<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/8083/busted" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>busted - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/8083/rss</link>
                <description>busted RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : बिना OTP के 10 करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई में 'बॉस स्कैम' का भंडाफोड़, ऐसे मिटाते थे सबूत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर ठगों ने अब लोगों को लूटने का एक नया और हाईटेक तरीका निकाल लिया है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही इंटरस्टेट साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देश की एक बड़ी कंपनी को 10 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. मुंबई पुलिस ने इस नए साइबर फ्रॉड को “बॉस स्कैम” नाम दिया है. इस मामले में दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन (क्राइम ब्रांच) ने कार्रवाई करते हुए 3 राज्यों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश अभी जारी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50866/mumbai-fraud-of-rs-10-crore-without-otp-boss-scam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/istock-157619625-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर ठगों ने अब लोगों को लूटने का एक नया और हाईटेक तरीका निकाल लिया है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही इंटरस्टेट साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देश की एक बड़ी कंपनी को 10 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. मुंबई पुलिस ने इस नए साइबर फ्रॉड को “बॉस स्कैम” नाम दिया है. इस मामले में दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन (क्राइम ब्रांच) ने कार्रवाई करते हुए 3 राज्यों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश अभी जारी है.</p>
<p> </p>
<p>सायबर सेल के डीसीपी बजरंग बनसोड़े ने बताया कि इस ठगी की सबसे खास बात यह थी कि इसमें शिकार को न तो कोई फिशिंग लिंक भेजा गया, न ही OTP या बैंकिंग डिटेल मांगी गई. ठगों ने सिर्फ 'भरोसे' को अपना हथियार बनाया. ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो लगाकर एक फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया. इस नंबर से कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को मैसेज भेजा गया, जिसमें लिखा था कि 'डायरेक्टर' एक अहम मीटिंग में व्यस्त हैं और कुछ बेहद जरूरी भुगतान तत्काल प्रभाव से करने हैं.</p>
<p>अधिकारी ने डायरेक्टर का मैसेज समझकर बिना कोई शक किए, अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए. जब तक अधिकारी का संपर्क असली डायरेक्टर से हुआ, तब तक कंपनी के खाते से 10.40 करोड़ रुपये उड़ चुके थे.</p>
<p><strong>3 राज्यों में छापेमारी, 5.63 करोड़ रुपये कराए गए फ्रीज</strong><br />मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और बैंकिंग ट्रेल की बारीकी से जांच की गई. पुलिस ने महाराष्ट्र के जालना, बिहार के सीवान और दिल्ली में एक साथ छापेमारी कर 7 आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ 63 लाख 98 हजार रुपये से अधिक की रकम विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवा दी है.</p>
<p><strong>सोना खरीदकर मिटाते थे मनी ट्रेल</strong><br />जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य ठगी की रकम को ट्रेस होने से बचाने के लिए उसे कई बैंक खातों में घुमाते थे. इसके बाद, उस रकम से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के कई नामी ज्वेलर्स से सोना खरीदा जाता था, ताकि मनी ट्रेल को पूरी तरह खत्म किया जा सके. पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड समेत कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं.</p>
<p><strong>पुलिस की कंपनियों से अपील</strong><br />पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क बहुत बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसी "बॉस स्कैम" के जरिए अन्य कंपनियों को भी निशाना बनाया गया है. मुंबई पुलिस ने अपील की है कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से आने वाले वित्तीय लेन-देन या भुगतान संबंधी निर्देशों की कॉल करके पुष्टि जरूर करें, बिना पुष्टि के फंड ट्रांसफर न करें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50866/mumbai-fraud-of-rs-10-crore-without-otp-boss-scam</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50866/mumbai-fraud-of-rs-10-crore-without-otp-boss-scam</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:57:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/istock-157619625-2.jpg"                         length="121749"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : गोवंडी पुलिस ने हेल्थ पॉलिसी के नाम पर लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया; कई राज्यों में फैला नेटवर्क; 12 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गोवंडी पुलिस ने हेल्थ पॉलिसी के नाम पर लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और गोल्ड के सिक्कों समेत करीब 17 लाख रुपये से ज्यादा का सामान जब्त किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50748/in-the-name-of-mumbai-health-policy-gold-was-bought"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/_vwk5c1z0qydhfkq.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>गोवंडी पुलिस ने हेल्थ पॉलिसी के नाम पर लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और गोल्ड के सिक्कों समेत करीब 17 लाख रुपये से ज्यादा का सामान जब्त किया गया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>कैसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा?</strong><br />यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित ने गोवंडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता को आरोपियों ने फोन करके खुद को एचडीएफसी एर्गो हेल्थ पॉलिसी के ऑफिस से होने का झांसा दिया था। ठगों ने पीड़ित से झूठ बोला कि उनकी पॉलिसी पर 1 लाख 53 हजार 825 रुपये का 'नो क्लेम बोनस' मिलने वाला है, जिसे हासिल करने के लिए एक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस झांसे में आकर पीड़ित ने अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी उनके साथ साझा कर दी। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग तरीके से कुल 3 लाख 43 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p>मुंबई के डीसीपी समीर शेख ने बताया कि गोवंडी पुलिस की साइबर टीम ने मामले का टेक्निकल इन्वेस्टीगेशन शुरू किया, तो उन्हें कुर्ला पश्चिम के कोहिनूर सिटी मॉल में मौजूद 'एम.के. रिक्रूटमेंट मैनपावर' नाम की जगह पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ग्राहकों को फंसाने वाली कॉलिंग स्क्रिप्ट बरामद की। मौके से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। यह आरोपी ठगी के पैसों से क्रेडिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन गोल्ड के सिक्के और दूसरा सामान ऑर्डर करते थे।</p>
<p><strong>लोगों को कैसे बनाते थे निशाना?</strong><br />डीसीपी समीर शेख ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो पता चला कि ये लोग एचडीएफसी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों का डेटा और सिम कार्ड हासिल कर उन्हें निशाना बनाते थे। पुलिस ने डेटा और सिम कार्ड सप्लाई करने वाले 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुंबई के आसाल्फा विलेज के साईं लीलावती निवास और कोहिनूर मॉल के एक अन्य गाले में चल रहे दो और फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी की। वहां से भी कॉल सेंटर का पूरा सामान जब्त किया गया और बाकी आरोपियों को पकड़ा गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50748/in-the-name-of-mumbai-health-policy-gold-was-bought</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50748/in-the-name-of-mumbai-health-policy-gold-was-bought</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 12:34:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/_vwk5c1z0qydhfkq.jpg"                         length="93080"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई एयरपोर्ट से चल रहे सोने की तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, नौ गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विदेशी सोने की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने मुंबई एयरपोर्ट पर तस्करी गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। डीआरआई ने मुंबई एयरपोर्ट के जरिए चल रहे इस संगठित सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान एक ऐसी जगह का भी पता चला, जहां विदेशी तस्करी का सोना पिघलाया जाता था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50412/gold-smuggling-gang-running-from-mumbai-airport-busted-nine-arrested"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/202606263840516.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई। </strong>विदेशी सोने की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने मुंबई एयरपोर्ट पर तस्करी गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। डीआरआई ने मुंबई एयरपोर्ट के जरिए चल रहे इस संगठित सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान एक ऐसी जगह का भी पता चला, जहां विदेशी तस्करी का सोना पिघलाया जाता था।</p>
<p> </p>
<p>डीआरआई के बयान के अनुसार, पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एयरपोर्ट की महिला कर्मचारी, उसे निर्देश देने वाला व्यक्ति, तीन बिचौलिए, सोना पिघलाने वाली यूनिट का संचालक और सोना पिघलाने के काम में लगे तीन अन्य लोग शामिल हैं। डीआरआई ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि सोने की तस्करी करने वाले गिरोह अब पहले से ज्यादा संगठित और चालाक हो गए हैं। वे एयरपोर्ट के अंदर काम करने वाले लोगों की मदद लेते हैं और कई स्तरों वाले नेटवर्क के जरिए जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश करते हैं।</p>
<p>एक अन्य कार्रवाई में बेंगलुरु में डीआरआई ने एक अंतरराष्ट्रीय यात्री के कपड़ों की कई परतों में छिपाकर रखे गए 1.8 किलोग्राम 24 कैरेट सोने के पेस्ट को बरामद किया। इसके बाद आरोपी के घर की तलाशी ली गई, जहां से करीब 1.5 किलोग्राम सोने के गहने, 45 किग्रा चांदी और भारतीय व विदेशी मुद्रा बरामद हुई। डीआरआई ने उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया। इस सप्ताह की शुरुआत में डीआरआई ने हैदराबाद, राजकोट, कालीकट, विशाखापत्तनम, गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल स्थित एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और भूमि सीमा शुल्क चौकियों पर भी कई कार्रवाई की। इन अभियानों में कुल 6 किलोग्राम विदेशी तस्करी का सोना बरामद किया गया और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p>डीआरआई के अनुसार, इन सभी कार्रवाइयों में कुल मिलाकर करीब 15 किलोग्राम सोना, 45 किलोग्राम चांदी और लगभग 23 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। साथ ही 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले 20 मई को डीआरआई, मुंबई ने 'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय (सीएसएमआई) एयरपोर्ट से संचालित एक बड़े सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। डीआरआई के अनुसार, पक्की सूचना के आधार पर अधिकारियों ने करीब 4.8 करोड़ रुपए कीमत का 3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया था और एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि तस्करी के सोने का पाउडर मोम के रूप में बदलकर खास तरह के अंडे के आकार वाले कैप्सूल में छिपाया जाता था। इन कैप्सूलों को ट्रांजिट यात्री निगलकर मुंबई तक लाते थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50412/gold-smuggling-gang-running-from-mumbai-airport-busted-nine-arrested</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50412/gold-smuggling-gang-running-from-mumbai-airport-busted-nine-arrested</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 20:36:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/202606263840516.jpg"                         length="149521"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामगढ़ : 24 राज्यों में 274 साइबर अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय की “आई फोर सी” परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की जानकारी सामने आई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49605/ramgarh-gang-committing-274-cyber-crimes-in-24-states-exposed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-30t174140.872.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामगढ़ : </strong>झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय की “आई फोर सी” परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की जानकारी सामने आई।</p>
<p> </p>
<p>भारतीय स्टेट बैंक के एक करंट अकाउंट पर नजर गई, जिसके जरिए लगातार अलग-अलग राज्यों से रकम जमा की जा रही थी। सूचना मिलते ही एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी निगरानी शुरू हुई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, एक परत दर परत खुलती चली गई। पता चला कि ‘गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से एमएसएमई परियोजना के तहत खुलवाया गया यह खाता असल में ठगी के पैसे इकट्ठा करने का माध्यम था। पुलिस ने छापेमारी कर राहुल गुप्ता (37), रवि कुमार वर्मा (34), रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना (40) और सोनू कुमार झा (34) को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि खाते खोलने से लेकर उसे ऑपरेट करने तक एक सुनियोजित तंत्र काम कर रहा था। कुछ आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते खुलवाते थे, जबकि अन्य सदस्य ओटीपी, मोबाइल बैंकिंग और खातों की डिटेल्स व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर ठगी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके राष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49605/ramgarh-gang-committing-274-cyber-crimes-in-24-states-exposed</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49605/ramgarh-gang-committing-274-cyber-crimes-in-24-states-exposed</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:42:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-30t174140.872.jpg"                         length="8212"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        