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                <title>Iran - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Iran RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका : ट्रंप के खिलाफ कितने अमेरिकी सांसद सीना तानकर हो गए खड़े, ईरान को लेकर कर दिया चैलेंज, लेकिन...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि युद्ध समाप्त होने के कगार पर है. बुधवार को ही पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर तेहरान पहुंचे ताकि शांति वार्ता के बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद संघर्ष को फिर से शुरू होने से रोका जा सके. युद्ध शुरू होने के बाद से डेमोक्रेट्स ने चौथी बार सीनेट में युद्ध शक्तियों से संबंधित शक्तियों पर मतदान कराने का प्रयास किया. केंटकी के रैंड पॉल को छोड़कर सीनेट के सभी रिपब्लिकन सदस्यों के विरोध के कारण ये सारी कोशिशें विफल रही हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49261/america-how-many-american-mps-stood-with-their-chests-raised"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/opkkl.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिका : </strong> अमेरिकी संसद के कई सदस्यों ने बुधवार (15 अप्रैल) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का समर्थन किया और कांग्रेस की तरफ से युद्ध को अधिकृत किए जाने तक रोकने के मकसद से लाए गए डेमोक्रेट-नेतृत्व वाले प्रस्ताव को रोक दिया. सीनेट ने 52-47 के वोटों से युद्ध शक्तियों से संबंधित प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोक दिया. <br /><br />डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि युद्ध समाप्त होने के कगार पर है. बुधवार को ही पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर तेहरान पहुंचे ताकि शांति वार्ता के बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद संघर्ष को फिर से शुरू होने से रोका जा सके. युद्ध शुरू होने के बाद से डेमोक्रेट्स ने चौथी बार सीनेट में युद्ध शक्तियों से संबंधित शक्तियों पर मतदान कराने का प्रयास किया. केंटकी के रैंड पॉल को छोड़कर सीनेट के सभी रिपब्लिकन सदस्यों के विरोध के कारण ये सारी कोशिशें विफल रही हैं.<br /><br />रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्वतंत्रतावादी विचारधारा वाले पॉल अत्यधिक सैन्य खर्च के खिलाफ हैं और संविधान के सख्त नियमों का पालन कराने के पक्ष में रहते हैं. ईरान युद्ध के खिलाफ डेमोक्रेट-नेतृत्व वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले पॉल एकमात्र रिपब्लिकन थे. इसके अलावा एकमात्र डेमोक्रेटिक सदस्य, जिन्होंने इसके खिलाफ मतदान किया वो पेंसिल्वेनिया के सीनेटर जॉन फेट्टरमैन थे. इनके अलावा वेस्ट वर्जीनिया के रिपब्लिकन सीनेटर जिम जस्टिस ने भी वोटिंग में भाग नहीं लिया. <br /><br />हालांकि अमेरिकी संविधान कहता है कि युद्ध की घोषणा राष्ट्रपति नहीं बल्कि कांग्रेस कर सकती है, लेकिन दोनों दलों (रिपब्लिकन-डेमोक्रेट) के राष्ट्रपतियों का लंबे समय से मानना ​​रहा है कि ये प्रतिबंध अल्पकालिक अभियानों या अगर देश तत्काल खतरे में है तो लागू नहीं होता है. व्हाइट हाउस और कांग्रेस में ट्रंप के लगभग सभी साथी सांसदों का कहना है कि ट्रंप की कार्रवाई कानूनी है और अमेरिका की रक्षा के लिए सीमित सैन्य अभियान चलाने का आदेश देना कमांडर-इन-चीफ के रूप में उनके अधिकार क्षेत्र में आता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 12:11:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : कराची जा रहा था जहाज, ईरान ने होर्मुज में रोका, अब मुंबई की ओर रवाना, बीच में हो गया 'खेल'!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में इस वक्‍त द‍िलचस्‍प लड़ाई चल रही है. पाक‍िस्‍तान का एक जहाज ‘सेलेन’ खाने पीने का सामान लेकर कराची बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था. लेकिन स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के र‍िवोल्‍यूशनरी गार्ड ने रोक द‍िया. अब खबर है कि पाकिस्तान का रास्ता छोड़ यह जहाज भारत के मुंबई बंदरगाह की ओर मुड़ गया है. इसके दो द‍िन बाद मुंबई पहुंचने की संभावना है. इस एक घटना ने पाक‍िस्‍तान के साथ ईरान के र‍िश्तों की पोल खोल दी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49015/the-ship-was-going-from-mumbai-to-karachi-iran-stopped"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(59).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में इस वक्‍त द‍िलचस्‍प लड़ाई चल रही है. पाक‍िस्‍तान का एक जहाज ‘सेलेन’ खाने पीने का सामान लेकर कराची बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था. लेकिन स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के र‍िवोल्‍यूशनरी गार्ड ने रोक द‍िया. अब खबर है कि पाकिस्तान का रास्ता छोड़ यह जहाज भारत के मुंबई बंदरगाह की ओर मुड़ गया है. इसके दो द‍िन बाद मुंबई पहुंचने की संभावना है. इस एक घटना ने पाक‍िस्‍तान के साथ ईरान के र‍िश्तों की पोल खोल दी है.</p>
<p> </p>
<p>सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे तले चल रहा यह जहाज 23 मार्च को यूएई के शारजाह से पाकिस्तान के कराची के लिए रवाना हुआ था. लेकिन जैसे ही यह स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में दाखिल हुआ, ईरान की आईआरजीसी नेवी ने इसे घेर लिया. बताया कि इस जहाज के पास इस रास्‍ते से गुजरने के ल‍िए पर्याप्‍त अनुमत‍ि नहीं थी. ईरान की समुद्री अथॉरिटी से बातचीत क‍िए ब‍िना कोई भी जहाज यहां से नहीं गुजर सकता. ईरान ने इसे कराची जाने से रोककर वापस मोड़ने पर मजबूर कर दिया.</p>
<p>ईरान की सख्ती के बाद इस जहाज ने अपना ठ‍िकाना बदल लिया है. ताजा ट्रैकिंग डेटा वेसलफाइंडर और मरीनट्रैफिक के अनुसार, यह जहाज अब लगभग 10–11 नॉट्स की रफ्तार से मुंबई की ओर बढ़ रहा है. अनुमान है कि यह 9 अप्रैल तक भारत के तट पर पहुंच जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में जारी अनाज और खाद्य संकट के बीच इस जहाज का रास्ता बदलना इस्लामाबाद के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है.</p>
<p><strong>‘बिना इजाजत पत्ता भी नहीं हिलेगा’</strong><br />ईरान ने न्यूयॉर्क में अपने मिशन के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज को ईरानी अधिकारियों के साथ कोआर्डिनेशन करना होगा. ‘सेलेन’ का कराची न जा पाना इसी सख्त नीति का नतीजा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:25:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : ईरान-इजरायल युद्ध का पड़ रहा निर्माण कार्य पर असर, टाइल्स और स्टील के दाम में उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ईरान-इजरायल युद्ध का असर निर्माण क्षेत्र पर भी दिखने लगा है। कमर्शल गैस आपूर्ति प्रभावित होने से टाइल्स और स्टील के दामों में तेजी आई है, जिससे बिल्डिंग निर्माण की लागत बढ़ गई है। भवन निर्माण कार्य से जुड़े एवी कंस्ट्रक्शन समूह के संचालक अमित मिश्रा ने बताया कि स्टील के दामों में भी भारी उछाल आया है। पहले स्टील का बेसिक रेट करीब 36,100 रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 46,000 रुपये तक पहुंच गया है। यानी स्टील की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48645/mumbai-iran-israel-war-is-impacting-construction-work-rise-in-prices"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-23t132410.867.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ईरान-इजरायल युद्ध का असर निर्माण क्षेत्र पर भी दिखने लगा है। कमर्शल गैस आपूर्ति प्रभावित होने से टाइल्स और स्टील के दामों में तेजी आई है, जिससे बिल्डिंग निर्माण की लागत बढ़ गई है। भवन निर्माण कार्य से जुड़े एवी कंस्ट्रक्शन समूह के संचालक अमित मिश्रा ने बताया कि स्टील के दामों में भी भारी उछाल आया है। पहले स्टील का बेसिक रेट करीब 36,100 रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 46,000 रुपये तक पहुंच गया है। यानी स्टील की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। </p>
<p> </p>
<p><strong>स्टील समेत कई सामग्री हो रही महंगी</strong><br />अमित मिश्रा ने कहा कि सिर्फ स्टील ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक, एल्यूमिनियम और इंटीरियर वर्क से जुड़ी सामग्री भी महंगी हो गई है। इससे निर्माण लागत बढ़ रही है, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ रहा है। वहीं, टाइल्स कारोबारी सौरभ जैन ने बताया कि गुजरात के मोरबी में बड़े पैमाने पर टाइल्स का निर्माण होता है। वहां कई बड़े कारखाने संचालित हैं और टाइल्स बनाने की प्रक्रिया में प्रोफेन गैस का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन युद्ध के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित हो गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ा है। <br /> <br />टाइल्स कारोबारी सौरभ जैन ने बताया कि टाइल्स की कीमत अब करीब 35 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट तक पहुंच गई है और इसमें लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं, जिसका सीधा असर निर्माण कार्य पर पड़ेगा। कुल मिलाकर लागत बढ़ने से घरों की बिक्री पर भी असर पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 13:26:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : ईरान को समर्थन न देने से भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा: राज ठाकरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा ईरान को समर्थन न देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे पर। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भरोसेमंद सहयोगी का साथ न देने से भारत को गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में गुड़ी पड़वा के अवसर पर दिए अपने भाषण में ठाकरे ने यह बात कही।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48569/mumbai-india-will-suffer-huge-losses-by-not-supporting-iran"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-20t111029.120.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा ईरान को समर्थन न देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे पर। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भरोसेमंद सहयोगी का साथ न देने से भारत को गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में गुड़ी पड़वा के अवसर पर दिए अपने भाषण में ठाकरे ने यह बात कही।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत का अधिकांश तेल ईरान से आता है और ईरान ने इसे रुपए में आपूर्ति की है। उन्होंने कहा कि जब ईरान पर हमला हुआ, तो हमारे प्रधानमंत्री ने समर्थन में एक भी बयान जारी नहीं किया। खामेनेई के निधन के बाद भी शोक या विरोध का कोई आधिकारिक संदेश नहीं आया। एमएनएस की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर ठाकरे ने इस उपलब्धि को 'दिव्य संकेत' बताया और विश्वास व्यक्त किया कि उनकी पार्टी अंततः सत्ता में आकर महाराष्ट्र की 'खोई हुई शान' को पुनर्स्थापित करेगी। </p>
<p>अपने विस्तृत भाषण में उन्होंने राज्य के बढ़ते कर्ज, बिगड़ते शहरी बुनियादी ढांचे के बारे में बात की और ईरान-इजराइल संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की। बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों में एमएनएस की करारी हार के बाद यह उनका पहला भाषण था, जिसमें उन्होंने मराठी गौरव और मराठी मानुष के हितों की रक्षा के मुद्दों पर अपने चचेरे भाई और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हाथ मिलाया था।</p>
<p>घरेलू मामलों की ओर मुड़ते हुए, ठाकरे ने महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में 2014 में राज्य का कर्ज लगभग 2 लाख करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और विकास की बात करते हैं, लेकिन राज्य कर्ज में डूब रहा है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48569/mumbai-india-will-suffer-huge-losses-by-not-supporting-iran</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:11:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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