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                <title>rupees - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title> लखनऊ: 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों से करोड़ों की ठगी का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में पुलिसकर्मियों को ही निशाना बनाकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक जालसाज विधानभवन, लोकभवन और दारुलसफा के आसपास सक्रिय रहता था और खुद को शासन में तैनात बड़े अधिकारियों का करीबी बताकर पुलिसकर्मियों को अपने प्रभाव में लेता था। कभी ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने तो कभी निवेश पर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर उसने महिला दारोगा मोना सिकरवार समेत 50 से अधिक पुलिसकर्मियों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित दारोगा की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51733/lucknow-accused-of-cheating-more-than-50-policemen-of-crores"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-07t135404.518.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ: </strong>राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में पुलिसकर्मियों को ही निशाना बनाकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक जालसाज विधानभवन, लोकभवन और दारुलसफा के आसपास सक्रिय रहता था और खुद को शासन में तैनात बड़े अधिकारियों का करीबी बताकर पुलिसकर्मियों को अपने प्रभाव में लेता था। कभी ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने तो कभी निवेश पर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर उसने महिला दारोगा मोना सिकरवार समेत 50 से अधिक पुलिसकर्मियों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित दारोगा की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>
<p>मामला सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर आरोपी इतने लंबे समय तक पुलिसकर्मियों को ही अपने जाल में कैसे फंसाता रहा। आरोप है कि वह अपनी पहचान और पहुंच को लेकर ऐसा माहौल बनाता था जिससे सामने वाले को लगता था कि उसकी शासन और प्रशासन के बड़े अधिकारियों तक सीधी पहुंच है। इसी कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर वह पुलिसकर्मियों का भरोसा जीतता था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने ठगी के लिए मुख्य रूप से दो तरीके अपनाए। पहला तरीका पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी जरूरतों को निशाना बनाना था। वह कथित रूप से दावा करता था कि बड़े अधिकारियों से नजदीकी होने के कारण वह मनचाही जगह पर ट्रांसफर या पोस्टिंग करा सकता है। इसके बदले पुलिसकर्मियों से रकम लिए जाने का आरोप है।</p>
<p>दूसरा तरीका निवेश से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि जालसाज पुलिसकर्मियों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देता था। वह निवेश के नाम पर उनसे बड़ी रकम लेता और आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाता था। बड़े अधिकारियों से संबंध होने का दावा करने के कारण कई लोग उसकी बातों पर भरोसा कर बैठे और अपनी रकम उसके पास लगा दी। मामले में महिला दारोगा मोना सिकरवार भी पीड़ित बताई जा रही हैं। उनकी तहरीर के आधार पर हजरतगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत सामने आने के बाद कथित ठगी का दायरा बड़ा होने की बात सामने आई। आरोप है कि केवल एक या दो नहीं बल्कि 50 से अधिक पुलिसकर्मी उसके झांसे में आए हैं। इनसे ली गई कुल रकम करोड़ों रुपये में होने का दावा किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51733/lucknow-accused-of-cheating-more-than-50-policemen-of-crores</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:54:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई पुलिस से करोड़ों की 'लूट', अपने ही अधिकारियों ने चूना लगाया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा था। 2019 और 2020 के बीच मुंबई पुलिस के कर्मचारियों को मासिक वेतन के तौर पर लगभग 6.5 करोड़ रुपए दिए गए। 6 साल बाद पता चला कि ये कर्मचारी असल में थे ही नहीं, वे सिर्फ कागजों पर मौजूद थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51142/mumbai-police-looted-crores-of-rupees-by-its-own-officers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-05t112627.673.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा था। 2019 और 2020 के बीच मुंबई पुलिस के कर्मचारियों को मासिक वेतन के तौर पर लगभग 6.5 करोड़ रुपए दिए गए। 6 साल बाद पता चला कि ये कर्मचारी असल में थे ही नहीं, वे सिर्फ कागजों पर मौजूद थे।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 करोड़ रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा पुराने सैलरी पोर्टल 'सेवार्थ' से नए सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर किया जा रहा था। </p>
<p>उत्तर क्षेत्रीय डिवीजन के एक पुलिस अधिकारी की शिकायत के अनुसार, दस ऐसे लोगों को बार-बार कर्मचारी के तौर पर लिस्ट किया गया जो पुलिसका हिस्सा नहीं थे और उनके बैंक खातों में मासिक वेतन भेजा जा रहा था। </p>
<p><strong>FIR में 10 फर्जी नाम</strong><br />FIR में बताए गए 10 फर्जी नाम- रामदास भोगले, सुधाकर कदम, सरजू यादव, भागवत भोसले, गुनाजी खावकर, महादेव हलदानकर, राजेंद्र सोनार, उत्तम थोराट, सूर्यकांत पाटिल और पांडुरंग कदम हैं। <br />बिना अधिकार के सैलरी ट्रांजैक्शन मुख्य रूप से दो समय-सीमाओं में पाए गए। जिनमें दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक, और जून से सितंबर 2020 तक।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51142/mumbai-police-looted-crores-of-rupees-by-its-own-officers</link>
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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:28:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई बन रहा मिनी जामताड़ा! 2 साल में 1800 करोड़ से ज्यादा की ठगी, महज 10% रकम बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49414/mini-jamtara-is-being-built-in-mumbai-fraud-of-more"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t111929.386.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.</p>
<p> </p>
<p><strong>करोड़ों रुपये गंवाने के बाद, 10 प्रतिशत राशि ही बरामद</strong><br />आंकड़ों के अनुसार, इन अपराधों में सैकड़ों करोड़ रुपये गंवाने के बाद, पुलिस औसतन केवल 10 प्रतिशत राशि ही बरामद करने में सफल हो पाती है. साल 2024 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में भारी-भरकम ₹846.71 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹82.50 करोड़ रुपये ही बरामद किए जा सके हैं.<br />साल 2025 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹1,031.45 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹110.77 करोड़ रुपये ही बरामद हुए. इस साल भी अब तक यानी फरवरी महीने तक मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹172.27 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं, जबकि बरामद की गई राशि मात्र ₹18 करोड़ रुपये है.</p>
<p><strong>फरवरी 2026 तक मुंबई में 952 साइबर मामले दर्ज</strong><br />वहीं साल 2026 में, फरवरी महीने तक, मुंबई में साइबर अपराध के 952 मामले दर्ज किए गए, इनमें से केवल 120 मामले ही सुलझाए जा सके हैं, और कुल 107 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. साल 2025 में, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 4,825 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से 1,542 मामलों को सुलझाने में सफल रही और कुल 1,410 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. साल 2024 में भी, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 5,087 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से केवल 1,253 मामलों को ही सुलझाने में सफल रही, और 1,294 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49414/mini-jamtara-is-being-built-in-mumbai-fraud-of-more</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई के 'स्पेयर पार्ट्स' वाले खेल में 10 करोड़ की सेंधमारी: पुलिस फाइल में अटकी अनुमति, आरोपियों ने चली चाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बोगस फर्म बनाकर 10.78 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हड़पने के मामले में मुंबई की चार फर्म ट्रेस कर लीं, लेकिन इनके मालिकों तक नहीं पहुंच सकी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपितों ने महाराष्ट्र हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी, लेकिन यहां से टीम को मुंबई जाने के लिए अब तक डीआइजी की अनुमति नहीं मिल सकी। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(19).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बोगस फर्म बनाकर 10.78 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हड़पने के मामले में मुंबई की चार फर्म ट्रेस कर लीं, लेकिन इनके मालिकों तक नहीं पहुंच सकी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपितों ने महाराष्ट्र हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी, लेकिन यहां से टीम को मुंबई जाने के लिए अब तक डीआइजी की अनुमति नहीं मिल सकी। </p>
<p> </p>
<p>अभी तक मुंबई की जिन चार फर्मों के नाम सामने आए हैं उनमें सिद्धि विनायक, राज ट्रेडर्स, गुुुरु ट्रेडर्स व सर्व साल्यूशन शामिल हैं। इन चारों फर्म ने 45 करोड़ 40 लाख रुपये का स्पेयर पार्ट्स का व्यापार दर्शाया था। इनके बिल लगाकर दस करोड़ 70 लाख का आइटीसी लाभ ले लिया था। जब जांच हुई तो पता चला न तो कोई व्यापार किया ही नहीं गया। जिन फर्मों से माल खरीदना दर्शाया गया था, उनके जीएसटी पंजीयन व लगाए गए बिल फर्जी पाए गए। मुंबई जाकर आरोपितों के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने व उनकी गिरफ्तारी के संबंध में टीम भेजने के लिए डीआइजी बरेली के कार्यालय में अनुमति के लिए पत्र भेजा गया था।</p>
<p>मगर अब तक उस पर स्वीकृति नहीं मिली है। जिस कारण आरोपितों को बचाव का पूरा समय मिल रहा है। पुलिस को जानकारी मिली है उसमें पता चला है कि आरोपित हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर चुके हैं। हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिलने पर पुलिस बहुत ज्यादा कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं होगी।</p>
<p><strong>यह है पूरा मामला</strong><br />रोजा की लोकविहार कालोनी में मई 2025 में सिंह इंटरप्राइजेज नाम से बोगस फर्म पकड़ी गई थी। इटावा निवासी छात्र मंदीप सिह के नाम पर बनी इस फर्म से व्यापार दिखाकर 10.78 लाख की आइटीसी चोरी पकड़ी गई थी। पांच दिसंबर 2025 को रोजा पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना दिल्ली निवासी गौरव यादव, दीपक व सिद्धार्थ पांडेय को गिरफ्तार किया था। ये तीनों लोग इंटरनेट मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन निकालकर बेरोजगारों के अभिलेख हासिल करते और उन्हीं अभिलेखों से बोगस फर्म बना देते थे।</p>
<p>इस प्रकरण में तीन माह पूर्व 13 जनवरी को गाजियाबाद निवासी यस बैंक के शाखा संजीव गुप्ता व अमेठी निवासी वरुण शर्मा को पकड़ा गया था। संजीव आरोपितों से बोगस फर्म खरीदकर मुंबई व अन्य राज्यों में लोगों को बेचता था। इसमें उसे आर्थिक लाभ होता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:12:31 +0530</pubDate>
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