<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/6869/rupees" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>rupees - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/6869/rss</link>
                <description>rupees RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई पुलिस से करोड़ों की 'लूट', अपने ही अधिकारियों ने चूना लगाया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा था। 2019 और 2020 के बीच मुंबई पुलिस के कर्मचारियों को मासिक वेतन के तौर पर लगभग 6.5 करोड़ रुपए दिए गए। 6 साल बाद पता चला कि ये कर्मचारी असल में थे ही नहीं, वे सिर्फ कागजों पर मौजूद थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51142/mumbai-police-looted-crores-of-rupees-by-its-own-officers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-05t112627.673.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा था। 2019 और 2020 के बीच मुंबई पुलिस के कर्मचारियों को मासिक वेतन के तौर पर लगभग 6.5 करोड़ रुपए दिए गए। 6 साल बाद पता चला कि ये कर्मचारी असल में थे ही नहीं, वे सिर्फ कागजों पर मौजूद थे।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 करोड़ रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा पुराने सैलरी पोर्टल 'सेवार्थ' से नए सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर किया जा रहा था। </p>
<p>उत्तर क्षेत्रीय डिवीजन के एक पुलिस अधिकारी की शिकायत के अनुसार, दस ऐसे लोगों को बार-बार कर्मचारी के तौर पर लिस्ट किया गया जो पुलिसका हिस्सा नहीं थे और उनके बैंक खातों में मासिक वेतन भेजा जा रहा था। </p>
<p><strong>FIR में 10 फर्जी नाम</strong><br />FIR में बताए गए 10 फर्जी नाम- रामदास भोगले, सुधाकर कदम, सरजू यादव, भागवत भोसले, गुनाजी खावकर, महादेव हलदानकर, राजेंद्र सोनार, उत्तम थोराट, सूर्यकांत पाटिल और पांडुरंग कदम हैं। <br />बिना अधिकार के सैलरी ट्रांजैक्शन मुख्य रूप से दो समय-सीमाओं में पाए गए। जिनमें दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक, और जून से सितंबर 2020 तक।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51142/mumbai-police-looted-crores-of-rupees-by-its-own-officers</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51142/mumbai-police-looted-crores-of-rupees-by-its-own-officers</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:28:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/images---2026-08-05t112627.673.jpg"                         length="8539"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई बन रहा मिनी जामताड़ा! 2 साल में 1800 करोड़ से ज्यादा की ठगी, महज 10% रकम बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49414/mini-jamtara-is-being-built-in-mumbai-fraud-of-more"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t111929.386.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.</p>
<p> </p>
<p><strong>करोड़ों रुपये गंवाने के बाद, 10 प्रतिशत राशि ही बरामद</strong><br />आंकड़ों के अनुसार, इन अपराधों में सैकड़ों करोड़ रुपये गंवाने के बाद, पुलिस औसतन केवल 10 प्रतिशत राशि ही बरामद करने में सफल हो पाती है. साल 2024 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में भारी-भरकम ₹846.71 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹82.50 करोड़ रुपये ही बरामद किए जा सके हैं.<br />साल 2025 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹1,031.45 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹110.77 करोड़ रुपये ही बरामद हुए. इस साल भी अब तक यानी फरवरी महीने तक मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹172.27 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं, जबकि बरामद की गई राशि मात्र ₹18 करोड़ रुपये है.</p>
<p><strong>फरवरी 2026 तक मुंबई में 952 साइबर मामले दर्ज</strong><br />वहीं साल 2026 में, फरवरी महीने तक, मुंबई में साइबर अपराध के 952 मामले दर्ज किए गए, इनमें से केवल 120 मामले ही सुलझाए जा सके हैं, और कुल 107 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. साल 2025 में, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 4,825 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से 1,542 मामलों को सुलझाने में सफल रही और कुल 1,410 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. साल 2024 में भी, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 5,087 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से केवल 1,253 मामलों को ही सुलझाने में सफल रही, और 1,294 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49414/mini-jamtara-is-being-built-in-mumbai-fraud-of-more</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49414/mini-jamtara-is-being-built-in-mumbai-fraud-of-more</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:20:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-23t111929.386.jpg"                         length="12901"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई के 'स्पेयर पार्ट्स' वाले खेल में 10 करोड़ की सेंधमारी: पुलिस फाइल में अटकी अनुमति, आरोपियों ने चली चाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बोगस फर्म बनाकर 10.78 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हड़पने के मामले में मुंबई की चार फर्म ट्रेस कर लीं, लेकिन इनके मालिकों तक नहीं पहुंच सकी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपितों ने महाराष्ट्र हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी, लेकिन यहां से टीम को मुंबई जाने के लिए अब तक डीआइजी की अनुमति नहीं मिल सकी। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(19).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बोगस फर्म बनाकर 10.78 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हड़पने के मामले में मुंबई की चार फर्म ट्रेस कर लीं, लेकिन इनके मालिकों तक नहीं पहुंच सकी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपितों ने महाराष्ट्र हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी, लेकिन यहां से टीम को मुंबई जाने के लिए अब तक डीआइजी की अनुमति नहीं मिल सकी। </p>
<p> </p>
<p>अभी तक मुंबई की जिन चार फर्मों के नाम सामने आए हैं उनमें सिद्धि विनायक, राज ट्रेडर्स, गुुुरु ट्रेडर्स व सर्व साल्यूशन शामिल हैं। इन चारों फर्म ने 45 करोड़ 40 लाख रुपये का स्पेयर पार्ट्स का व्यापार दर्शाया था। इनके बिल लगाकर दस करोड़ 70 लाख का आइटीसी लाभ ले लिया था। जब जांच हुई तो पता चला न तो कोई व्यापार किया ही नहीं गया। जिन फर्मों से माल खरीदना दर्शाया गया था, उनके जीएसटी पंजीयन व लगाए गए बिल फर्जी पाए गए। मुंबई जाकर आरोपितों के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने व उनकी गिरफ्तारी के संबंध में टीम भेजने के लिए डीआइजी बरेली के कार्यालय में अनुमति के लिए पत्र भेजा गया था।</p>
<p>मगर अब तक उस पर स्वीकृति नहीं मिली है। जिस कारण आरोपितों को बचाव का पूरा समय मिल रहा है। पुलिस को जानकारी मिली है उसमें पता चला है कि आरोपित हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर चुके हैं। हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिलने पर पुलिस बहुत ज्यादा कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं होगी।</p>
<p><strong>यह है पूरा मामला</strong><br />रोजा की लोकविहार कालोनी में मई 2025 में सिंह इंटरप्राइजेज नाम से बोगस फर्म पकड़ी गई थी। इटावा निवासी छात्र मंदीप सिह के नाम पर बनी इस फर्म से व्यापार दिखाकर 10.78 लाख की आइटीसी चोरी पकड़ी गई थी। पांच दिसंबर 2025 को रोजा पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना दिल्ली निवासी गौरव यादव, दीपक व सिद्धार्थ पांडेय को गिरफ्तार किया था। ये तीनों लोग इंटरनेट मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन निकालकर बेरोजगारों के अभिलेख हासिल करते और उन्हीं अभिलेखों से बोगस फर्म बना देते थे।</p>
<p>इस प्रकरण में तीन माह पूर्व 13 जनवरी को गाजियाबाद निवासी यस बैंक के शाखा संजीव गुप्ता व अमेठी निवासी वरुण शर्मा को पकड़ा गया था। संजीव आरोपितों से बोगस फर्म खरीदकर मुंबई व अन्य राज्यों में लोगों को बेचता था। इसमें उसे आर्थिक लाभ होता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:12:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/images-%2819%29.jpg"                         length="7557"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : साइबर ठगों का नया खेल: गैस कनेक्शन बंद करने की धमकी देकर की लाखों की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर ठगों ने नवी मुंबई में एक नया फ्रॉड तरीका अपनाया है। अब वे गैस संकट का फायदा उठाकर लोगों को गैस कनेक्शन बंद करने की धमकी देकर ठग रहे हैं। कोपर खैराने पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक व्यक्ति से 10 लाख 30 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घनसोली निवासी अशरफ गाइन को एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को महानगर गैस (एमजीएल) एजेंसी का अधिकारी बताया और कहा कि उनका गैस बिल नहीं पहुंचा है, इसलिए उनका गैस कनेक्शन बंद किया जा रहा है। परेशान होकर अशरफ ने ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49044/the-new-game-of-mumbai-cyber-thugs-is-to-cheat"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(82).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर ठगों ने नवी मुंबई में एक नया फ्रॉड तरीका अपनाया है। अब वे गैस संकट का फायदा उठाकर लोगों को गैस कनेक्शन बंद करने की धमकी देकर ठग रहे हैं। कोपर खैराने पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक व्यक्ति से 10 लाख 30 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घनसोली निवासी अशरफ गाइन को एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को महानगर गैस (एमजीएल) एजेंसी का अधिकारी बताया और कहा कि उनका गैस बिल नहीं पहुंचा है, इसलिए उनका गैस कनेक्शन बंद किया जा रहा है। परेशान होकर अशरफ ने ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही।</p>
<p> </p>
<p>ठगों ने तुरंत दूसरे नंबर से एक फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा। जैसे ही अशरफ ने फाइल डाउनलोड की, उनके मोबाइल में एक मैलवेयर ऐप इंस्टॉल हो गया। ठगों ने इस ऐप के जरिए उनके मोबाइल का पूरा कंट्रोल हासिल कर लिया और उनके बैंक खाते से 10 लाख 30 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। पैसे कटने का मैसेज मिलने पर अशरफ ने तुरंत कोपर खैराने पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>यह घटना दो दिन के अंदर क्षेत्र में हुई दूसरी ठगी है। 5 अप्रैल को कोपर खैराने में रहने वाले 72 वर्षीय अजय नामक व्यक्ति के साथ भी इसी तरीके से ठगी हुई थी। ठगों ने उन्हें भी एक फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लिया और उनके बैंक खाते से 2 लाख 23,338 रुपए निकाल लिए थे। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में ठगों ने गैस किल्लत और बिल भुगतान का बहाना बनाया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या फोन पर भरोसा न करें। खासकर किसी भी फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें।</p>
<p>पुलिस की सलाह है कि गैस बिल या किसी भी कंपनी से संबंधित समस्या होने पर सीधे आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करें। कोई भी ऑनलाइन पेमेंट लिंक या ऐप केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही डाउनलोड करें। नवी मुंबई पुलिस ने क्षेत्र में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू करने का फैसला किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49044/the-new-game-of-mumbai-cyber-thugs-is-to-cheat</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49044/the-new-game-of-mumbai-cyber-thugs-is-to-cheat</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:28:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download-%2882%29.jpg"                         length="8231"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        