<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/6853/gyanvapi-masjid-case" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>Gyanvapi Masjid case - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/6853/rss</link>
                <description>Gyanvapi Masjid case RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Gyanvapi Mosque Case: 7 अगस्त तक टली सुनवाई, कार्बन डेटिंग पर जारी रहेगी रोक</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[आज (शुक्रवार) सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट में आज इलाहबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की अनुमति दी गई थी. हाईकोर्ट के कार्बन डेटिंग करने के आदेश पर मुस्लिम पक्ष के हुजैफा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. अगली सुनवाई तक इस फैसले पर रोक लगा दी गई है.]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20984/hearing-postponed-till-august-7"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/download-4-22.png" alt=""></a><br /><p>काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के ठीक सामने ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंगनुमा संरचना की कार्बन डेटिंग पर अगली सुनवाई तक रोक लग गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मई को मॉर्डन तकनीक का इस्तेमाल कर, ज्ञानवापी मस्जिद में मिली संरचना की उम्र निर्धारित करने का आदेश दिया था. ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 7 अगस्त तक टाल दी गई है.</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/download-4-22.png" alt="download-4-22"></img></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में पाए गए कथित 'शिवलिंग' की उम्र निर्धारित करने के लिए कार्बन डेटिंग सहित एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण को टाल दिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली एक अपील के बाद सुनवाई की गई थी जिसमें पिछले साल एक वीडियोग्राफिक सर्वेक्षण के दौरान ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पाए गए एक शिवलिंग के वैज्ञानिक सर्वेक्षण का निर्देश दिया गया था। जानकारी के मुताबिक केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ‘शिवलिंग’ के प्रस्तावित वैज्ञानिक सर्वेक्षण को फिलहाल के लिए स्थगित करने की दलील से सहमत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले की सुनवाई सात अगस्त तक के लिए टाल दी है। </p>
<div class="AV63073cd14f9c7200d9338e76">
<div>
<div>
<div class="avp-floating-container avp-p-wrapper">
<div class="avp-caption-title">फिलहाल वैज्ञानिक सर्वेक्षण, ‘शिवलिंग’ की कार्बन डेटिंग के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी किये हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उसे इस मामले में सावधानी से कदम उठाने की जरूरत है तथा उच्च न्यायालय के आदेश की बारीकी से जांच की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि ‘कार्बन डेटिंग’, अत्यधिक प्राचीन वस्‍तुओं की आयु जानने की विधि है, जिसमें उन वस्‍तुओं में मौजूद कार्बन की मात्रा को मापा जाता है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वाराणसी की एक स्थानीय अदालत 16 मई को, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे कराने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई को राजी हो गई थी। </div>
</div>
</div>
</div>
</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/20984/hearing-postponed-till-august-7</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/20984/hearing-postponed-till-august-7</guid>
                <pubDate>Fri, 19 May 2023 17:48:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/download-4-22.png"                         length="659699"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट ने हिन्दू पक्ष की दलील को मानते हुए मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज कर दी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ज्ञानवापी मस्जिद और इस मस्जिद के अंदर मां श्रृंगारगौरी के मंदिर को लेकर चल रहे विवाद की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। वाराणसी डिस्ट्रिक कोर्ट ने कहा कि श्रृंगारगौरी के नियमित दर्शन करने के लिए लगाई गई याचिका सुनने लायक है.]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/13781/in-the-gyanvapi-masjid-case--the-court-rejected-the-petition-of-the-muslim-side--accepting-the-argument-of-the-hindu-side"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-09/images---2022-09-12t121012.966.jpeg" alt=""></a><br /><p>ज्ञानवापी मस्जिद और इस मस्जिद के अंदर मां श्रृंगारगौरी के मंदिर को लेकर चल रहे विवाद की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। वाराणसी डिस्ट्रिक कोर्ट ने कहा कि श्रृंगारगौरी के नियमित दर्शन करने के लिए लगाई गई याचिका सुनने लायक है. कोर्ट ने हिन्दू पक्ष की दलील को मानते हुए मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज कर दिया है.</p>
<p><br />वाराणसी कोर्ट ने ये भी कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद और श्रृंगारगौरी का मामला 1991 के वर्शिप एक्ट के तहत नहीं आता है. अब श्रृंगारगौरी के दर्शन को लेकर लगाई गई याचिका की सुनवाई 22 सितम्बर के दिन होगी। कोर्ट में फैसले के दौरान हिन्दू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर मौजूद थे, लेकिन याचिका लगाने वाली राखी सिंह नहीं थीं. जज ने 62 लोगों को कोर्ट में रहने की अनुमति दी थी.</p>
<p> </p>
<p>इस मामले में 24 अगस्त को ही हिन्दू पक्ष और मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी हो गई थी. और जज एसके विश्वेश ने 12 सितम्बर मतलब आज तक के लिए फैसला सुरक्षित रखने का आदेश जारी किया था. </p>
<p>वाराणसी कोर्ट में मुल्सिम पक्ष ने याचिका लगाई थी कि ज्ञानवापी मुसलमानों की है और यह औरंगजेब की संपत्ति है, यहां हिन्दुओं को मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन के लिए अनुमति देना जायज नहीं है।</p>
<p> </p>
<p>मुस्लिम पक्ष ने कहा था की ज्ञानवापी प्लेसेज ऑफ़ वरशिप एक्ट 1991 के तहत आता है. सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा- ज्ञानवापी परिसर में मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन के लिए लगाई गई याचिका सुनने लायक है. और अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 सितबर के दिन होगी।</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2022-09/44116-court.webp" alt="44116-court"></img></p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/13781/in-the-gyanvapi-masjid-case--the-court-rejected-the-petition-of-the-muslim-side--accepting-the-argument-of-the-hindu-side</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/13781/in-the-gyanvapi-masjid-case--the-court-rejected-the-petition-of-the-muslim-side--accepting-the-argument-of-the-hindu-side</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Sep 2022 20:22:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2022-09/images---2022-09-12t121012.966.jpeg"                         length="44841"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Rokthok Lekhani]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        