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                <title>strategy - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>पुणे: सचिन अहीर के दल बदल पर सुषमा अंधारे का हमला, बोलीं- यह राजनीतिक बदले की रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों दल-बदल और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा कथित तौर पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन टाइगर 3’ की चर्चाओं के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक सचिन अहीर का एकनाथ शिंदे गुट में जाना और उन्हें विधानसभा के उपसभापति पद के लिए नामित किया जाना नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस घटनाक्रम पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता सुषमा अंधारे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50504/pune-sushma-andhares-attack-on-sachin-ahirs-defection-said"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-02t130641.081.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे: </strong>महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों दल-बदल और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा कथित तौर पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन टाइगर 3’ की चर्चाओं के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक सचिन अहीर का एकनाथ शिंदे गुट में जाना और उन्हें विधानसभा के उपसभापति पद के लिए नामित किया जाना नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस घटनाक्रम पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता सुषमा अंधारे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।</p>
<p> </p>
<p>पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुषमा अंधारे ने कहा कि महाराष्ट्र में जो राजनीतिक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, वे सामान्य दल-बदल नहीं बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्ष को कमजोर करने और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। सुषमा अंधारे ने कहा कि सचिन अहीर वही नेता हैं जो उन्हें शिवसेना में लेकर आए थे। उन्होंने याद दिलाया कि सचिन अहीर को आदित्य ठाकरे का करीबी माना जाता था और पार्टी में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। ऐसे नेता का अचानक पार्टी छोड़ देना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को पार्टी ने सम्मान, जिम्मेदारी और पहचान दी, वही अब दूसरी पार्टी का दामन थाम रहे हैं।</p>
<p>पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुषमा अंधारे ने कहा कि महाराष्ट्र में जो राजनीतिक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, वे सामान्य दल-बदल नहीं बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्ष को कमजोर करने और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। सुषमा अंधारे ने कहा कि सचिन अहीर वही नेता हैं जो उन्हें शिवसेना में लेकर आए थे। उन्होंने याद दिलाया कि सचिन अहीर को आदित्य ठाकरे का करीबी माना जाता था और पार्टी में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। ऐसे नेता का अचानक पार्टी छोड़ देना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को पार्टी ने सम्मान, जिम्मेदारी और पहचान दी, वही अब दूसरी पार्टी का दामन थाम रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अब राजनीतिक बदले की राजनीति खुलकर दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, पहले राज्य की राजनीति में इस प्रकार के घटनाक्रम कम देखने को मिलते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि नेताओं को अपने सबसे करीबी सहयोगियों पर भी भरोसा करना मुश्किल हो गया है। सुषमा अंधारे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राज्य की जनता के मुद्दों को सुलझाने के बजाय लगातार राजनीतिक अभियानों में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे-बड़े राजनीतिक अभियान चलाकर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, राज्य में प्रशासनिक कामकाज से ज्यादा राजनीतिक जोड़-तोड़ पर ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान राजनीतिक घटनाओं का उद्देश्य केवल सत्ता संतुलन बदलना नहीं बल्कि भविष्य की राजनीति को प्रभावित करना भी है। अंधारे ने दावा किया कि यह पूरा घटनाक्रम राज्य के भीतर राजनीतिक शक्ति संतुलन को नए तरीके से स्थापित करने की कोशिश का हिस्सा है। सुषमा अंधारे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) अपने राजनीतिक सिद्धांतों पर कायम रहेगी और पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उधर, सचिन अहीर के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने और उन्हें विधानसभा के उपसभापति पद के लिए नामित किए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:08:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: राज्यसभा में कांग्रेस की रणनीति पर सवाल, ठाकरे से पीछे हटने की अपील पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में विपक्ष के पास जीतने योग्य एक ही राज्यसभा सीट है, जिसपर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी दोनों ही दावा पेश कर चुके हैं। अब खबरें हैं कि कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे से सीट पर दावेदारी छोड़ने की अपील की है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह सीट राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48165/protestors-burn-bonfire-of-vsr-aircraft-in-thane-demand-probe"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-04t111306.693.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में विपक्ष के पास जीतने योग्य एक ही राज्यसभा सीट है, जिसपर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी दोनों ही दावा पेश कर चुके हैं। अब खबरें हैं कि कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे से सीट पर दावेदारी छोड़ने की अपील की है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह सीट राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे हैं।</p>
<p> </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी और केरल विधायक रमेश चेन्नीथला ने ठाकरे से बात की थी। उन्होंने ठाकरे से कहा कि यह सीट कांग्रेस को दी जानी चाहिए, जिसके बदले में शिवसेना यूबीटी को एमएलसी सीट दी जाएगी। खास बात है कि राज्यसभा सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। इसपर नतीजों का ऐलान 16 मार्च को होगा।</p>
<p>इन नेताओं का पूरा हो रहा कार्यकाल अप्रैल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी, राकांपा (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और राकांपा के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। सत्तारूढ़ महायुति के पक्ष में भारी बहुमत को देखते हुए एमवीए संसद के ऊपरी सदन और विधान परिषद में केवल एक-एक सदस्य को निर्वाचित कराने में सफल हो सकती है।</p>
<p><strong>क्या बात हुई रिपोर्ट में </strong><br />सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चेन्नीथला ने ठाकरे को बताया कि महाराष्ट्र की यह एकमात्र सीट कांग्रेस के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर कांग्रेस को यह सीट नहीं मिलती है, तो संभावनाएं हैं कि पार्टी नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा गंवा सकती है। सूत्र ने कहा, 'राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए किसी भी विपक्षी दल को कुल सीटों का 10 फीसदी या कम से कम 25 सदस्य रखने होते हैं। मौजूदा स्थिति है कि कांग्रेस के पास संख्या बल 27 का है, लेकिन कई सांसद ऐसे हैं जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।ऐसे में 25 का आंकड़ा बनाए रखना चुनौती हो सकता है। ऐसे में एक राज्यसभा सीट भी अहम साबित हो सकती है।'<br /> उन्होंने कहा, 'इसके चलते कांग्रेस नेतृत्व ने उद्धव ठाकरे से इस मुद्दे पर नहीं अड़ने का अनुरोध किया है। इसके बदले में कांग्रेस शिवसेना यूबीटी को एक एमएलसी सीट देने के लिए तैयार है।' एमवीए के तीनों दलों की नजर खास बात है कि इस सीट पर महाविकास अघाड़ी के तीनों बड़े दलों की नजर है। एक ओर जहां आदित्य ठाकरे ने एक पोस्ट में कहा, 'राज्यसभा चुनाव के लिए हो रही वार्ता में कोई गतिरोध नहीं है; सभी दल एक-दूसरे के संपर्क में हैं। हमने एक राज्यसभा सीट पर अपना दावा पेश किया है, क्योंकि संख्यात्मक ताकत और एमवीए के लिए तय 'रोटेशन' नीति के अनुसार इस सीट पर शिवसेना यूबीटी को चुनाव लड़ना चाहिए।' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Mar 2026 11:14:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली: नक्सलियों को घेरने के लिए तीन तरफ से रणनीति; ठिकाना बदल रहे नक्सली </title>
                                    <description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान जारी है. बस्तर में माओवादियों के खिलाफ पिछले एक साल में जो एक्शन हुआ है, उससे नक्सली पूरी तरह से बैकफुट पर हैं, ऐसे में कभी एक साथ ग्रुप में चलने वाले नक्सली अब टुकड़ियों में बंट चुके हैं, लेकिन नक्सली अब जितना सोच रहे हैं फोर्स उनसे उतना आगे चल रही है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41017/new-delhi--three-pronged-strategy-to-surround-naxalites--naxalites-are-changing-their-hideouts"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-02t150346.224.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान जारी है. बस्तर में माओवादियों के खिलाफ पिछले एक साल में जो एक्शन हुआ है, उससे नक्सली पूरी तरह से बैकफुट पर हैं, ऐसे में कभी एक साथ ग्रुप में चलने वाले नक्सली अब टुकड़ियों में बंट चुके हैं, लेकिन नक्सली अब जितना सोच रहे हैं फोर्स उनसे उतना आगे चल रही है. ऐसे में अब सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को घेरने के लिए व्यापक अभियान के साथ रणनीति बनाई है. इसलिए अब नक्सलियों को घेरने के लिए तीन तरफ से रणनीति बन रही है. महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ कॉरिडोर को सील करके अब नक्सलियों को घेरने का प्लान बनाया गया है, जो एक बड़ी रणनीति मानी जा रही है. </p>
<p> </p>
<p><strong>एमपी-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में ऐसे हो रहा काम </strong><br />दरअसल, बस्तर में लगातार हो रहे बड़े ऑपरेशनों के बात नक्सली छोटी-छोटी टुकड़ियों में बंटकर भागने में लगे हैं, लेकिन वह दोबारा से फिर से बस्तर में एंट्री न ले इसके लिए तीनों तरफ से घेरने की रणनीति पर काम हो रहा है. मध्य प्रदेश में हाक फोर्स, महाराष्ट्र में सी-60 कमांडो और छत्तीसगढ़ में डीआरजी नक्सलियों को घेरने में जुटी है. ऐसे में हाल ही में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में हुई इंटर स्टेट कॉर्डिनेशन मीट में नक्सलियों के खिलाफ यह नया प्लान बनाया गया है, जिसमें तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने इस रणनीति पर मुहर लगाई है. यानि अब नक्सली भागने की कोशिश करेंगे भी तो जाएंगे कहा, क्योंकि इसी इलाके में नक्सली छिपते हैं, ऐसे में यहां बड़ा एक्शन प्लान होगा</p>
<p><strong>ठिकाना बदल रहे नक्सली </strong><br />बता दें कि नक्सली लगातार ठिकाना बदल रहे हैं, ऐसे में पुलिस ने भी तीनों राज्यों के अंदरूनी हिस्सों में मूवमेंट बढ़ा दिया है. क्योंकि नक्सली पहले बड़ी टुकड़ियों में जंगलों में डेरा जमाकर रखते थे, लेकिन अब वह छोटी-छोटी टुकड़ियों में बंटकर सीमावर्ती इलाकों में छिपना शुरू कर चुके हैं, क्योंकि सुरक्षाबलों ने पूरे जंगल में अपनी पकड़ बना ली है. इसलिए नक्सलियों को लगातार घेरा भी इसलिए जा रहा है ताकि वह आत्मसमर्पण कर दें और सीधी झड़प न हो. </p>
<p>दरअसल, महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की यह प्लानिंग है कि तीनों राज्यों में कही से भी नक्सलियों को कोई मौका नहीं मिलना चाहिए, ऐसे में वह जहां भी छिपे हैं उन्हें अब बाहर आना ही पड़ेगा या फिर सर्मपण करना होगा. इसलिए सीमाओं पर कड़ी निगरानी कर दी गई है. ताकि नक्सलियों को घेरा जा सके. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/41017/new-delhi--three-pronged-strategy-to-surround-naxalites--naxalites-are-changing-their-hideouts</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 15:05:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : अगले वर्ष तक देश से नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने का लक्ष्य; मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के लिए रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले वर्ष तक देश से नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। नक्सली मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को एक जोन बनाकर अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। इस कारण तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारी जल्द ही बैठक कर नक्सली समस्या को खत्म करने के लिए रणनीति बनाएंगे। आपस में खुफिया जानकारियां साझा की जाएंगी। मध्य प्रदेश में नक्सली गतिविधि की सूचना देने वालों के लिए पुरस्कार की राशि भी बढ़ाने की तैयारी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38937/new-delhi--target-to-end-the-problem-of-naxalism-from-the-country-by-next-year--strategy-for-madhya-pradesh--maharashtra-and-chhattisgarh"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/naxalite-affected-area.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले वर्ष तक देश से नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। नक्सली मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को एक जोन बनाकर अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। इस कारण तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारी जल्द ही बैठक कर नक्सली समस्या को खत्म करने के लिए रणनीति बनाएंगे। आपस में खुफिया जानकारियां साझा की जाएंगी। मध्य प्रदेश में नक्सली गतिविधि की सूचना देने वालों के लिए पुरस्कार की राशि भी बढ़ाने की तैयारी है।</p>
<p><strong>एमपी में करीब 70 नक्स‍ली हैं सक्रिय</strong><br />मध्य प्रदेश के लिए यह रणनीति इसलिए महत्वपूर्ण है कि यहां सक्रिय लगभग 70 नक्सलियों में तीन ही मूल रूप से मध्य प्रदेश के हैं। बाकी में अधिकतर छत्तीसगढ़ और कुछ महाराष्ट्र से आए हैं। प्रशिक्षण भी वह छत्तीसगढ़ या महाराष्ट्र में ही लेते हैं। दूसरी बात यह कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को मारने, गिरफ्तार करने और आत्मसमर्पण कराने के लिए ताबड़तोड़ अभियान चल रहा है। ऐसे में आशंका यह रहती है कि कहीं उधर के नक्सली छुपकर मध्य प्रदेश में नहीं आ जाएं। ऐसे में अब सूक्ष्म स्तर पर रणनीति बनाने की तैयारी है</p>
<p><strong>मध्य प्रदेश पुलिस की तैयारी</strong><br />खुफिया तंत्र को मजबूत करने कर्मचारियों की संख्या और बजट बढ़ाया जाएगा। पैरामिलिट्री फोर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। नक्सल प्रभावित बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में सड़कों का निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के माध्यम से दूसरे नक्सलियों का भी समर्पण कराने का प्रयास किया जाएगा। </p>
<p><strong>इस तरह की बनेगी रणनीति</strong><br />नक्सल विरोधी आपरेशन में तीनों राज्य एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। नक्सलियों के पास से जब्त साहित्य व सामग्री के बारे में जानकारी साझा करेंगे, जिससे दूसरे राज्यों को अपनी तैयारी रखने में मदद मिले। जोनल कमेटी के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी होने पर संबंधित राज्य में जाकर उनसे पूछताछ कर सकेंगे। मुठभेड़ के बाद राज्यों की सीमाओं में चौकसी के बारे में जानकारी साझा करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Mar 2025 12:18:17 +0530</pubDate>
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