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                <title>salary - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : सबसे अमीर बीएमसी मेयर को रेगुलर सैलरी नहीं मिलती, बल्कि दिया जाता है मानदेय </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन मुंबई को नया मेयर मिलने वाला है। देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में बीएमसी को मैनेज करने वाली ऑर्गनाइजेशन के पास बहुत पावर है। यह बीएमसी चुनाव इतना खास क्यों है? बीएमसी को संभालने वाले मेयर की सैलरी और ताकत क्या है?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47047/mumbais-richest-bmc-mayor-does-not-get-regular-salary-but"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-17t102740.325.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन मुंबई को नया मेयर मिलने वाला है। देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में बीएमसी को मैनेज करने वाली ऑर्गनाइजेशन के पास बहुत पावर है। यह बीएमसी चुनाव इतना खास क्यों है? बीएमसी को संभालने वाले मेयर की सैलरी और ताकत क्या है? आइए जानते हैं- </p>
<p> </p>
<p><strong>मुंबई के मेयर की सैलरी क्या है?</strong><br />29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन वाली बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन है। इसके बारे में बहुत चर्चा होती है। जिस भी पॉलिटिकल पार्टी को इस म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का कंट्रोल मिलता है, उसे न सिर्फ शहर बल्कि पावर, पैसा और मौका भी मिल जाता है। बीएमसी चुनाव को देश का सबसे बड़ा अर्बन पॉलिटिकल कॉम्पिटिशन माना जाता है। बीएमसी का सालाना बजट जितना बड़ा होगा, मेयर की सैलरी उतनी ही ज्यादा होगी। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं, तो असलियत इसके बिल्कुल उलट है।</p>
<p><strong>सैलरी कम लेकिन पावर बहुत ज्यादा</strong><br />बीएमसी मेयर को रेगुलर सैलरी नहीं मिलती, बल्कि उन्हें मानदेय दिया जाता है। मुंबई मेयर की बेसिक सैलरी लगभग 6,000 रुपये प्रति महीना है, जिसमें कई अलाउंस भी शामिल हैं। एवरेज मंथली इनकम लगभग 55,000 रुपये है। बीएमसी मेयर की सालाना इनकम 6 से 6.50 लाख रुपये तक हो सकती है। चूंकि मुंबई मेयर की कोई फिक्स्ड सैलरी नहीं होती, इसलिए इसमें बढ़ोतरी का कोई प्रोविजन नहीं है। मेयर की सैलरी और अलाउंस राज्य सरकार और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन तय करते हैं।</p>
<p><strong>बीएमसी मेयर को क्या सुविधाएं और फायदे?</strong><br />मुंबई मेयर की सैलरी देखकर आप सोच सकते हैं कि क्या किसी प्राइवेट नौकरी में नए आए व्यक्ति या सरकारी ऑफिस में काम करने वाले क्लर्क को इतनी सैलरी मिलती है? हालांकि सैलरी कम है, लेकिन इससे मेयर की पावर कम नहीं होती। बीएमसी मेयर को एक ऑफिशियल घर, एक सरकारी कार, एक ड्राइवर और स्टाफ मिलता है। उन्हें हर मीटिंग, ऑफिशियल विज़िट और इवेंट में शामिल होने के लिए अलाउंस भी मिलते हैं।</p>
<p><strong>मुंबई का बॉस - पहला 'निवासी'</strong><br />मुंबई के मेयर की सैलरी कम होने के बावजूद उन्हें 'मुंबई का बॉस' कहा जाता है। उन्हें मुंबई का 'पहला नागरिक' कहा जाता है, जिनका पूरे शहर पर कंट्रोल होता है। बीएमसी अच्छी हेल्थ, एजुकेशन, पानी, सीवेज, डिज़ास्टर मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पक्का करने के लिए जिम्मेदार है। मेयर मुंबई की सड़कों, फ्लाईओवर और फुटपाथ की देखरेख और मेंटेनेंस भी करते हैं, जिसमें ड्रेनेज की सफाई और प्री-मॉनसून बाढ़ कंट्रोल शामिल है।</p>
<p><strong>बीएमसी जनता का पैसा कहां खर्च करती है?</strong><br />जनता से इकट्ठा किया गया टैक्स बीएमसी की इनकम का सोर्स है। प्रॉपर्टी टैक्स, डेवलपमेंट चार्ज, पानी और सीवेज चार्ज, बिल्डिंग परमिट फीस और एडवरटाइज़मेंट टैक्स जैसे सोर्स से इकट्ठा किया गया पैसा नगर निगम के खजाने में जाता है। इसके अलावा बीएमसी के पास एक बड़ा रेवेन्यू बेस और फिक्स्ड डिपॉज़िट हैं, जो इसके बड़े बजट में योगदान देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 10:28:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई नगर निगम के पार्षदों को सैलरी के अलावा क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं; जानें पूरी डिटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां की स्थानीय सरकार यानी बृहन्मुंबई नगर निगम को एशिया की सबसे बड़ी नगर निगमों में गिना जाता है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि मुंबई नगर निगम के पार्षदों को कितनी सैलरी मिलती है और उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं. पार्षद शहर की सबसे छोटी लेकिन बेहद अहम कड़ी होते हैं, जो सीधे जनता से जुड़े रहते हैं और उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाते हैं. आइए जानते हैं इन्हें कितना मानदेय और क्या सुविधाएं मिलती हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46684/apart-from-salary-what-facilities-do-the-councilors-of-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images-(56).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां की स्थानीय सरकार यानी बृहन्मुंबई नगर निगम को एशिया की सबसे बड़ी नगर निगमों में गिना जाता है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि मुंबई नगर निगम के पार्षदों को कितनी सैलरी मिलती है और उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं. पार्षद शहर की सबसे छोटी लेकिन बेहद अहम कड़ी होते हैं, जो सीधे जनता से जुड़े रहते हैं और उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाते हैं. आइए जानते हैं इन्हें कितना मानदेय और क्या सुविधाएं मिलती हैं. </p>
<p> </p>
<p>मुंबई नगर निगम के पार्षदों को कोई बड़ी सैलरी नहीं दी जाती. उन्हें हर महीने एक तय मानदेय मिलता है. जुलाई 2017 में बीएमसी ने पार्षदों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया था. इससे पहले पार्षदों को हर महीने 10 हजार रुपये मिलते थे, लेकिन महंगाई बढ़ने और काम के बोझ को देखते हुए इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि साल 2010 के बाद से महंगाई काफी बढ़ चुकी थी और पार्षदों को अपने क्षेत्र में लगातार दौरे, बैठकों और जनता से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं. </p>
<p><strong>क्या यह फिक्स सैलरी होती है? </strong><br />बीएमसी पार्षदों की सैलरी को लेकर सबसे बड़ी बात यही है कि यह पूरी तरह फिक्स सैलरी नहीं होती. पार्षदों को मिलने वाली रकम कई बार उनके काम, बैठकों में शामिल होने और अन्य सरकारी कार्यक्रमों से भी जुड़ी होती है. मीटिंग में आने-जाने का भत्ता, विशेष बैठकों का भत्ता और कुछ अन्य खर्चों की भरपाई अलग से की जाती है. </p>
<p><strong>सैलरी के अलावा क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं </strong><br />पार्षदों को सिर्फ मानदेय ही नहीं, बल्कि कई और सुविधाएं भी दी जाती हैं. इनमें सबसे अहम है वार्षिक फंड. हर पार्षद को अपने वार्ड के विकास कार्यों के लिए एक तय राशि दी जाती है. इस फंड का इस्तेमाल सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पानी, सफाई और अन्य जरूरी कामों के लिए किया जाता है. यह राशि हर वार्ड में अलग-अलग हो सकती है. <br />इसके अलावा पार्षदों को बैठकों में शामिल होने के लिए बैठक भत्ता भी मिलता है. नगर निगम की स्थायी समिति, आम सभा और अन्य समितियों की बैठकों में शामिल होने पर उन्हें यह भत्ता दिया जाता है. यह भत्ता भी उनकी कुल आय का एक हिस्सा होता है. पार्षदों को अपने वार्ड और नगर निगम मुख्यालय के बीच आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता भी दिया जाता है. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 12:33:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> नई दिल्ली : 8वां वेतन आयोग : 1.83 से 2.57 के बीच हुआ फिटमेंट फैक्टर, तो जानिए कितनी बढ़ेगी सैलरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाले महीनों में बड़ी उम्मीदें बंधी हुई हैं. आठवें वेतन आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है. लोगों की नज़र खासकर इस बात पर है कि उनका फिटमेंट फैक्टर कितना तय होगा. यह छोटा-सा शब्द सुनने में छोटा है, लेकिन इसी के आधार पर वेतन और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी मिलेगी, ये तय होता है. पिछले कई वेतन आयोगों ने कर्मचारियों की आय में बड़ा फर्क डाला है, इसलिए इस बार भी हर किसी को बड़ी उम्मीदें हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45785/new-delhi-8th-pay-commission-fitment-factor-between-183-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-26t180731.210.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाले महीनों में बड़ी उम्मीदें बंधी हुई हैं. आठवें वेतन आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है. लोगों की नज़र खासकर इस बात पर है कि उनका फिटमेंट फैक्टर कितना तय होगा. यह छोटा-सा शब्द सुनने में छोटा है, लेकिन इसी के आधार पर वेतन और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी मिलेगी, ये तय होता है. पिछले कई वेतन आयोगों ने कर्मचारियों की आय में बड़ा फर्क डाला है, इसलिए इस बार भी हर किसी को बड़ी उम्मीदें हैं. 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को मंजूरी मिलने के बाद आयोग ने अपनी औपचारिक तैयारी शुरू कर दी है. आयोग की अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना देसाई के नेतृत्व में टीम अब यह तय करेगी कि वेतन, पेंशन और भत्तों में कितनी बढ़ोतरी की जानी चाहिए. आयोग द्वारा जो भी सिफारिशें दी जाएंगी, वे यूनियन कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही अंतिम मानी जाएंगी.</p>
<p> </p>
<p><strong>क्या होता है फिटमेंट फैक्टर</strong><br />फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणांक (मल्टीप्लायर) होता है, जिसकी मदद से पुराने वेतन ढांचे से नया बेसिक वेतन निकाला जाता है. इसे तय करते समय कई चीजें ध्यान में रखी जाती हैं- जैसे महंगाई दर, जीवनयापन लागत और डॉ. वैलेस आर. आयक्रोयड का फॉर्मूला यह फॉर्मूला मूल रूप से एक मजदूर और उसके परिवार की न्यूनतम जरूरतें जैसे भोजन, कपड़ा और आवास के खर्च के आधार पर तय किया जाता है. 7वें वेतन आयोग ने इसे 2.57 तय किया था.</p>
<p>आठवें वेतन आयोग के बारे में कर्मचारियों की उम्मीदें कई रिपोर्टों के आधार पर बनी हैं. NC-JCM के स्टाफ-साइड सदस्यों ने एक न्यूज़ चैनल को बताया था कि उन्हें लगता है कि इस बार भी फिटमेंट फैक्टर सातवें वेतन आयोग जैसा ही हो सकता है. वहीं, जुलाई में आई एम्बिट कैपिटल  की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि यह 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया, बैक ऑफ द इन्वलप कैलकुलेशन के अनुसार पिछले वेतन आयोग में मिली वृद्धि के हिसाब से सरकार जिस रेंज में फिटमेंट फैक्टर तय कर सकती है, वह 1.83 से 2.46 के बीच है.</p>
<p>अगर एम्बिट कैपिटल की बात मानें, तो न्यूनतम वेतन में काफी बड़ा बदलाव दिख सकता है. अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है. यदि फिटमेंट फैक्टर 1.83 होता है, तो यह करीब 32,940 रुपये हो जाएगा. वहीं 2.46 होने पर वही वेतन बढ़कर 44,280 रुपये तक पहुंच सकता है. यानी वेतन वृद्धि काफी हद तक इसी एक संख्या पर निर्भर करेगी.</p>
<p><strong>अधिकतम वृद्धि 54 प्रतिशत तक संभव</strong><br />आयोग के फैसले से 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनर्स की आय पर सीधा असर पड़ेगा. एम्बिट कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया कि इस पे कमीशन से 14 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 54 प्रतिशत तक की वास्तविक वेतन वृद्धि संभव है, जिसमें बेसिक पे और DA दोनों शामिल हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि 54 प्रतिशत जैसी बड़ी बढ़ोतरी मुश्किल लगती है, क्योंकि सरकार पर वित्तीय बोझ बहुत बढ़ सकता है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार उपभोग बढ़ाने के लिए वृद्धि थोड़ी अधिक कर सकती है, लेकिन व्यावहारिक सीमाएं भी देखनी होंगी.</p>
<p><strong>अलग-अलग फिटमेंट पर सैलरी का अनुमान</strong><br />कर्मचारियों को अनुमान लगाने में आसानी हो, इसलिए अलग-अलग ग्रेड पे पर 1.92 और 2.57 फिटमेंट फैक्टर के अनुसार संभावित वेतन भी उदाहरण के रूप में पेश किए गए हैं. इसमें HRA, TA, NPS और CGHS जैसी चीजें भी शामिल हैं. यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि HRA को बेसिक सैलरी (X-श्रेणी के शहरों के लिए) का 24 प्रतिशत माना जाता है. TA स्तर के अनुसार 3,600 से 7,200 रुपये तक होता है. NPS बेसिक का 10 प्रतिशत होता है, और CGHS वर्तमान दरों पर ही लिया जाता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 18:08:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पानीपत: पति की सैलरी 12 हजार, पत्नी मांग रही 30 हजार गुजारा भत्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा के पानीपत से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां एक शख्स के ससुराल वालों ने उसकी इतनी पिटाई की कि अस्पताल ही पहुंच गया. कसूर सिर्फ इतना था कि उसने पत्नी के साथ कुछ पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थीं. घायल युवक का इलाज खानपुर पीजीआई में चल रहा है. पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वहीं, पहले ही केस कर पत्नी ने 12 हजार रुपये कमाने वाले पति से हर माह खर्चे के लिए 30 हजार देने की डिमांड कर दी थी. मामला कोर्ट में चल रहा है. अब इस पूरे मामले में 25 अक्टूबर को सुनवाई होनी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44407/panipat--husband-s-salary-is-12-000--wife-demands-30-000-as-alimony"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-04t161916.317.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पानीपत: </strong>हरियाणा के पानीपत से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां एक शख्स के ससुराल वालों ने उसकी इतनी पिटाई की कि अस्पताल ही पहुंच गया. कसूर सिर्फ इतना था कि उसने पत्नी के साथ कुछ पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थीं. घायल युवक का इलाज खानपुर पीजीआई में चल रहा है. पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वहीं, पहले ही केस कर पत्नी ने 12 हजार रुपये कमाने वाले पति से हर माह खर्चे के लिए 30 हजार देने की डिमांड कर दी थी. मामला कोर्ट में चल रहा है. अब इस पूरे मामले में 25 अक्टूबर को सुनवाई होनी है.</p>
<p> </p>
<p><strong>शादी से विवाद तक की कहानी</strong><br />जानकारी के अनुसार, पानीपत जिले के पट्टी कल्याना गांव निवासी कुणाल ने पिछले साल दिल्ली की रहने वाली कोमल (काल्पनिक नाम) से रोहिणी कोर्ट में लव मैरिज की थी। शादी के कुछ महीने बाद ही कोमल अपने मायके चली गई और उसने कुणाल पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दी। साथ ही, उसने 30,000 रुपये प्रतिमाह खर्चे की मांग की, जबकि कुणाल हर महीने महज 12 हजार रुपये कमाता है. यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होनी है.</p>
<p><strong>रास्ते में रोका और बेरहमी से तोड़े हाथ-पैर</strong><br />इस बीच, कोमल के परिजनों ने उसकी दूसरी शादी उत्तर प्रदेश के शामली में कर दी. कुणाल ने बताया कि उसने हाल ही में कोमल के साथ ली गई कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं. इन तस्वीरों से कोमल के नए ससुराल में विवाद खड़ा हो गया, जिससे नाराज होकर उसके परिजनों ने 24 सितंबर को हमला कर दिया. वह अपने पिता के साथ बाइक से गांव लौट रहा था, तभी गन्नौर के बादशाही रोड पर 4-5 युवकों ने रास्ता रोक लिया और डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया. कुणाल का आरोप है कि हमलावरों में कोमल के पिता सतीश और चाचा राकेश भी शामिल थे.</p>
<p><strong>पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा</strong><br />घटना के बाद घायल कुणाल को खानपुर पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. कुणाल के पिता की शिकायत पर गन्नौर थाना पुलिस ने कोमल के पिता, चाचा और अन्य 4-5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 110, 115(2), 126(2), 191(3), 190 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. सोनीपत पुलिस प्रवक्ता रविंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो चुकी है और हमलावरों की तलाश में कई टीमें जुटी हैं. अस्पताल के बिस्तर पर पड़े कुणाल ने कहा, मैंने कोमल से प्यार किया और शादी की. बस कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालीं, जिसके बाद मुझ पर हमला कर दिया गया. मेरी हालत गंभीर है, लेकिन मैं इंसाफ चाहता हूं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 16:19:55 +0530</pubDate>
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