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                <title>down - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: महिला आरक्षण बिल खारिज होते ही नवनीत राणा फूट-फूटकर रो पड़ीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की राजनीति में इस समय चर्चा में चल रहा महिला आरक्षण बिल आखिरकार लोकसभा में खारिज हो गया है। सरकार को इस बिल के पक्ष में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। साथ ही, महिला आरक्षण बिल के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल भी पास नहीं हो सका। नतीजतन, इस बिल के खारिज होने के बाद सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा है और उसकी आलोचना की है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की बड़ी जीत हुई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49291/navneet-rana-wept-bitterly-as-mumbai-womens-reservation-bill-was"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t133918.586.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश की राजनीति में इस समय चर्चा में चल रहा महिला आरक्षण बिल आखिरकार लोकसभा में खारिज हो गया है। सरकार को इस बिल के पक्ष में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। साथ ही, महिला आरक्षण बिल के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल भी पास नहीं हो सका। नतीजतन, इस बिल के खारिज होने के बाद सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा है और उसकी आलोचना की है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की बड़ी जीत हुई है। भारत अघाड़ी ने मोदी सरकार की साजिश को नाकाम कर दिया है, यह कहते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने महिला आरक्षण बिल पर मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला। वहीं, बीजेपी नेता नवनीत राणा इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए काफी भावुक हो गई हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल खारिज होने के बाद नवनीत राणा की आंखों में आंसू आ गए हैं।</p>
<p> </p>
<p>विपक्ष ने इस बिल को पास नहीं होने दिया, इसलिए आज का दिन काले दिन के तौर पर याद किया जाएगा। विपक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। आज का काला दिन विपक्ष ने बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश की, इसलिए हम उनके सामने सिर झुकाते हैं। हालांकि, हम उनसे माफी मांगते हैं, हम उन्हें पूरी बहुमत नहीं दे पाए। पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कुछ इस तरह रिएक्ट किया।<br />भारत अघाड़ी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं थी, लेकिन हमने डिलिमिटेशन का विरोध किया था।</p>
<p>हमने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था। लेकिन जनगणना होने से पहले यह कई लोगों के साथ अन्याय होता। भारत फ्रंट ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया, लेकिन हमने डिलिमिटेशन का विरोध किया, बीजेपी की कोशिश नाकाम रही। इसका इस्तेमाल कोलकाता और तमिलनाडु में किया जा सकता है। बीजेपी इसका 100 परसेंट राजनीतिकरण करेगी, ऐसा नेशनलिस्ट शरद पवार ग्रुप के MLA रोहित पवार ने कहा। महिला आरक्षण बिल एक राजनीतिक साज़िश थी, वह गिर गई। दूसरी ओर, शिवसेना ठाकरे ग्रुप के MP संजय राउत ने भी इसी मुद्दे पर बात की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:40:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : लोकसभा में नक्सलवाद पर बहस, ओवैसी बोले- विचारधारा अभी जिंदा; 'हथियार डालना हार नहीं, विचारधारा अभी जिंदा', नक्सलवाद पर बोले ओवैसी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोकसभा में नक्सलवाद और लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ हथियार डालने से समस्या खत्म नहीं होती, क्योंकि विचारधारा अभी भी जिंदा है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सरेंडर कर रहे हैं, उन्होंने कहीं भी अपनी विचारधारा को त्यागने की बात नहीं कही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48835/debate-on-naxalism-in-new-delhi-lok-sabha-owaisi-said"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-30t184234.046.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>लोकसभा में नक्सलवाद और लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ हथियार डालने से समस्या खत्म नहीं होती, क्योंकि विचारधारा अभी भी जिंदा है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सरेंडर कर रहे हैं, उन्होंने कहीं भी अपनी विचारधारा को त्यागने की बात नहीं कही है। </p>
<p> </p>
<p>ओवैसी ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि 1977 में भी सीपीआई (एमएल) ने कुछ समय के लिए अपने सशस्त्र संघर्ष को रोका था, लेकिन बाद में फिर हथियार उठा लिए। उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि यह स्थायी समाधान नहीं बल्कि एक टैक्टिकल रिट्रीट हो सकता है। उन्होंने चारू मजूमदार का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सल आंदोलन की जड़ें गहरी हैं और इसे केवल सैन्य कार्रवाई से खत्म नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जेल में नक्सल नेताओं से बातचीत की है और उनकी सोच आज भी वैसी ही बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सिर्फ यह मान ले कि नक्सलवाद खत्म हो गया है, तो यह एक बड़ी भूल होगी।</p>
<p>ओवैसी ने आगे कहा कि देश के कई इलाकों में जहां नक्सलवाद कम हुआ है, वहां अब न तो नक्सल हैं और न ही सही गवर्नेंस पहुंची है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रशासन और विकास वहां नहीं पहुंचे, तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था की नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक असमानता से जुड़ी है। आदिवासी इलाकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से भरे इलाकों में रहने वाले लोगों को उसका फायदा नहीं मिलता, जिससे असंतोष बढ़ता है। ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर गवर्नेंस, राहत और पुनर्वास पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में फिर से हिंसा बढ़ सकती है।</p>
<p>उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं ने सरकार नहीं, बल्कि गवर्नेंस बदलने के लिए आंदोलन किया। उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि फर्जी मुठभेड़, घरों को तोड़ना और समाज में डर का माहौल बनाना कट्टरता को बढ़ावा देता है। ओवैसी ने कहा कि किसी भी तरह का उग्रवाद, चाहे वह वामपंथी हो या दक्षिणपंथी, देश के लिए खतरा है और इसे रोकने के लिए संतुलित और संवेदनशील नीति जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48835/debate-on-naxalism-in-new-delhi-lok-sabha-owaisi-said</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 18:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दोगुने हुए बेटिकट यात्री, वेस्टर्न रेलवे सख्त, 3.76 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ पश्चिम रेलवे ने सख्त अभियान चलाया है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच टिकट जांच अभियानों के दौरान मुंबई उपनगरीय खंड में 10 लाख से अधिक मामलों का पता चला, जिनसे लगभग 50 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी में अगर एसी लोकल की बात करें तो पश्चिम रेलवे की एसी लोकल ट्रेनों में सामान्य टिकट लेकर यात्रा करने वालों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच एसी लोकल में 1.16 लाख से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई और 3.76 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 99 प्रतिशत अधिक है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48287/mumbai-ticketless-passengers-doubled-western-railways-imposed-strict-fine-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-09t103440.142.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ पश्चिम रेलवे ने सख्त अभियान चलाया है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच टिकट जांच अभियानों के दौरान मुंबई उपनगरीय खंड में 10 लाख से अधिक मामलों का पता चला, जिनसे लगभग 50 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी में अगर एसी लोकल की बात करें तो पश्चिम रेलवे की एसी लोकल ट्रेनों में सामान्य टिकट लेकर यात्रा करने वालों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच एसी लोकल में 1.16 लाख से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई और 3.76 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 99 प्रतिशत अधिक है। </p>
<p> </p>
<p><strong>फरवरी 2026 में ही 87 हजार मामले दर्ज</strong><br />फरवरी 2026 के दौरान मुंबई उपनगरीय खंड में 87 हजार बिना टिकट या अनियमित यात्रा के मामले सामने आए। इन मामलों से 4.28 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना और यात्रियों में अनुशासित यात्रा को बढ़ावा देना है।</p>
<p>इन अभियानों का मकसद राजस्व हानि को रोकना और यात्रियों में अनुशासित और वैध यात्रा को प्रोत्साहित करना रहा है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 की अवधि में लगभग 30 लाख बिना टिकट और अनियमित यात्रियों का पता लगाया गया। इसमें बिना बुक किए गए सामान के मामले भी शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप 191 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्‍त हुई। जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 42% अधिक है। फरवरी 2026 के दौरान ही लगभग 3 लाख बिना टिकट यात्रा के मामलों का पता लगाकर 18.50 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई, जो पिछले साल की तुलना में 10% से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 10:36:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: राज्यसभा में कांग्रेस की रणनीति पर सवाल, ठाकरे से पीछे हटने की अपील पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में विपक्ष के पास जीतने योग्य एक ही राज्यसभा सीट है, जिसपर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी दोनों ही दावा पेश कर चुके हैं। अब खबरें हैं कि कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे से सीट पर दावेदारी छोड़ने की अपील की है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह सीट राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48165/protestors-burn-bonfire-of-vsr-aircraft-in-thane-demand-probe"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-04t111306.693.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में विपक्ष के पास जीतने योग्य एक ही राज्यसभा सीट है, जिसपर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी दोनों ही दावा पेश कर चुके हैं। अब खबरें हैं कि कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे से सीट पर दावेदारी छोड़ने की अपील की है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह सीट राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे हैं।</p>
<p> </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी और केरल विधायक रमेश चेन्नीथला ने ठाकरे से बात की थी। उन्होंने ठाकरे से कहा कि यह सीट कांग्रेस को दी जानी चाहिए, जिसके बदले में शिवसेना यूबीटी को एमएलसी सीट दी जाएगी। खास बात है कि राज्यसभा सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। इसपर नतीजों का ऐलान 16 मार्च को होगा।</p>
<p>इन नेताओं का पूरा हो रहा कार्यकाल अप्रैल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी, राकांपा (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और राकांपा के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। सत्तारूढ़ महायुति के पक्ष में भारी बहुमत को देखते हुए एमवीए संसद के ऊपरी सदन और विधान परिषद में केवल एक-एक सदस्य को निर्वाचित कराने में सफल हो सकती है।</p>
<p><strong>क्या बात हुई रिपोर्ट में </strong><br />सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चेन्नीथला ने ठाकरे को बताया कि महाराष्ट्र की यह एकमात्र सीट कांग्रेस के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर कांग्रेस को यह सीट नहीं मिलती है, तो संभावनाएं हैं कि पार्टी नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा गंवा सकती है। सूत्र ने कहा, 'राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए किसी भी विपक्षी दल को कुल सीटों का 10 फीसदी या कम से कम 25 सदस्य रखने होते हैं। मौजूदा स्थिति है कि कांग्रेस के पास संख्या बल 27 का है, लेकिन कई सांसद ऐसे हैं जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।ऐसे में 25 का आंकड़ा बनाए रखना चुनौती हो सकता है। ऐसे में एक राज्यसभा सीट भी अहम साबित हो सकती है।'<br /> उन्होंने कहा, 'इसके चलते कांग्रेस नेतृत्व ने उद्धव ठाकरे से इस मुद्दे पर नहीं अड़ने का अनुरोध किया है। इसके बदले में कांग्रेस शिवसेना यूबीटी को एक एमएलसी सीट देने के लिए तैयार है।' एमवीए के तीनों दलों की नजर खास बात है कि इस सीट पर महाविकास अघाड़ी के तीनों बड़े दलों की नजर है। एक ओर जहां आदित्य ठाकरे ने एक पोस्ट में कहा, 'राज्यसभा चुनाव के लिए हो रही वार्ता में कोई गतिरोध नहीं है; सभी दल एक-दूसरे के संपर्क में हैं। हमने एक राज्यसभा सीट पर अपना दावा पेश किया है, क्योंकि संख्यात्मक ताकत और एमवीए के लिए तय 'रोटेशन' नीति के अनुसार इस सीट पर शिवसेना यूबीटी को चुनाव लड़ना चाहिए।' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48165/protestors-burn-bonfire-of-vsr-aircraft-in-thane-demand-probe</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Mar 2026 11:14:26 +0530</pubDate>
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