<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/7494/ignored" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>ignored - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/7494/rss</link>
                <description>ignored RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> मुर्शिदाबाद : मीर जाफर के वंशजों की अनदेखी?: SIR में 346 लोगों के नाम कटे, प्रशासनिक प्रक्रिया पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुर्शिदाबाद में चुनाव आयोग ने मीर जाफर के वंश से जुड़े करीब 346 लोगों के नाम वोटर सूची से हटा दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद अब इस पूर्व शाही परिवार के सदस्यों पर अपनी नागरिकता साबित करनी होगी। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से सामने आया एक मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। बंगाल के पूर्व नवाब मीर जाफर के वंशजों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48882/names-of-346-people-deleted-from-murshidabad-mir-jafars-descendants"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-01t172009.550.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुर्शिदाबाद : </strong>मुर्शिदाबाद में चुनाव आयोग ने मीर जाफर के वंश से जुड़े करीब 346 लोगों के नाम वोटर सूची से हटा दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद अब इस पूर्व शाही परिवार के सदस्यों पर अपनी नागरिकता साबित करनी होगी। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से सामने आया एक मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। बंगाल के पूर्व नवाब मीर जाफर के वंशजों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p> </p>
<p>सूत्रों के मुताबिक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत की गई कार्रवाई में नवाबी खानदान के करीब 346 सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इस घटनाक्रम ने न केवल राज्य की राजनीति में हलचल मचाई है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मतदाता अधिकारों और पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर बहस तेज कर दी है।</p>
<p><strong>परिवार के कई सदस्यों के नाम गायब</strong><br />प्रभावित परिवार 15वीं और 16वीं पीढ़ी से संबंधित बताया जा रहा है, जिससे यह मामला ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से भी अहम हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि लंबे समय से सूची में शामिल लोगों के नाम अचानक कैसे हटाए गए और इसके पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई। मुर्शिदाबाद के लालबाग क्षेत्र में स्थित नव आदर्श हाई स्कूल के बूथ संख्या 121 से नवाबी परिवार के कई सदस्यों के नाम गायब पाए गए हैं। इनमें 82 वर्षीय सैयद रजा अली मिर्जा (छोटे नवाब) और उनके पुत्र सैयद मोहम्मद फहीम मिर्जा शामिल हैं। फहीम मिर्जा तृणमूल कांग्रेस से जुड़े पार्षद हैं।</p>
<p>फहीम मिर्जा ने दावा किया कि उनका नाम वर्ष 2002 से मतदाता सूची में था, लेकिन इस बार सुनवाई के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। नवाब परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम को “ऐतिहासिक विडंबना” बताते हुए नाराजगी जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, इस मुद्दे ने देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया, पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48882/names-of-346-people-deleted-from-murshidabad-mir-jafars-descendants</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48882/names-of-346-people-deleted-from-murshidabad-mir-jafars-descendants</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 17:21:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-01t172009.550.jpg"                         length="12558"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नालासोपारा की 41 अवैध बिल्डिगों के घर खरीदारों के पुनर्वास की मांग पर बेरुखी; पुनर्वास का वित्तीय भार सरकार पर नहीं डाला जाना चाहिए - बॉम्बे हाई कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकारी खजाने से नालासोपारा की 41 अवैध बिल्डिगों के घर खरीदारों के पुनर्वास की मांग पर बेरुखी दिखाई है। वहीं ऐसी बिल्डिगों के निर्माण में शामिल डिवेलपर के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने वसई विरार महानगर पालिका को निर्देश दिया है कि अवैध बिल्डिंगों को गिराने से खाली हुई जगह पर डिवेलपर को निर्माण कार्य करने की अनुमति न दी जाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44285/homebuyers-of-41-illegal-buildings-in-nalasopara-have-been-ignored-in-their-demand-for-rehabilitation--the-financial-burden-of-rehabilitation-should-not-be-placed-on-the-government---bombay-high-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-30t121508.489.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकारी खजाने से नालासोपारा की 41 अवैध बिल्डिगों के घर खरीदारों के पुनर्वास की मांग पर बेरुखी दिखाई है। वहीं ऐसी बिल्डिगों के निर्माण में शामिल डिवेलपर के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने वसई विरार महानगर पालिका को निर्देश दिया है कि अवैध बिल्डिंगों को गिराने से खाली हुई जगह पर डिवेलपर को निर्माण कार्य करने की अनुमति न दी जाए।</p>
<p> </p>
<p>कोर्ट ने कहा कि डिवेलपर और मकान मालिक किसी अन्य बिल्डर के साथ मिलकर कोई व्यवसायिक लेन देन न करें। इससे पहले सरकारी वकील ने याचिका का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में निजी व्यक्तियों ने बिल्डर के साथ बिना अनुमति के बनी बिल्डिंगों में घरों का सौदा किया है, इसलिए ऐसे लोगों के पुनर्वास का वित्तीय भार सरकार पर नहीं डाला जाना चाहिए।</p>
<p><strong>डिवेलपर को याचिका में नहीं किया शामिल</strong><br />अवैध बिल्डिंग को जमीदोज करने के कारण करीब ढाई हजार लोग बेघर हुए थे। आशियाने से वंचित लोगों ने अब जय अंबे वेलफेयर सोसायटी के जरिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, कोर्ट ने प्रभावित घर खरीदारों की "चतुराई" पर नाराजगी जताई। जस्टिस रविन्द्र घुघे और जस्टिस अश्विन भोभे की बेंच ने अब याचिका में डिवेलपर को प्रतिवादी के तौर पर शामिल करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सरकारी वकील की दलीलों के मद्देनजर कहा कि हमें इस याचिका पर विचार करने का कोई कारण नहीं दिखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44285/homebuyers-of-41-illegal-buildings-in-nalasopara-have-been-ignored-in-their-demand-for-rehabilitation--the-financial-burden-of-rehabilitation-should-not-be-placed-on-the-government---bombay-high-court</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44285/homebuyers-of-41-illegal-buildings-in-nalasopara-have-been-ignored-in-their-demand-for-rehabilitation--the-financial-burden-of-rehabilitation-should-not-be-placed-on-the-government---bombay-high-court</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 12:17:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-09/download---2025-09-30t121508.489.jpg"                         length="14962"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र : धड़ल्ले से हो रहा पॉलिथीन बैग का उपयोग... बंदी के बावजूद नियमों की अनदेखी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होने के बावजूद, नागपुर के बेसा-मानेवाड़ा रोड और उसके आरसपास के इलाके में पॉलिथीन बैग का बिना कोई रोकटोक इस्तेमाल पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। छोटी किराना दुकानों से लेकर बड़े सुपरमार्केट तक, दुकानदार खुलेआम ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं, जिससे न केवल नियमों की अवहेलना हो रही है, बल्कि पर्यावरण पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42679/maharashtra-ignoring-rules-despite-the-closure-of-the-use-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download-(3).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>बेसा-मानेवाड़ा रोड से लगी दुकानों में प्लास्टिक बंदी के बावजूद दुकानदारों द्वारा धड़ल्ले से पॉलिथीन बैग का उपयोग कर नियमों का सीधा उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद, यह स्थिति चिंताजनक है। बेसा-मानेवाड़ा रोड से दोनों ओर लगी दुकानों में प्लास्टिक बंदी की धज्जियां खुलेआम उड़ायी जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होने के बावजूद, नागपुर के बेसा-मानेवाड़ा रोड और उसके आरसपास के इलाके में पॉलिथीन बैग का बिना कोई रोकटोक इस्तेमाल पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। छोटी किराना दुकानों से लेकर बड़े सुपरमार्केट तक, दुकानदार खुलेआम ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं, जिससे न केवल नियमों की अवहेलना हो रही है, बल्कि पर्यावरण पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।<br /><br />सरकार ने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध इसलिए लगाया था ताकि प्लास्टिक कचरे के बढ़ते ढेर और उसके पर्यावरण पर होने वाले दुष्प्रभावों को रोका जा सके। पॉलिथीन बैग नालियों को जाम करते हैं, जिससे जलभराव की समस्या पैदा होती है। ये मिट्टी की उर्वरता को कम करते हैं और जानवरों के लिए भी जानलेवा साबित होते हैं, जो इन्हें खाकर बीमार पड़ जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद, मानेवाड़ा क्षेत्र में दुकानदार और कुछ हद तक ग्राहक भी, इसकी गंभीरता को समझने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से नियमित जांच और कार्रवाई की कमी के कारण दुकानदार बेखौफ होकर पॉलिथीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई दुकानदारों का तर्क है कि उनके पास पॉलिथीन के सस्ते और व्यवहार्य विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, और ग्राहक भी कपड़े या जूट के थैले लाने की बजाय पॉलिथीन की मांग करते हैं। हालांकि, यह तर्क नियमों के उल्लंघन को सही नहीं ठहरा सकता।<br /><br />महाराष्ट्र सरकार ने 23 जून 2018 से प्लास्टिक की थैलियों, सिंगल-यूज डिस्पोजेबल वस्तुओं और थर्मोकोल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। नियम तोड़ने वालों पर 5,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का जुर्माना और बार-बार उल्लंघन करने पर तीन महीने की जेल तक का प्रावधान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/42679/maharashtra-ignoring-rules-despite-the-closure-of-the-use-of</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/42679/maharashtra-ignoring-rules-despite-the-closure-of-the-use-of</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 10:59:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-08/download-%283%29.jpeg"                         length="12576"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोंबिवली के कोपर में स्थगन आदेश के बावजूद अवैध निर्माण जारी... सरकार, मनपा के आदेशों की बिल्डरों ने की अनदेखी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">डोंबिवली पश्चिम के कोपर इलाके में, बिल्डरों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया है और चारु बामा म्हात्रे स्कूल के पीछे, आधिकारिक कृष्णा टॉवर के बगल में एक अवैध इमारत का निर्माण शुरू कर दिया है. शिकायतकर्ता द्वारा इस अवैध निर्माण की शिकायत सरकार से करने के बाद कल्याण डोंबिवली मनपा आयुक्त, मनपा के इस वार्ड के सहायक आयुक्त राजेश सावंत ने संबंधित निर्माण मालिकों को इस निर्माण को तुरंत रोकने का आदेश दिया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/35475/despite-the-stay-order--illegal-construction-continues-in-kopar--dombivli-builders-ignored-the-orders-of-the-government-and-the-municipal-corporation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-11/dde.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डोंबिवली: </strong>डोंबिवली पश्चिम के कोपर इलाके में, बिल्डरों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया है और चारु बामा म्हात्रे स्कूल के पीछे, आधिकारिक कृष्णा टॉवर के बगल में एक अवैध इमारत का निर्माण शुरू कर दिया है. शिकायतकर्ता द्वारा इस अवैध निर्माण की शिकायत सरकार से करने के बाद कल्याण डोंबिवली मनपा आयुक्त, मनपा के इस वार्ड के सहायक आयुक्त राजेश सावंत ने संबंधित निर्माण मालिकों को इस निर्माण को तुरंत रोकने का आदेश दिया है.</p>
<p style="text-align:justify;">सहायक आयुक्त सावंत ने निर्माण मालिकों को आदेश दिया है कि वे उस भूमि के स्वामित्व के दस्तावेज, जहां निर्माण खड़े हैं, नगर पालिका के भवन परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेज नगर पालिका के इस प्रभाग में दाखिल करें। पिछले छह महीने से बिल्डर चारु बामा म्हात्रे स्कूल के पीछे कैप्टन तुकाराम हाश्या म्हात्रे मार्ग पर वर्दली रोड को अवरुद्ध कर रहे हैं और कृष्णा टॉवर के बगल में एक अवैध इमारत का निर्माण कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवैध इमारत के चारों तरफ तीन से छह मीटर तक खाली जगह नहीं है. बिना नियमित अंतराल के इस अवैध इमारत के निर्माण से आसपास की इमारतों के निवासियों को परेशानी हो रही है। इस अवैध इमारत के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक जागरूक नागरिक विनोद जोशी पिछले डेढ़ महीने से मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">इस भूख हड़ताल पर नगर विकास विभाग ने संज्ञान लिया. कल्याण डोंबिवली नगर आयुक्त डॉ. इंदुरानी जाखड़ को संबंधित अवैध भवन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सूचित किया गया। इस वार्ड के सहायक आयुक्त सावंत ने कोपर जाकर न्यायाधीशों की उपस्थिति में म्हात्रे स्कूल के पीछे अवैध निर्माण का पंचनामा किया। उपस्थित लोगों ने बताया कि यह निर्माण राजनीतिक आशीर्वाद से चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सहायक आयुक्त राजेश सावंत ने तुरंत निर्माण स्थल पर नोटिस चस्पा कर निर्माण निलंबित कर दिया। पालिका से आवश्यक दस्तावेज पूरे कराए बिना निर्माण जारी रखने पर उसे जमींदोज करने का नोटिस दिया गया है। चूंकि इस वार्ड का स्टाफ विधानसभा चुनाव कार्य में व्यस्त है, इसका फायदा उठाकर बिल्डरों ने अवैध निर्माण जारी रखा है.</p>
<p style="text-align:justify;">निर्माण के सभी नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता विनोद जोशी ने मांग की है कि नगर पालिका को घटिया तरीके से हो रहे इस निर्माण को तुरंत रुकवाना चाहिए.</p>
<p style="text-align:justify;">इन अवैध निर्माणों से अगल-बगल की इमारतों के निवासियों को परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ता ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस अवैध इमारत के फ्लैट बेचकर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने की आशंका जताई है. शिकायतकर्ता के पास इस अवैध निर्माण के बारे में विश्वसनीय जानकारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/35475/despite-the-stay-order--illegal-construction-continues-in-kopar--dombivli-builders-ignored-the-orders-of-the-government-and-the-municipal-corporation</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/35475/despite-the-stay-order--illegal-construction-continues-in-kopar--dombivli-builders-ignored-the-orders-of-the-government-and-the-municipal-corporation</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 21:22:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2024-11/dde.jpg"                         length="31335"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        