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                <title>earthquake - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>earthquake RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: दो बार महसूस किए गए भूकंप के झटके, पालघर में प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के पालघर जिले में बीती रात लगातार दो भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। जव्हार-विक्रमगढ़ क्षेत्र में आए दोनों भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 और 3.4 मापी गई। लेकिन कम तीव्रता के इन झटकों से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और भूकंप के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51313/mumbai-earthquake-felt-twice-administration-alert-in-palghar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-12t103750.786.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र के पालघर जिले में बीती रात लगातार दो भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। जव्हार-विक्रमगढ़ क्षेत्र में आए दोनों भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 और 3.4 मापी गई। लेकिन कम तीव्रता के इन झटकों से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और भूकंप के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है।</p>
<p> </p>
<p>पालघर जिला सूचना कार्यालय के अधिकारी ने आज बताया कि पहला भूकंप बीती रात 10 बजकर 04 मिनट पर महसूस किया गया, जबकि दूसरा झटका रात करीब 11 बजे आया। दोनों झटकों की तीव्रता क्रमश: 3.2 और 3.4 रही। जिला सूचना विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र पालघर जिले के जव्हार तालुका में जमीन से करीब पांच किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। लगातार दो झटके महसूस होने के बाद स्थानीय लोगों में डर फैल गया। हालांकि, भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।</p>
<p>अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने समेत आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करें। पालघर महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र में स्थित है और जिले में पिछले कुछ वर्षों से कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। पिछले महीने भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के कई झटके दर्ज किए गए थे। इससे पहले 31 जुलाई को पालघर जिले में 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था। वहीं, 25 जुलाई को भारी बारिश के बीच दहानू तहसील के गंजाड क्षेत्र में 3.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। 28 जुलाई को भी जिले में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसका केंद्र पाटिलपाड़ा गांव में बताया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:38:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र में बारिश की मार के बीच भूकंप के झटके, देर रात किन जगहों पर कांपी धरती, तीव्रता कितनी?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बारिश की मार झेल रहे महाराष्ट्र में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके के नांदेड़, हिंगोली और परभणी ज़िलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रात करीब 1.37 बजे से 3.23 बजे के बीच महसूस किए झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 से 4.6 के बीच मापी गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50632/earthquake-tremors-amid-rain-in-maharashtra-at-which-places-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images-(2)dfg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बारिश की मार झेल रहे महाराष्ट्र में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके के नांदेड़, हिंगोली और परभणी ज़िलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रात करीब 1.37 बजे से 3.23 बजे के बीच महसूस किए झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 से 4.6 के बीच मापी गई।</p>
<p> </p>
<p><strong>मुंबई के चर्चित आइसक्रीम पार्लर का लाइसेंस निलंबित</strong><br />महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मुंबई के चर्चगेट स्टेशन के पास स्थित प्रसिद्ध 'के रुस्तम' आइसक्रीम पार्लर का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 'सुरक्षित भोजन, सुरक्षित महाराष्ट्र' अभियान के तहत यह कार्रवाई हुई। औचक निरीक्षण में पार्लर में जीवित चूहे और मक्खियां मिलीं। साथ ही आइसक्रीम के लिए जरूरी कोल्ड चेन भी नहीं पाई गई। निरीक्षण टीम ने मौके पर पिस्ता, अनानास और स्ट्रॉबेरी जैसे कई एक्सपायर्ड कृत्रिम फ्लेवर पाए, जिन्हें तुरंत नष्ट कर दिया गया।</p>
<p>जांच में पता चला कि आइसक्रीम में केवल 7.94 प्रतिशत मिल्क फैट था, जबकि एफएसएसएआई  के अनुसार यह कम से कम 10 प्रतिशत होना चाहिए। एफडीए ने आइसक्रीम के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने तक पार्लर बंद रहेगा। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी तेजस्विनी पाटिल और आकाश चव्हाण ने संयुक्त आयुक्त पी आर सिंगारवाड और सहायक आयुक्त अनुपमा पाटिल की देखरेख में की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोलापुर में भूकंप के झटके; भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.6 रही</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के सोलापुर में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने जानकारी दी है कि 3 अप्रैल की सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर सोलापुर में धरती हिली थी. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.6 रही. यानी, गनीमत रही कि ये झटके हल्के थे. भूकंप का केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर नीचे था. इससे पहले भारत के पूर्वी हिस्सों कोलकाता और इंफाल में भूकंप महसूस किया गया था. वहीं, 28 मार्च को नेपाल में आए भूकंप के झटके भारत के बिहार, सिलीगुड़ी और आसपास के अन्य इलाकों में महसूस किए गए थे. 2 अप्रैल को सिक्किम के नामची में और इससे पहले एक अप्रैल को लेह लद्दाख में भूकंप के झटके पता चले थे.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39506/earthquake-jolts-solapur--intensity-of-the-earthquake-was-2-6-on-richter-scale"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download-(81).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सोलापुर : </strong>महाराष्ट्र के सोलापुर में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने जानकारी दी है कि 3 अप्रैल की सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर सोलापुर में धरती हिली थी. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.6 रही. यानी, गनीमत रही कि ये झटके हल्के थे. भूकंप का केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर नीचे था. इससे पहले भारत के पूर्वी हिस्सों कोलकाता और इंफाल में भूकंप महसूस किया गया था. वहीं, 28 मार्च को नेपाल में आए भूकंप के झटके भारत के बिहार, सिलीगुड़ी और आसपास के अन्य इलाकों में महसूस किए गए थे. 2 अप्रैल को सिक्किम के नामची में और इससे पहले एक अप्रैल को लेह लद्दाख में भूकंप के झटके पता चले थे. 31 मार्च को अरुणाचल प्रदेश के तवांग और शि योमी, सिक्कम के गंगटोक में भी धरती हिली थी. गंगटोक में लगातार दो दिन यानी 30 और 31 मार्च को अर्थक्वेक आया था.</p>
<p><strong>हरियाणा में भी आया था हल्का भूकंप</strong><br />29 मार्च को हरियाणा के सोनीपत में भूकंप का झटका पता चला था. 29 मार्च की दोपहर 2 बजकर 08 मिनट पर 2.3 की तीव्रात से धरती हिली थी. भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर नीचे था. </p>
<p><strong>अरुणाचल प्रदेश में कब आया था भूकंप?</strong><br />बीते सोमवार एक अप्रैल की दोपहर 2 बजकर 38 मिनट पर अरुणाचल प्रदेश में लोगों ने भूकंप महसूस किया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 आंकी गई थी. गनीमत रही कि भूकंप से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ. हालांकि, म्यांमार में आई तबाही की वजह से भारत में भी लोगों के अंदर बड़े भूकंप का डर है. </p>
<p><strong>देश में कहां-कहां हैं भूकंप के केंद्र?</strong><br />भू वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत के करीब 59 फीसदी हिस्सों को भूकंप के लिए संवेदनशील माना जाता है. भारत में भूकंप क्षेत्र को चार भागों में बांटा गया है. इन्हें जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5 नाम दिया गया है. जोन-5 सबसे ज्यादा सेंसिटिव एरिया है. राजधानी दिल्ली जोन-4 में आती है, जो कि एक चिंताजनक जोन है. यानी यहां 7 रिक्टर स्केल से ऊपर के झटके भी आ सकते हैं. अगर रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7 है, तो तबाही निश्चित मानी जाती है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 20:17:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपीडॉ: म्यांमार में भूकंप के 3 दिन बाद मलबे में दबी लाशों की फैली भीषण दुर्गंध... </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर की सड़कों पर रविवार को सड़ते हुए शवों की गंध फैली हुई थी, क्योंकि लोग किसी जीवित व्यक्ति को खोजने की उम्मीद में मलबा हटाने के लिए हाथों से काम कर रहे हैं। दो दिन पहले आए भीषण भूकंप में 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और अनगिनत लोग दब गए, जिनकी तलाश की जा रही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39399/naypyidaw--3-days-after-the-earthquake-in-myanmar--the-stench-of-dead-bodies-buried-in-the-rubble-spreads"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/download1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नेपीडॉ: </strong>म्यांमार में भूकंप के 3 दिन बाद मलबे में दबी लाशों की भीषण दुर्गंध चारों ओर फैल गई है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने वाली टीम के सामने बड़ी चुनौती आ गई है। साथ ही आसपास के लोगों को महामारी की चपेट में भी आने का खतरा बढ़ गया है। जैसे-जैसे वक्त बीतता जा रहा है, तैसे-तैसे मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। भारत से भी कई टीमें म्यांमार में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और घायलों के इलाज के लिए पहुंच चुकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर की सड़कों पर रविवार को सड़ते हुए शवों की गंध फैली हुई थी, क्योंकि लोग किसी जीवित व्यक्ति को खोजने की उम्मीद में मलबा हटाने के लिए हाथों से काम कर रहे हैं। दो दिन पहले आए भीषण भूकंप में 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और अनगिनत लोग दब गए, जिनकी तलाश की जा रही है। <br /><br />शुक्रवार दोपहर को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र मांडले के पास था। इससे झूले की तरह धरती डोलने लगी। कई इमारतें गिर गईं। इस दौरान शहर के हवाई अड्डे जैसे तमाम बुनियादी और ऐतिहासिक ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा। टूटी हुई सड़कों, गिरे हुए पुलों, संचार व्यवस्था में गड़बड़ी और गृहयुद्ध के बीच देश में काम करने की चुनौतियों के कारण राहत कार्य बाधित हो रहे हैं।<br /><br />स्थानीय निवासियों द्वारा जीवित बचे लोगों की तलाश मुख्य रूप से भारी उपकरणों की सहायता के बिना की गई है, जो 41 डिग्री सेल्सियस (106 फ़ारेनहाइट) की गर्मी में हाथों और फावड़ियों से मलबा हटा रहे हैं, केवल कभी-कभार ट्रैक किए गए उत्खननकर्ता दिखाई देते हैं। हालांकि अब भारत से बड़ी सहायता पहुंच गई है। एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर चुकी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/39399/naypyidaw--3-days-after-the-earthquake-in-myanmar--the-stench-of-dead-bodies-buried-in-the-rubble-spreads</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 18:48:19 +0530</pubDate>
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