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                <title>heavy traffic - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई-नासिक हाइवे पर भारी ट्रैफिक जाम... कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में लग रहे इतने घंटे</title>
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                        <![CDATA[टौफिक जाम की वजह से इमरजेंसी सेवाएं भी समय से गंतव्य स्थानों तक नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे मरीजों, दूध की गाड़ियों, स्कूली बसों, सब्जी की गाड़ियों आदि आवश्यक वाहनों को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हैं। अनियंत्रित जाम को नियंत्रित करने में ट्रैफिक कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं। जनहित सामाजिक संस्था ने ट्रैफिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से मुंबई-नासिक हाइवे पर लग रहे जाम के निवारण के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की मांग की हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20370/heavy-traffic-jam-on-mumbai-nashik-highway%E2%80%A6-it-takes-so-many-hours-to-cover-a-distance-of-a-few-kilometers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(9)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवंडी : </strong>मुंबई-नासिक हाइवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग रहा हैं। भिवंडी से ठाणे तक की करीब एक घंटे की दूरी तय करने में वाहन चालकों को करीब ढ़ाई से तीन घंटे लग रहे हैं। मुंबई- नासिक हाइवे पर यात्रा करने वाले तमाम लोगों पर नौ दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत पूर्णतया चरितार्थ हो रही है। हाइवे पर लग रहे भारी जाम से वाहन चालक मुंबई जाने के नाम से ही कतराने लगते हैं। जाम की वजह से कोई भी मुसाफिर निश्चित समय पर गन्तव्य स्थल तक नहीं पहुंच पा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">टौफिक जाम की वजह से इमरजेंसी सेवाएं भी समय से गंतव्य स्थानों तक नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे मरीजों, दूध की गाड़ियों, स्कूली बसों, सब्जी की गाड़ियों आदि आवश्यक वाहनों को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हैं। अनियंत्रित जाम को नियंत्रित करने में ट्रैफिक कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं। जनहित सामाजिक संस्था ने ट्रैफिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से मुंबई-नासिक हाइवे पर लग रहे जाम के निवारण के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की मांग की हैं।<br /><br />गौरतलब है कि बरसात के पूर्व ही मुंबई-नासिक हाइवे पर भिवंडी बाईपास, राजनोली नाका से मानकोली, अंजूर दिवे, खारे गांव नाका, रुस्तमजी, ठाणे फ्लाईओवर तक प्रतिदिन सुबह से रात तक जाम लग रहा है। हैरतअंगेज है कि दिवे-अंजूर गांव स्थित केंद्रीय पंचायत राज राज्य मंत्री कपिल पाटिल के घर के सामने भी सुबह से रात तक भारी जाम लगा रहता है। केंद्रीय मंत्री पाटिल की गाड़ियों का काफिला तो ट्रैफिक कर्मी किसी न किसी तरह निकाल देते हैं, लेकिन आम वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। हाईवे पर लगने वाले भयंकर जाम की वजह से पैदल, दुपहिया चालकों को भी मार्ग से निकलना बेहद कठिन साबित हो रहा हैं।<br /><br />कई वाहन चालकों ने बताया कि खारे गांव नाका के समीप स्थित पुल की रिपेयरिंग के लिए मार्ग का कुछ हिस्सा बंद होने से भी जाम लग रहा है। भयंकर जाम का आलम यह है कि भिवंडी बाईपास राजनोली नाका से ठाणे की करीब 18 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब ढाई-तीन घंटे लग लग रहे हैं। हाइवे पर लग रहे भारी जाम की वजह से भिवंडी से ठाणे जाने में नौ दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत पूर्णतया चरितार्थ हो रही है।<br /><br />मुंबई-नासिक हाइवे के दोनों किनारों पर प्याऊ और शौचालय नहीं होने का खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ता हैं। सीनियर सिटीजन, शुगर मरीज, बच्चे, महिलाएं को प्यास लगने पर मार्ग किनारे कहीं पानी नहीं मिलता है। शौच लगने पर कहीं शौचालय नहीं होने से बच्चों, महिलाओं को पेट दबाकर वाहनों में यात्रा करने की मजबूरी हैं। सैकड़ों यात्रियों ने आपबीती बयां करते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में अगर आपके पास पानी की बोतल नहीं है तो भिवंडी से ठाणे तक आपको कहीं भी पानी नसीब नहीं होगा। शौचालय नहीं होने की वजह से महिलाओं, बच्चों और सीनियर सिटीजन सहित शुगर मरीजों को रोड के किनारे ही बैठकर शौच करने की मजबूरी कभी-कभार हो जाती है। सरकार को हाइवे बनाते समय प्याऊ, शौचालय का इंतजाम करना चाहिए प्यास और सोच लगने पर यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।<br /><br />मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संपूर्ण ठाणे जिले को यातायात जाम और गड्ढों से मुक्त करने का आदेश शीर्ष अधिकारियों को दिया था। मुख्यमंत्री शिंदे के आदेश के उपरांत भी ट्रैफिक जाम और गड्ढे की हालात जस के तस बने हुए हैं। हालात अगर ऐसे ही रहे तो बरसात में भिवंडी से ठाणे, मुंबई  जाने के पहले सौ बार सोचना पड़ेगा। शहर के नागरिकों ने सीएम एकनाथ शिंदे से ट्रैफिक जाम व्यवस्था के निराकरण की पुख्ता व्यवस्था किए जाने की अपील की हैं।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Apr 2023 16:49:50 +0530</pubDate>
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                <title>यहीं गई थी साइरस मिस्त्री की जान...हैवी ट्रैफिक की वजह से हादसों का ज्यादा खतरा- गडकरी</title>
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                        <![CDATA[जिस अहमदाबाद-मुंबई हाईवे पर टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की कार का एक्सीडेंट हुआ, उसे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी खतरनाक मानते हैं। साइरस की कार ओवरटेकिंग के दौरान सूर्या नदी के पुल पर रोड डिवाइडर से टकरा गई थी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/13648/this-is-where-cyrus-mistry-s-life-was----more-prone-to-accidents-due-to-heavy-traffic--gadkari"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-09/untitled-collage-2021-05-20t111209.4551.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>जिस अहमदाबाद-मुंबई हाईवे पर टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की कार का एक्सीडेंट हुआ, उसे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी खतरनाक मानते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">साइरस की कार ओवरटेकिंग के दौरान सूर्या नदी के पुल पर रोड डिवाइडर से टकरा गई थी। गडकरी ने सोमवार को कहा कि अहमदाबाद-मुंबई एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक वॉल्यूम 1 लाख 25 हजार पैसेंजर कार यूनिट (PCU) है, इसलिए यहां ड्राइविंग के दौरान टक्कर की संभावना बहुत ज्यादा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आईएए वर्ल्ड समिट में गडकरी ने कहा कि 20 हजार या उससे ज्यादा PCU का ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए छह लेन वाली सड़कों की जरुरत है। गडकरी ने साइरस मिस्त्री की सड़क हादसे में हुई मौत पर दुख जताया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने ड्राइविंग के दौरान कार में सीट बेल्ट न लगाने को गलत बताया। साथ ही कहा कि कार में पीछे बैठे लोगों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना उतना ही जरूरी है, जितना आगे की सीट पर बैठने वालों के लिए। कार एक्सीडेंट में मारे गए मिस्त्री ने सीट बेल्ट नहीं लगाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गडकरी ने समिट के दौरान कारों में सीट बेल्ट को लेकर चार मुख्यमंत्रियों का किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा- कुछ समय पहले मै चार मुख्यमंत्रियों की गाड़ियों में बैठा था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन सभी की गाड़ियों की फ्रंट सीट पर सीट बेल्ट लगाने वाली जगह (सॉकेट) पर क्लिप लगी हुई थी। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि चेतावनी अलार्म ना बजे। मैंने ड्राइवर को डांटा और क्लिप हटवाई।</p>
<p style="text-align:justify;">इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जवानी का किस्सा बताया। गडकरी ने कहा कि जवानी में वह खुद नियम तोड़ते थे। तब उन्हें अहसास नहीं था कि यह कितना खतरनाक है।</p>
<p style="text-align:justify;">गडकरी ने कहा -इलेक्शन के टाइम पर वे एक स्कूटर पर चार लोग बैठकर घूमते थे और नंबर प्लेट को हाथ से छिपा लेते थे ताकि चालान न हो सके। वे तब की बातें थी, लेकिन अब लोगों को अपना माइंडसेट बदलना होगा, नियमों का पालन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने 1 जुलाई 2019 से कार कंपनियों को सीट बेल्ट रिमाइंडर (अलार्म) लगाना अनिवार्य कर दिया है, लेकिन यह सिर्फ अगली सीटों के लिए ही है। जबकि पीछे की सीट बेल्ट के लिए भी यह होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में साल 2020 में सड़क हादसों में 15,146 लाेगों ने सीट बेल्ट नहीं लगाने की वजह से जान गंवाई। यानी रोज 41 मौतें। साल में सड़क हादसों में डेढ़ लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2024 तक सरकार सड़क हादसों को 50 फीसदी तक कम कर देना चाहती है। इसके लिए इंटरनेशनल सिक्योरिटी स्टैंडर्ड को फॉलो किया जाएगा। गडकरी ने भारत में छह एयरबेग की जगह चार एयरबेग के होने पर कार कंपनियों पर सवाल उठाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कार कंपनियां जब गाड़ियां दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करती हैं तो छह एयरबैग लगाती हैं, भारत में चार लगाकर बेचती हैं क्या भारतीय लोगों की जान की कीमत नहीं है? जब उनसे सवाल किया गया कि छह एयरबैग लगाने से कार की कीमत 50-60 हजार रुपए से ज्यादा हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसपर गडकरी ने कहा- यह गलत है। अगर बड़ी संख्या में प्रोडक्शन होगा तो एक एयरबैग की कीमत सिर्फ 900 रुपये के करीब पड़ेगी। गडकरी ने कहा कि भारत में भी छह एयरबेग वाली गाड़ियां मार्केट में उतारने का काम चल रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Sep 2022 13:25:08 +0530</pubDate>
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