<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/8125/council" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Council - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/8125/rss</link>
                <description>Council RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : मेडिकल काउंसिल चुनाव में कमजोर मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल चुनाव में डॉक्टरों की भागीदारी कम रही। राज्य भर में कुल 1.23 लाख मतदाताओं में से महज 17,149 डॉक्टरों ने ही अपने मताधिकार का उपयोग किया। कुल मतदान प्रतिशत सिर्फ 13.71 फीसदी पर सिमट कर रह गया। बुधवार को हाफकिन इंस्टीट्यूट में मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। चिकित्सा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल चुनाव भले ही राज्यभर में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन डॉक्टरों की ओर से बेहद ठंडी प्रतिक्रिया ने सभी को चौंका दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49529/weak-voting-in-mumbai-medical-council-elections"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t181925.512.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल चुनाव में डॉक्टरों की भागीदारी कम रही। राज्य भर में कुल 1.23 लाख मतदाताओं में से महज 17,149 डॉक्टरों ने ही अपने मताधिकार का उपयोग किया। कुल मतदान प्रतिशत सिर्फ 13.71 फीसदी पर सिमट कर रह गया। बुधवार को हाफकिन इंस्टीट्यूट में मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। चिकित्सा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल चुनाव भले ही राज्यभर में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन डॉक्टरों की ओर से बेहद ठंडी प्रतिक्रिया ने सभी को चौंका दिया है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में मतदान बेहद कम रहा। इसके विपरीत सिंधुदुर्ग जैसे छोटे जिले में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला। राज्य में काउंसिल की नौ सीटों के लिए 60 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रदेश के हर जिले में मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे और पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई। मुंबई में जेजे अस्पताल और उपनगर क्षेत्र के वाकोला में मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां सुबह से ही डॉक्टरों ने मतदान किया, लेकिन संख्या सीमित रही। </p>
<p> </p>
<p>इस चुनाव में विभिन्न पैनलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहली बार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े पैनलों सहित तीन प्रमुख गुट मैदान में हैं। इसके अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में आंतरिक मतभेद भी खुलकर सामने आए हैं। वोटिंग के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और स्थानीय पुलिस का व्यापक बंदोबस्त तैनात किया गया था।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार मुंबई में 1233, पुणे में 1798, ठाणे में 1026, नागपुर में 1327, छत्रपति संभाजीनगर में 1033, नासिक में 1268, नांदेड़ में 938, बीड में 368, लातूर में 552, कोल्हापुर में 439, सांगली में 369, बुलढाणा में 230, अमरावती में 464, अकोला में 310, यवतमाल में 212, परभणी में 341, चंद्रपुर में 333, वर्धा में 182, धुले में 262, धाराशिव में 151, जालना में 153, हिंगोली में 135, रत्नागिरी में 141 और सिंध दुर्ग में 96 वोट पड़े हैं। इसी के साथ ही भंडारा, गोंदिया, नंदुरबार, वाशिम, पालघर, सतारा, रायगढ़ और अहमदनगर में एक भी वोट नहीं पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49529/weak-voting-in-mumbai-medical-council-elections</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49529/weak-voting-in-mumbai-medical-council-elections</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:20:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-27t181925.512.jpg"                         length="9014"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे : स्कूलों के पास सिगरेट-गुटखा बेचने वालों की अब खैर नहीं, नगर परिषद ने शुरू किया बड़ा ‘सफाई’ अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48773/those-selling-cigarettes-and-gutkha-near-thane-schools-are-no"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t105839.277.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे :</strong> ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह निर्णय नगर परिषद की अध्यक्ष तेजश्री करंजुले-पाटिल और मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ की बैठक में लिया गया था।</p>
<p> </p>
<p>पिछले कुछ वर्षों में अंबरनाथ शहर में गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री के मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों के विक्रेता स्कूलों के पास पान के पत्ते रखकर छात्रों को नशे के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अंबरनाथ नगरपालिका ने स्कूलों और मंदिरों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। </p>
<p><strong>नियमों को उल्लघंन किया तो हाेगी कार्रवाई</strong><br />इस अभियान के तहत, स्कूलों के पास बिक्री करने वाले दुकानदारों को पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। सिगरेट और तंबाकू का सेवन छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह आदत जो कम उम्र में शुरू होती है, बाद में लत में बदल जाती है और कैंसर, श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनती है।</p>
<p><strong>छात्रों पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव</strong><br />अंबरनाथ नगर परिषद अध्यक्ष तेजश्री करंजुले ने बताया कि यह अभियान इसलिए चलाया जा रहा है क्योंकि इसका विद्यालय के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह कार्रवाई नगर परिषद के अतिक्रमण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। नागरिकों से भी ऐसी बिक्री के बारे में जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और तंबाकू मुक्त वातावरण बनाना है। नपा के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ के आदेशानुसार नपा के अवैध निर्माण तोडू दस्ते के प्रमुख नरेंद्र सखें की टीम ने टपरियों को हटाने तथा तोड़क कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>नारे नहीं, सड़कों पर कार्रवाई की जरूरत है</strong><br />वर्तमान स्थिति में अंबरनाथ शहर के विभिन्न हिस्सों में कई स्कूलों के पास सिगरेट और तंबाकू बेचने वाले दर्जनों स्टॉल मौजूद हैं। स्कूलों द्वारा नगर पालिका से बार-बार शिकायत करने के बावजूद, इन स्टॉलों को अभी भी पनाह दी जा रही है। इसलिए नगर पालिका ने स्कूलों के पास स्थित स्टॉलों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या नगर पालिका अधिकारी वास्तव में स्कूलों के पास से इन स्टॉलों को हटाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48773/those-selling-cigarettes-and-gutkha-near-thane-schools-are-no</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48773/those-selling-cigarettes-and-gutkha-near-thane-schools-are-no</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:59:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-28t105839.277.jpg"                         length="12790"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बिना ट्रीट किए सीवेज को उल्हास नदी में जाने से रोकने में नाकाम रही कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद की कड़ी आलोचना </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद की कड़ी आलोचना की, क्योंकि वह बिना ट्रीट किए सीवेज को उल्हास नदी में जाने से रोकने में नाकाम रही। नागरिक संस्था के कामों को "दिखावा" बताते हुए, कोर्ट ने गंभीर नतीजों की चेतावनी दी, जिसमें कोर्ट द्वारा नियुक्त निगरानी समिति का फिर से गठन करना भी शामिल है। यह दोहराते हुए कि बिना चालू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के कोई ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47320/strong-criticism-of-kulgaon-badlapur-municipal-council-which-failed-to-stop"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-29t132031.177.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद की कड़ी आलोचना की, क्योंकि वह बिना ट्रीट किए सीवेज को उल्हास नदी में जाने से रोकने में नाकाम रही। नागरिक संस्था के कामों को "दिखावा" बताते हुए, कोर्ट ने गंभीर नतीजों की चेतावनी दी, जिसमें कोर्ट द्वारा नियुक्त निगरानी समिति का फिर से गठन करना भी शामिल है। यह दोहराते हुए कि बिना चालू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के कोई ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता।</p>
<p> </p>
<p>कोर्ट ने अवैध निर्माण पर याचिका सुनी जस्टिस रविंद्र घुगे और अभय मंत्री की बेंच बदलापुर के एक निवासी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और बिना रोक-टोक के बिना ट्रीट किए सीवेज को नदी में बहाने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने नागरिक अधिकारियों द्वारा सिस्टमैटिक गैर-अनुपालन के कारण होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। तो क्या अभी भी सीवेज नदी में बह रहा है?” बेंच ने शुरुआत में पूछा। याचिकाकर्ता के वकील ने हाँ में जवाब दिया, और हाई कोर्ट द्वारा मंजूर एक आर्किटेक्ट की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें सीवेज डिस्चार्ज को तुरंत रोकने की सिफारिश की गई थी।</p>
<p>नागरिक निकाय के दावे पर सवाल हालांकि, नागरिक निकाय ने आरोपों से इनकार किया। नगर निगम के वकील डी.पी. अडसूले ने एक नागरिक अधिकारी द्वारा दायर हलफनामे पर भरोसा करते हुए कहा कि "उल्हास नदी में कोई भी बिना ट्रीट किया सीवेज पानी नहीं छोड़ा जा रहा है"। बेंच ने तुरंत इस दावे पर सवाल उठाया। “अगर कुछ भी उल्हास नदी में नहीं जा रहा है, तो वह कहाँ जा रहा है?” जजों ने पूछा, और टिप्पणी की, “धरती माँ सब कुछ अपनी गोद में ले लेंगी और उसे गायब कर देंगी।”<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47320/strong-criticism-of-kulgaon-badlapur-municipal-council-which-failed-to-stop</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47320/strong-criticism-of-kulgaon-badlapur-municipal-council-which-failed-to-stop</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 13:21:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/download---2026-01-29t132031.177.jpg"                         length="9596"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  22 भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें पेश करेगा नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय शिक्षा और साक्षरता मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने शहर में नेशनल कला उत्सव 2025 के समापन समारोह के दौरान कहा कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक तैयार कर रहा है, और राज्यों से उन्हें अपनाने और लागू करने के लिए कहा जाएगा ताकि पूरे देश में एक जैसा सिलेबस हो सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46454/mumbai-national-council-of-educational-research-and-training-to-launch"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-25t141517.598.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>केंद्रीय शिक्षा और साक्षरता मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने शहर में नेशनल कला उत्सव 2025 के समापन समारोह के दौरान कहा कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक तैयार कर रहा है, और राज्यों से उन्हें अपनाने और लागू करने के लिए कहा जाएगा ताकि पूरे देश में एक जैसा सिलेबस हो सके। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक पर काम कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि सभी राज्यों को इन्हें अपनाने का निर्देश दिया गया है ताकि देश के हर कोने में एक जैसी पढ़ाई हो सके।इस कदम का मकसद देश भर के छात्रों को सीखने के समान अवसर देना है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा, “ नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक पर काम कर रहा है। सभी राज्यों को इन्हें अपनाने का निर्देश दिया गया है ताकि देश के हर कोने में एक जैसी पढ़ाई हो सके,” और साथ ही कहा कि शिक्षकों को छात्रों की जिज्ञासा को बढ़ावा देना चाहिए और ऐसी क्लासरूम बनानी चाहिए जहाँ सवालों का स्वागत हो। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा महाराष्ट्र राज्य स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर आयोजित चार दिवसीय नेशनल कला उत्सव, यशवंतराव चव्हाण एकेडमी ऑफ डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन में समाप्त हुआ।</p>
<p>इस कार्यक्रम में पूरे भारत के 32,000 स्कूलों ने हिस्सा लिया, जिसमें 895 फाइनलिस्ट मौजूद थे।छात्रों को संबोधित करते हुए, कुमार ने कहा कि कला नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का एक अहम हिस्सा है और प्रतिभागियों से भीडेवाड़ा में सावित्रीबाई फुले के पहले स्कूल और यरवदा जेल जाने का आग्रह किया, जहाँ महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा लिखी थी।उन्होंने कहा, “यहाँ हर छात्र विजेता है। हिस्सा लेना ही एक उपलब्धि है।”नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने इस कार्यक्रम को “कला का महाकुंभ” बताया और कलाकारों की यात्रा को ट्रैक करने और राज्य स्तर पर इसी तरह के कला उत्सव आयोजित करने के लिए एक सिस्टम बनाने का सुझाव दिया।</p>
<p>ग्रुप सिंगिंग, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स और रिदम परफॉर्मेंस सहित बारह कला रूपों को मान्यता दी गई। पुरस्कार विजेता छात्रों ने बालगंधर्व ऑडिटोरियम में भी प्रदर्शन किया।इस कार्यक्रम के दौरान कुल 51 पुरस्कार दिए गए। महाराष्ट्र ने सबसे ज़्यादा सात पुरस्कार जीते, उसके बाद केरल (छह), ओडिशा और असम (पाँच-पाँच)। केवीएस, एनवीएस और ईएमआरएस सहित कई अन्य राज्यों और संस्थानों ने भी पुरस्कार जीते। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46454/mumbai-national-council-of-educational-research-and-training-to-launch</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/46454/mumbai-national-council-of-educational-research-and-training-to-launch</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 14:16:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-12/download---2025-12-25t141517.598.jpg"                         length="8337"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        