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                <title>society - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>society RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : पॉश सोसायटी में दहशत, शिकार की तलाश में घूमता दिखा तेंदुआ, वन विभाग ने लगाया पिंजरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महानगर के गोरेगांव पूर्व (दिंडोशी) स्थित रिहायशी और पॉश सोसायटी 'रहेजा हाइट्स' में इन दिनों खौफ का माहौल है. करोड़ों रुपये के आलीशान घरों में रहने वाले लोग एक तेंदुए की वजह से दहशत में हैं. बीते एक महीने के भीतर सोसायटी में तीसरी बार तेंदुए की एंट्री से हड़कंप मच गया है. मंगलवार तड़के करीब 3 बजे तेंदुआ सोसायटी के पार्किंग एरिया में शिकार की तलाश में बेखौफ घूमता हुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है. </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49123/panic-in-mumbai-posh-society-leopard-seen-roaming-in-search"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-11t104926.875.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महानगर के गोरेगांव पूर्व (दिंडोशी) स्थित रिहायशी और पॉश सोसायटी 'रहेजा हाइट्स' में इन दिनों खौफ का माहौल है. करोड़ों रुपये के आलीशान घरों में रहने वाले लोग एक तेंदुए की वजह से दहशत में हैं. बीते एक महीने के भीतर सोसायटी में तीसरी बार तेंदुए की एंट्री से हड़कंप मच गया है. मंगलवार तड़के करीब 3 बजे तेंदुआ सोसायटी के पार्किंग एरिया में शिकार की तलाश में बेखौफ घूमता हुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है. </p>
<p> </p>
<p>जंगल से निकलकर रहेजा सोसायटी अब इस तेंदुए का नया अड्डा बनती दिख रही है. 7 अप्रैल की इस घटना से पहले 17 और 18 मार्च को भी यहां तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई थी. सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि कुत्तों के लगातार भौंकने पर उसे शक हुआ था. जब वह मौके पर पहुंचा, तो उसने तेंदुए को एक कुत्ते को मुंह में दबाकर ले जाते हुए देखा. गार्ड के शोर मचाने पर तेंदुआ शिकार छोड़कर भाग गया. अब तक तीन बार की एंट्री में तेंदुए ने एक स्ट्रीट डॉग का शिकार किया है और एक को बुरी तरह घायल कर दिया है. </p>
<p><strong>सोसायटी ने उठाए सुरक्षा के सख्त कदम</strong><br />लगातार हो रही तेंदुए की घुसपैठ को देखते हुए स्थानीय निवासियों ने अपनी तरफ से सख्त एहतियाती कदम उठाए हैं: सोसायटी की बाउंड्री वॉल पर ऊंचे टीन के शेड लगा दिए गए हैं. तेंदुए को दूर रखने के लिए तेज आवाज वाले म्यूजिक स्पीकर और ज्यादा लाइट्स की व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी की निगरानी और सिक्योरिटी गार्ड्स की गश्त बढ़ा दी गई है. पास के जिस पार्क को तेंदुए के आने-जाने का रास्ता माना जा रहा था, उसे फिलहाल बंद कर दिया गया है. </p>
<p><strong>वन विभाग ने लगाया पिंजरा, जागरूकता अभियान शुरू</strong><br />इस घटना के बाद वन विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है. अधिकारियों ने पास के रहेजा पब्लिक पार्क में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है. इसके साथ ही, वन अधिकारियों ने सोसायटी के लोगों के बीच एक जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें तेंदुए से बचने और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. </p>
<p><strong>संजय गांधी नेशनल पार्क के करीब है इलाका</strong><br />यह पूरा इलाका संजय गांधी नेशनल पार्क के बेहद करीब स्थित है, जिसके कारण यहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही का खतरा बना रहता है. सोसायटी में लगातार तेंदुए के दिखने से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं. फिलहाल वन विभाग स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और जल्द ही तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद जताई जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 10:51:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  क्रेडिट सोसाइटी के चेयरमैन, पदाधिकारियों पर बांद्रा की फर्म से ₹25 लाख की लोन धोखाधड़ी का मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नेहरू नगर पुलिस ने डॉ. पतंगराव कदम को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के चेयरमैन और ऑफिस वालों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया है। इन लोगों पर शहर की एक डिजिटल मार्केटिंग फर्म को Rs2.5 करोड़ के बिज़नेस लोन का लालच देकर Rs25 लाख की ठगी करने का आरोप है। तीन आरोपियों की पहचान हो गई है आरोपियों की पहचान क्रेडिट सोसाइटी के चेयरमैन आनंद पगारे, सेक्रेटरी दिनेश उपाडे और विजय तेलगर के तौर पर हुई है। शुरुआती जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता  की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47994/case-registered-against-mumbai-credit-society-chairman-officials-for-loan"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-25t125904.272.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नेहरू नगर पुलिस ने डॉ. पतंगराव कदम को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के चेयरमैन और ऑफिस वालों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया है। इन लोगों पर शहर की एक डिजिटल मार्केटिंग फर्म को Rs2.5 करोड़ के बिज़नेस लोन का लालच देकर Rs25 लाख की ठगी करने का आरोप है। तीन आरोपियों की पहचान हो गई है आरोपियों की पहचान क्रेडिट सोसाइटी के चेयरमैन आनंद पगारे, सेक्रेटरी दिनेश उपाडे और विजय तेलगर के तौर पर हुई है। शुरुआती जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता  की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>प्राथमिकी के मुताबिक, शिकायत करने वाले 56 साल के विद्याधर दत्तू पवार, बांद्रा (वेस्ट) में 15th रोड पर मौजूद एफबीटीएस डिजिटल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। कंपनी का ऑपरेशन बढ़ाने के लिए फंड की तलाश में पवार ने एजेंट के ज़रिए लोन के ऑप्शन देखने शुरू किए। इस दौरान, विजय अहलूवालिया नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें विजय तेलगर से मिलवाया, जिसने कथित तौर पर उन्हें भरोसा दिलाया कि क्रेडिट सोसाइटी के ज़रिए लोन का इंतज़ाम किया जा सकता है। 16 अगस्त, 2025 को, पवार और उनके साथी कुर्ला (ईस्ट) में ईस्ट पॉइंट मॉल में सोसाइटी की ब्रांच गए, जहाँ वे पगारे और उपाडे से मिले। पगारे ने उन्हें बताया कि सोसाइटी का हेड ऑफिस रहेजा अर्काडिया, सेक्टर 11, सीबीडी बेलापुर, नवी मुंबई में है। जब पवार ने Rs2.5 करोड़ के लोन के लिए अप्लाई किया, तो पगारे ने कथित तौर पर एक शर्त रखी कि लोन की रकम का 10 परसेंट सोसाइटी में फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर जमा करना होगा।</p>
<p>शर्त मानकर, पवार ने केवाईसी डॉक्यूमेंट्स जमा किए और एप्लीकेशन फीस के तौर पर Rs11,000 कैश दिए। 19 अगस्त, 2025 को, उन्हें सोसाइटी के लेटरहेड पर एक लोन सैंक्शन लेटर मिला, जिसमें लिखा था कि Rs2.5 करोड़ का लोन 10 साल के लिए 7 परसेंट सालाना ब्याज पर मंज़ूर हो गया है, जिसकी हर महीने की किस्त Rs2,90,271 होगी। फर्म ने Rs 25 लाख ट्रांसफर किए इसके बाद, कंपनी ने एफबीटीएस डिजिटल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर Rs 12.5 लाख के दो फिक्स्ड डिपॉजिट में  आरटीजीएस के ज़रिए Rs 25 लाख ट्रांसफर किए। सोसाइटी ने 18 अगस्त, 2030 को खत्म होने वाले पांच साल के समय के साथ 7.5 परसेंट ब्याज के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट सर्टिफिकेट जारी किए। हालांकि, वादा किया गया लोन कभी नहीं दिया गया। 5 सितंबर, 2025 को, पगारे ने कथित तौर पर सोसाइटी की बेलापुर ब्रांच के नाम पर Rs 2.5 करोड़ का एक डिमांड ड्राफ्ट दिया। जब पोवार ने इसे बीकेसी में अपनी कंपनी की बैंक ब्रांच में जमा किया, तो ड्राफ्ट को अमान्य बताकर डिसऑनर कर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 13:11:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई की इस सोसायटी में रहने के पैसे नहीं देने पड़ते, उल्टा रहने वालों को लाखों रुपए मिलते हैं हर साल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महानगरों में ऊंची-ऊंची सोसायटियों में फ्लैट खरीदना हर किसी का सपना होता है. बिल्डर शुरुआत में शानदार सुविधाओं और लग्ज़री लाइफ का वादा करते हैं, लेकिन घर मिलने के बाद असली सच्चाई सामने आती है, हर महीने भारी भरकम मेंटेनेंस बिल. आमतौर पर भारत में सोसायटियों में मेंटेनेंस शुल्क 2 से 25 रुपए प्रति वर्ग फुट तक होता है. लेकिन मुंबई में एक ऐसी सोसायटी है, जहां रहने वाले मेंटेनेंस नहीं देते, बल्कि हर साल लाखों रुपए कमाते हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47520/one-does-not-have-to-pay-for-living-in-this"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-06t140306.578.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महानगरों में ऊंची-ऊंची सोसायटियों में फ्लैट खरीदना हर किसी का सपना होता है. बिल्डर शुरुआत में शानदार सुविधाओं और लग्ज़री लाइफ का वादा करते हैं, लेकिन घर मिलने के बाद असली सच्चाई सामने आती है, हर महीने भारी भरकम मेंटेनेंस बिल. आमतौर पर भारत में सोसायटियों में मेंटेनेंस शुल्क 2 से 25 रुपए प्रति वर्ग फुट तक होता है. लेकिन मुंबई में एक ऐसी सोसायटी है, जहां रहने वाले मेंटेनेंस नहीं देते, बल्कि हर साल लाखों रुपए कमाते हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>1970 के दशक में बनी, आज भी अनोखी </strong><br />मुंबई के कफ परेड इलाके में स्थित जॉली मेकर 1 सोसायटी का निर्माण 1970 के दशक में जॉली ग्रुप ने किया था. रियल एस्टेट ब्लॉगर विशाल भार्गव के मुताबिक, यह सोसायटी अपने हर रेज़िडेंट को सालाना करीब 2.5 लाख रुपए तक का डिविडेंड देती है.  इस सोसायटी में दो 25 मंज़िला रेज़िडेंशियल टावर, कुल 180 फ्लैट और 10 बंगलों शामिल हैं. यह मुंबई की सबसे आलीशान और कैश-रिच सोसायटियों में गिनी जाती है.</p>
<p><strong>मेंटेनेंस नहीं, उल्टा कमाई </strong><br />इस सोसायटी की सबसे खास बात यह है कि यहां रहने वाले किसी भी तरह का मासिक मेंटेनेंस नहीं देते. बिजली, पानी, टैक्स जैसे सभी खर्च सोसायटी खुद उठाती है. रेज़िडेंट्स से सिर्फ नाममात्र का एक पैसा प्रति वर्ग फुट प्रति माह लिया जाता है, जबकि आसपास की सोसायटियों में यह दर कई गुना ज्यादा है. इसका कारण है सोसायटी के पास मौजूद 25 से 30 करोड़ रुपए का रिज़र्व और सिंकिंग फंड.</p>
<p>इस कमाल की योजना के पीछे एक दूरदर्शी निवेश छिपा है. जॉली मेकर 1 में फ्लैट खरीदने वालों को नरीमन पॉइंट की एक कमर्शियल बिल्डिंग में भी हिस्सेदारी दी गई थी. उस समय खरीदारों ने करीब 40 प्रतिशत प्रीमियम चुकाया था. आज उसी कमर्शियल इमारत से करीब 50 लाख रुपए महीना किराया आता है. इसी किराये से जॉली मेकर 1 की पूरी मेंटेनेंस होती है और रेज़िडेंट्स को सालाना डिविडेंड दिया जाता है. </p>
<p><strong>डिविडेंड कैसे बढ़ता गया </strong><br />एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2003 में सोसायटी हर फ्लैट मालिक को 100 रुपए प्रति वर्ग फुट सालाना डिविडेंड देती थी. 2012 तक यह रकम बढ़कर 300 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई. यानि 2500 वर्ग फुट के फ्लैट में रहने वाला व्यक्ति सालाना 7.5 लाख रुपए तक कमा रहा था. हाल के वर्षों में डिविडेंड बढ़ा या नहीं, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है. 2012 में यहां एक फ्लैट 1.11 लाख रुपए प्रति वर्ग फुट में बिका था, जिसकी कुल कीमत करीब 29 करोड़ रुपए रही. आज भी यहां की प्रॉपर्टी की कीमतें 75,000 रुपए प्रति वर्ग फुट से ऊपर बताई जाती हैं. </p>
<p><strong>निवेश जिसने ज़िंदगी भर फायदा दिया </strong><br />जॉली मेकर 1 इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर किया गया समझदारी भरा निवेश कैसे एक पूरी पीढ़ी के लिए मुफ्त मेंटेनेंस और स्थायी आय का ज़रिया बन सकता है. यही वजह है कि यह सोसायटी आज भी मुंबई की सबसे अनोखी और चर्चित रेज़िडेंशियल इमारतों में शामिल है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:04:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : ‘मराठी’ समाज का हम हिस्सा हैं, वह अव्यवस्थित, नेतृत्वहीन और बिना रीढ़ का हो चुका है - संजय राउत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की शुक्रवार, 23 जनवरी को जन्म शताब्दी पर बाल ठाकरे 100 साल की उम्र के हो जाते. 'हिंदूहृदयसम्राट' कहे जाने वाले बाल ठाकरे के लिए उद्धव गुट के मुखपत्र सामना में लेख छपा है, जिसके जरिये उद्धव ठाकरे गुट ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. सामना के संपादक संजय राउत अपने संपादकीय में लिखते हैं, "बाल ठाकरे के प्रशंसक और शिवसैनिक उनके शताब्दी समारोह को बड़े धूमधाम से मनाते हैं. षण्मुखानंद हॉल के मुख्य समारोह में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आकर शिवसेना प्रमुख को श्रद्धांजलि अर्पित करना बालासाहेब के लिए इससे बेहतर जन्मदिन का उपहार क्या हो सकता है?"<br />कुछ लोगों की उम्र हो चुकी है'</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47197/we-are-part-of-mumbai-marathi-society-it-has-become"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-23t185736.252.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की शुक्रवार, 23 जनवरी को जन्म शताब्दी पर बाल ठाकरे 100 साल की उम्र के हो जाते. 'हिंदूहृदयसम्राट' कहे जाने वाले बाल ठाकरे के लिए उद्धव गुट के मुखपत्र सामना में लेख छपा है, जिसके जरिये उद्धव ठाकरे गुट ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. सामना के संपादक संजय राउत अपने संपादकीय में लिखते हैं, "बाल ठाकरे के प्रशंसक और शिवसैनिक उनके शताब्दी समारोह को बड़े धूमधाम से मनाते हैं. षण्मुखानंद हॉल के मुख्य समारोह में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आकर शिवसेना प्रमुख को श्रद्धांजलि अर्पित करना बालासाहेब के लिए इससे बेहतर जन्मदिन का उपहार क्या हो सकता है?"<br />कुछ लोगों की उम्र हो चुकी है'</p>
<p> </p>
<p>सामना में बिना नाम लिए संजय राउत ने लिखा, "महान व्यक्तियों को उम्र से नहीं मापा जा सकता. बालासाहेब जैसे महान लोगों की महानता उनकी उम्र पर निर्भर नहीं करती. देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जिनकी उम्र हो चुकी है फिर भी देश पर बोझ बने बैठे हैं, लेकिन बालासाहेब जैसे नेता हमेशा अमर और प्रेरणादायक लगते हैं. उनकी महानता उम्र पर निर्भर नहीं करती. यह उनके कार्यों, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान पर निर्भर करती है.</p>
<p>संजय राउत ने आगे लिखा, "जिस ‘मराठी’ समाज का हम हिस्सा हैं, वह अव्यवस्थित, नेतृत्वहीन और बिना रीढ़ का हो चुका है. उसकी राय और अस्तित्व का कोई मूल्य नहीं है. उसकी कोई सार्वजनिक राय नहीं है, राज दरबार में उसका कोई महत्व नहीं है. महाराष्ट्र की इस धरती पर जन्म लेने के बावजूद, ‘मराठी’ होने के कारण लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. यह अन्याय है और बालासाहेब ने इसे दिल से महसूस किया. परिणामस्वरूप, उन्होंने यह निश्चय किया कि मराठी लोगों में जागरूकता और एक सशक्त संगठन बनाना उनका लक्ष्य है. उन्होंने यह तय किया कि वे इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ताउम्र निरंतर प्रयास करते रहेंगे."</p>
<p><strong>हमेशा के लिए मिट गए होते मराठी'</strong><br />सामना में लिखा गया है, "सच तो यह है कि अगर बालासाहेब ने मुंबई में शिवसेना की स्थापना न की होती, तो महाराष्ट्र की इस राजधानी से मराठी लोग हमेशा के लिए मिट गए होते. एक तो मुंबई में मराठी मानुस की संख्या कम है और उस पर शासकों की लापरवाही. इसी वजह से मुंबई की हालत एक धर्मशाला जैसी हो गई है ‘आओ जाओ घर तुम्हारा!’ पिछले 50 साल में इस धर्मशाला का दायरा और भी बढ़ गया है."</p>
<p><strong>'मराठी लोगों का अस्तित्व नहीं बचा'</strong><br />मुंबई से ढाई लाख मिल मजदूर गायब हो गए. इसी वजह से गिरणगाव (मिल मजदूरों की बसाहत) का इतिहास और भूगोल बदल गया. गिरणगाव की चिमनियां गायब हो गर्इं और उनकी जगह गगनचुंबी टावर बन गए. इन टावरों में अब मराठी लोगों का अस्तित्व नहीं बचा. ये सभी टावर राक्षस बनकर मुंबई की ‘मराठी पहचान’ को नष्ट करने पर तुले हैं. ऐसे वक्त में आज बालासाहेब की याद आती है. </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 18:58:46 +0530</pubDate>
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