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                <title>Anti-corruption - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Anti-corruption RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, बीएमसी जूनियर इंजीनियर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक जूनियर इंजीनियर को 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी ने 24 अप्रैल को यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विशाल भावसार वाणी के रूप में हुई है, जो बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग में तैनात था। आरोप है कि वाणी ने एक निर्माण स्थल को आवश्यक मंजूरी दिलाने, खासकर ड्रेनेज क्लियरेंस देने के एवज में कुल 10 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाद में उसने पहली किश्त के रूप में 2.5 लाख रुपए लेने पर सहमति जताई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49486/big-action-by-mumbai-anti-corruption-bureau-bmc-junior-engineer"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-26t115721.662.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक जूनियर इंजीनियर को 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी ने 24 अप्रैल को यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विशाल भावसार वाणी के रूप में हुई है, जो बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग में तैनात था। आरोप है कि वाणी ने एक निर्माण स्थल को आवश्यक मंजूरी दिलाने, खासकर ड्रेनेज क्लियरेंस देने के एवज में कुल 10 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाद में उसने पहली किश्त के रूप में 2.5 लाख रुपए लेने पर सहमति जताई।</p>
<p> </p>
<p>मामले में शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए 22 अप्रैल को एसीबी से संपर्क किया। इसके बाद एसीबी ने योजना बनाकर ट्रैप बिछाया। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी सहायक आयुक्त प्रवीण पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने की। ट्रैप के दौरान जैसे ही आरोपी इंजीनियर ने 2.5 लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।</p>
<p>फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क में अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।<br />एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार की जानकारी तुरंत उसकी हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट पर दें, ताकि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। यह मामला एक बार फिर मुंबई की प्रशासनिक व्यवस्था में मौजूद भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर करता है और यह दर्शाता है कि सख्त निगरानी और जनसहभागिता से ही इस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 11:58:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वसई तहसील कार्यालय में रिश्वत का बड़ा मामला,एंटी-करप्शन ब्यूरो ने एजेंट को पकड़ा, अधिकारी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के वसई तहसीलदार कार्यालय में एक बार फिर रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे राजस्व विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी-करप्शन ब्यूरो  की ठाणे यूनिट ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई करते हुए एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी मामले के बाद से फरार बताया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49388/big-case-of-bribery-in-vasai-tehsil-office-anti-corruption-bureau"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t130719.871.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वसई : </strong>महाराष्ट्र के वसई तहसीलदार कार्यालय में एक बार फिर रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे राजस्व विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी-करप्शन ब्यूरो  की ठाणे यूनिट ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई करते हुए एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी मामले के बाद से फरार बताया जा रहा है। ACB की जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान अनिल प्रभाकर चौबल के रूप में हुई है। उसे उस समय पकड़ा गया जब वह कथित रूप से ₹7 लाख की रिश्वत ले रहा था। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वसई क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक मामले को निपटाने के लिए अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही थी।</p>
<p> </p>
<p>मामला जमीन पर बने अवैध निर्माण को गिराने से रोकने और भूमि के नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) कन्वर्ज़न से जुड़े दस्तावेजों को आगे बढ़ाने से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, शुरुआत में इस काम के लिए ₹40 लाख की मांग की गई थी, जिसे बाद में बातचीत के बाद घटाकर ₹7 लाख कर दिया गया। ACB की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में वसई तहसील कार्यालय के अपर तहसीलदार (नॉन-एग्रीकल्चरल डिवीज़न) विनोद बालकृष्ण धोत्रे की भूमिका भी संदिग्ध है। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने के बाद वह मौके से फरार हो गए और अब तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।</p>
<p>एंटी-करप्शन ब्यूरो की टीम ने ट्रैप<br />कार्रवाई के दौरान अनिल चौबल को पैसे लेते हुए गिरफ्तार किया और मामले से जुड़े सबूत एकत्र किए। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह रिश्वतखोरी का नेटवर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें सरकारी स्तर पर भी कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है। घटना के बाद वसई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब फरार अधिकारी विनोद धोत्रे की तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।</p>
<p>ACB अधिकारियों ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत की मांग किस स्तर तक और किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह की अवैध वसूली के मामले सामने आए हैं। इस घटना ने एक बार फिर राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर लंबी प्रक्रियाओं और कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कुल मिलाकर, वसई तहसील कार्यालय का यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है, जहां रिश्वत के जरिए सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:07:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एंटी-करप्शन ब्यूरो ने जज से जुड़े 15 लाख के रिश्वत मामले में कार्रवाई करने की इजाज़त मांगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>एंटी-करप्शन ब्यूरो के एक सीनियर अधिकारी ने कन्फर्म किया कि एजेंसी ने पिछले हफ़्ते बॉम्बे हाई कोर्ट को एक कम्युनिकेशन भेजा था, जिसमें एडिशनल सेशंस जज एजाजुद्दीन काज़ी से जुड़े ₹15 लाख के रिश्वत मामले में कार्रवाई करने की इजाज़त मांगी गई थी। एंटी-करप्शन ब्यूरो  के जांच शुरू करने के बाद से ज्यूडिशियल ऑफिसर “गायब” हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45922/mumbai--anti-corruption-bureau-seeks-permission-to-take-action-in-15-lakh-bribe-case-involving-judge"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-02t121946.203.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एंटी-करप्शन ब्यूरो के एक सीनियर अधिकारी ने कन्फर्म किया कि एजेंसी ने पिछले हफ़्ते बॉम्बे हाई कोर्ट को एक कम्युनिकेशन भेजा था, जिसमें एडिशनल सेशंस जज एजाजुद्दीन काज़ी से जुड़े ₹15 लाख के रिश्वत मामले में कार्रवाई करने की इजाज़त मांगी गई थी। एंटी-करप्शन ब्यूरो  के जांच शुरू करने के बाद से ज्यूडिशियल ऑफिसर “गायब” हैं। </p>
<p> </p>
<p>स्टेनोग्राफर रंगे हाथ पकड़ा गया जज के साथ, स्टेनोग्राफर चंद्रकांत वासुदेव पर भी इस मामले में केस दर्ज किया गया है। पिछले महीने, एंटी-करप्शन ब्यूरो  ने वासुदेव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जब वह कथित तौर पर एक शिकायतकर्ता से फेवरेबल ऑर्डर के बदले पैसे ले रहे थे। बाद में अधिकारी जज काज़ी के घर गए, जो बंद मिला। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 12:20:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एंटी-करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के छह मामलों में आरोपी सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति ज़ब्त करने की मंज़ूरी मांगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>एंटी-करप्शन ब्यूरो ने राज्य सरकार को भ्रष्टाचार के छह मामलों में प्रस्ताव भेजे हैं, जिसमें आरोपी सरकारी कर्मचारियों से 8.42 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त करने की मंज़ूरी मांगी गई है। डेटा से पता चलता है कि पुणे रेंज में सबसे ज़्यादा मामले हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45299/mumbai-anti-corruption-bureau-seeks-approval-to-seize-property-of-government"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-08t115821.526.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एंटी-करप्शन ब्यूरो ने राज्य सरकार को भ्रष्टाचार के छह मामलों में प्रस्ताव भेजे हैं, जिसमें आरोपी सरकारी कर्मचारियों से 8.42 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त करने की मंज़ूरी मांगी गई है। डेटा से पता चलता है कि पुणे रेंज में सबसे ज़्यादा मामले हैं।</p>
<p> </p>
<p>शहरी विकास विभाग के अधिकारी लिस्ट में सबसे ऊपर सबसे ज़्यादा मामले शहरी विकास विभाग के अधिकारियों (2) से जुड़े थे, इसके बाद ट्रांसपोर्ट, कृषि और पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन विभाग, जल संसाधन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से जुड़े एक-एक मामले थे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45299/mumbai-anti-corruption-bureau-seeks-approval-to-seize-property-of-government</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 18:34:49 +0530</pubDate>
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