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                <title>worth - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई-दिल्ली में 11 ठिकानों पर छापेमारी, 1.75 करोड़ जापानी येन, 103145 अमेरिकी डॉलर की एफडी फ्रीज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल ऑफिस-1 ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुंबई और दिल्ली में अल्फारा इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और करीबी सहयोगियों से जुड़े 11 ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 18 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा और 9,567 अमेरिकी डॉलर जब्त किए गए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51837/raids-at-11-locations-in-mumbai-delhi-fd-worth-175-crore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-15t110259.621.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल ऑफिस-1 ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुंबई और दिल्ली में अल्फारा इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और करीबी सहयोगियों से जुड़े 11 ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 18 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा और 9,567 अमेरिकी डॉलर जब्त किए गए। इसके अलावा करीब 1.02 करोड़ रुपये की एफडी, 1.75 करोड़ जापानी येन और 1,03,145 अमेरिकी डॉलर की एफडी राशि को फ्रीज किया गया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत चल रही जांच के तहत की गई।</p>
<p> </p>
<p>ईडी के अनुसार, यह जांच बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर चेन्नई स्थित सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी अल्फारा इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2012 में बैंक ऑफ बड़ौदा से 103 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा ली थी, जिसे 2015 में बढ़ाकर 360.50 करोड़ रुपये कर दिया गया। 18 जून 2018 को खाते को एनपीए घोषित किया गया था। उस समय बकाया राशि 255.74 करोड़ रुपये थी।</p>
<p><strong>मनी ट्रेल का उद्देश्य वास्तविक स्रोत को छिपाना: ईडी </strong><br />जांच में प्रथमदृष्टया पता चला कि कंपनी की करीब 75.02 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट देनदारियां बैंक को चुकानी पड़ीं, जबकि लगभग 164.59 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी भुना ली गईं। ईडी का आरोप है कि इससे अपराध से अर्जित रकम उत्पन्न हुई, जिसे विभिन्न लाभार्थी और मध्यस्थ कंपनियों के जरिए कई स्तरों पर घुमाकर अल्फारा इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसकी समूह कंपनियों में वापस पहुंचाया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य रकम के वास्तविक स्रोत को छिपाना था। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, कुछ विदेशी बैंक गारंटी ग्लेज्ड टाइल्स के निर्यात के नाम पर खोली गईं, जबकि ऐसा निर्यात हुआ ही नहीं।</p>
<p>इसके बावजूद रकम सिंगापुर और हांगकांग स्थित विदेशी संस्थाओं को भेजी गई। कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के बाद कई एलसी और बैंक गारंटी देनदारियों में बदल गईं या भुना ली गईं, जिससे बैंक को नुकसान हुआ और रकम कथित तौर पर इधर-उधर की गई। कार्रवाई में बैंक लेनदेन, एलसी, बैंक गारंटी और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक रिकॉर्ड भी जब्त किए गए। ईडी के मुताबिक, इनसे अपराध से अर्जित रकम के मनी ट्रेल की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है। मामले की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 11:05:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 13 लाख की एमडी ड्रग्स बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ा वार किया है. एक कार्रवाई में सामने आई ड्रग्स की खेप में जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने ड्रग्स बनाने वाली सामग्री बारमद की. अब पुलिस उस ठिकाने और उन लोगों तक पहुंचने में जुटी है, जो इस पूरे खेल के पीछे हो सकते हैं.  मुंबई में नशे के कारोबार के खिलाफ पायधुनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51817/md-drugs-worth-rs-13-lakh-recovered-in-major-action"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-13t120739.741.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ा वार किया है. एक कार्रवाई में सामने आई ड्रग्स की खेप में जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने ड्रग्स बनाने वाली सामग्री बारमद की. अब पुलिस उस ठिकाने और उन लोगों तक पहुंचने में जुटी है, जो इस पूरे खेल के पीछे हो सकते हैं.  मुंबई में नशे के कारोबार के खिलाफ पायधुनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस की क्राइम डिस्क्लोजर टीम ने एमडी यानी मेफेड्रोन ड्रग्स की बिक्री और निर्माण से जुड़े मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 435.90 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुई है, जिसकी कीमत लगभग 13 लाख 5 हजार 300 रुपये बताई गई है.पुलिस ने ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी जब्त किया है.</p>
<p> </p>
<p>छापेमारी के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर एमडी ड्रग्स बेच रहे तीन आरोपियों को पकड़ा और उनके पास से प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कपिल गुलशन अरोरा (39), मोहम्मद आसिफ इकबाल शेख (44) और सईद असलम शेख (33) के तौर पर हुई है. पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं. </p>
<p>मामले में पूछताछ के दौरान पुलिस को ड्रग्स बनाने की सामग्री के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद टीम ने उल्हासनगर, ठाणे जिला के एक घर में कार्रवाई की. यहां से मेफेड्रोन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई. पुलिस अब इस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि ड्रग्स की सप्लाई कहां से हो रही थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं. पायधुनी पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई सीनियर अधिकारियों के मार्गदर्शन में की. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 12:08:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई एयरपोर्ट से 2 करोड़ का सोना और 1.28 लाख UAE दिरहम चोरी, सूरत के कारोबारी ने सहार पुलिस में दर्ज कराई FIR</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दुबई से लौट रहे सूरत के एक कपड़ा व्यापारी के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कथित तौर पर धोखाधड़ी हुई। उनसे लगभग 1.95 करोड़ रुपये कीमत का 1.5 किलोग्राम सोना और 1.28 लाख UAE दिरहम (लगभग 33.35 लाख रुपये) नकद ठग लिए गए। सहार पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि 67 साल के एक व्यापारी की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51805/gold-worth-rs-2-crore-and-uae-dirham-128-lakh"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/1570192-27.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दुबई से लौट रहे सूरत के एक कपड़ा व्यापारी के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कथित तौर पर धोखाधड़ी हुई। उनसे लगभग 1.95 करोड़ रुपये कीमत का 1.5 किलोग्राम सोना और 1.28 लाख UAE दिरहम (लगभग 33.35 लाख रुपये) नकद ठग लिए गए। सहार पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि 67 साल के एक व्यापारी की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि अपना कपड़ों का कारोबार बंद करने के बाद नए बिजनेस की तलाश कर रहे व्यापारी की मुलाकात दुबई यात्रा के दौरान केरल के रहने वाले मोहम्मद आसिफ से हुई थी। आसिफ ने उन्हें सलाह दी कि वे UAE में कानूनी तरीके से सोना खरीदें और उसे भारत में बेचें।</p>
<p><strong>दुबई से खरीदकर लाया सोना</strong><br />अधिकारी ने बताया कि सलाह मानने के बाद, सूरत के व्यापारी ने पिछले महीने दुबई से एक किलो और 500 ग्राम वजन की सोने की दो छड़ें खरीदीं। बताया जाता है कि 7,66,589 AED कीमत का यह सोना उधार पर खरीदा गया था। व्यापारी भारत में कस्टम ड्यूटी चुकाने के लिए 1,28,000 AED नकद भी साथ ले गया था।</p>
<p><strong>फ्लाइट में हुई नियास मो. से मुलाकात</strong><br />अधिकारी ने बताया कि जब व्यापारी एमिरेट्स की फ्लाइट से दुबई से मुंबई लौट रहा था, तो उसकी मुलाकात नियास मोहम्मद कटुमाडाथिल से हुई, जिसका परिचय उसे मोहम्मद आसिफ के परिचित के तौर पर कराया गया था।</p>
<p><strong>मदद करने के नाम पर ठगा</strong><br />उन्होंने बताया कि मुंबई में फ्लाइट उतरने के बाद, नियास ने कस्टम डिक्लेरेशन की प्रक्रिया में मदद करने की पेशकश करके व्यापारी का भरोसा जीत लिया। अधिकारी ने बताया कि जब व्यापारी इमिग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सोना घोषित करने और लागू कस्टम ड्यूटी का भुगतान करने की तैयारी कर रहा था, तो नियास ने सोना और नकदी वाला काला बैग यह कहकर ले लिया कि वह डिक्लेरेशन की प्रक्रिया पूरी करने में उसकी मदद करेगा।</p>
<p><strong>डोमेस्टिक एग्जिट गेट से भाग निकला</strong><br />अधिकारी ने कहा कि हालांकि, नियास कथित तौर पर तेजी से डोमेस्टिक एग्जिट गेट की ओर बढ़ा और बेंगलुरु के लिए उड़ान भरकर भाग गया। व्यापारी ने मोहम्मद आसिफ के साथ मिलकर हवाई अड्डे पर आरोपी को खोजने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। इसके बाद व्यापारी ने सहार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p><strong>पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी</strong><br />उसने आरोप लगाया कि नियास मोहम्मद और एक अन्य व्यक्ति- जिसकी पहचान केरल के मलप्पुरम निवासी मोहम्मद हारिस थुम्बलांथोडी के तौर पर हुई है- 1.5 किलोग्राम सोना और 1.28 लाख AED नकद वाला बैग लेकर भागने की साजिश में शामिल थे। सहार पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को पकड़ने तथा चोरी हुआ सोना और नकदी बरामद करने के लिए जांच चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 12:04:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: महिला ने सवा करोड़ का घर बेचने के लिए जिंदा पति को किया मृत घोषित, पुलिस ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में एक महिला ने अपने भले-चंगे पति को कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। उसने नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाकर दोनों के नाम वाला फ्लैट बेच डाला। इतना ही नहीं, उसी फ्लैट पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन भी पास करा लिया गया। जब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ, तो पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51803/mumbai-woman-declares-her-husband-alive-to-sell-her-house"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-12t114753.615.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में एक महिला ने अपने भले-चंगे पति को कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। उसने नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाकर दोनों के नाम वाला फ्लैट बेच डाला। इतना ही नहीं, उसी फ्लैट पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन भी पास करा लिया गया। जब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ, तो पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है मामला?</strong><br />यह मामला बोरीवली के एल. एम. रोड पर बनी राज विला कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का है। मुंबई के एक नामी होटल में काम करने वाले रयान क्रास्टा ने साल 2007 में शालिनी डायना क्रास्टा से शादी की थी। शादी के कुछ वर्षों बाद साल 2016 में, दोनों ने मिलकर 73 लाख 80 हजार रुपये में एक बेडरूम का फ्लैट खरीदा था। यह घर खरीदने के लिए दोनों ने बैंक से करीब 56 लाख रुपये का लोन लिया था। रयान के मुताबिक, वे हर महीने लोन की किस्तें टाइम पर भर रहे थे और फ्लैट दोनों के नाम पर रजिस्टर्ड था। हालांकि, बाद में पति-पत्नी के बीच झगड़े होने लगे और दोनों अलग-अलग रहने लगे।</p>
<p><strong>ऐसे रची गई साजिश</strong><br />इस धोखाधड़ी की पोल मई 2026 में खुली। रयान के दोस्त प्रसाद पाताड़े ने उन्हें बताया कि बोरीवली वाला उनका फ्लैट एक प्राइवेट बैंक में गिरवी रखा हुआ है। यह बात सुनते ही रयान के होश उड़ गए। उन्हें यह भी पता चला कि उस फ्लैट को गिरवी रखकर धर्मेश जगदीश तन्ना और उनकी पत्नी धारा धर्मेश तन्ना के नाम पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन पास कराया गया है। मामले की सच्चाई जानने के लिए रयान अपनी मां को साथ लेकर उस प्राइवेट बैंक पहुंचे। बैंक से मिली जानकारी ने पूरा सच सामने रख दिया। पता चला कि शालिनी ने 11 अप्रैल 2025 को कागजात बनवाकर फ्लैट तन्ना परिवार को बेच दिया था। इस खरीद-बिक्री को सही साबित करने के लिए शालिनी ने रयान का नकली डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया था। इसके बाद एक झूठा एफिडेविट भी जमा किया गया, जिसमें शालिनी ने खुद को रयान का इकलौता कानूनी वारिस बताया था।</p>
<p>पुलिस की छानबीन में यह भी सामने आया कि फ्लैट बेचने के लिए सोसाइटी का फर्जी एनओसी तैयार किया गया था। रयान ने जब यह एनओसी सोसाइटी के अध्यक्ष गौतम पुरोहित, सचिव पूजा पाताड़े और खजांची एस. पाटिल को दिखाया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई एनओसी दिया ही नहीं है। सोसाइटी के इन लोगों ने एनओसी पर किए गए अपने दस्तखत को भी पूरी तरह से फर्जी बताया।</p>
<p>शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि शालिनी को तन्ना परिवार से फ्लैट बेचने के बदले 1 करोड़ 11 लाख रुपये मिले थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाने में शालिनी की मदद किस-किसने की थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फ्लैट बेचकर मिले 1 करोड़ 11 लाख रुपये शालिनी ने कहां खर्च किए ? पुलिस ने शालिनी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उसे बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51803/mumbai-woman-declares-her-husband-alive-to-sell-her-house</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:52:21 +0530</pubDate>
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