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                <title>Danger - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>पालघर :  ओलियम गैस लीक पर कहा—किसी की जान को खतरा नहीं - सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस यतीश देशमुख ने जान को खतरे वाली स्थिति की संभावना से इनकार किया। सोमवार को पालघर ज़िले के तारापुर एमआईडीसी (महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) इलाके में भगेरिया केमिकल कंपनी में ओलियम गैस लीक होने की खबर के बाद दहशत फैल गई थी। उन्होंने साफ़ किया कि संबंधित अधिकारियों ने मौके पर लगभग 90 से 95 परसेंट रिसाव को कवर कर लिया है। सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस देशमुख ने बताया, "लीकेशन वाली जगह पर अभी जान को खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। साथ ही, हमने मौके पर लगभग 90 से 95 परसेंट रिसाव को कवर कर लिया है।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48136/said-on-palghar-oleum-gas-leak-%E2%80%93-no-ones-life"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-03t114541.494.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पालघर : </strong>सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस यतीश देशमुख ने जान को खतरे वाली स्थिति की संभावना से इनकार किया। सोमवार को पालघर ज़िले के तारापुर एमआईडीसी (महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) इलाके में भगेरिया केमिकल कंपनी में ओलियम गैस लीक होने की खबर के बाद दहशत फैल गई थी। उन्होंने साफ़ किया कि संबंधित अधिकारियों ने मौके पर लगभग 90 से 95 परसेंट रिसाव को कवर कर लिया है। सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस देशमुख ने बताया, "लीकेशन वाली जगह पर अभी जान को खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। साथ ही, हमने मौके पर लगभग 90 से 95 परसेंट रिसाव को कवर कर लिया है।"</p>
<p> </p>
<p>यतीश ने कहा, "शुरू में, जब हमें लीकेज की जानकारी मिली, तो फैक्ट्री के कंपाउंड में करीब 200 लोग थे, जहां यह लीक हुआ था। इन लोगों को तुरंत निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। उसके बाद, हमने इलाके के इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से हालात पर बात की, और आस-पास की कुछ इंडस्ट्रियल यूनिट्स को भी खाली कराया गया, और लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया।"</p>
<p>इससे पहले दिन में, पालघर के बोइसर में मौजूद भगेरिया केमिकल्स कंपनी में दोपहर करीब 2 बजे ओलियम गैस लीकेज की घटना की खबर मिली थी। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और फायर ब्रिगेड ने इस गैस लीकेज को कंट्रोल करने के लिए ऑपरेशन चलाया है। ओलियम गैस लीक होने की वजह से बोइसर के ऊपर सफेद बादल जैसा धुआं बन गया था। हवा की दिशा में मौजूद रिहायशी और इंडस्ट्रियल इलाकों को खाली कराया जा रहा है। अधिकारियों ने पहले बताया था कि पालघर पुलिस, NDRF टीम और कंपनी के अधिकारी अभी भी लीकेज वाली जगह पर हैं। अधिकारियों ने कहा, "लीक लगभग बंद हो गया है; अब बस कुछ बूंदें निकल रही हैं। पहले से फैले केमिकल को रोकने के लिए रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी को बचाया नहीं जा रहा है, और सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।"  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 11:46:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात का सफर खतरों से भरा; रतलाम और झाबुआ जिले की सीमा पर वाहनों पर पत्थरबाजी की घटना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम मध्य प्रदेश से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात का सफर खतरों से भरा हो गया है. नए साल के पहले ही दिन रतलाम और झाबुआ जिले की सीमा पर वाहनों पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. नए साल की रात बड़ोदरा से लौट रहे रतलाम निवासी सरफराज खान के साथ यह घटना हुई है. जिसमें उनकी कार के शीशे क्षतिग्रस्त हुए हैं. एक्सप्रेस वे पर रतलाम जिले का रावटी आने से पूर्व अज्ञात लोगों ने वाहनों पर पथराव किया जिसमें से एक पत्थर रतलाम की तरफ आ रही कर के कांच पर लगा है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46665/night-travel-on-delhi-mumbai-expressway-full-of-dangers-incident-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-02t115941.306.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रतलाम : </strong>पश्चिम मध्य प्रदेश से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात का सफर खतरों से भरा हो गया है. नए साल के पहले ही दिन रतलाम और झाबुआ जिले की सीमा पर वाहनों पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. नए साल की रात बड़ोदरा से लौट रहे रतलाम निवासी सरफराज खान के साथ यह घटना हुई है. जिसमें उनकी कार के शीशे क्षतिग्रस्त हुए हैं. एक्सप्रेस वे पर रतलाम जिले का रावटी आने से पूर्व अज्ञात लोगों ने वाहनों पर पथराव किया जिसमें से एक पत्थर रतलाम की तरफ आ रही कर के कांच पर लगा है. </p>
<p> </p>
<p><strong>अज्ञात बदमाशों ने कार पर फेंके पत्थर</strong><br />पत्थरबाजी से घबराकर कार चालक जैसे तैसे धामनोद स्थित टोल नाके तक पहुंचा और घटना की जानकारी टोल कर्मियों को दी. वहीं, स्थानीय पुलिस को भी पत्थर बाजी के बारे में सूचना दी. लेकिन पुलिस ने घटना का क्षेत्र झाबुआ जिले के थांदला में होने का कह कर थांदला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाने की बात कही है.</p>
<p><strong>रतलाम और झाबुआ की सीमा पर खतरा</strong><br />दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर रतलाम और झाबुआ जिले के अंतर्गत आने वाले हिस्से पर पत्थरबाजी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा यात्रियों को असुरक्षित महसूस हो रहा है. बीती रात रतलाम निवासी सरफराज खान परिजन का इलाज करवा कर बड़ौदा से लौट रहे थे. रावटी के पहले उनकी गाड़ी पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया. </p>
<p>सरफराज ने बताया कि, ''अचानक से कार के कांच पर पत्थर टकराया तो हमारी गाड़ी अनियंत्रित होते होते बची. मैंने गाड़ी न रोकते हुए गाड़ी सीधे धामनोद स्थित टोल नाके पर रोकी. टोल कर्मियों और पुलिस को इस घटना की सूचना दी.'' सरफराज ने बताया कि, ''धामनोद टोल नाके पर आए पुलिसकर्मियों को जब उन्होंने घटना के बारे में बताया तो उनका कहना था की घटना झाबुआ जिले के थांदला क्षेत्र में घटी है इसलिए इसकी शिकायत आप थांदला पुलिस थाने में करवाइए. इसके बाद पीड़ित परिवार शिकायत किए बिना ही अपने घर लौट गया.'' </p>
<p>एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप पाटीदार ने बताया कि, ''झाबुआ के थांदला और रतलाम जिले के रावटी के बीच पथराव की घटना हुई है. टोल कंपनी की हाईवे पेट्रोलिंग टीम इससे पर लगातार निगरानी रखती है. वहीं हाईवे पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों से भी पत्थर बाजी की घटना को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है.'' उन्होंने बताया, ''स्थानीय पुलिस थानों की टीम भी रात्रिकालीन गश्त करती है.''</p>
<p><strong>इस हिस्से पर रात में पत्थरबाजी का खतरा</strong><br />करीब 2 वर्षों से पश्चिम मध्य प्रदेश से गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा ऑपरेटिंग मोड में है. लेकिन रतलाम के सैलाना, रावटी और शिवगढ़ क्षेत्र सहित झाबुआ के थांदला क्षेत्र के आदिवासी इलाके में पत्थर बाजी की 2 दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं. रतलाम और झाबुआ पुलिस ने इसके लिए रात्रि गश्त करने के साथ ही नाइट विजन ड्रोन का इस्तेमाल भी किया. लेकिन एक्सप्रेस वे के इस हिस्से पर पत्थर बाजी की घटनाएं थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद होती रहती हैं. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात में सफर करने वाले यात्री भयभीत हैं और रात के समय रतलाम से थांदला की तरफ सफर करने से डर रहे हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 12:01:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई : एयरपोर्ट के पास खतरे की आशंका; एक सप्ताह में दो बार नजर आया ड्रोन </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तीन दिवसीय युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने हजारों ड्रोनों से हिंदुस्थान पर हमला किया। यह अलग बात है कि भारत के एयर डिफेंस ने सारे ड्रोन मार गिराए। मगर इस ड्रोन ने आम लोगों में खौफ भर दिया। ऐसे में जब एक सप्ताह में मुंबई एयरपोर्ट के पास दो बार ड्रोन देखा गया तो मुंबईकरों के मन में ड्रोन के डर का होना स्वाभाविक है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40536/mumbai--fear-of-danger-near-the-airport--drone-seen-twice-in-a-week"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/download---2025-05-13t121644.387.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तीन दिवसीय युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने हजारों ड्रोनों से हिंदुस्थान पर हमला किया। यह अलग बात है कि भारत के एयर डिफेंस ने सारे ड्रोन मार गिराए। मगर इस ड्रोन ने आम लोगों में खौफ भर दिया। ऐसे में जब एक सप्ताह में मुंबई एयरपोर्ट के पास दो बार ड्रोन देखा गया तो मुंबईकरों के मन में ड्रोन के डर का होना स्वाभाविक है। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई हमेशा से आतंकवादियों के निशाने पर रही है। पाकिस्तानी आतंकियों ने अतीत में यहां कई हमले किए हैं। इनमें २६/११ का हमला सबसे खौफनाक था, जिसे आज भी मुंबईकर भूले नहीं हैं।</p>
<p> </p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में मुंबई में एक हफ्ते के भीतर दो बार ड्रोन आसमान में उड़ता नजर आया है। इन घटनाओं से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए मुंबई पुलिस ने ड्रोन, माइक्रोलाइट, एयरक्राफ्ट, हॉट एयर बलून और पैराग्लाइडिंग जैसी चीजें पर रोक लगाई है। सबसे पहले शुक्रवार सुबह ५ बजे साकीनाका एयरपोर्ट क्षेत्र के आसमान पर एक ड्रोन उड़ता नजर आया था। ड्रोन को देखते ही स्थानीय लोगों में हलचल मच गई और फौरन पुलिस मेन कंट्रोल को सूचना दी गई।</p>
<p>ड्रोन की खबर मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गर्इं। मौके पर पहुंच कर छानबीन शुरु की गई तो पता चला ड्रोन पास के झुग्गी इलाके में चला गया। साकीनाका और सहार एयरपोर्ट पुलिस ने पास के इलाके में छापेमारी की, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि ड्रोन नजर आने से सभी लोगों में डर पैदा हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 12:20:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई-कोलकाता जैसे शहरों पर डूबने का खतरा; नॉर्थ पोल के पास तापमान सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस तक ज्‍यादा रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आख‍िर वो डरावनी घड़ी आ गई. जब मुंबई-कोलकाता जैसे शहरों पर डूबने का खतरा होगा. घर से बाहर निकलते ही आपकी स्‍क‍िन जल उठेगी. दरअसल, यूरोप के जलवायु निगरानी संगठन की एक रिपोर्ट बता रही है क‍ि फरवरी में दुनिया भर में समुद्री बर्फ का दायरा घटकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38725/cities-like-mumbai-and-kolkata-are-in-danger-of-drowning--temperature-near-north-pole-recorded-to-be-11-degrees-celsius-higher-than-normal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/images---2025-03-07t120856.491.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>आख‍िर वो डरावनी घड़ी आ गई. जब मुंबई-कोलकाता जैसे शहरों पर डूबने का खतरा होगा. घर से बाहर निकलते ही आपकी स्‍क‍िन जल उठेगी. दरअसल, यूरोप के जलवायु निगरानी संगठन की एक रिपोर्ट बता रही है क‍ि फरवरी में दुनिया भर में समुद्री बर्फ का दायरा घटकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. इतना ही नहीं, हमेशा बर्फ से ढंके रहने वाले नॉर्थ पोल के पास तापमान सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस तक ज्‍यादा रिकॉर्ड क‍िया गया है.</p>
<p>कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने कहा कि फरवरी 2025 में दुनिया भर में तीसरा सबसे गर्म फरवरी महीना रहा. ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन ने धरती के तापमान को बढ़ाया है. इस गर्मी की वजह से अंटार्कटिक और आर्कटिक महासागरों में जमी बर्फ का दायरा घटकर 7 फरवरी को 16.04 मिलियन वर्ग किलोमीटर रह गया, जो अब तक का सबसे कम है. यूरोपीय सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट की समांथा बर्गेस ने बताया कि पिछले दो सालों से दुनिया भर में तापमान का रिकॉर्ड टूटता जा रहा है. गर्म होती दुनिया का एक नतीजा यह है कि समुद्री बर्फ पिघल रही है. बर्फ के कम होने से मौसम, लोगों और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता है. जब बर्फ पिघलकर पानी में बदलती है तो सूरज की गर्मी सोखने लगती है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग और भी तेज़ हो जाती है.</p>
<p><strong>समुद्री बर्फ का दायरा औसत से 26 प्रतिशत कम</strong><br />कोपरनिकस के मुताबिक, अंटार्कटिक में फरवरी के दौरान समुद्री बर्फ का दायरा औसत से 26 प्रतिशत कम था. आर्कटिक में भी दिसंबर से समुद्री बर्फ का दायरा कम होता जा रहा है. फरवरी में यह औसत से 8 प्रतिशत कम था. ब्रिटेन के नेशनल ओशनोग्राफी सेंटर में प्रोफेसर साइमन जोसी ने बताया कि समुद्र और वातावरण के बढ़ते तापमान की वजह से अंटार्कटिक में बर्फ फिर से नहीं जम पा रही है. फरवरी में वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में 1.59 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा था. उत्तरी ध्रुव के पास कुछ इलाकों में तापमान औसत से 11 डिग्री सेल्सियस तक ज़्यादा दर्ज किया गया.</p>
<p><strong>कई शहर होंगे जलमग्‍न</strong><br />1.आर्कटिक, अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड की बर्फ पिघलने से समुद्र का स्तर तेजी से बढ़ेगा.<br />2.तटीय शहर जैसे मुंबई, कोलकाता, न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो डूबने का खतरा बढ़ जाएगा.<br />3.छोटे द्वीपीय देश (जैसे मालदीव) पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं.<br />आसमान से बरसेगी आग<br />1. बर्फ सूर्य की किरणों को परावर्तित करके धरती को ठंडा रखती है.<br />2. बर्फ कम हो जाएगी, तो धरती अधिक गर्मी अवशोषित करेगी, जिससे ग्लोबल वार्मिंग और तेज़ होगी.<br />3.अधिक गर्मी का मतलब अधिक हीटवेव, सूखा और चरम मौसम की घटनाएं होंगी.<br />पानी बिना मरेंगे जीव<br />1. हिमालय, आल्प्स और एंडीज़ जैसी पर्वत श्रृंखलाओं की बर्फ पिघलने से गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंधु जैसी नदियों में पानी की कमी हो सकती है. कृषि और पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी, जिससे भूखमरी और जल संकट बढ़ सकता है.<br />2.पोलर बीयर्स, पेंगुइन, सील, वॉलरस और अन्य आर्कटिक जीवों का घर खत्‍म हो जाएगा. मछलियों और समुद्री जीवों की प्रजातियां बदलते तापमान के कारण विलुप्त हो सकती हैं.</p>
<p><strong>तबाही ही तबाही</strong><br />ग्लेशियरों के पिघलने से समुद्री धाराएं प्रभावित होंगी, जिससे अत्यधिक बारिश, बर्फीले तूफान और सूखा देखने को मिलेगा. एल नीनो और ला नीना जैसे जलवायु पैटर्न और अधिक अस्थिर हो सकते हैं.</p>
<p><strong>खाने का सामान हो जाएगा महंगा</strong><br />तापमान में वृद्धि से गेहूं, चावल, मक्का, सब्ज़ियाँ और फलों की पैदावार प्रभावित होगी. सूखा और बाढ़ के कारण किसान भारी नुकसान झेल सकते हैं. खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे वैश्विक भूख और आर्थिक अस्थिरता बढ़ेगी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 12:10:52 +0530</pubDate>
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