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                <title>contractor - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>contractor RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नवी मुंबई में ठेकेदार ने की आत्महत्या, अटका था 3 करोड़ का बिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक ठेकेदार की आत्महत्या का मामला सामने आया है. मृतक ठेकेदार की पहचान गजानन देवकट्टे के रूप में हुई है. आरोप है कि सरकारी काम के करीब 3 करोड़ रुपये के बिल पिछले दो वर्षों से लंबित थे. बकाया भुगतान नहीं होने के कारण देवकट्टे आर्थिक संकट से जूझ रहे थे. ठेकेदार संगठनों का कहना है कि इसी परेशानी के चलते उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51571/contractor-commits-suicide-in-navi-mumbai-bill-worth-rs-3"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-27t103806.368.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई : </strong>एक ठेकेदार की आत्महत्या का मामला सामने आया है. मृतक ठेकेदार की पहचान गजानन देवकट्टे के रूप में हुई है. आरोप है कि सरकारी काम के करीब 3 करोड़ रुपये के बिल पिछले दो वर्षों से लंबित थे. बकाया भुगतान नहीं होने के कारण देवकट्टे आर्थिक संकट से जूझ रहे थे. ठेकेदार संगठनों का कहना है कि इसी परेशानी के चलते उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. </p>
<p> </p>
<p>बताया जा रहा है कि देवकट्टे ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुंबई क्षेत्रीय विभाग के तहत करीब 3 करोड़ रुपये के अलग-अलग सरकारी काम किए थे. काम पूरा होने के बाद भी उनके कई बिलों का भुगतान नहीं हुआ था. देवकट्टे ने बकाया राशि के लिए मुंबई डिवीजन के अधिकारियों को पत्र भी लिखा था. इसमें उन्होंने भुगतान की मांग करते हुए सवाल किया था कि “हम जिएं कैसे और करें क्या?”</p>
<p>आरोप है कि देवकट्टे कई महीनों से लगातार अपने बकाया बिलों को लेकर अधिकारियों के संपर्क में थे. उन्होंने संबंधित कार्यकारी अभियंताओं से भुगतान की मांग की और कई बार फॉलो-अप भी किया, लेकिन उनके बिलों को मंजूरी नहीं दी गई. बकाया राशि मिलने की उम्मीद में उन्होंने अधिकारियों को कई लिखित आवेदन भी दिए थे. इसके बावजूद उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.</p>
<p><strong>ठेकेदार संगठनों में आक्रोश</strong><br />गजानन देवकट्टे की मौत के बाद महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ और राज्य अभियंता संगठन ने इस घटना पर तीव्र नाराजगी और आक्रोश जताया है. संगठन की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण देवकट्टे आर्थिक संकट में फंस गए थे. ठेकेदार संगठनों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.</p>
<p>संगठन का कहना है कि ठेकेदार की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. ठेकेदार संगठनों के प्रमुख मिलिंद भोसले ने चेतावनी दी है कि अगर मृत ठेकेदार को तुरंत न्याय नहीं मिला, तो राज्यभर में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 10:38:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मनपा की हेरीटेज इमारत में लगे दीमक... घटिया काम करने वाले ठेकेदार पर होगी कार्रवाई!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बीएमसी मुख्यालय की विस्तारित इमारत के नवीनीकरण कार्य की जानकारी देते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने बताया कि यह काम 31 अगस्त 2009 को स्थायी समिति के प्रस्ताव के अनुसार शानदार इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया था। बाद में कार्य की अवधि बढ़ाई गई और यह काम वर्ष 2023 तक जारी रहा। प्रभाकर शिंदे ने कहा कि संबंधित ठेकेदार ने अब तक किस गुणवत्ता का काम किया है और निर्माण कार्य में कितनी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि काम में लापरवाही या घटिया गुणवत्ता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बीएमसी मुख्यालय जैसी ऐतिहासिक इमारत में दीमक और रखरखाव की समस्या सामने आने के बाद अब भवन की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50928/termite-infestation-in-municipal-corporations-heritage-building-action-will-be"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/88998.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> बीएमसी के ऐतिहासिक मुख्यालय भवन में दीमक लगने का मामला सामने आया है। भवन के कई कार्यालयों में दीमक के कारण दरवाजे खराब हो गए हैं, वहीं महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कुछ दिन पहले मुख्यालय में स्लैब गिरने की घटना के बाद अब इस मामले को लेकर बीएमसी की स्थायी समिति में गंभीर नाराजगी व्यक्त की गई। स्थायी समिति की बैठक में भाजपा नगरसेवक मकरंद नार्वेकर ने यह मुद्दा उठाया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि बीएमसी मुख्यालय के कई कार्यालयों के दरवाजे दीमक से पूरी तरह खराब हो रहे हैं और रिकॉर्ड भी सुरक्षित नहीं हैं। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने मुख्यालय परिसर में बढ़ती गंदगी, तिलचट्टों और चूहों की समस्या तथा केबिन और शौचालयों की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाए। सदस्यों ने प्रशासन से पूछा कि क्या ऐतिहासिक बीएमसी भवन के नवीनीकरण और रखरखाव के लिए कोई ठोस योजना बनाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएमसी मुख्यालय की विस्तारित इमारत के नवीनीकरण कार्य की जानकारी देते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने बताया कि यह काम 31 अगस्त 2009 को स्थायी समिति के प्रस्ताव के अनुसार शानदार इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया था। बाद में कार्य की अवधि बढ़ाई गई और यह काम वर्ष 2023 तक जारी रहा। प्रभाकर शिंदे ने कहा कि संबंधित ठेकेदार ने अब तक किस गुणवत्ता का काम किया है और निर्माण कार्य में कितनी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि काम में लापरवाही या घटिया गुणवत्ता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बीएमसी मुख्यालय जैसी ऐतिहासिक इमारत में दीमक और रखरखाव की समस्या सामने आने के बाद अब भवन की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:19:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मानखुर्द में रिग गिरने की घटना परबीएमसी ने ठेकेदार पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई नगर निगम  ने 29 अप्रैल को मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर में पाइलिंग कार्य के दौरान एक कंस्ट्रक्शन रिग (मशीन) के गिरने की घटना के बाद ठेकेदार पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इस हादसे में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी और सायन–पनवेल हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था। यह कार्रवाई निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों और साइट प्रबंधन में कथित गंभीर लापरवाही के कारण की गई है। बीएमसी ने घटना की जांच के आदेश दिए थे, जिसमें शुरुआती रिपोर्ट में साइट पर सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49642/bmc-fines-%E2%82%B91-crore-on-contractor-over-rig-collapse-incident"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t133335.909.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई नगर निगम  ने 29 अप्रैल को मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर में पाइलिंग कार्य के दौरान एक कंस्ट्रक्शन रिग (मशीन) के गिरने की घटना के बाद ठेकेदार पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इस हादसे में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी और सायन–पनवेल हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था। यह कार्रवाई निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों और साइट प्रबंधन में कथित गंभीर लापरवाही के कारण की गई है। बीएमसी ने घटना की जांच के आदेश दिए थे, जिसमें शुरुआती रिपोर्ट में साइट पर सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं।</p>
<p> </p>
<p>नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, रिग को हटाते समय वह पलट गया क्योंकि ट्रक को असमान और ऊबड़-खाबड़ जमीन पर खड़ा किया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारी मशीनों का संचालन हमेशा समतल जमीन पर किया जाना चाहिए। इसे ठेकेदार की ओर से स्पष्ट लापरवाही माना गया है। हालांकि, गंभीर दुर्घटना और यातायात बाधा के बावजूद बृहन्मुंबई नगर निगम  ने ठेकेदार का वर्क ऑर्डर रद्द नहीं करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट को रोकने से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्य में देरी हो सकती है, इसलिए कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई है, लेकिन सख्त चेतावनी दी गई है।</p>
<p>घटना उस समय हुई जब पुलिस कांस्टेबल संतोष गोपाल चव्हाण (48) चेंबूर में ड्यूटी समाप्त कर नेरुल लौट रहे थे। टाटा पावर हाउस जंक्शन के पास पाइलिंग रिग के एक हिस्से से टकराने के बाद उनकी मौत हो गई। यह रिग सायन–पनवेल हाईवे के T-जंक्शन पर फ्लाईओवर निर्माण कार्य में लगी हुई थी, जो घाटकोपर–मानखुर्द लिंक रोड से कनेक्टिविटी सुधारने वाले बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की आगे की जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा नियमों का किस स्तर पर उल्लंघन हुआ। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:34:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : स्टील की रॉड गिरने से राहगीर घायल, एमएमआरडीए ने कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर प्रोजेक्ट साइट पर कंस्ट्रक्शन के काम के दौरान स्टील का एक बार गिरने से एक राहगीर को मामूली चोटें आईं। इसके बाद मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सेफ्टी रिव्यू शुरू किया और कॉन्ट्रैक्टर और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया। घटना की टाइमलाइन यह घटना 27 फरवरी को शाम करीब 6.30 बजे हुई, जब प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर पियर को मजबूत करने का काम कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, काम के दौरान एक स्टील का बार गलती से फिसल गया, बैरिकेड से टकराकर एक राहगीर को लग गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48096/pedestrian-injured-due-to-falling-of-mumbai-steel-rod-mmrda"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-01t123307.095.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर प्रोजेक्ट साइट पर कंस्ट्रक्शन के काम के दौरान स्टील का एक बार गिरने से एक राहगीर को मामूली चोटें आईं। इसके बाद मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सेफ्टी रिव्यू शुरू किया और कॉन्ट्रैक्टर और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया। घटना की टाइमलाइन यह घटना 27 फरवरी को शाम करीब 6.30 बजे हुई, जब प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर पियर को मजबूत करने का काम कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, काम के दौरान एक स्टील का बार गलती से फिसल गया, बैरिकेड से टकराकर एक राहगीर को लग गया।</p>
<p> </p>
<p>घायल व्यक्ति के सिर में मामूली चोट लगी और उसे तुरंत परेल के ग्लेन ईगल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने इलाज किया। व्यक्ति को चार टांके लगे और वह अभी स्थिर है और खतरे से बाहर है। डॉक्टरों ने संकेत दिया है कि मरीज़ को जल्द ही छुट्टी मिल सकती है। एमएमआरडीए के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने घटना के तुरंत बाद साइट का दौरा किया और बाद में स्थिति का जायजा लेने और इलाज कर रहे डॉक्टरों से सलाह लेने के लिए हॉस्पिटल में घायल व्यक्ति से मुलाकात की। अथॉरिटी ने कहा है कि वह मेडिकल ट्रीटमेंट का पूरा खर्च उठाएगी और ठीक होने तक पूरी मदद करेगी।</p>
<p>शो-कॉज़ नोटिस जारी पब्लिक सेफ्टी को “नॉन-नेगोशिएबल” बताते हुए, एमएमआरडीए ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट, स्टूप, और कॉन्ट्रैक्टर, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड को शो-कॉज़ नोटिस जारी करके इस गलती के लिए सफाई मांगी है। अधिकारियों ने कहा कि जो भी ज़िम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। अथॉरिटी ने कंस्ट्रक्शन साइट पर सेफ्टी प्रैक्टिस और कंप्लायंस मैकेनिज्म का तुरंत रिव्यू करने का भी ऑर्डर दिया है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुपरविज़न को मज़बूत करने और सेफ्टी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन पक्का करने के निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<p>सिवरी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जिसका मकसद मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतु) से ट्रैफिक को बेहतर तरीके से फैलाना है। 4.5 किमी का यह कॉरिडोर ट्रांस-हार्बर ब्रिज को बांद्रा-वर्ली सी लिंक और कोस्टल रोड से जोड़ेगा, जिससे सेंट्रल मुंबई में ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी काफी बेहतर होगी। पुल को गिराने और फिर से बनाने का काम चल रहा है इस प्रोजेक्ट के तहत, एमएमआरडीए को पिछले साल ब्रिटिश ज़माने के एलफिंस्टन रोड रेलवे ओवरब्रिज को गिराने के लिए ट्रैफिक क्लीयरेंस मिला था, ताकि कंस्ट्रक्शन का काम आसान हो सके। महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (महारेल) को मौजूदा स्ट्रक्चर को हटाकर प्रभादेवी स्टेशन के पास सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे ट्रैक पर एक नया डबल-डेकर पुल बनाने का काम सौंपा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 12:33:58 +0530</pubDate>
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