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                <title>ban - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : पुलिस ने 29 अगस्त से 27 सितंबर तक हथियार साथ लेकर चलने पर रोक लगाई, शहर में शांति और सुरक्षा का हवाला दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस ने त्योहारों के मौसम में शहर में सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 29 अगस्त से 27 सितंबर तक नागरिकों के हथियार, विस्फोटक और अन्य खतरनाक चीजें साथ लेकर चलने पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51575/mumbai-police-banned-carrying-weapons-from-august-29-to-september"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/25mumbai-police.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस ने त्योहारों के मौसम में शहर में सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 29 अगस्त से 27 सितंबर तक नागरिकों के हथियार, विस्फोटक और अन्य खतरनाक चीजें साथ लेकर चलने पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (अभियान) अकबर पठान की ओर से महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत जारी आदेश में तलवार, भाला, चाकू, छड़ी, लाठी और ऐसी अन्य चीजें साथ लेकर चलने पर रोक लगा दी गई है, जिनसे शारीरिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।</p>
<p> </p>
<p>हालांकि, उन्होंने बताया कि सक्षम अधिकारी की ओर से विशेष मामलों में अनुमति दिए जाने की सूरत में इन वस्तुओं को साथ लेकर चलने की छूट होगी।<br />अधिकारी के अनुसार, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रोक की अवधि खत्म होने के बाद भी उस दौरान हुए उल्लंघनों से जुड़ी जांच या कानूनी कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रोक की अवधि खत्म हो जाने के बाद भी ऐसे उल्लंघनों के लिए जुर्माने, जब्ती या कैद की सजा सुनाई जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 10:43:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मैकडॉवेल्स और ओल्ड मंक की बिक्री पर रोक को चुनौती बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचीं शराब कंपनियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के शराब उद्योग में लोकप्रिय ब्रांडों से जुड़ा एक अहम मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया है। शराब बनाने वाली कंपनियों यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड और मोहन मीकिन लिमिटेड ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की उस कार्रवाई को चुनौती दी है, जिसके तहत उनके कुछ लोकप्रिय इंडियन-मेड फॉरेन लिकर उत्पादों के नए स्टॉक के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाई गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51242/mumbai-liquor-companies-reach-bombay-high-court-challenging-ban-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-08-at-2.41.05-pm-1024x683.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देश के शराब उद्योग में लोकप्रिय ब्रांडों से जुड़ा एक अहम मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया है। शराब बनाने वाली कंपनियों यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड और मोहन मीकिन लिमिटेड ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की उस कार्रवाई को चुनौती दी है, जिसके तहत उनके कुछ लोकप्रिय इंडियन-मेड फॉरेन लिकर उत्पादों के नए स्टॉक के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाई गई है। कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं में FSSAI के रोक संबंधी आदेशों को चुनौती दी गई है। मामला खास तौर पर मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड रम और ओल्ड मंक से जुड़े उत्पादों को लेकर है। FSSAI की ओर से संबंधित विनिर्माण इकाइयों के निरीक्षण के बाद ये आदेश जारी किए गए थे। निरीक्षण के दौरान नियामक ने उत्पादों की लेबलिंग, कंपोजिशन और फ्लेवरिंग एजेंट के इस्तेमाल से संबंधित आपत्तियां दर्ज की थीं।</p>
<p> </p>
<p>निर्माण इकाइयों के निरीक्षण के बाद कार्रवाई FSSAI की कार्रवाई के पीछे मुख्य मुद्दा शराब उत्पादों में इस्तेमाल किए जा रहे फ्लेवरिंग एजेंट और उनसे जुड़े नियामकीय मानकों का बताया जा रहा है। नियामक की जांच में कुछ उत्पादों में ऐसे कृत्रिम या ‘नेचर आइडेंटिकल’ फ्लेवरिंग पदार्थों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए, जिनके जरिए उत्पाद में उम्रदराज शराब जैसी खुशबू और स्वाद हासिल करने का प्रयास किया जाता है। FSSAI ने अपनी कार्रवाई में ऐसे उत्पादों को खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं माना है। नियामक की ओर से यह भी कहा गया है कि इस तरह की फ्लेवरिंग पारंपरिक उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई कई प्रमुख शराब ब्रांडों तक पहुंची है और इसमें मैकडॉवेल्स, ओल्ड मंक सहित अन्य लोकप्रिय उत्पादों के कुछ संस्करण शामिल हैं।<br />कंपनियों ने कहा- लंबे समय से जारी है प्रक्रिया दूसरी ओर, कंपनियों ने FSSAI की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। यूनाइटेड स्पिरिट्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र सराफ ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दलील दी कि नियामक के आदेश का असर IMFL उद्योग के एक बड़े हिस्से पर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित उत्पाद दशकों से एक स्थापित प्रक्रिया के तहत बनाए जा रहे हैं। कंपनी का पक्ष है कि उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया और लेबलिंग को मौजूदा भारतीय कानूनी एवं नियामकीय व्यवस्था के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। कंपनियां इस बात पर जोर दे रही हैं कि जिस प्रक्रिया को लेकर अब आपत्ति उठाई जा रही है, उसका इस्तेमाल लंबे समय से उद्योग में होता आया है।<br />हाईकोर्ट में रखी गई कंपनियों की दलील </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 14:01:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: संजय गांधी नेशनल पार्क के पास की कीमतों में बढ़ोतरी पर लगी रोक, वापस लिया गया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बोरीवली स्थित संजय गांधी नेशनल पार्क  में टिकट की दरों में बढ़ोतरी के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. यह दरें 1 मई (शनिवार) से लागू होने वाली थीं, लेकिन नागरिकों के भारी विरोध के बाद इसपर रोक लगा दी गई है. इसको लेकर पार्क प्रबंधन ने एक ज्ञापन जारी किया है, जिसमें कहा है कि प्रशासनिक एवं तकनीकी कारणों से नई दरों पर रोक लगाई जा रही है. इसके  साथ ही, पर्यटक सेवाओं की संशोधित दरें जल्द ही निर्धारित करने की मांग की गई है. इसमें कहा गया है कि जब तक नई दरों तय नहीं होती तब तक पुरानी दरों के आधार पर ही  पर्यटक सेवाओं का शुल्क लिया जाएगा. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49652/mumbai-decision-to-ban-increase-in-prices-near-sanjay-gandhi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t192653.695.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :  </strong>बोरीवली स्थित संजय गांधी नेशनल पार्क  में टिकट की दरों में बढ़ोतरी के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. यह दरें 1 मई (शनिवार) से लागू होने वाली थीं, लेकिन नागरिकों के भारी विरोध के बाद इसपर रोक लगा दी गई है. इसको लेकर पार्क प्रबंधन ने एक ज्ञापन जारी किया है, जिसमें कहा है कि प्रशासनिक एवं तकनीकी कारणों से नई दरों पर रोक लगाई जा रही है. इसके  साथ ही, पर्यटक सेवाओं की संशोधित दरें जल्द ही निर्धारित करने की मांग की गई है. इसमें कहा गया है कि जब तक नई दरों तय नहीं होती तब तक पुरानी दरों के आधार पर ही  पर्यटक सेवाओं का शुल्क लिया जाएगा. </p>
<p> </p>
<p>ज्ञापन में कहा गया है कि, 'प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से, उक्त दर वृद्धि को स्थगित किया जा रहा है. साथ ही, पर्यटक सेवाओं के लिए संशोधित दरें जल्द ही तय की जाएंगी। जब तक संशोधित दरें तय नहीं हो जातीं, तब तक पर्यटक सेवाओं के लिए पहले से स्वीकृत दरों पर ही शुल्क लिया जाना चाहिए." एक वन अधिकारी ने शुक्रवार (1 मई) को बताया कि मई के अंत तक इस मामले में और अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है.</p>
<p><strong>शुल्क बढ़ोतरी के फैसले पर क्यों लगी रोक?</strong><br />संजय गांधी नेशनल पार्क के उप निदेशक (दक्षिण) किरण पाटिल ने बताया कि कीमतों में संशोधन का फैसला फिलहाल रोक दिया गया है. जल्द ही डिजिटल टिकटिंग प्रणाली भी शुरू की जाएगी जिसके लिए एक व्हाट्सएप  चैटबॉट लॉन्च किया जाएगा. गौर हो कि अचानक संजय गांधी नेशनल पार्क पार्क के शुल्क वृद्धी के फैसले का लोगों ने काफी विरोध किया और इसे बेतुका बताया था. मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों ने इस के बदलाव को सुबह सैर करने वालों के साथ अन्याय करार दिया था. लोगों का तर्क था कि पार्क की कई बुनियादी सुविधाओं का खर्च सीएसआर फंड से उठाया आता है, ऐसे में इतनी कीमतें क्यों वसूली जा रही हैं. बढ़ते विरोध को देखते हुए शुल्क वृद्धी के फैसले को फिलहाल के लिए रोक लगा दी गई है. </p>
<p><strong>क्या है मामला?</strong><br />गौर हो कि इसी प्राधिकरण की ओर से 21 अप्रैल को एक ज्ञापन के जरिए 1 मई से पार्क के टिकट की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी. घोषणा में मॉर्निंग वॉकर्स के लिए वार्षिक शुल्क को  383 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया था.  वहीं, वरिष्ठ नागरिकों  को पास के लिए सालाना 5,000 रुपये का भुगतान करने की बात कही गई थी. मासिक पास के लिए नागरिकों के लिए 1,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 500 रुपये कर दिया गया था.</p>
<p>इसके अलावा सफारी, मिनी ट्रेन, नौका विहार और ई-बस जैसी सेवाओं के शुल्क भी बढ़ा दिए गए थे. बढ़़ाए गए शुल्क पर प्रशासन का तर्क था कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या, सुविधाओं के रखरखाव, कर्मचारियों के वेतन और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) में सुधार के लिए इसे बढ़ाया गया था.  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 19:27:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई पहुंचे पुणे के ड्राइवर, बाइक टैक्सी पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुणे के ड्राइवरों ने अवैध बाइक टैक्सियों के बढ़ते चलन के खिलाफ पुणे से मुंबई तक पैदल मार्च किया और अब राज्य की राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसे एग्रीगेटर्स के किराये के ढांचे में पूरी पारदर्शिता लाई जाए और पारंपरिक ड्राइवरों के लिए उचित किराया सुनिश्चित किया जाए. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49357/pune-drivers-reach-mumbai-demanding-complete-ban-on-bike-taxis"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-21t122847.888.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पुणे के ड्राइवरों ने अवैध बाइक टैक्सियों के बढ़ते चलन के खिलाफ पुणे से मुंबई तक पैदल मार्च किया और अब राज्य की राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसे एग्रीगेटर्स के किराये के ढांचे में पूरी पारदर्शिता लाई जाए और पारंपरिक ड्राइवरों के लिए उचित किराया सुनिश्चित किया जाए. </p>
<p> </p>
<p>ड्राइवरों का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियां किस आधार पर किराया वसूल रही हैं और ड्राइवरों को क्या हिस्सा मिल रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी और सरकारी निगरानी होनी चाहिए. जब तक सरकार बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध को लागू नहीं करती और समान मूल्य निर्धारण सुनिश्चित नहीं करती, तब तक मुंबई में ड्राइवरों ही हड़ताल जारी रहेगी. </p>
<p><strong>बाइक टैक्सी का विरोध </strong><br />ड्राइवरों का तर्क है कि अवैध बाइक टैक्सियों के कारण उनके व्यवसाय को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि एग्रीगेटर कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर कम दरों पर सेवाएं दे रही हैं. वर्तमान में ओला और उबर जैसी कंपनियां कितना कमीशन काट रही हैं, इसमें ड्राइवरों को स्पष्टता नहीं मिलती. वे मांग कर रहे हैं कि सरकार इन एग्रीगेटर्स के एल्गोरिदम और मूल्य निर्धारण पर कड़ी निगरानी रखे. </p>
<p><strong>महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले </strong><br />महाराष्ट्र सरकार ने आईपीएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं. इस प्रशासनिक फेरबदल में कई जिलों के एसपी और डीसीपी की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है. सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जगहों पर तैनात किया गया है. जारी आदेश के अनुसार तुषार दोशी, जो अब तक सातारा के एसपी थे, उन्हें स्थानांतरित कर सांगली का एसपी नियुक्त किया गया है. वहीं निखिल पिंगळे, जो पुणे में पुलिस उप आयुक्त के पद पर कार्यरत थे, उन्हें सातारा जिले का एसपी बनाया गया है. महेश्वर रेड्डी को जळगांव के एसपी द से हटाकर सीआईडी, पुणे में स्थानांतरित किया गया है. वहीं श्रीकांत दिवरे को धुले से जळगांव का एसपी बनाया गया है.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49357/pune-drivers-reach-mumbai-demanding-complete-ban-on-bike-taxis</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:03:23 +0530</pubDate>
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