारा पहले की तरह वार्डो की संख्या 227 कर दी। </p>
<p style="text-align:justify;">जिसको लेकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है मामला कोर्ट में लंबित है।इस बीच राज्य सरकार ने मंगलवार को मनपा प्रशासन को निर्देश दिया है कि मनपा अधिनियम 1888 और महाराष्ट्र मनपा अधिनियम 1949 के तहत अधिसूचना जारी करते हुए मुंबई के प्रभागों की जनगणना के अनुसार प्रभाग रचना तैयार करने का निर्देश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जनगणना के अनुसार वार्डो की नई बाउंड्री बनने के बाद उस पर लोगो से शिकायत और सुझाव लिया जाएगा।राज्य सरकार के वार्डो की नया परसीमन बनाने का दिए निर्देश से मुंबई में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज हो जाएगी। राज्य सरकार के निर्देश  से मुंबई मनपा अब दोबारा मुंबई के 227 प्रभागों की बाउंड्री निश्चित करने का काम शुरू कर देगी। </p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Nov 2022 09:05:46 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का आरोप... निकाय चुनाव के बाद जातीय जनगणना टालने पर तुली नीतीश सरकार</title>
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                        <![CDATA[पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार निकाय चुनाव टाल कर अतिपिछड़ों को वंचित करने के बाद अब जातीय जनगणना टालने के नये-नये बहाने खोज रहे हैं। मोदी ने कहा कि जातीय जनगणना शुरु करने का समय अगले साल फरवरी से बढ़ा कर मई 2023 करने का कैबिनेट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/15414/former-deputy-chief-minister-sushil-modi-s-allegation----nitish-government-bent-on-postponing-caste-census-after-civic-elections"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-11/download-(6).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार निकाय चुनाव टाल कर अतिपिछड़ों को वंचित करने के बाद अब जातीय जनगणना टालने के नये-नये बहाने खोज रहे हैं। मोदी ने कहा कि जातीय जनगणना शुरु करने का समय अगले साल फरवरी से बढ़ा कर मई 2023 करने का कैबिनेट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया है कि सरकार को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की जानकारी पहले से थी और मैट्रिक-इंटर की परीक्षाओं की तिथि भी पूर्व निर्धारित है। इन बातों को केवल  जनगणना टालने का बहाना बनाया गया है। कहा कि जातीय जनगणना कराने के लिए कैबिनेट का फैसला 2 जून को हुआ, लेकिन अभी तक न मकानों की गिनती और नम्बरिंग हुई, न जिला और प्रखंड स्तर पर अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुशील मोदी ने कहा कि जनगणना ऐप और पोर्टल बनाने के लिए परामर्शी की नियुक्ति छह माह पहले हो जानी चाहिए थी, लेकिन इसका अभी निर्णय हुआ है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार ने सभी कर्मचारियों को लगाकर जातीय जनगणना का काम एक दिन में पूरा किया, लेकिन नीतीश सरकार इसे बार-बार टाल रही है।</p>]]>
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                <pubDate>Tue, 15 Nov 2022 19:57:06 +0530</pubDate>
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