<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/6948/hindi" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Hindi - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/6948/rss</link>
                <description>Hindi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में कितनी बार गैर-मराठी बन चुके हैं मेयर, जानें कितने हिंदी भाषी लोगों को मिल चुका मौका?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>2026 के बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान मराठी पहचान और भाषा को जोरदार तरीके से उठाया गया. लेकिन इसके बावजूद भी चुनाव परिणामों ने एक अलग ही सच्चाई को सामने रखा. 227 सदस्यों वाली बीएमसी में रिकॉर्ड 80 गैर मराठी भाषी पार्षद चुने गए हैं. आइए जानते हैं कि मुंबई में कितनी बार गैर मराठी मेयर बन चुके हैं.  </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47141/how-many-times-have-non-marathi-people-become-mayors-in-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-17t102740.3251.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>2026 के बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान मराठी पहचान और भाषा को जोरदार तरीके से उठाया गया. लेकिन इसके बावजूद भी चुनाव परिणामों ने एक अलग ही सच्चाई को सामने रखा. 227 सदस्यों वाली बीएमसी में रिकॉर्ड 80 गैर मराठी भाषी पार्षद चुने गए हैं. आइए जानते हैं कि मुंबई में कितनी बार गैर मराठी मेयर बन चुके हैं.  </p>
<p> </p>
<p><strong>कब आया मुंबई में मेयर पद अस्तित्व में  </strong><br />मुंबई में मेयर का पद 1931 में अस्तित्व में आया. पहले के नगर पालिका अध्यक्ष पदनाम को औपचारिक रूप से बदल दिया गया. बस तभी से मेयर का पद शहर के राजनीतिक और सामाजिक बदलावों को दर्शा रहा है. शुरुआती दशकों में मुंबई का नागरिक नेतृत्व इसके महानगरीय स्वरूप को दिखाता था. इसमें अलग-अलग भाषाई, धार्मिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के लोग बड़े पद पर काबिज थे. </p>
<p><strong>गैर मराठी मेयरों का दौर </strong><br />एतिहासिक रिकॉर्ड ऐसा बताते हैं कि मेयर पद के 94 साल के इतिहास में लगभग 35 गैर मराठी लोगों ने मुंबई के मेयर के रूप में काम किया है. असल में क्षेत्रीय पहचान आधारित राजनीति के उदय से पहले गैर मराठी मेयर कोई अपवाद नहीं बल्कि एक आम बात थी. आजादी और 1968 के बीच 21 में से 15 मेयर गैर मराठी थे. आपको बता दें कि यह मेयर गुजराती, पारसी, मुस्लिम, ईसाई, दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय जैसे समुदायों को रिप्रेजेंट करते थे. इस दौर में बड़े नाम में सर जे बी बोमन-बेहराम का नाम भी शामिल है. वे मुंबई के पहले मेयर थे और उन्होंने 1931 से 1932 तक यह पद संभाला. इसके बाद 1942 से 1943 तक युसूफ मेहरअली, 1949 से 1952 में एसके पाटिल और 1982 से 1983 में डॉक्टर प्रभाकर पाई मेयर बने.  </p>
<p><strong>शिवसेना के उदय के बाद एक बड़ा मोड़ </strong><br />1973 के बाद मेयर का परिदृश्य काफी ज्यादा बदल गया. शिवसेना के सुधीर जोशी मुंबई के पहले मराठी भाषी मेयर बने. यह एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत थी. अगले तीन दशकों में शिवसेना बीएमसी में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरी और मेयर का पद धीरे-धीरे मराठी भाषी नेताओं के लिए आरक्षित होता गया. पिछले 30 से 35 सालों से मेयर का पद लगभग पूरी तरह से मराठी बोलने वालों के पास रहा है.  </p>
<p><strong>मुंबई के कितने हिंदी भाषा लोग मेयर बने हैं  </strong><br />मुंबई में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी आबादी होने के बावजूद भी इस समुदाय के नेताओं के लिए मेयर बनने का मौका काफी कम रहा है. मौजूद रिकॉर्ड के मुताबिक केवल दो हिंदी भाषी व्यक्तियों ने ही अब तक इस पद को संभाला है.  पहले थे मुरलीधर देवड़ा. इन्होंने 1977-78 में मेयर के रूप में काम किया. मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले मुरलीधर बाद में एक बड़े कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री बने. दूसरे थे आर आर सिंह. उन्होंने 1993 से 1994 तक मेयर के रूप में काम किया. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के थे और कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे. उन्हें मुंबई का आखिरी हिंदी भाषी मेयर माना जाता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47141/how-many-times-have-non-marathi-people-become-mayors-in-mumbai</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47141/how-many-times-have-non-marathi-people-become-mayors-in-mumbai</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 12:58:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/download---2026-01-17t102740.3251.jpg"                         length="11087"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान; हिंदी भाषी समाज को प्रतिनिधित्व</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया है। कार्यकारिणी में हिंदी भाषी समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है, लेकिन हिंदी भाषी समाज के नामचीन चेहरे रत्नेश सिंह, वीरेंद्र उपाध्याय, अरविंद त्रिपाठी के अलावा चरण सिंह सप्रा को जंबो कार्यकारिणी में स्थान नहीं दिया गया है। हां, अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने अपनी विधायक बहन डॉक्टर ज्योति गायकवाड और पने भाई तुषार गायकवाड को मुंबई कांग्रेस कार्यकारिणी में शामिल जरूर किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44535/mumbai-congress-announces-new-executive-committee--hindi-speaking-community-gets-representation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-09t105903.981.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुंबई कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया है। कार्यकारिणी में हिंदी भाषी समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है, लेकिन हिंदी भाषी समाज के नामचीन चेहरे रत्नेश सिंह, वीरेंद्र उपाध्याय, अरविंद त्रिपाठी के अलावा चरण सिंह सप्रा को जंबो कार्यकारिणी में स्थान नहीं दिया गया है। हां, अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने अपनी विधायक बहन डॉक्टर ज्योति गायकवाड और पने भाई तुषार गायकवाड को मुंबई कांग्रेस कार्यकारिणी में शामिल जरूर किया है। नई लिस्ट को जारी करते ही कांग्रेस में चर्चा शुरू हो गई है कि मुंबई कांग्रेस अब गायकवाड परिवार की पार्टी बन गई है। मंगलवार की देर रात दिल्ली से अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी ने मुंबई के कार्यकारिणी की लिस्ट जारी की।</p>
<p> </p>
<p><strong>सीनियर नेताओं को अहमियत</strong><br />पॉलिटिकल अफेयर कमिटी में ज्यादातर पार्टी के बुजुर्ग व वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया है। नई कार्यकारिणी में शिवजी सिंह, विधायक अमीन पटेल, जेनेट डिसूजा और अशोक जाधव को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया है। विधायक ज्योति गायकवाड, भूषण पाटील, डॉ. अजंता यादव, डॉ. किशोर सिंह, अवनीश सिंह, अखिलेश यादव सहित 34 लोगों को उपाध्यक्ष बनाया है।</p>
<p><strong>78 सचिव बनाए गए</strong><br />वकील विजय सिंह, दीपक यादव, संदीप शुक्ला, रमेश सिंह, राम गोविंद यादव, संतोष सिंह सहित कुल 57 लोगों को महासचिव बनाया है। अडो आरपी पांडेय, राजेश सिंह, विधायक सुरेश शेट्टी, मनोज त्रिपाठी सहित 78 लोगों को सचिव बनाया है। कार्यकारिणी सदस्य 20 लोगों को बनाया है। मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत को बनाया और पूर्व नगरसेविका शीतल म्हात्रे, सुरेशचंद्र राजहंस के साथ-साथ कुल पांच लोगों को पार्टी की बात रखने के लिए प्रवक्ता बनाया गया है। असलम शेख को कोषाध्यक्ष क्यों?</p>
<p>पार्टी के कोष की जिम्मेदारी एक बार फिर विधायक असलम शेख को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि असलम शेख को यह जिम्मेदारी देने से आर्थिक संकट से जूझ रही मुंबई कांग्रेस को राहत जरूर मिलेगी।</p>
<p><strong>जिला अध्यक्ष भी बदले</strong><br />मुंबई के छह जिलों के अध्यक्षों को भी ऑल इंडिया कांग्रेस ने बदल दिया है। दक्षिण मुंबई जिले की जिम्मेदारी रवि भावकर, दक्षिण मध्य मुंबई की कचरू यादव, उत्तर-मध्य मुंबई की अरशद आजमी, उत्तर मुंबई से राजपत यादव, उत्तर पूर्व मुंबई से केतन शाह और उत्तर-पश्चिम जिला का अध्यक्ष भावना जैन को बनाया गया है। मुंबई की 6 जिला में दो उत्तर भारतीय, दो गुजराती और एक मुस्लिम और एक मराठी व्यक्ति को जिम्मेदारी दी गई है। </p>
<p><strong>उत्तर-पश्चिम जिले में महिला अध्यक्ष</strong><br />कांग्रेस में लंबे समय से सक्रिय भावना शर्मा जैन को उत्तर पश्चिम जिला अध्यक्ष बनाया गया है। समझा जाता है कि बीएमसी चुनाव को देखते हुए एक मजबूत युवा महिला चेहरा के रूप में उन्हें जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस पर जैन ने कहा वे दी गई जिम्मेदारी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी मुंबई के प्रभारी चैन्नीथला तथा मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड का आभार मानती हैं। वह पूरी ताकत, निष्ठा और समर्पण के साथ कांग्रेस के संगठन को और मजबूत करने का प्रयास करेंगी। कांग्रेस ने उन पर जो भरोसा और विश्वास किया है, उस पर वे पूरी तरह से खरा उतरने का प्रयास करेंगी। </p>
<p><strong>क्यों हैं नाराजगी ?</strong><br />मुंबई कांग्रेस की कार्यकारिणी बनाने में देर किए जाने का पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। अब जब कार्यकारिणी का ऐलान किया, तब असंतुष्ट लोग सामने आने लगे है। मुंबई अध्यक्ष ने जिस तरह से कार्यकारिणी में अपने भाई और बहन को पदाधिकारी बनाया, उसे लेकर पार्टी में नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44535/mumbai-congress-announces-new-executive-committee--hindi-speaking-community-gets-representation</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44535/mumbai-congress-announces-new-executive-committee--hindi-speaking-community-gets-representation</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 11:00:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-10/download---2025-10-09t105903.981.jpg"                         length="11136"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना कार्यकर्ताओं की तरफ से मेट्रो स्टेशन पर हिंदी में विज्ञापन को लेकर जताया गया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में एक बार फिर से भाषा का विवाद छिड़ गया है.  मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना कार्यकर्ताओं की तरफ से विरोध जताया गया.ये विरोध मेट्रो स्टेशन पर हिंदी में विज्ञापन को लेकर जताया गया. अंधेरी मेट्रो स्टेशन पर  महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और मेट्रो स्टेशन के नाम पर कालिख पोत दी. ये भाषाई विवाद पिछले कुछ समय से किसी न किसी बात को लेकर चर्चा में रहा है. अब मेट्रो स्टेशन में लिखी हुईं हिंदी को लेकर विरोध किया जा रहा है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44276/mumbai--maharashtra-navnirman-sena-workers-protest-against-hindi-advertisement-at-metro-station"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-29t181146.989.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में एक बार फिर से भाषा का विवाद छिड़ गया है.  मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना कार्यकर्ताओं की तरफ से विरोध जताया गया.ये विरोध मेट्रो स्टेशन पर हिंदी में विज्ञापन को लेकर जताया गया. अंधेरी मेट्रो स्टेशन पर  महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और मेट्रो स्टेशन के नाम पर कालिख पोत दी. ये भाषाई विवाद पिछले कुछ समय से किसी न किसी बात को लेकर चर्चा में रहा है. अब मेट्रो स्टेशन में लिखी हुईं हिंदी को लेकर विरोध किया जा रहा है.</p>
<p> </p>
<p>जुलाई के महीने में मुंबई के मीरा रोड में एक 48 साल के मिठाई दुकानदार पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) से जुड़े लोगों ने मराठी न बोलने के कारण उसपर हमला कर दिया. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी और उनमें से तीन को नोटिस जारी किया गया था.<br />सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे थे</p>
<p>मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कई कार्यकर्ताओं इस लिए भी हिरासत में लिया था क्योंकि सैकड़ों लोग मराठी ‘अस्मिता’ (गौरव) की रक्षा के लिए एक विरोध मार्च में भाग लेने के लिए जुटे थे. एमएनएस कार्यकर्ताओं ने ये विरोध मार्च उस समय निकाला था जब उनकी तरफ से एक दुकानदार पर हमला किया गया था. दुकानदार ने मराठी भाषा बोलने से इंकार कर दिया था.</p>
<p>इसके अलावा प्राइमरी स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य करने वाले एक आदेश को लेकर भी विरोध जताया गया. जुलाई 2025 में ही वीरार और पालघर इलाके में एक ऑटो-रिक्शा चालक को मराठी न बोलने की वजह से पिटाई की गई. उसकी पिटाई शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने की. इसका वीडियो सामने आया जिसमें रिक्शा चालक ने कहा कि हिंदी या भोजपुरी बोलने उसका हक है. ऐसा कहने पर उसे सड़क पर थप्पड़ मारे गए और सार्वजनिक माफी मंगवाई गई. लोनावाला के महाराष्ट्र बैंक शाखा में एमएनएस कार्यकर्ताओं ने मैनेजर को मराठी बोलने की मांग की. जब एक मराठी बोलने वाला कर्मचारी हिंदी के इस्तेमाल का बचाव करने लगा तो उसे पीटा गया.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44276/mumbai--maharashtra-navnirman-sena-workers-protest-against-hindi-advertisement-at-metro-station</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44276/mumbai--maharashtra-navnirman-sena-workers-protest-against-hindi-advertisement-at-metro-station</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 18:12:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-09/download---2025-09-29t181146.989.jpg"                         length="7551"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम ममता बनर्जी ने हिंदी दिवस की दी शुभकामनाएं, कहा- हम सभी भाषाओं के प्रति श्रद्धावान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सीएम ने अपने पोस्ट में लिखा- हिंदी भाषा के विकास के लिए हिंदी अकादमी का गठन किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो हावड़ा में हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।भारत में हिंदी को आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदी दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने राज्य सरकार की तरफ से हिंदी समेत तमाम भाषाओं को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा- आज हिंदी दिवस है। इस अवसर पर सभी हिंदी भाषी भाई-बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। प्रत्येक वर्ष हम श्रद्धा के साथ हिंदी दिवस मनाते हैं। हम सभी भाषाओं के प्रति श्रद्धावान हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43896/cm-mamata-banerjee-wished-hindi-diwas--said--we-are-respectful-towards-all-languages"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-14t191609.156.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता : </strong>सीएम ने अपने पोस्ट में लिखा- हिंदी भाषा के विकास के लिए हिंदी अकादमी का गठन किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो हावड़ा में हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।भारत में हिंदी को आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदी दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने राज्य सरकार की तरफ से हिंदी समेत तमाम भाषाओं को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा- आज हिंदी दिवस है। इस अवसर पर सभी हिंदी भाषी भाई-बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। प्रत्येक वर्ष हम श्रद्धा के साथ हिंदी दिवस मनाते हैं। हम सभी भाषाओं के प्रति श्रद्धावान हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>सीएम ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां</strong><br />उन्होंने राज्य में हिंदी भाषी लोगों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा की गई कई पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें उन क्षेत्रों में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देना भी शामिल है जहां 10 प्रतिशत आबादी हिंदी भाषा बोलती है। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा- इस संदर्भ में कहूं तो वर्ष 2011 के बाद से राज्य में हिंदी भाषी लोगों के विकास के लिए हमने कई अहम कदम उठाए हैं। जिन क्षेत्रों में 10 प्रतिशत से अधिक लोग हिंदी भाषा में बात करते हैं, वहां हिंदी को सरकारी भाषा का दर्जा दिया गया है। हमने संथाली, कुरुख, कुड़माली, नेपाली, उर्दू, राजवंशी, कामतापुरी, उड़िया, पंजाबी, तेलगु भाषाओं को भी सरकारी भाषा के रूप में मान्यता दी है। सादरी भाषा के विकास के लिए भी हम प्रयासरत हैं।</p>
<p><strong>हिंदी अकादमी का गठन किया गया है- ममता बनर्जी</strong><br />सीएम ने अपने पोस्ट में लिखा- हिंदी भाषा के विकास के लिए हिंदी अकादमी का गठन किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो हावड़ा में हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बानारहाट और नक्सलबाड़ी में हिंदी माध्यम के डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। इसके अलावा कई कॉलेजों में हिंदी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। उच्च माध्यमिक के प्रश्नपत्र अब हिंदी में भी उपलब्ध हैं। रवीन्द्र मुक्त विद्यालय के छात्र-छात्राएं हिंदी भाषा में माध्यमिक परीक्षा दे पा रहे हैं। असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हिंदी भाषी लोगों समेत अन्य लोगों के लिए निःशुल्क सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शुरू की गई हैं।</p>
<p><strong>हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है हिंदी दिवस</strong><br />गंगासागर मेले के मद्देनजर उस क्षेत्र में उत्कृष्ट आधारभूत संरचना विकसित की गई है। हिंदी भाषी समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए, राज्य सरकार ने छठ पूजा के उपलक्ष्य में दो दिन की सरकारी छुट्टी की घोषणा की है। हिंदी दिवस पर मेरा अभिनंदन ग्रहण करें। भारत में हिंदी को आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43896/cm-mamata-banerjee-wished-hindi-diwas--said--we-are-respectful-towards-all-languages</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43896/cm-mamata-banerjee-wished-hindi-diwas--said--we-are-respectful-towards-all-languages</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Sep 2025 19:17:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-09/download---2025-09-14t191609.156.jpg"                         length="11303"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        