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                <title>Anti-India - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Anti-India RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम का दावा...  छात्र आंदोलन के पीछे भारत विरोधी विदेशी शक्तियां </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में बीजेपी के नेता और सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन, ओमप्रकाश चौहान, गोविंद येतयेकर उपस्थित थे। इस अवसर पर मुंबई बीजेपी अध्यक्ष साटम ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे क्रांतिकारी विकास को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय भारत विरोधी ताकतें छात्र आंदोलनों के माध्यम से एक गहरी साजिश रच रही हैं। साटम ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले तीन वर्षों में यह 5 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं के कारण एमएसएमई की संख्या 15 लाख से बढ़कर 7.5 करोड़ हो गई है, जिससे करोड़ों युवाओं को रोजगार मिला है। भारत की इस तेज प्रगति से घबराकर देश विरोधी ताकतें अब विदेशी फंड और एफसीआरए कानूनों से बचने के लिए तीसरे पक्ष का सहारा ले रही हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50924/mumbai-bjp-president-amit-satam-claims-anti-india-foreign-forces-behind"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/sf4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने छात्र आंदोलन के पीछे भारत विरोधी विदेशी शक्तियों के होने का आरोप लगाया है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे 'फेक नैरेटिव' का शिकार नहीं बने। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस शासन के समय तो बहुत सारी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही किसी प्रकार के छात्रों का आंदोलन हुआ। अब सवाल उठता है कि अब ऐसा आंदोलन क्यों ? निश्चित ही इसके पीछे विदेशी शक्तियां खड़ी है।<br /><br />महाराष्ट्र प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में बीजेपी के नेता और सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन, ओमप्रकाश चौहान, गोविंद येतयेकर उपस्थित थे। इस अवसर पर मुंबई बीजेपी अध्यक्ष साटम ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे क्रांतिकारी विकास को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय भारत विरोधी ताकतें छात्र आंदोलनों के माध्यम से एक गहरी साजिश रच रही हैं। साटम ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले तीन वर्षों में यह 5 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं के कारण एमएसएमई की संख्या 15 लाख से बढ़कर 7.5 करोड़ हो गई है, जिससे करोड़ों युवाओं को रोजगार मिला है। भारत की इस तेज प्रगति से घबराकर देश विरोधी ताकतें अब विदेशी फंड और एफसीआरए कानूनों से बचने के लिए तीसरे पक्ष का सहारा ले रही हैं।<br /><br />पत्रकारों से बात करते हुए मुंबई अध्यक्ष साटम ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने तत्काल सख्त कदम उठाए। परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द किया। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी ली, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि दोषियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साटम ने राहुल गांधी से सवाल किया कि 2004 से 2014 के बीच यूपीए सरकार के दौरान जब दर्जनों परीक्षाएं और पेपर लीक हुए थे, तब कितने मंत्रियों के इस्तीफे लिए गए थे और कितने लोगों पर कार्रवाई हुई थी? उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय जहां शिक्षा का बजट मात्र 8,225 करोड़ रुपये था, वहीं मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।<br /><br />साटम ने कहा कि जो लोग ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह, इंशाअल्लाह’ और ‘अफजल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं’ जैसे नारे लगा रहे हैं, वही लोग आज कॉजप और अभिजीत दीपके का सपोर्ट कर रहे हैं। खालिस्तानी समर्थक पन्नून, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन, स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया और अरुंधती रॉय जैसी भारत विरोधी मानसिकता रखने वाली हस्तियां इन आंदोलनों को हवा दे रही हैं। विदेशों में बैठकर ध्रुव राठी जैसे लोग भी भारत के खिलाफ नैरेटिव सेट कर रहे हैं। अंतम में साटम कहा कि पुलिस पर हमला करने वाले, गाड़ियां फोड़ने वाले और महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने वाले सामान्य छात्र नहीं हो सकते। भारत विरोधी ताकतों ने इस आंदोलन पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है और चुनाव में जनता द्वारा पूरी तरह खारिज किए गए नेता भी इसमें अपनी रोटियां सेकने की कोशिश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:12:26 +0530</pubDate>
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                <title>कनाडा के स्वामीनारायण मंदिर  में अराजक तत्‍वों द्वारा दीवार पर भारत विरोधी लाइनें ... कार्रवाई की मांग!</title>
                                    <description><![CDATA[स्‍वामीनारायण मंदिर की दीवार पर भारत विरोधी बातें लिखने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ना सिर्फ ऐसा किया गया है बल्कि मंदिर की दीवार को कुछ को नुकसान भी पहुंचाया गया है। अराजक तत्‍वों द्वारा मंदिर की दीवार पर भारत विरोधी लाइनें लिखी गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/13844/anti-india-lines-on-the-wall-by-chaotic-elements-in-swaminarayan-temple-in-canada----action-demanded"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-09/swaminarayan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कनाडा :</strong> स्‍वामीनारायण मंदिर की दीवार पर भारत विरोधी बातें लिखने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ना सिर्फ ऐसा किया गया है बल्कि मंदिर की दीवार को कुछ को नुकसान भी पहुंचाया गया है। अराजक तत्‍वों द्वारा मंदिर की दीवार पर भारत विरोधी लाइनें लिखी गई हैं। इस मामले को लेकर भारत सरकार ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय उच्‍चायोग ने इस घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, ओटावा स्थित भारतीय उच्‍चायोग ने अपने एक ट्वीट में लिखा कि टोरंटो के स्‍वामी नारायण मंदिर को नुकसान पहुंचाने और भारत विरोधी बातें लिखने की घटना की हम कड़े शब्‍दों में निंदा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कनाडा के अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया गया है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ त्‍वरित और सख्‍त कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार की है। फिलहाल भारतीय उच्‍चायोग ने इस मामले को कनाडा के अधिकारियों के समक्ष उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि इस घटना को किसी शख्‍स ने या किसी संगठन से जुड़े लोगों ने किया है। इस मामले के सामने आने के बाद कनाडा की सांसद सोनिया सिद्धू ने ट्वीट कर लिखा कि टोरंटो स्थित स्वामीनारायण मंदिर में हुई घटना से मैं व्यथित हूं। हम एक बहुसांस्कृतिक और बहुधर्मी देश में रहते हैं जहां हर कोई सुरक्षित महसूस करने का हकदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिम्मेदार लोगों को खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने निराशा व्यक्त करते हुए लिखा कि इस तरह की नफरत का कोई स्थान नहीं है। आशा करते हैं कि जिम्मेदार अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। इस पूरे मामले पर कनाडा के भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने कहा कि यह अकेली घटना नहीं है, हाल के दिनों में कनाडा के हिंदू मंदिरों को इस तरह के घृणित अपराध के जरिए निशाना बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 15 Sep 2022 11:16:10 +0530</pubDate>
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