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                <title>despite - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>despite RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : कानूनी अधिकार के अभाव के बावजूद अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में सरकारी हस्तक्षेप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोई कानूनी अधिकार न होने के बावजूद, राज्य के शिक्षा अधिकारी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में कर्मचारियों की नियुक्ति में दखल दे रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसके चलते नागपुर हाई कोर्ट की बेंच ने शिक्षा अधिकारियों के प्रति अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48588/mumbai-government-interference-in-minority-educational-institutions-despite-lack-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-21t120136.883.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कोई कानूनी अधिकार न होने के बावजूद, राज्य के शिक्षा अधिकारी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में कर्मचारियों की नियुक्ति में दखल दे रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसके चलते नागपुर हाई कोर्ट की बेंच ने शिक्षा अधिकारियों के प्रति अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है।</p>
<p> </p>
<p>कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इस फैसले की एक प्रति विदर्भ के सभी शिक्षा अधिकारियों को भेजी जाए, ताकि उनमें जागरूकता पैदा हो सके। यह प्रति सरकारी वकील के कार्यालय को सौंप दी गई है।</p>
<p>अकोला ज़िले के पातूर स्थित 'शाहबाबू उर्दू शिक्षण संस्थान' को 17 जून, 2005 को अल्पसंख्यक दर्जा प्रदान किया गया था। संविधान के अनुच्छेद 30 (1) के अनुसार, सभी धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शिक्षण संस्थान स्थापित करने और उनका प्रबंधन करने का अधिकार है। इसी बीच, शिक्षा अधिकारियों ने शाहबाबू उर्दू शिक्षण संस्थान में तीन जूनियर क्लर्कों की नियुक्ति को मंज़ूरी देने और उन्हें 'शालार्थ आईडी' जारी करने से इनकार कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 12:02:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : रेनोवेशन के बावजूद वीएन देसाई हॉस्पिटल ब्लड बैंक बंद, मरीज़ों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के सांताक्रूज़ (ईस्ट) में वी. एन. देसाई म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल का ब्लड बैंक, रेनोवेशन का काम पूरा होने के बावजूद अभी तक बंद है। हॉस्पिटल बिल्डिंग की दूसरी मंज़िल पर स्ट्रक्चरल रिपेयर और रेनोवेशन के काम के लिए जून 2025 की शुरुआत में इस जगह को बंद कर दिया गया था। तब से, इसने खून इकट्ठा करना बंद कर दिया है, और अभी भी यह साफ़ नहीं है कि यह कब फिर से काम करना शुरू करेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48046/mumbai-vn-desai-hospital-blood-bank-closed-despite-renovation-concern"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-27t125230.340.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के सांताक्रूज़ (ईस्ट) में वी. एन. देसाई म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल का ब्लड बैंक, रेनोवेशन का काम पूरा होने के बावजूद अभी तक बंद है। हॉस्पिटल बिल्डिंग की दूसरी मंज़िल पर स्ट्रक्चरल रिपेयर और रेनोवेशन के काम के लिए जून 2025 की शुरुआत में इस जगह को बंद कर दिया गया था। तब से, इसने खून इकट्ठा करना बंद कर दिया है, और अभी भी यह साफ़ नहीं है कि यह कब फिर से काम करना शुरू करेगा।</p>
<p> </p>
<p>हॉस्पिटल के सूत्रों के मुताबिक, ब्लड बैंक का रेनोवेशन पहले ही पूरा हो चुका है। हालांकि, इसे अभी तक चालू नहीं किया गया है, जिससे मरीज़ और मेडिकल स्टाफ़ मुश्किल में हैं। वी. एन. देसाई हॉस्पिटल, मुंबई के पश्चिमी इलाकों में हज़ारों कम आय वाले लोगों की सेवा करने वाली एक ज़रूरी सरकारी हेल्थकेयर सुविधा है। इसके ब्लड बैंक के लगातार बंद रहने से मरीज़ों की देखभाल पर गंभीर संकट पैदा हो गया है, खासकर इमरजेंसी और सर्जिकल मामलों में।</p>
<p>बड़ी सर्जरी में अक्सर 3-4 यूनिट खून की ज़रूरत होती है। ऑपरेशन के दौरान, बाहर से खून का इंतज़ाम करने का समय नहीं होता है। बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होने पर, इन-हाउस ब्लड बैंक न होने से मरीज़ों की जान को सीधा खतरा होता है। हॉस्पिटल एक DNB प्रोग्राम चलाता है और उम्मीद है कि यह मुश्किल और हाई-रिस्क सर्जरी को संभालेगा, जो तुरंत खून न मिलने पर बहुत मुश्किल हो जाती हैं। डिलीवरी के दौरान बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग के मामले भी सामने आए हैं, जहाँ लगातार 5-6 यूनिट खून चढ़ाकर मरीज़ों की जान बचाई गई। ऐसे मुश्किल समय में, खून का तुरंत मिलना बहुत ज़रूरी होता है।</p>
<p>1993 से एक ज़रूरी सुविधा यह ब्लड बैंक 1993 से काम कर रहा था, जहाँ हर साल लगभग 2,000 यूनिट खून जमा होता था और उतना ही इस्तेमाल होता था। खून की बहुत ज़्यादा कमी के समय, खासकर मई-जून और अक्टूबर-नवंबर में, इसने बहुत ज़रूरी भूमिका निभाई। कभी-कभी, इसने किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल, नायर हॉस्पिटल, लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल, सर जे. जे. हॉस्पिटल, कामा और एल्ब्लेस हॉस्पिटल, और जी. टी. हॉस्पिटल जैसे दूसरे बड़े सिविक हॉस्पिटल की भी मदद की। </p>
<p>बांद्रा में पास का भाभा हॉस्पिटल ब्लड बैंक कथित तौर पर रात में काम नहीं करता है, और कमी के कारण वहाँ खून का कलेक्शन कम हो गया है। ऐसे हालात में, वी. एन. देसाई ब्लड बैंक ने बांद्रा के मरीज़ों के लिए भी लाइफ़लाइन का काम किया। आस-पास के कई BMC मैटरनिटी होम भी इस पर निर्भर थे। रेनोवेशन का काम पूरा होने के बावजूद, ब्लड बैंक बंद है, जिससे इमरजेंसी केयर और सर्जिकल सर्विस पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। इसके लंबे समय तक काम न करने से मरीज़ की सुरक्षा और हॉस्पिटल की समय पर जान बचाने वाला इलाज देने की क्षमता को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:53:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कलिना ड्रग प्लांटिंग केस में सीसीटीवी सबूत के बावजूद 4 सस्पेंड पुलिसवालों को फिर से नौकरी पर रखा गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अक्टूबर 2024 में सांताक्रूज़ ईस्ट के कलीना में एक कथित ड्रग प्लांटिंग केस के सिलसिले में सस्पेंड किए गए चार पुलिसवालों – जिसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल शामिल हैं – को एक महीने पहले बहाल कर दिया गया। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में बहाली का ऑर्डर पास होने के लगभग एक महीने बाद, चारों कर्मचारी दादर ईस्ट के नायगांव में आर्म्ड पुलिस हेडक्वार्टर में शामिल हो गए। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47998/4-suspended-policemen-reinstated-despite-cctv-evidence-in-mumbai-kalina"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-25t131458.584.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अक्टूबर 2024 में सांताक्रूज़ ईस्ट के कलीना में एक कथित ड्रग प्लांटिंग केस के सिलसिले में सस्पेंड किए गए चार पुलिसवालों – जिसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल शामिल हैं – को एक महीने पहले बहाल कर दिया गया। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में बहाली का ऑर्डर पास होने के लगभग एक महीने बाद, चारों कर्मचारी दादर ईस्ट के नायगांव में आर्म्ड पुलिस हेडक्वार्टर में शामिल हो गए। </p>
<p> </p>
<p>ड्रग्स प्लांट करने के आरोप सीसीटीवी में कैद यह घटना 30 अगस्त, 2024 की है, जब खार पुलिस स्टेशन के पीएसआई विश्वनाथ ओंबले और तीन कांस्टेबल – इमरान शेख, सागर कांबले और योगेंद्र शिंदे (जिन्हें दबंग शिंदे भी कहा जाता है) – कथित तौर पर सादे कपड़ों में सांताक्रूज़ ईस्ट के कलीना में शाहबाज़ खान (32) के जानवरों के फार्म पर गए, जहाँ डायलन एस्टबेरो (31) काम कर रहा था। उन्होंने कथित तौर पर डायलन की तलाशी ली और एक नकली तलाशी के दौरान उसकी जेब में 20 ग्राम मेफेड्रोन रख दिया और बाद में उस पर ड्रग रखने का आरोप लगाया।</p>
<p>पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई, जिसे बाद में शाहबाज़ खान ने रिव्यू किया और पब्लिक में शेयर किया। फुटेज जारी होने के बाद, डायलन को खार पुलिस ने रिहा कर दिया। वीडियो से लोगों में गुस्सा फैल गया, जिसके बाद डिपार्टमेंट ने 31 अगस्त, 2024 को चारों पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया। घटना के बाद, ह्यूमन राइट्स कमीशन ने खुद संज्ञान लिया, और मामला अभी भी कमीशन के सामने पेंडिंग है। इसके अलावा, वकोला पुलिस ने ह्यूमन राइट्स कमीशन के निर्देशों के बाद, घटना के तीन महीने से ज़्यादा समय बाद 19 दिसंबर को चारों पुलिसवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 13:15:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दिसंबर की डेडलाइन निकली, काम हुआ पूरा, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बांद्रा स्काईवॉक बंद </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के लोगों के सुरक्षित और आसान सफर के लिए बांद्रा रेलवे स्टेशन और महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण ऑफिस के बीच बने स्काईवॉक को फिर से बनाने का काम आखिरकार पूरा हो गया है। हालांकि काम पूरा होने के बावजूद यह स्काईवॉक अभी तक लोगों के इस्तेमाल के लिए नहीं खोला गया है। हाईकोर्ट के साफ निर्देशों के मुताबिक, नगर निगम ने दिसंबर के आखिर तक इस स्काईवॉक को लोगों के लिए खोलने का प्लान बनाया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46828/mumbai-december-deadline-passed-work-completed-bandra-skywalk-closed-despite"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-08t124916.967.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के लोगों के सुरक्षित और आसान सफर के लिए बांद्रा रेलवे स्टेशन और महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण ऑफिस के बीच बने स्काईवॉक को फिर से बनाने का काम आखिरकार पूरा हो गया है। हालांकि काम पूरा होने के बावजूद यह स्काईवॉक अभी तक लोगों के इस्तेमाल के लिए नहीं खोला गया है। हाईकोर्ट के साफ निर्देशों के मुताबिक, नगर निगम ने दिसंबर के आखिर तक इस स्काईवॉक को लोगों के लिए खोलने का प्लान बनाया था। लेकिन बीएमसी चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से कोई उद्घाटन या लोकार्पण नहीं हो सका। इससे इस पब्लिक यूटिलिटी प्रोजेक्ट पर असर पड़ा है। नतीजतन पूरा हो चुका स्काईवॉक लोकार्पण न होने की वजह से लोगों के लिए बंद है। </p>
<p> </p>
<p><strong>हादसा होने का खतरा</strong><br />बांद्रा ईस्ट और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स इलाकों में बड़ी संख्या में सरकारी, सेमी-गवर्नमेंट और प्राइवेट ऑफिस हैं। म्हाडा, स्लम पुनर्वास प्राधिकरण जैसे जरूरी ऑफिस में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। स्काईवॉक न होने की वजह से लोगों को तंग और खतरनाक फुटपाथ पर चलना पड़ता है। इससे हादसा होने का खतरा हमेशा बना रहता है। अगर स्काईवॉक खुल जाता है तो यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46828/mumbai-december-deadline-passed-work-completed-bandra-skywalk-closed-despite</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 12:50:05 +0530</pubDate>
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