<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/7414/district" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>district - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/7414/rss</link>
                <description>district RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: जिला स्तर पर आजीविका लक्ष्य तय, भिवंडी में 125 दिन रोजगार की गारंटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्रामीण इलाकों में हर परिवार को आत्मनिर्भरता हेतू रोजगार तथा, लगातार रोजी-रोटी और हर तरह के विकास के मौके देने के मकसद से, केंद्र सरकार के विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका (लाइवलीहुड )ग्रामीण मुहिम का जिला स्तरीय लॉन्च आज पंचायत समिति, भिवंडी में जोश के साथ हुआ। भौगोलिक संदर्भ भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत लागू की गई यह बड़ी योजना 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश में लागू की गई है ।इस नए कानून ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार आजीविका गारंटी अधिनियम, 2005 को फिर से लागू किया है और हर वित्तीय वर्ष में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50544/livelihood-target-set-at-mumbai-district-level-125-days-employment"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-04t113123.6451.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>ग्रामीण इलाकों में हर परिवार को आत्मनिर्भरता हेतू रोजगार तथा, लगातार रोजी-रोटी और हर तरह के विकास के मौके देने के मकसद से, केंद्र सरकार के विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका (लाइवलीहुड )ग्रामीण मुहिम का जिला स्तरीय लॉन्च आज पंचायत समिति, भिवंडी में जोश के साथ हुआ। भौगोलिक संदर्भ भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत लागू की गई यह बड़ी योजना 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश में लागू की गई है ।इस नए कानून ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार आजीविका गारंटी अधिनियम, 2005 को फिर से लागू किया है और हर वित्तीय वर्ष में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है।</p>
<p> </p>
<p>प्रोग्राम को गाइड करते हुए, डिप्टी कलेक्टर शशिकांत गायकवाड़ ने कहा कि महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट ने ग्रामीण भारत में रोजगार पैदा करने, पानी बचाने, मिट्टी बचाने, पेड़ लगाने, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन जैसे कई टिकाऊ कामों को बढ़ावा दिया है। इस सफल सफर को आगे बढ़ाते हुए, वीबी - जीआरएएमजी कैंपेन रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ आजीविका, स्किल डेवलपमेंट, स्थानीय संसाधनों का सही इस्तेमाल, महिला सशक्तिकरण और स्व-रोजगार को बढ़ावा देगा।</p>
<p>इस स्कीम के तहत पानी की सुरक्षा, रोज़ी-रोटी से जुड़े काम, प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के काम और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, बेनिफिशियरी चुनने की प्रोसेस में अनुसूचित जाति और जनजाति, गरीबी रेखा से नीचे के परिवार, महिला मुखिया वाले परिवार, दिव्यांग, छोटे ज़मीन वाले और मामूली किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p>इस स्कीम को पारदरी तरीके से लागू करने के लिए, सभी जॉब कार्ड होल्डर्स का e-KYC, फेस ऑथेंटिकेशन से अटेंडेंस, जियो-टैगिंग, सोशल ऑडिट, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। बताया जाता है कि इस प्रोग्राम में अलग-अलग विभाग के अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एम्प्लॉयमेंट वर्कर, महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप के प्रतिनिधि शामिल होंगे और 100 दिन से ज़्यादा का रोजगार दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50544/livelihood-target-set-at-mumbai-district-level-125-days-employment</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50544/livelihood-target-set-at-mumbai-district-level-125-days-employment</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:33:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/images---2026-07-04t113123.6451.jpg"                         length="23141"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: मलेरिया का खतरा; घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मलेरिया का खतरा अब डबल अटैक के रूप में सामने आ रहा है। घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं, जहां हर साल मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष २०२५ में राज्य भर में २२ हजार से ज्यादा मलेरिया के मामले दर्ज हुए और २७ लोगों की मौत हुई। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए छह जिलों में विशेष निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है, ताकि बीमारी के पैâलाव को रोका जा सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47860/densely-populated-mumbai-and-inaccessible-forested-gadchiroli-district-are-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-20t113441.446.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में मलेरिया का खतरा अब डबल अटैक के रूप में सामने आ रहा है। घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं, जहां हर साल मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष २०२५ में राज्य भर में २२ हजार से ज्यादा मलेरिया के मामले दर्ज हुए और २७ लोगों की मौत हुई। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए छह जिलों में विशेष निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है, ताकि बीमारी के पैâलाव को रोका जा सके।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>राष्ट्रीय मच्छरजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मलेरिया, फाइलेरिया और जलजनित रोग विभाग के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। मलेरिया एक मच्छरजनित बीमारी है, जो मादा एनोफिलीस मच्छर के काटने से पैâलती है। इसके कारण ठंड के साथ बुखार आना, सिरदर्द, उल्टी या मितली, बदन दर्द, ज्यादा पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। फिलहाल, गढ़चिरौली और मुंबई में मलेरिया का प्रकोप अधिक है। इन दोनों अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में मलेरिया पर नियंत्रण करना कीट जनित रोग नियंत्रण विभाग के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, इसलिए इसके लिए विभिन्न उपाय योजनाएं लागू की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा सीमा के पास के क्षेत्र तथा आदिवासी समुदायों में होने वाला पलायन मरीजों की संख्या बढ़ने का कारण बताया जा रहा है। मुंबई में घनी आबादी के कारण संक्रमण तेजी से पैâलता है और आने-जाने वाली प्रवासी आबादी के कारण मलेरिया उन्मूलन में चुनौती पैदा होती है, ऐसा अधिकारियों का कहना है।</div>
<div> </div>
<div><strong>छह जिलों पर विशेष ध्यान</strong></div>
<div>सितंबर २०२५ में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक रोग नियंत्रण के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की। इसके माध्यम से गढ़चिरौली सहित राज्य के छह जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। ४०० से अधिक चिकित्सा अधिकारियों, बालरोग विशेषज्ञों, १८० लैब निरीक्षकों और १६५ कीट विशेषज्ञों को रोग निदान और मच्छर-नियंत्रण उपायों को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47860/densely-populated-mumbai-and-inaccessible-forested-gadchiroli-district-are-the</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47860/densely-populated-mumbai-and-inaccessible-forested-gadchiroli-district-are-the</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:35:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-20t113441.446.jpg"                         length="4568"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : चुनाव में जीतने वालों के पाला बदलने के बाद राजनीतिक गठबंधनों को लेकर ठाणे जिला कलेक्टर के आदेशों पर रोक </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में जीतने वालों के पाला बदलने के बाद राजनीतिक गठबंधनों को लेकर ठाणे जिला कलेक्टर के आदेशों पर रोक लगा दिया है। अदालत ने चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) उम्मीदवारों के दो बार पाला बदलने पर टिप्पणी की। वे पहले बीजेपी-कांग्रेस के ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी(एवीए)’ में शामिल हुए थे और बाद में शिवसेना में शामिल हो गए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47106/ban-on-orders-of-thane-district-collector-regarding-political-alliances"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-20t120352.452.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में जीतने वालों के पाला बदलने के बाद राजनीतिक गठबंधनों को लेकर ठाणे जिला कलेक्टर के आदेशों पर रोक लगा दिया है। अदालत ने चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) उम्मीदवारों के दो बार पाला बदलने पर टिप्पणी की। वे पहले बीजेपी-कांग्रेस के ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी(एवीए)’ में शामिल हुए थे और बाद में शिवसेना में शामिल हो गए। न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की पीठ के समक्ष अंबरनाथ विकास अघाड़ी(एवीए) की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कलेक्टर के 9 जनवरी के आदेश को चुनौती दी गई। पीठ ने कलेक्टर को इस मामले में संबंधित पार्टियों बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना को सुनवाई का मौका देने और उसके बाद आदेश देने का निर्देश दिया है।</p>
<p> </p>
<p>सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी किया कि आज ये चार लोग (एनसीपी सदस्य) उनके (एकनाथ शिंदे) साथ हैं, कल वे किसी और के साथ थे। वे इधर-उधर घूम रहे हैं। क्या होगा अगर कल वे किसी और के साथ चले जाएं? पीठ ने सभी संबंधित पक्षों को 28 जनवरी को कलेक्टर को अपनी लिखित दलील देने का निर्देश दिया और उन्हें उसके 21 दिन बाद आदेश पारित करना होगा। पीठ ने कहा कि कलेक्टर का आदेश पारित होने के दो हफ्ते बाद तक लागू नहीं किया जाएगा, जिससे पीड़ित पक्ष कोर्ट का रुख कर सकें। पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कलेक्टर के 7 और 9 जनवरी के आदेशों पर रोक लगा दिया है। </p>
<p>20 दिसंबर को नगर परिषद चुनावों के बाद बीजेपी की स्थानीय इकाई ने नगर परिषद में सत्ता हासिल करने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ एवीए के बैनर तले हाथ मिला लिया, जिससे उसकी सहयोगी शिवसेना को सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सत्ता से दूर रहना पड़ा। एवीए में अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी भी शामिल थी, जो राज्य सरकार में बीजेपी की एक और सहयोगी है। बीजेपी ने सीधे चुनाव से नगर परिषद अध्यक्ष का पद जीता, जबकि शिवसेना ने 60 में से 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। बीजेपी के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के 4 और 2 निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो सीटें जीतीं हैं।</p>
<p><br />ठाणे जिला कलेक्टर ने 7 जनवरी को एवीए को ‘चुनाव पूर्व गठबंधन' के रूप में मान्यता दी। गठबंधन को लेकर हंगामे के बाद कांग्रेस ने अपने सभी 12 निर्वाचित सदस्यों को निलंबित कर दिया, तो वे बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद चार एनसीपी सदस्य शिवसेना के समर्थन में चले गए और कलेक्टर ने 9 जनवरी को उनके गठबंधन को भी "चुनाव पूर्व गठबंधन" के रूप में मान्यता दी, जबकि एवीए की मान्यता रद्द कर दी, जिसके बाद एवीए ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47106/ban-on-orders-of-thane-district-collector-regarding-political-alliances</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47106/ban-on-orders-of-thane-district-collector-regarding-political-alliances</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 12:02:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/download---2026-01-20t120352.452.jpg"                         length="10464"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : भाजपा ने बदलापुर यौन शोषण केस के सह-आरोपी तुषार आप्टे को ठाणे जिले का पार्षद बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक बड़े पॉलिटिकल मुद्दे में, भाजपा ने तुषार आप्टे को, जिनका नाम सनसनीखेज बदलापुर सेक्सुअल असॉल्ट केस में प्राथमिकी में है, ठाणे ज़िले में कुलगांव-बदलापुर म्युनिसिपल काउंसिल का काउंसलर बनाया है। आप्टे उस ट्रस्ट के सेक्रेटरी थे, जो बदलापुर में उस स्कूल को चलाता था, जिसमें यह घटना हुई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46897/mumbai-bjp-appoints-tushar-apte-co-accused-in-badlapur-sexual-assault"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images-(90).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>एक बड़े पॉलिटिकल मुद्दे में, भाजपा ने तुषार आप्टे को, जिनका नाम सनसनीखेज बदलापुर सेक्सुअल असॉल्ट केस में प्राथमिकी में है, ठाणे ज़िले में कुलगांव-बदलापुर म्युनिसिपल काउंसिल का काउंसलर बनाया है। आप्टे उस ट्रस्ट के सेक्रेटरी थे, जो बदलापुर में उस स्कूल को चलाता था, जिसमें यह घटना हुई थी। स्कूल के एक चौकीदार अक्षय शिंदे (24) को 16 अगस्त को बदलापुर ईस्ट के प्री-प्राइमरी स्कूल में 12-13 अगस्त 2024 को दो चार साल की लड़कियों के सेक्सुअल असॉल्ट के लिए गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p> </p>
<p>23 सितंबर को, शिंदे की पुलिस एस्कॉर्ट टीम के साथ हाथापाई के दौरान मौत हो गई, जब उसने पुलिस वैन के अंदर एक पुलिस ऑफिसर की पिस्टल छीन ली और उसे घायल कर दिया और "गोली चलाई" और फिर तलोजा जेल से बदलापुर ले जाते समय मुंब्रा इलाके में "जवाबी फायरिंग" में उसे गोली मार दी गई। अक्षय शिंदे के माता-पिता - अन्ना शिंदे और अलका शिंदे और उनके वकील अमित कटरनवारे ने इसे “फेक एनकाउंटर” बताया है। घटना के करीब डेढ़ महीने बाद, पुलिस ने स्कूल मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट उदय कोटवाल और सेक्रेटरी तुषार आप्टे को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया, क्योंकि उन पर अपने स्कूल में दो नाबालिग लड़कियों के साथ हुए सेक्सुअल असॉल्ट की घटना की रिपोर्ट न करने का आरोप था। </p>
<p>अभी तक, वह बेल पर हैं और केस कोर्ट में विचाराधीन है। केबीएमसी चेयरपर्सन रुचिता घोरपड़े ने आप्टे के अपॉइंटमेंट को कन्फर्म किया है। शुक्रवार को म्युनिसिपल काउंसिल के पांच को-ऑप्टेड काउंसलर चुनने का प्रोसेस पूरा होने के बाद उनका स्वागत किया गया। उनमें से दो को भाजपा ने, दो को एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने और एक को अजित पवार की एनसीपी ने नॉमिनेट किया था। आप्टे के अलावा, दूसरे नॉमिनेटेड काउंसलर में शगोफ गोरे (भाजपा), प्रभाकर पाटिल (एनसीपी), और दिलीप बैकर और हेमंत चतुरे (शिवसेना) शामिल हैं।</p>
<p>इस फैसले का बचाव करते हुए, भाजपा काउंसलर राजन घोरपड़े ने कहा कि आप्टे एक सोशल एक्टिविस्ट और एक जाने-माने एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन के ऑफिसर हैं। घोरपड़े ने कहा, "हालांकि उन्हें आरोपी बनाया गया था, लेकिन उनका गुनाह साबित नहीं हुआ है। मुख्य आरोपी को पहले ही सज़ा मिल चुकी है। आप्टे ने पार्टी के लिए एक्टिवली काम किया और पार्टी कैंडिडेट की जीत में योगदान दिया, और इसलिए, उन्हें यह ज़िम्मेदारी दी गई।" विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने भाजपा की आलोचना की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जो राज्य के होम मिनिस्टर भी हैं, से जवाब मांगा।</p>
<p>शिवसेना (यूटीबी) के राज्यसभा सदस्य और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, "देश भर में हाल की कुछ घटनाओं को देखकर ऐसा लगता है कि भाजपा की आरएसएस से जुड़े लोगों को पार्टी में पद देने की पॉलिसी है। बदलापुर में हुई घटना से शहर में दो दिन तक अशांति रही। इन डायरेक्टरों और ट्रस्टियों ने पुलिस पर दबाव डाला था कि लड़की की शिकायत दर्ज न हो। बाद में, वे फरार हो गए, और हमें लगा कि वे अभी भी जेल में हैं।</p>
<p>हालांकि, अब उन्हें एक अहम पद दिया गया है। जिस स्कूल में यह घटना हुई थी, उसके ट्रस्टियों ने भाजपा के ज़रिए नाबालिग लड़की और उसके माता-पिता की शिकायत दर्ज न होने देने के लिए दबाव डाला था।" एक तीखी प्रतिक्रिया में, एनसीपी (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि भाजपा ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकताएं क्या हैं। उन्होंने कहा, "बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। हालांकि, पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी व्यक्ति को को-ऑप्टेड काउंसलर के तौर पर मौका देकर, भाजपा असंवेदनशीलता की हद पार कर गई है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।"</p>
<p>कांग्रेस की पूर्व विधायक यशोमती ठाकुर ने कहा: “तुषार आप्टे को भाजपा ने काउंसलर पद देकर इनाम दिया है। बदलापुर केस में अक्षय शिंदे के एनकाउंटर का इस्तेमाल पिछले चुनाव में पॉलिटिकल कैंपेनिंग के लिए किया गया था। लेकिन क्या इस केस में आप्टे को बचाने के लिए अक्षय शिंदे का एनकाउंटर किया गया था? ‘बेटी बचाओ’ सिर्फ़ एक नारा बनकर रह गया है; असल में, भाजपा ‘क्रिमिनल बचाओ’ कैंपेन चला रही है। महाराष्ट्र की बेटियां यह नहीं भूलेंगी!”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46897/mumbai-bjp-appoints-tushar-apte-co-accused-in-badlapur-sexual-assault</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/46897/mumbai-bjp-appoints-tushar-apte-co-accused-in-badlapur-sexual-assault</guid>
                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 12:12:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/images-%2890%29.jpg"                         length="3844"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        