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                <title>edible oil - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>सस्ता होगा खाने का तेल, सरकार ने रिफाइंड सोयाबीन और सूरजमुखी ऑयल पर घटाया आयात शुल्क</title>
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                        <![CDATA[आने वाले दिनों में खाने का तेल सस्ता हो सकता है. सरकार ने रिफाइंड सोयाबीन और सनफ्लॉवर ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी कम कर दी है.
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/22203/edible-oil-will-be-cheaper-government-reduced-import-duty"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-06/download-(26).jpg" alt=""></a><br /><p>आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है. दरअसल, सरकार ने रिफाइंड सोयाबीन (Refined Soyabean Oil) और सूरजमुखी तेल (Sunflower Oil) पर आयात शुल्क (Import Duty) 17.5 फीसदी से घटाकर 12.5 फीसदी कर दिया है. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की ओर से गुरुवार को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर काबू के लिए यह कदम उठाया गया है....Government reduced import duty on edible oil...</p>
<div></div>
<p>आमतौर पर भारत रिफाइंड के बजाय ‘कच्चे’ सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात करता है. इसके बावजूद सरकार ने रिफाइंड सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क घटाया है. इस कटौती के साथ रिफाइंड खाद्य तेलों पर प्रभावी शुल्क 13.7 प्रतिशत हो गया है. इसमें सामाजिक कल्याण उपकर भी शामिल है. सभी प्रमुख कच्चे खाद्य तेलों पर प्रभावी शुल्क 5.5 प्रतिशत है....Government reduced import duty on edible oil...</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-06/download-(26).jpg" alt="download (26)" width="613" height="368"></img></p>
<p>सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने कहा कि इस कदम का बाजार की धारणा पर कुछ अस्थायी प्रभाव हो सकता है, लेकिन इससे आयात नहीं बढ़ेगा. मेहता ने बयान में कहा, ‘‘आमतौर पर सरकार खाद्य तेलों की कीमतों को नियंत्रण में रखना चाहती है. कच्चे और रिफाइंड सोयाबीन और सूरजमुखी तेलों के बीच कम शुल्क अंतर के बावजूद रिफाइंड सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल का आयात आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है. इस कदम से बाजार की धारणा पर अस्थायी प्रभाव पड़ेगा....Government reduced import duty on edible oil...</p>
<p>अभी रिफाइंड सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का कोई आयात नहीं होता है. एसईए के अनुसार, केरल में मानसून की शुरुआत में एक सप्ताह की देरी के कारण बुवाई में विलंब हुआ है. मेहता ने कहा, ‘‘मौसम विभाग ने लगभग सामान्य मॉनसून का अनुमान लगाया है. हालांकि, अल नीनो से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है और इससे सामान्य मॉनसून की संभावना को झटका लग सकता है, जिसके चलते खरीफ फसल और अगले तेल वर्ष 2023-24 में वनस्पति तेलों की घरेलू उपलब्धता प्रभावित हो सकती है....Government reduced import duty on edible oil...</p>
<p>भारत खाद्य तेलों में अपनी मांग-आपूर्ति के अंतर को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है. आयात के जरिये भारत अपनी 60 प्रतिशत खाद्य तेल जरूरत को पूरा करता है....Government reduced import duty on edible oil...</p>
<p class="jsx-40998024 read_more_links"> </p>]]>
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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2023 15:53:58 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>पिछले १० वर्षों में आटा, चावल, दूध, घी, खाद्य तेल, दाल और रसोई गैस की दरों में बढ़ोत्तरी - राहुल गांधी</title>
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                        <![CDATA[इससे पहले राहुल गांधी ने अडानी की स्पेलिंग के साथ दलबदलू पूर्व कांग्रेसी ५ नेताओं के नाम भी लिखे। इसका वैâप्शन दिया कि सच्चाई छुपाते हैं, इसलिए रोज भटकाते हैं। सवाल वही है- अडानी की कंपनियों में २० हजार करोड़ बेनामी पैसे किसके हैं? राहुल गांधी ने अडानी के ए अक्षर के साथ गुलाम नबी आजाद, डी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, ए के साथ किरण रेड्डी, एन के साथ हिमंत बिस्वा सरमा और आई के साथ अनिल एंटनी लिखा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19735/increase-in-rates-of-flour--rice--milk--ghee--edible-oil--pulses-and-cooking-gas-in-the-last-10-years---rahul-gandhi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/1678978663_rahul-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली :</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने २०१३ में यूपीए सरकार के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की मौजूदा दरों से तुलना करते हुए ट्विटर पर एक पोस्ट किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महंगाई कम नहीं हो रही है, क्योंकि सरकार का ध्यान संकट में फंसे अरबपति गौतम अडानी की आय को बढ़ाने और उन्हें जांच से बचाने पर है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में पिछले १० वर्षों में आटा, चावल, दूध, घी, खाद्य तेल, दाल और रसोई गैस की दरों में बढ़ोत्तरी का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि महंगाई वैâसे घटेगी, जनता का दर्द वैâसे दिखेगा? सरकार का पूरा फोकस अडानी की आय बढ़ाने और उसे जांच से बचाने पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले राहुल गांधी ने अडानी की स्पेलिंग के साथ दलबदलू पूर्व कांग्रेसी ५ नेताओं के नाम भी लिखे। इसका वैâप्शन दिया कि सच्चाई छुपाते हैं, इसलिए रोज भटकाते हैं। सवाल वही है- अडानी की कंपनियों में २० हजार करोड़ बेनामी पैसे किसके हैं? राहुल गांधी ने अडानी के ए अक्षर के साथ गुलाम नबी आजाद, डी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, ए के साथ किरण रेड्डी, एन के साथ हिमंत बिस्वा सरमा और आई के साथ अनिल एंटनी लिखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस ट्वीट के बाद राहुल गांधी भाजपा नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। २०१५ में भाजपा में शामिल हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह हमारी शालीनता थी कि हमने आपसे कभी नहीं पूछा कि आपने बोफोर्स और नेशनल हेराल्ड घोटालों से कमाई को कहां छिपाया और वैâसे आपने ओट्टावियो क्वात्रोची को हर बार भारतीय कानून के दायरे में आने से बचाया। खैर, हम कोर्ट में मिलेंगे।</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 10 Apr 2023 10:30:01 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>तेल पर वसूल किए जाने वाला सीमा शुल्क रद्द करने से खाद्य तेल की दरों में गिरावट...</title>
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                        <![CDATA[केंद्र सरकार ने खाद्य तेल पर वसूल किए जाने वाला सीमा शुल्क रद्द करने से तेल की आयात बढ़ हो गई है। परिणामस्वरूप तेल की दाम गिर गए है। दो महीने में 20 से 25 प्रतिशत से दाम गिर गए है। रशिया-युक्रेन युद्ध के चलते दिसंबर और जनवरी से खाद्य तेल के दाम आसमान छू रहे थे। तेल की आयात रूकने से दर बढ़ रहे थे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/14249/the-reduction-in-the-rates-of-edible-oil-due-to-the-cancellation-of-customs-duty-on-oil"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-09/edible-oil-pti-1634179459.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नाशिक :</strong> केंद्र सरकार ने खाद्य तेल पर वसूल किए जाने वाला सीमा शुल्क रद्द करने से तेल की आयात बढ़ हो गई है। परिणामस्वरूप तेल की दाम गिर गए है। दो महीने में 20 से 25 प्रतिशत से दाम गिर गए है। रशिया-युक्रेन युद्ध के चलते दिसंबर और जनवरी से खाद्य तेल के दाम आसमान छू रहे थे। तेल की आयात रूकने से दर बढ़ रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">परंतु अब सरकार ने तेल पर वसूला किया जा रहा सीमा शुल्क रद्द किया है। उत्सव के दौरान तेल के दाम गिरने से नागरिकों को लाभ होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में एक साल में 250 टन खाद्य तेल का उपयोग होता है। इसमें से 140 टन तेल आयात किया जाता है। मंडी में आज की स्थिति में मलेशिया अर्जेंटिना इंडोनेशिया से तेल की आयात हो रही है। साथ ही युक्रेन से सूर्यफूल तेल की 20 से 30 प्रतिशत आयात शुरू हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल जरूरत में से 60 प्रतिशत तेल आयात किया जाता है। तो देश के तेल उत्पादना से शेष 40 प्रतिशत जरूरत को पूरा किया जाता है। देश आयात तेल पर अधिक निर्भर है। अन्य खाद्य तेल के दाम गिर गए है, लेकिन मूंगफली तेल के दाम कम नहीं हुए है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन में मूंगफली और उसके तेल की निर्यात अधिक मात्रा में हो रही है। महाराष्ट्र और गुजरात से महीने में दो हजार मेट्रिक टन मूंगफली के तेल की निर्यात हो रही है। इसलिए इस तेल के प्रति किलो दाम 180 से 185 रुपए है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Sep 2022 11:47:58 +0530</pubDate>
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