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                <title>tuition - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>tuition RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नवी मुंबई : ट्यूशन क्लास के दौरान गिरी छत, एक छात्र की मौत, 10 अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोपरखैरणे इलाके में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ. सेक्टर-2 में मौजूद विद्याभवन अपार्टमेंट में ट्यूशन क्लास के दौरान फ्लैट का स्लैब अचानक गिर गया. स्लैब गिरने से ट्यूशन पढ़ रहे 9 वर्षीय एक छात्र की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे घायल हो गए. बचाए गए बच्चों की उम्र 5 से 15 साल के बीच बताई जा रही है, जबकि शिक्षिका शमली चौधरी की उम्र 53 साल है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48216/navi-mumbai-roof-collapses-during-tuition-class-one-student-dead"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-06t110349.592.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई :</strong>  कोपरखैरणे इलाके में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ. सेक्टर-2 में मौजूद विद्याभवन अपार्टमेंट में ट्यूशन क्लास के दौरान फ्लैट का स्लैब अचानक गिर गया. स्लैब गिरने से ट्यूशन पढ़ रहे 9 वर्षीय एक छात्र की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे घायल हो गए. बचाए गए बच्चों की उम्र 5 से 15 साल के बीच बताई जा रही है, जबकि शिक्षिका शमली चौधरी की उम्र 53 साल है. </p>
<p> </p>
<p>आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, फ्लैट नंबर 02 में श्यामली चौधरी नाम की महिला बच्चों को घरेलू ट्यूशन पढ़ा रही थीं. उस समय वहां कुल 12 बच्चे मौजूद थे. शाम करीब 4:30 से 5:00 बजे के बीच फ्लैट का स्लैब अचानक ढह गया और नीचे पढ़ रहे छात्र मलबे में दब गए. इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.<br />एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती बच्चों के नाम : निशिका धनवड़े (13 वर्ष), आयशा खान (11 वर्ष), देवांश पुजारी (12 वर्ष), सिद्धांत गुप्ता (9 वर्ष), राजदीप वरखडे (11 वर्ष),  लायन्स क्लब हॉस्पिटल, कोपरखैरणे में भर्ती बच्चों के नाम : तन्वी सचिन श्रीवास्तव (10 वर्ष), रुद्र प्रवीण पाटील, प्रिन्स सोनी (14 वर्ष)<br />इसके अलावा 13 वर्ष की कुलसुम खान कोपरखैरणे के एसलोन अस्पताल में भर्ती है और पार्थ खैरनार (12 वर्ष) को साईज्योत हॉस्पिटल, कोपरखैरणे में भर्ती कराया गया है. वहीं, आराध्य धनवड़े सुरक्षित है और उसे परिजन घर ले गए हैं. </p>
<p>घटना की जानकारी मिलते ही नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, उपमहापौर दशरथ भगत और महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने घायलों से अस्पताल में मुलाकात कर परिवारों को ढांढस बंधाया. </p>
<p><strong>इमारत खाली कराई गई</strong><br />सुरक्षा के मद्देनजर पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है. निवासियों के लिए अस्थायी व्यवस्था अण्णासाहेब पाटील सांस्कृतिक भवन में की गई है. महानगरपालिका आयुक्त ने संबंधित विभाग को इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके. प्रशासन फिलहाल मामले की जांच कर रहा है. </p>
<p><strong>असल वजह क्या?</strong><br />नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह तीन मंजिला इमारत है, जिसमें हर मंजिल पर चार फ्लैट हैं. इस इमारत को 1996 में निर्माण और रहने की अनुमति (CC और OC) मिल चुकी थी और इसे जर्जर घोषित नहीं किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच करेगी, वहीं नगर निगम भी अलग से जांच करेगा कि स्लैब गिरने की असली वजह क्या थी. यह भी देखा जाएगा कि इमारत में कोई निर्माण संबंधी बदलाव तो नहीं किया गया था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 11:05:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : ट्यूशन टीचर के खिलाफ़ 14 साल के लड़के को किसी और की जगह मैथ्स की परीक्षा में बिठाने के आरोप में मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बोरीवली पुलिस ने एक ट्यूशन टीचर के खिलाफ़ 14 साल के लड़के को किसी और की जगह मैथ्स की परीक्षा में बिठाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह परीक्षा मैथ्स टीचर्स एसोसिएशन ने क्लास 5-8 के छात्रों के लिए आयोजित की थी, और यह मामला तब सामने आया जब सोमवार को परीक्षा के दौरान लड़के को नकल करते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसे छोड़ दिया।14 साल के लड़के को फर्जी पहचान पर परीक्षा में बिठाने के आरोप में टीचर पर मामला दर्जएसोसिएशन द्वारा आयोजित मैथ्स प्रोफिशिएंसी परीक्षा सभी स्कूलों के छात्रों के लिए खुली है। छात्र परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं, फीस देते हैं और ऑनलाइन हॉल टिकट प्राप्त करते हैं और उम्मीदवारों की सूची परीक्षा से दो दिन पहले एसोसिएशन की वेबसाइट पर पब्लिश की जाती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46261/case-registered-against-mumbai-tuition-teacher-for-making-14-year-old-boy"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/images-(15).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बोरीवली पुलिस ने एक ट्यूशन टीचर के खिलाफ़ 14 साल के लड़के को किसी और की जगह मैथ्स की परीक्षा में बिठाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह परीक्षा मैथ्स टीचर्स एसोसिएशन ने क्लास 5-8 के छात्रों के लिए आयोजित की थी, और यह मामला तब सामने आया जब सोमवार को परीक्षा के दौरान लड़के को नकल करते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसे छोड़ दिया।14 साल के लड़के को फर्जी पहचान पर परीक्षा में बिठाने के आरोप में टीचर पर मामला दर्जएसोसिएशन द्वारा आयोजित मैथ्स प्रोफिशिएंसी परीक्षा सभी स्कूलों के छात्रों के लिए खुली है। छात्र परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं, फीस देते हैं और ऑनलाइन हॉल टिकट प्राप्त करते हैं और उम्मीदवारों की सूची परीक्षा से दो दिन पहले एसोसिएशन की वेबसाइट पर पब्लिश की जाती है।वृंदा महेश ठक्कर (52) – बोरीवली पश्चिम के गोराई में मुंबादेवी विद्यानिकेतन की प्रिंसिपल और एसोसिएशन की सदस्य – द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, सोमवार को हुई परीक्षा में कुल 139 आवेदक शामिल हुए। सुपरवाइजर ने देखा कि हॉल टिकट के अनुसार काव्या बृजेश इटालिया नाम का एक परीक्षार्थी बार-बार टॉयलेट जा रहा था। कुछ गड़बड़ होने का शक होने पर, उसने जांच की और उसके पास एक मोबाइल फोन मिला।</p>
<p> </p>
<p>उसे यह भी पता चला कि लड़के ने परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद प्रश्न पत्र एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट कर दिया था और उसने ठक्कर को इसकी जानकारी दी।जब ठक्कर ने लड़के से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि वह एजुकेशन हब नाम के एक स्कूल से है, और उसने पेपर अपनी बहन को भेजा था। ठक्कर लड़के को पुलिस स्टेशन ले गईं और उससे अपनी मां को फोन करने के लिए कहा। दिव्या अजीत सराय्या नाम की एक महिला पुलिस स्टेशन आई, जिसने खुद को लड़के की मां बताया, लेकिन वह उसका आधार कार्ड नहीं दिखा पाई।</p>
<p>जब पुलिस ने लड़के से फिर से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि उसका असली नाम युग सतीश देसाई है, और सराय्या एजुकेशन हब नाम से ट्यूशन क्लास चलाती है। उसने यह भी दावा किया कि उसने उसे फर्जी नाम से परीक्षा में बैठने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुलिस ने सराय्या से पूछताछ की और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 (4) (खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाना) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।</p>
<p>उन्होंने लड़के के पिता से भी बात की, जिन्होंने बताया कि उनका बेटा उस दिन क्लास जाने की बात कहकर घर से निकला था, और फिर उन्होंने लड़के को छोड़ दिया।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 12:23:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश :  ट्यूशन से छिपकर जाती ट्रैक पर, 5 बार बनी मुंबई मैराथन चैंपियन...</title>
                                    <description><![CDATA[मैं उत्तर प्रदेश के रायबरेली से स्टीपलचेज धावक सुधा सिंह हूं और 3000 मीटर इवेंट में हिस्सा लेती हूं। मेरे नाम नेशनल रिकॉर्ड दर्ज है। साल 2005 से नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर होने वाले कई इवेंट में हिस्सा लेना शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/15001/uttar-pradesh--hiding-from-tuition--on-the-track--became-the-5-time-mumbai-marathon-champion"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-10/1343.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मैं उत्तर प्रदेश के रायबरेली से स्टीपलचेज धावक सुधा सिंह हूं और 3000 मीटर इवेंट में हिस्सा लेती हूं। मेरे नाम नेशनल रिकॉर्ड दर्ज है। साल 2005 से नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर होने वाले कई इवेंट में हिस्सा लेना शुरू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पढाई में नहीं थी दिलचस्पी<br />पढाई में शुरू से ही दिलचस्पी कम होने की वजह से एथलीट बनने की तरफ रुझान बढ़ गया। बचपन से ही मां और पापा मेरी पढ़ाई और फ्यूचर को लेकर फिक्रमंद रहते थे। क्योंकि मैं ट्यूशन को छोड़-छोड़ कर दौड़ने चली जाया करती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मेरी दिलचस्पी और खेलों के प्रति जुनून को देखते हुए पापा ने मुझे अच्छी ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजने का फैसला किया। क्योंकि उन्हें मुझपर पूरा भरोसा था कि मैं एक दिन ओलिंपिक गेम्स में मेडल जरूर हासिल करूंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार ने मेरे सपने को पूरा करने के लिए हर मुमकिन कोशिश और पूरा सपोर्ट किया जिसकी वजह से मैं रायबरेली से लखनऊ आई और तैयारी शुरू की। लगातार कड़ी मेहनत कर इस मुकाम को हासिल किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एथलीट करियर की शुरुआत<br />मैंने एथलीट करियर की शुरुआत साल 2005 में की। इंडियन ओलंपियन एथलीट में 3000 मीटर स्टीपलचेज में एशियन चैंपियन भी रह चुकी हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक दो गोल्ड और चार सिल्वर मेडल जीता। साल 2010 के एशियन गेम्स में 9 मिनट 55 सेकेंड में रेस को पूरा करके गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद मैं पहली एशियन चैंपियन खिलाड़ी बन गईं और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ एशियन गेम्स में पदक जीता।</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2012 में मैंने ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करते हुए अपने ही नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 9 मिनट 47 सेकंड का रिकॉर्ड बनाया। साल 2014 में हुए एशियन गेम्स में चौथे स्थान पर रही थी, लेकिन तीसरे स्थान पर रहने वाली खिलाड़ी जब अयोग्य करार दे दी गई तो तीसरे स्थान पर आ गई और कांस्य पदक अपने नाम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">घर में पैसों की तंगी के बावजूद परिवार ने दिया साथ<br />मैं बहुत ही साधारण परिवार से हूं। घर में हमेशा आर्थिक तंगी ही देखी। लेकिन मेरे परिवार वालों ने अपनी ख्वाहिशों को मार कर मेरा साथ दिया और हमेशा ढाल बनकर मेरे लिए खड़े रहे रहे। हालांकि अब मैं इंटरनेशनल लेवल पर देश का नाम ऊंचा कर चुकी हूं और परिवार को हर खुशियां देना चाहती हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्सप्रेस ट्रेन के साथ कदम ताल करना पड़ता<br />एथलीट एक ऐसा खेल जहां आपको जीत के लिए पूरा जोर लगाना पड़ता है। इसके लिए किसी एक्सप्रेस ट्रेन के साथ कदम ताल करना पड़ता और मैंने भी यही किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू ने समर ओलिंपिक पर लगाया ब्रेक<br />इसके बाद साल 2015 में 19वां स्थान हासिल करते हुए रियो ओलिंपिक में महिला मैराथन इवेंट के लिए भी अपनी जगह बनाई । साल 2016 में इंटरनेशनल एमेचर एथलेटिक्स फेडरेशन डायमंड लीग में शानदार खेल का प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू होने की वजह से समर ओलिंपिक में भी हिस्सा नहीं ले सकी। एशियन गेम्स साल 2018 में फिर से मैंने ट्रैक पर वापसी की जिसमें ललित भनोट और रेनू कोहली के अंडर में ट्रेनिंग की जिसका नतीजा 9 मिनट 40 सेकेंड में रेस को पूरा करते हुए सिल्वर पदक जीता।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 31 Oct 2022 11:34:22 +0530</pubDate>
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