<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/8489/cleaning" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>cleaning - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/8489/rss</link>
                <description>cleaning RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : मेयर रितु तावड़े ने कंक्रीटीकरण और गाद सफाई कार्यों का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेयर रितु तावड़े ने शनिवार को शहर में चल रहे सड़कों के कंक्रीटीकरण कार्य और नालों से गाद निकालने के कामों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आगामी मानसून में किसी भी प्रकार की जलभराव या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान मेयर ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कंक्रीट से बनी सड़कों और उनकी ड्रेनेज पाइपलाइनों की नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सीमेंट मिश्रित पानी को नालियों में जाने से रोका जाए, क्योंकि इससे ड्रेनेज सिस्टम में अवरोध उत्पन्न हो सकता है और जल निकासी प्रभावित हो सकती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49669/mumbai-mayor-ritu-tawde-inspected-concretization-and-silt-cleaning-works"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-03t142150.399.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मेयर रितु तावड़े ने शनिवार को शहर में चल रहे सड़कों के कंक्रीटीकरण कार्य और नालों से गाद निकालने के कामों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आगामी मानसून में किसी भी प्रकार की जलभराव या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान मेयर ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कंक्रीट से बनी सड़कों और उनकी ड्रेनेज पाइपलाइनों की नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सीमेंट मिश्रित पानी को नालियों में जाने से रोका जाए, क्योंकि इससे ड्रेनेज सिस्टम में अवरोध उत्पन्न हो सकता है और जल निकासी प्रभावित हो सकती है।</p>
<p> </p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि सड़कों के किनारों पर पानी जमा न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किनारों पर पानी रुकता है तो इससे सड़क की गुणवत्ता पर असर पड़ता है और भविष्य में नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत और सुचारु बनाए रखना बेहद जरूरी है। मेयर ने चेम्बूर क्षेत्र में चल रहे सड़क कंक्रीटीकरण कार्यों का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने माहूल नाला, जे.के. नाला और मीठी नदी से गाद निकालने के कार्यों की भी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों और अधिकारियों से कार्य की प्रगति और गुणवत्ता को लेकर विस्तृत जानकारी ली।</p>
<p>मीडिया से बातचीत करते हुए रितु तावड़े ने कहा कि शहर में कंक्रीटीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि काम की गति बढ़ाई जाए, लेकिन गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के साथ-साथ ड्रेनेज सिस्टम को भी समान रूप से मजबूत करना आवश्यक है, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी में कोई बाधा न आए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>मेयर ने अधिकारियों से यह भी कहा कि पूरी हो चुकी सड़कों की नियमित सफाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण से जुड़ा कोई भी अवशेष नालियों में न पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर भी मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49669/mumbai-mayor-ritu-tawde-inspected-concretization-and-silt-cleaning-works</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49669/mumbai-mayor-ritu-tawde-inspected-concretization-and-silt-cleaning-works</guid>
                <pubDate>Sun, 03 May 2026 14:23:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/download---2026-05-03t142150.399.jpg"                         length="12282"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : नदियों और नालों की सफाई में सख्त निगरानी के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49603/instructions-for-strict-monitoring-of-cleaning-of-mumbai-rivers-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(64).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्री-मानसून तैयारियों के तहत चल रहे गाद निकालने के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर तैरते हुए ठोस कचरे, जैसे प्लास्टिक, को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर जालीदार बैरियर लगाना जरूरी कर दिया गया है। यदि यह व्यवस्था लागू नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p> </p>
<p>मुंबई में मानसून से पहले नदियों और बड़े-छोटे नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में अभिजीत बांगर ने पश्चिमी उपनगरों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोरेगांव (ईस्ट) स्थित वलभट नदी, गोरेगांव (वेस्ट) मेट्रो स्टेशन के पास ओशिवारा नदी, गजधरबंध पंपिंग स्टेशन के पास SNDT नाला और सांताक्रूज़ (वेस्ट) के नॉर्थ एवेन्यू नाले का ऑन-साइट दौरा किया। गोरेगांव (ईस्ट) में निरीक्षण के दौरान उन्होंने वलभट नदी के गाद निकालने के कार्य की समीक्षा की, जो संजय गांधी नेशनल पार्क से निकलकर विभिन्न क्षेत्रों से होकर बहती है और आगे बिंबिसार नाले में मिलती है। उन्होंने निर्देश दिए कि निकाली गई गाद को तय समय में हटाया जाए और उसे दोबारा नदी में जाने से रोका जाए।</p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारी मशीनरी लगाने के लिए रैंप स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और वार्ड इंजीनियरों की देखरेख में बनाए जाएं, और संबंधित इंजीनियरों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि रैंप वाली जगहों पर काम का उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न बने। नगर प्रशासन ने साफ किया है कि मानसून से पहले सभी प्रमुख नदियों और नालों की सफाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49603/instructions-for-strict-monitoring-of-cleaning-of-mumbai-rivers-and</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49603/instructions-for-strict-monitoring-of-cleaning-of-mumbai-rivers-and</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:22:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/images-%2864%29.jpg"                         length="13037"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल पर सवाल, वालधुनी नदी सफाई के लिए न फंड, न योजना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वालधुनी नदी की स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) के कल्याण उप-प्रादेशिक कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में नदी से जुड़ी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। वालधुनी नदी स्वच्छता सेवाभावी संस्था के अध्यक्ष सुनील उतेकर द्वारा पिछले 5 वर्षों की जानकारी मांगे जाने पर पता चला कि इस अवधि में नदी के मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक जनप्रतिनिधियों द्वारा बेहद कम पत्राचार किया गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48769/question-on-mumbai-maharashtra-pollution-control-board-neither-fund-nor"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t105307.980.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>वालधुनी नदी की स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) के कल्याण उप-प्रादेशिक कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में नदी से जुड़ी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। वालधुनी नदी स्वच्छता सेवाभावी संस्था के अध्यक्ष सुनील उतेकर द्वारा पिछले 5 वर्षों की जानकारी मांगे जाने पर पता चला कि इस अवधि में नदी के मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक जनप्रतिनिधियों द्वारा बेहद कम पत्राचार किया गया। </p>
<p> </p>
<p>उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार केवल सुनील उतेकर और निशांत कांबले के दो पत्र ही दर्ज पाए गए हैं। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी वालधुनी नदी के संबंध में शासन को कोई पत्र नहीं भेजा। यानी इस मुद्दे पर विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।</p>
<p><strong>नहीं खोला खर्च का खाता, न ही अलग बजट की व्यवस्था</strong><br />आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ कि वालधुनी नदी की सफाई के लिए पिछले पांच वर्षों में कोई निधि (फंड) उपलब्ध नहीं कराया गया। इतना ही नहीं, नदी से संबंधित कार्यों के लिए कोई अलग अकाउंट हेड या खर्च का खाता भी नहीं खोला गया है। </p>
<p><strong>विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल</strong><br />इन तथ्यों के सामने आने के बाद संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है। वालधुनी नदी स्वच्छता सेवाभावी संस्था ने आरोप लगाया है कि अधिकारी केवल दफ्तरों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले को लेकर संस्था ने कड़ा रुख अपनाते हुए जल्द ही तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48769/question-on-mumbai-maharashtra-pollution-control-board-neither-fund-nor</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48769/question-on-mumbai-maharashtra-pollution-control-board-neither-fund-nor</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:54:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-28t105307.980.jpg"                         length="12780"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सायन (पूर्व) में भूखंड से मलबा और कचरा हटाने और नियमित सफाई व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को सायन (पूर्व) में फ्लैंक रोड पर एक भूखंड से मलबा और कचरा हटाने और नियमित सफाई व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया है। यह भूखंड एक बंद पड़े साइकिल ट्रैक से भरा पड़ा है। साथ ही, उसने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस मामले में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) वास्तविक है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44951/instructions-to-remove-debris-and-garbage-from-the-plot-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-25t130553.383.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को सायन (पूर्व) में फ्लैंक रोड पर एक भूखंड से मलबा और कचरा हटाने और नियमित सफाई व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया है। यह भूखंड एक बंद पड़े साइकिल ट्रैक से भरा पड़ा है। साथ ही, उसने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस मामले में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) वास्तविक है। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की खंडपीठ ने 13 अक्टूबर को सायन (पूर्व) की एक कार्यकर्ता पायल शाह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 7 जुलाई, 2025 के बीएमसी के एक पत्र को रिकॉर्ड में लिया। फ्लैंक रोड निवासी शाह ने बीएमसी को उस जगह से अनाधिकृत डंपिंग, मलबा और कचरा हटाने के निर्देश देने की मांग की थी। उनका आरोप था कि इससे यातायात जाम हो रहा है और एम्बुलेंस के लिए आपातकालीन पहुँच बाधित हो रही है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि इस भूमि को पे-एंड-पार्क सुविधा के रूप में वैध सार्वजनिक उपयोग के लिए बहाल किया जाए।</p>
<p> </p>
<p>हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के दावों में विसंगतियां पाईं। पीठ ने पाया कि शाह ने 16 जनवरी, 2025 को जिस अभ्यावेदन का हवाला दिया था, उसमें यातायात जाम या कूड़ा फेंकने का कोई ज़िक्र नहीं था, बल्कि 'पे-एंड-पार्क' सुविधा के प्रस्ताव का ज़िक्र था। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कचरा जमा होना कब शुरू हुआ या अदालत का दरवाजा खटखटाने से पहले उन्होंने इसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए। अपनी याचिका में, शाह ने ज़मीन पर पहले हुए विकास कार्यों का ज़िक्र किया था, जिसमें 2012 और 2016 में पास के षणमुखानंद हॉल के साथ लीव एंड लाइसेंस समझौते और ₹100 करोड़ के बजट आवंटन के साथ स्वीकृत एक साइकिलिंग ट्रैक परियोजना शामिल है। यह ट्रैक 2020 में तानसा जल पाइपलाइन के साथ बनाया गया था।</p>
<p>हालाँकि, जैसा कि शाह ने अपनी याचिका में बताया है, समय के साथ यह ट्रैक अनुपयोगी हो गया। यह अनधिकृत अतिक्रमणों, कूड़ा फेंकने और अवैध गतिविधियों से ग्रस्त रहा है। सायन के निवासी लंबे समय से इस ट्रैक को 'पे-एंड-पार्क' सुविधा में बदलने की मांग कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में, बीएमसी ने इलाके में यातायात की भीड़भाड़ कम करने के लिए ट्रैक के एक हिस्से को पे-एंड-पार्क सुविधा में बदलने की योजना बनाई थी। हालाँकि, जुलाई में, बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि 2006 के उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार, तानसा पाइपलाइन के दोनों ओर 10 मीटर का बफर क्षेत्र होना आवश्यक है ताकि कोई अतिक्रमण या पार्क किए गए वाहन न हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44951/instructions-to-remove-debris-and-garbage-from-the-plot-in</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44951/instructions-to-remove-debris-and-garbage-from-the-plot-in</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 13:07:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-10/download---2025-10-25t130553.383.jpg"                         length="12944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        