<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/8300/political-crisis" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>political crisis - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/8300/rss</link>
                <description>political crisis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>​'ऑपरेशन टाइगर': दिल्ली में शिंदे से मिले उद्धव गुट के 6 सांसद! फूट के डर से अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर मची हलचल अब अपने चरम पर पहुंच गई है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) से देर रात मुलाकात की है। इस खबर ने उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़ी बगावत की सुगबुगहाट को तेज कर दिया है। इन अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने आनन-फानन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, ताकि किसी भी संभावित विभाजन को तुरंत रोका जा सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50307/6-mps-of-uddhav-group-met-shinde-in-operation-tiger"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/1200-675-26487524-29-26487524-1776336040062.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>नई दिल्ली/मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर मची हलचल अब अपने चरम पर पहुंच गई है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) से देर रात मुलाकात की है। इस खबर ने उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़ी बगावत की सुगबुगहाट को तेज कर दिया है। इन अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने आनन-फानन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, ताकि किसी भी संभावित विभाजन को तुरंत रोका जा सके।</p>
<p dir="ltr">​<strong>दिल्ली में शिंदे और बागी सांसदों की अहम बैठक</strong></p>
<p dir="ltr">सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के छह सांसद बुधवार सुबह दिल्ली पहुंचे। इसी दौरान सीएम एकनाथ शिंदे भी राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जयपुर रवाना होने से पहले शिंदे ने अपने बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे के दिल्ली आवास पर इन संभावित बागी सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि ये 6 सांसद जल्द ही लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर खुद को एक स्वतंत्र गुट के रूप में मान्यता देने की मांग कर सकते हैं, जिसके बाद वे आधिकारिक तौर पर शिंदे नीत शिवसेना में शामिल हो जाएंगे।</p>
<p dir="ltr">​<strong>अरविंद सावंत ने स्पीकर को लिखा पत्र</strong></p>
<p dir="ltr">अपनी पार्टी में एक और टूट की आशंका को भांपते हुए, उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता अरविंद सावंत (Arvind Sawant) ने तुरंत रक्षात्मक रुख अपनाया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अगर शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद अलग समूह के रूप में मान्यता या किसी अन्य पार्टी में विलय की मांग करते हैं, तो उस पर विचार न किया जाए।</p>
<p dir="ltr">​सावंत ने अपने पत्र में दलील दी है कि "असली शिवसेना" कौन है, यह मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (sub judice) है। उन्होंने कहा कि संसदीय नियमों (जैसे Direction 121) के तहत पार्टी के अधिकृत नेतृत्व को ही मान्यता दी जाती है, न कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने वाले किसी गुट को। सावंत ने चेतावनी दी कि पार्टी दल-बदल विरोधी कानून (संविधान की 10वीं अनुसूची) के तहत इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>संजय राउत का बड़ा आरोप: 'हर सांसद को 50 करोड़ का ऑफर'</strong></p>
<p dir="ltr">इस बीच, शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने दावा किया कि उनके सांसदों को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है, जिसमें से 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बागी सांसदों को चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए दिल्ली ले जाया गया है। हालांकि, राउत ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी को जाना है तो वह पहले संसद से इस्तीफा दे और फिर से जनता के बीच जाकर चुनाव लड़े।</p>
<p dir="ltr">​फिलहाल सभी की निगाहें लोकसभा स्पीकर के कदम और दिल्ली पहुंचे इन 6 सांसदों के अगले फैसले पर टिकी हैं। अगर यह विभाजन सफल होता है, तो उद्धव ठाकरे के लिए यह एक और विनाशकारी राजनीतिक झटका होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50307/6-mps-of-uddhav-group-met-shinde-in-operation-tiger</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50307/6-mps-of-uddhav-group-met-shinde-in-operation-tiger</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:14:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/1200-675-26487524-29-26487524-1776336040062.jpg"                         length="87796"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ममता बनर्जी की पार्टी में बगावत के संकेत, 60 विधायकों के समर्थन के दावों से बढ़ी सियासी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी को 59 विधायकों के समर्थन के साथ नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी की पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50083/signs-of-rebellion-in-mamata-banerjees-party-political-stir-increased"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/9df3c72337e80f515249cf9407bd43c5178048906506293_original.webp" alt=""></a><br /><p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक मतभेदों की खबरों के बीच पार्टी में बगावत के संकेत मिलने लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के एक बागी गुट को करीब 58 से 60 विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर अलग पहचान की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद TMC नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है और पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।</p>
<p>राजनीतिक संकट के बीच TMC ने राज्य की कई प्रमुख संगठनात्मक इकाइयों और फ्रंटल संगठनों को भंग करने का फैसला लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी में बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करने और संगठन पर नेतृत्व की पकड़ मजबूत करने की कोशिश हो सकता है।</p>
<p>इसी बीच, अभिषेक बनर्जी को लेकर भी राजनीतिक विवाद जारी है। हाल के दिनों में उन पर हुए हमले और विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर TMC लगातार केंद्र सरकार और विपक्ष पर निशाना साध रही है। ममता बनर्जी ने भी सार्वजनिक मंचों से पार्टी नेताओं पर हुए हमलों और राजनीतिक दबाव के मुद्दे उठाए हैं।</p>
<p>हालांकि, बागी गुट से जुड़े कुछ नेताओं ने यह भी संकेत दिया है कि वे अभी भी ममता बनर्जी को पार्टी का प्रमुख चेहरा मानते हैं, लेकिन संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व शैली को लेकर असहमति रखते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर संघर्ष केवल नेतृत्व परिवर्तन का नहीं बल्कि संगठनात्मक नियंत्रण का भी है।</p>
<p>फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालात तेजी से बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि TMC इस आंतरिक संकट से कैसे निपटती है और क्या बागी गुट अलग राजनीतिक पहचान बनाने में सफल होता है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50083/signs-of-rebellion-in-mamata-banerjees-party-political-stir-increased</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50083/signs-of-rebellion-in-mamata-banerjees-party-political-stir-increased</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:11:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/9df3c72337e80f515249cf9407bd43c5178048906506293_original.webp"                         length="7764"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु में राज्यपाल बनाम विपक्ष विवाद गहराया, दूसरी बार भी खाली हाथ लौटे TVK प्रमुख विजय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>TVK प्रमुख विजय दूसरी बार भी राज्यपाल से मुलाकात के बाद सरकार गठन पर स्पष्ट जवाब बिना लौटे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49759/tamil-nadu-governor-opposition-row-vijay-tvk-second-meeting-update"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/governor-rajendra-arlekar-and-tvk-vijay_2026051698019.jpg" alt=""></a><br /><p><br />तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच अभिनेता-राजनेता और TVK प्रमुख Vijay दूसरी बार भी राज्यपाल से मुलाकात के बाद बिना किसी स्पष्ट आश्वासन के लौट गए। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है और राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।</p><p><br />जानकारी के अनुसार, TVK ने विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए आवश्यक समर्थन पत्र प्रस्तुत करने को कहा। <br /><br />राजभवन में दूसरी बैठक के बाद भी सरकार गठन पर कोई फैसला सामने नहीं आने से TVK समर्थकों ने विरोध जताया। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राज्यपाल विपक्षी दलों को समय देकर राजनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी “Governor vs Opposition” बहस तेज हो गई है। <br /><br />राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में इस बार त्रिशंकु विधानसभा बनने के बाद सरकार गठन की स्थिति बेहद जटिल हो गई है। TVK को कांग्रेस का समर्थन मिला है, लेकिन अभी भी बहुमत का आंकड़ा पूरी तरह स्पष्ट नहीं माना जा रहा। <br />L<br />इस बीच DMK और AIADMK समेत अन्य दल भी लगातार राजनीतिक रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। राज्यपाल के अगले कदम पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49759/tamil-nadu-governor-opposition-row-vijay-tvk-second-meeting-update</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49759/tamil-nadu-governor-opposition-row-vijay-tvk-second-meeting-update</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 20:50:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/governor-rajendra-arlekar-and-tvk-vijay_2026051698019.jpg"                         length="34068"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>29 नवंबर तक टली महाराष्ट्र में सियासी संकट पर सुनवाई... SC ने शिंदे-ठाकरे गुट को दिया 4 हफ्तों का समय</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट को लेकर शिवसेना के प्रतिद्वंदी समूहों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई 29 नवंबर तक टाल दी है. कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों से मामले के दस्तावेज पूरा करने और जिन मुद्दों पर सुनवाई होनी हैं उन्हें चार सप्ताह के भीतर तैयार करने को कहा है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/15036/hearing-on-political-crisis-in-maharashtra-postponed-till-november-29----sc-gives-4-weeks-time-to-shinde-thackeray-faction"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-11/uddhav-thakarey.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट को लेकर शिवसेना के प्रतिद्वंदी समूहों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई 29 नवंबर तक टाल दी है. कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों से मामले के दस्तावेज पूरा करने और जिन मुद्दों पर सुनवाई होनी हैं उन्हें चार सप्ताह के भीतर तैयार करने को कहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा कि हर पक्ष यह भी तय करे कि किस मुद्दे पर कौन जिरह करेगा ताकि सुनवाई को तेजी से निपटाया जा सके. उद्धव ठाकरे पक्ष ने  वकील जावेदुर रहमान और शिंदे पक्ष ने वकील चिराग शाह का नाम संकलन के लिये तैयार करने के लिए प्रस्तावित किया है. </p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में तख्तापलट कर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होने वाले एकनाथ शिंदे का पद वैध है कि नहीं, सुप्रीम कोर्ट में आज इस मसले पर सुनवाई होनी थी, लेकिन शिंदे गुट ने कोर्ट से इस मुद्दे पर बहस के लिए कुछ और समय की मांग की जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 29 नवंबर तक टाल दी. </p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि महाविकास अघाड़ी सरकार ने शिंदे गुट में शामिल होने वाले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित किया था, इन 16 विधायकों में एकनाथ शिंदे भी शामिल थे. इन 16 विधायकों की पात्रता के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे गुट के नेता सुभाष देसाई ने याचिका दायर की थी. कोर्ट में इसी मसले पर सुनवाई चल रही है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश धनंजय चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में 5 जजों की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, शीर्ष अदालत ने भारत के चुनाव आयोग को यह तय करने की अनुमति दी थी कि उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच किस गुट को 'असली' शिवसेना पार्टी के रूप में मान्यता दी जाए और धनुष और तीर का चिन्ह आवंटित किया जाए.</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से शिवसेना के सदस्यों के खिलाफ जारी किए गए नए अयोग्यता नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए भी कहा था. कोर्ट ने कहा था कि अभी दोनों धड़ों की कई याचिकाएं सुनवाई के लिए लंबित हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/15036/hearing-on-political-crisis-in-maharashtra-postponed-till-november-29----sc-gives-4-weeks-time-to-shinde-thackeray-faction</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/15036/hearing-on-political-crisis-in-maharashtra-postponed-till-november-29----sc-gives-4-weeks-time-to-shinde-thackeray-faction</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Nov 2022 19:26:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2022-11/uddhav-thakarey.jpg"                         length="71598"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        