<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/8441/shed" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>shed - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/8441/rss</link>
                <description>shed RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : मनोज जरांगे की चेतावनी, 'मुंबई में एक भी युवक का खून बहा तो...'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे के अनशन का आज (07 सितंबर) दसवां दिन है. इस बीच जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ढिलाई और लापरवाही बरत रही है, जिससे मराठा समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. उन्होंने सरकार को 12 सितंबर तक का समय दिया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51744/mumbai-manoj-jaranges-warning-if-even-one-youths-blood-is"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-08t121911.351.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे के अनशन का आज (07 सितंबर) दसवां दिन है. इस बीच जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ढिलाई और लापरवाही बरत रही है, जिससे मराठा समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. उन्होंने सरकार को 12 सितंबर तक का समय दिया है. उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मुंबई में एक भी युवक का खून बहा तो 10 मिनट के भीतर महाराष्ट्र बंद हो जाना चाहिए. जरांगे ने उस दिन सभी मराठा समाज के लोगों से अंतरवाली सराटी पहुंचने की अपील की है.</p>
<p> </p>
<p>मनोज जरांगे ने कहा, “सरकार जानबूझकर ढिलाई और लापरवाही कर रही है. मराठा समाज का आक्रोश बढ़ रहा है. मराठा समाज को खत्म करने के लिए जानबूझकर लापरवाही की जा रही है. हमने सरकार को 12 तारीख तक का समय दिया है. सभी मंत्रियों ने कहा था कि आपको अनशन करने की नौबत नहीं आएगी. मार्च और फरवरी में प्रसाद लाड ने कहा था कि हमें बुलाइए. उन्होंने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस मराठों की मांगें पूरी करेंगे. इसलिए लाड को बुलाया गया था, लेकिन एक साल में उन्होंने कुछ नहीं किया.”</p>
<p><strong>एकनाथ शिंदे और सीएम फडणवीस की मिलीभगत- मनोज जरांगे</strong><br />जरांगे ने आगे कहा, “एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की यह मिलीभगत है. हमें जानकारी मिली है कि शिंदे के दो मंत्री और दो प्रवक्ता आंदोलन को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. मुंबई की ओर निकलने के बाद हमला कर फडणवीस को बदनाम करने की सरकार की साजिश है. बावनकुले और उनके लोगों की भी यही गतिविधियां चल रही हैं. पिछले दो-तीन दिनों में कुछ पत्रकारों से सलाह ली जा रही है कि आंदोलन को कैसे खत्म किया जाए. मुंबई जाने के बाद यदि हमला हुआ तो इसे समझ लेना चाहिए. अगर मुंबई जाते समय हमें रोका नहीं गया तो समझेंगे कि हमें सही जानकारी नहीं मिली थी.”</p>
<p><strong>10 लोग भी होंगे तो मुंबई जाएंगे- मनोज जरांगे</strong><br />मनोज जरांगे ने 12 सितंबर को बड़ी संख्या में मराठा समाज से अंतरवाली सराटी पहुंचने की अपील की. उन्होंने कहा, “12 तारीख को सभी मराठा भाई अंतरवाली आएं. सांगली, सोलापुर, पुणे, कोल्हापुर, सातारा, सिंधुदुर्ग, रायगढ़, मुंबई, नगर और नाशिक जिले के हर गांव से मराठा समाज के लोग अंतरवाली आएं. सभी लोग व्यक्तिगत रूप से आएं. अब आंदोलनकारी नहीं भी आएं तो चलेगा, लेकिन 12 तारीख को जरूर आएं. 10 लोग भी होंगे तो हम मुंबई की ओर जाएंगे.”</p>
<p><strong>मनोज जरांगे ने सरकार को दी चेतावनी</strong><br />इस दौरान जरांगे ने मुंबई में संभावित स्थिति का जिक्र करते हुए चेतावनी दी. उन्होंने कहा, “मुंबई में अगर एक भी युवक का खून बहा तो 10 मिनट के भीतर महाराष्ट्र बंद हो जाना चाहिए. अगर सीएम फडणवीस ने साजिश रचकर हमला कराया तो 10 मिनट के भीतर महाराष्ट्र ठप हो जाना चाहिए, पूरी तरह बंद हो जाना चाहिए. अगर पुलिस हमला करे तो भागना मत, क्योंकि भगदड़ मच सकती है. हथियार कुछ नहीं कर सकते. अगर लड़कों ने उन्हें पकड़ लिया तो वे हिल भी नहीं पाएंगे. मुंबई में सतर्क रहो और स्वसंरक्षण के लिए तैयार रहो. अगर सरकार को यह बात समझ में नहीं आ रही है तो फिर मजबूरी है.” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51744/mumbai-manoj-jaranges-warning-if-even-one-youths-blood-is</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51744/mumbai-manoj-jaranges-warning-if-even-one-youths-blood-is</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 12:20:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-08t121911.351.jpg"                         length="46877"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई एयरपोर्ट पर नमाज शेड की मांग पर राजनीति तेज, हाईकोर्ट ने एमएमआरडीए से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एयरपोर्ट पर नमाज के लिए अस्थायी शेड की मांग पर सियासी घमासान छिड़ गया है. इसको लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एमएमआरडीए से जवाब मांगा है, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस पर जमकर बहस हुई. एक पक्ष इसे मानवीय आधार पर रमजान के लिए आवश्यक मानता है, वहीं दूसरा सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक गतिविधियों के विरोध में है. यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमाया हुआ है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48006/politics-intensifies-on-demand-for-namaz-shed-at-mumbai-airport"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-25t170530.285.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एयरपोर्ट पर नमाज के लिए अस्थायी शेड की मांग पर सियासी घमासान छिड़ गया है. इसको लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एमएमआरडीए से जवाब मांगा है, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस पर जमकर बहस हुई. एक पक्ष इसे मानवीय आधार पर रमजान के लिए आवश्यक मानता है, वहीं दूसरा सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक गतिविधियों के विरोध में है. यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमाया हुआ है. मुंबई एयरपोर्ट पर नमाज पढ़ने की अनुमति को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा के दूसरे दिन विधान भवन कर बाहर जमकर राजनीतिक बहस हुई. इस मुद्दे पर विभिन्न दलों के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी.</p>
<p> </p>
<p><strong>कोर्ट की तरफ से होगा आखिरी फैसला</strong><br />मुम्बई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ओला उबर टेक्सी और पेसेंजर के लिए रमजान के महीने में नमाज पढ़ने के लिए एक अस्थायी शेड बनाने की मांग काफी दिनों से उठ रही थी. इसी मांग को लेकर एक समूह ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में एमएमआरडीए संस्था से इस मामले में उनका जवाब मांगा है.</p>
<p>इस पर आज हाइकोर्ट में एमएमआरडीए अपना जवाब फ़ाइल कर सकती है, जिसके बाद अदालत ये तय करेगी कि नमाज पढ़ने के लिए अस्थाई शेड 1 महीने के लिए बनाए देने का आदेश देना है या नही देना है. क्योंकि रमजान महीना शुरू हो चुका है. यही वजह है कि इस पर जल्द ही फैसला लेना होगा.</p>
<p><strong>हिंदू पक्ष कर रहा विरोध</strong><br />वहीं महाराष्ट्र का विधानसभा सत्र शुरू है. इस सत्र के दौरान ये मुद्दा सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. मुस्लिम पक्ष चाहता है कि कोर्ट से ये इजाजत मिले तो वही हिन्दू पक्ष इसके खिलाफ है. मालेगांव से एमआईएम विधायक मुफ़्ती इस्माइल ने कहा कि यदि कोई नमाज़ पढ़ना चाहता है तो प्रशासन को अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई हनुमान चालीसा या पूजा-अर्चना करना चाहता है तो उसे भी अनुमति मिलनी चाहिए. उनका कहना था कि किसी एक धर्म के हर मुद्दे का विरोध करना उचित नहीं है.</p>
<p><strong>इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए- सपा</strong><br />समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आज़मी ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि कोर्ट में यह मांग उठी है तो इसमें गलत क्या है. उन्होंने इसे अस्थायी और समयबद्ध मांग बताते हुए कहा कि नमाज़ का समय तय होता है. इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.</p>
<p><strong>पूर्व मंत्री और विधायक ने जताया विरोध</strong><br />वहीं बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने एयरपोर्ट पर नमाज की अनुमति का विरोध किया है, उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थल पर ऐसी अनुमति क्यों दी जाए.पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोर्ट अनुमति देता है तो क्या फिर हर सार्वजनिक स्थान पर इसी तरह धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी.</p>
<p><strong>मुंबई हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई</strong><br />इस बीच,इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है. अदालत ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण से पूछा है कि क्या मानवीय आधार पर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास अस्थाई शेड में रमजान के दौरान नमाज़ की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है. डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल रमजान के पवित्र महीने के लिए अस्थायी व्यवस्था पर विचार किया जाए. कोर्ट ने एमएमआरडीए से इस पर स्पष्ट बयान देने को कहा है. मुंबई एयरपोर्ट पर नमाज़ की अनुमति का मुद्दा अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48006/politics-intensifies-on-demand-for-namaz-shed-at-mumbai-airport</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48006/politics-intensifies-on-demand-for-namaz-shed-at-mumbai-airport</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 17:06:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-25t170530.285.jpg"                         length="5324"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो 'इंसानी' आधार पर विचार करें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा बॉम्बे हाईकोर्ट ने  मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी को अगले हफ़्ते तक एक बयान देने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि क्या वह पूरी तरह से 'इंसानी' आधार पर ऑटोरिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर ड्राइवरों और यहां तक कि पैसेंजर को भी छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास एक टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देने पर विचार करेगा, कम-से-कम रमज़ान के पवित्र महीने के लिए तो।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47942/mumbai-consider-humanitarian-grounds-if-muslim-driver-passengers-can-offer"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-19t124336.098.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा बॉम्बे हाईकोर्ट ने  मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी को अगले हफ़्ते तक एक बयान देने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि क्या वह पूरी तरह से 'इंसानी' आधार पर ऑटोरिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर ड्राइवरों और यहां तक कि पैसेंजर को भी छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास एक टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देने पर विचार करेगा, कम-से-कम रमज़ान के पवित्र महीने के लिए तो।</p>
<p> </p>
<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने पढ़ी-लिखी महिलाओं द्वारा कानून के गलत इस्तेमाल पर दुख जताया,... जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की डिवीजन बेंच ने कहा कि पिछले साल अप्रैल में शेड को अचानक गिराने से, जो 1995 से वहां था, न केवल ड्राइवरों को बल्कि कुछ पैसेंजर को भी कुछ परेशानी हो सकती है, खासकर रमज़ान के महीने में। जस्टिस कोलाबावाला ने MMRDA की तरफ से वकील अक्षय शिंदे से कहा, "पूरी तरह इंसानियत के आधार पर उनकी रिक्वेस्ट पर विचार करें, क्योंकि उनके अलावा यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है... इस टेम्पररी शेड पर सिर्फ़ रमज़ान के लिए विचार करें..."</p>
<p>यूनियन ने दावा किया कि यह शेड 1995 से एयरपोर्ट के आस-पास था, लेकिन कथित तौर पर मिश्रा की शिकायत पर MMRDA ने 5 अप्रैल, 2025 को इसे अचानक गिरा दिया। हालांकि, MMRDA ने कहा कि उसके अधिकारियों ने 'गैर-कानूनी' तरीके से बने शेड के खिलाफ कुछ शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स (जो एयरपोर्ट को मैनेज कर रही है) की ओर से सीनियर एडवोकेट विक्रम नानकानी पेश हुए और जजों को बताया कि मौजूदा मामले में मुद्दा 'भावनाओं' से जुड़ा है और उनके क्लाइंट लीज़ पर होने के कारण इस याचिका में उनकी 'सीमित भूमिका' है।</p>
<p>हालांकि, रमज़ान महीने के लिए शेड देने की लिमिटेड प्रार्थना के लिए शिंदे ने जजों से कहा कि याचिकाकर्ता यूनियन प्रतिनिधि या सही आवेदन दायर कर सकती है, जिस पर MMRDA विचार कर सकती है। बेंच ने कहा कि वह इस सबमिशन से प्रभावित नहीं है। साथ ही कहा, "इस आवेदन या प्रतिनिधित्व पर फैसला करने तक रमज़ान का महीना खत्म हो जाएगा और आवेदन या उनकी प्रतिनिधित्व भी बेकार हो जाएगा। हम सिर्फ MMRDA के एक जिम्मेदार ऑफिसर से एक कमिटमेंट और एक बयान चाहते हैं, जिसमें बताया गया हो कि वे शेड की इजाज़त देंगे या नहीं, कम-से-कम रमज़ान के महीने के लिए पूरी तरह से मानवीय आधार पर।" बेंच ने शिंदे से इस समिति बिंदुओं पर 'सही' निर्देशों के साथ लौटने को कहा। बेंच ने आगे साफ़ किया, "हम आपसे स्ट्रक्चर को रेगुलराइज़ करने या ऐसा कुछ करने के लिए नहीं कह रहे हैं... बस उन्हें रमज़ान के कुछ खास मकसद के लिए टेम्पररी शेड लगाने दें और उसे बाद में हटाया जा सकता है... हम उनसे एक अंडरटेकिंग भी लेंगे कि अगर वे रमज़ान के बाद इसे नहीं हटाते हैं तो हम उन्हें भविष्य में (वहां नमाज़ पढ़ने की) इजाज़त नहीं देंगे... तो हमें एक स्टेटमेंट चाहिए, बस इतना ही।"<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47942/mumbai-consider-humanitarian-grounds-if-muslim-driver-passengers-can-offer</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47942/mumbai-consider-humanitarian-grounds-if-muslim-driver-passengers-can-offer</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:43:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-19t124336.098.jpg"                         length="6379"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई सेंट्रल की EMU कारशेड में नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण; कारशेड में ट्रेन की सुरक्षा और संचालन के लिए 45 क्रिटिकल एक्टिविटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दशहरा पर जहां पूरे देश में देवियों की पूजा कर उनकी शक्ति का स्मरण किया जाता है, वहीं मुंबई सेंट्रल की EMU कारशेड में नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण देखने को मिलता है. यहां मुंबई की लाइफलाइन कहे जाने वाली लोकल ट्रेनों का मेंटेनेंस होता है, ताकि यह सुरक्षित और समय पर चलती रहें. पश्चिम रेलवे के CPRO विनीत अभिषेक ने कहा, “दशहरा शक्ति का प्रतीक है और उसी शक्ति का अनुसरण हमारी महिला कर्मचारी कर रही हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44335/mumbai-central-s-emu-car-shed-is-a-living-example-of-women-s-empowerment--45-critical-activities-for-train-safety-and-operation-are-carried-out-at-the-car-shed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/fds.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दशहरा पर जहां पूरे देश में देवियों की पूजा कर उनकी शक्ति का स्मरण किया जाता है, वहीं मुंबई सेंट्रल की EMU कारशेड में नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण देखने को मिलता है. यहां मुंबई की लाइफलाइन कहे जाने वाली लोकल ट्रेनों का मेंटेनेंस होता है, ताकि यह सुरक्षित और समय पर चलती रहें. पश्चिम रेलवे के CPRO विनीत अभिषेक ने कहा, “दशहरा शक्ति का प्रतीक है और उसी शक्ति का अनुसरण हमारी महिला कर्मचारी कर रही हैं. कारशेड में ट्रेन की सुरक्षा और संचालन के लिए 45 क्रिटिकल एक्टिविटीज होती हैं, जिनमें से कुछ सुपर-क्रिटिकल हैं. इन्हें एक डेडीकेटेड ऑल-वुमन टीम संभालती है ताकि हर ट्रेन सुरक्षित रूप से ट्रैक पर दौड़ सके. कारशेड में 1100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 10% महिलाएं हैं और ये  कई अहम कार्यों को अंजाम देती हैं.” </p>
<p> </p>
<p><strong>'हमारे काम में गलती की कोई गुंजाइश नहीं'</strong><br />पश्चिम रेलवे की सीनियर सेक्शन इंजीनियर नीतू पांडे ने बताया कि महिला टीम बोगियों की क्लियरेंस, डैशबोर्ड की ऑयलिंग और अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यों की ज़िम्मेदारी निभाती है. उन्होंने कहा, “हमारे काम में त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं है. अगर किसी कोच में कोई खामी मिलती है तो उसे ठीक किए बिना कभी सर्विस में नहीं दिया जाता. हमारा मुख्य उद्देश्य है कि हर ट्रेन में यात्रा करने वाले लगभग 5000 लोग सुरक्षित और निश्चिंत होकर अपने गंतव्य तक पहुंचें.” </p>
<p><strong>हमारी महिला टीम चुनौतीपूर्ण कार्य करती है- नीतू पांडे</strong><br />नीतू पांडे ने आगे कहा, “यह काम सामान्यतः पुरुष प्रधान माना जाता है, लेकिन हमारी महिला टीम यह चुनौतीपूर्ण कार्य करती है. एक कोच में 8 लोकेशन होती हैं और 12 डिब्बों की ट्रेन में कुल 96 लोकेशन. हर लोकेशन को खोलकर तेल का स्तर चेक करना, ज़रूरत पड़ने पर भरना और फिर नट-बोल्ट कसना, यह बेहद मेहनत और तकनीकी समझ का काम है.  </p>
<p><strong>कारशेड में आने वाली लोकल ट्रेनों की चेकिंग और टेस्टिंग</strong><br />उन्होंने ये भी कहा, ''हमारी महिलाएं 2 से 3 की टीम बनाकर इन 96 लोकेशंस पर काम करती हैं और समय सीमा के भीतर उसे पूरा करती हैं. उदाहरण के तौर पर सुबह 10 बजे कारशेड में आने वाली लोकल को शाम 5 बजे तक पूरी तरह चेकिंग और टेस्टिंग कर सर्विस में देना होता है.” </p>
<p><strong>मुंबई लोकल ट्रेनों की तकनीकी सुरक्षा में नारी शक्ति!</strong><br />दशहरा पर जब नारी शक्ति का महत्व और पूजा की जाती है, उसी शक्ति का वास्तविक रूप मुंबई की लोकल ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करने वाली महिला इंजीनियरों और कर्मचारियों में देखने को मिलता है. ये महिलाएं साबित कर रही हैं कि सार्वजनिक सुरक्षा और तकनीकी उत्कृष्टता में उनका योगदान किसी भी तरह से कम नहीं है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44335/mumbai-central-s-emu-car-shed-is-a-living-example-of-women-s-empowerment--45-critical-activities-for-train-safety-and-operation-are-carried-out-at-the-car-shed</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44335/mumbai-central-s-emu-car-shed-is-a-living-example-of-women-s-empowerment--45-critical-activities-for-train-safety-and-operation-are-carried-out-at-the-car-shed</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 11:10:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-10/fds.jpg"                         length="61017"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        