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                <title>accidents - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>accidents RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय; आखिर कब थमेगा मौत और हादसों का सिलसिला?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>देश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने गए हैं। तय सीमा से अधिक रफ्तार, कमजोर निगरानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे तमाम कारणों से इस एक्सप्रेस-वे पर आए-दिन एक्सीडेंट हो रहे है। इसी वजह से लोग अब इसे एक्सप्रेस-वे की जगह 'डेथ-वे' यानि मौत का रास्ता तक कहने लगे हैं। हर हादसे के बाद रोकथाम के दावे किए गए, लेकिन ये दावे सरकारी फाइलों से बाहर नहीं निकले।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49621/increasing-road-accidents-on-delhi-mumbai-expressway-is-a-matter-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/images-(67).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने गए हैं। तय सीमा से अधिक रफ्तार, कमजोर निगरानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे तमाम कारणों से इस एक्सप्रेस-वे पर आए-दिन एक्सीडेंट हो रहे है। इसी वजह से लोग अब इसे एक्सप्रेस-वे की जगह 'डेथ-वे' यानि मौत का रास्ता तक कहने लगे हैं। हर हादसे के बाद रोकथाम के दावे किए गए, लेकिन ये दावे सरकारी फाइलों से बाहर नहीं निकले।</p>
<p> </p>
<p>हाल यह है कि रोक के बावजूद इस पर दुपहिया वाहन दौड़ते हैं। आवारा पशु तक एक्सप्रेस-वे पर आ जाते हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और कम समय में लंबी दूरी तय करने के दावे के साथ शुरू किया गया यह एक्सप्रेस-वे सुरक्षा के मोर्चे पर सवालों के घेरे में है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे ने जहां यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाया है, वहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी इसे आम लोगों के लिए खतरनाक भी बना रही है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हादसों का यह सिलसिला और अधिक भयावह हो सकता है।<br />विशेषज्ञों के अनुसार इन हादसों के लिए तय गति सीमा से अधिक रफ्तार, लेन डिसिप्लेन का पालन न होना और तकनीकी निगरानी की विफलता इसके प्रमुख कारण है। यह परियोजना इस दावे के साथ शुरू की गई थी कि इससे यात्रा का समय घटेगा, व्यापार को गति मिलेगी और सड़क परिवहन सुरक्षित होगा। जिस एक्सप्रेस-वे को सुविधा और रफ्तार का प्रतीक होना था, वह अब लगातार हो रहे हादसों का प्रतीक बनती जा रही है। यह एक्सप्रेस-वे देश के आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रतीक माना जाता है। बीते कुछ दिनों में इस एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं है, बल्कि व्यवस्था की असफलता का आईना है।<br />चालकों को सतर्क रहने की सलाह<br />एएसपी प्रियंका रघुवंशी ने ऐसे हादसों से बचाव के लिए वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में सीएनजी वाहनों की समय-समय पर फिटनेस और लीकेज जांच कराना बेहद जरूरी है। लंबी यात्रा के दौरान गाड़ी को लगातार चलाने से इंजन और गैस सिस्टम पर दबाव बढ़ता है, जिससे हादसे की आशंका रहती है। बीच-बीच में वाहन रोककर इंजन को ठंडा होने देना चाहिए। साथ ही किसी भी तरह की गैस की गंध, ओवर हीटिंग या तकनीकी खराबी महसूस होने पर तुरंत गाड़ी रोककर जांच कराएं।<br />आखिर कब थमेगा मौत और हादसों का यह सिलसिला?<br />-29 अप्रेल की रात अलवर के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार में आग लगने से इसमें सवार दंपती, उनकी 6 साल की बेटी, सास और सास की बहन जिंदा जल गए। चालक जान बचाने के लिए कार से कूदा, लेकिन वह मौत को नहीं हरा सका। उसे पहले अलवर और फिर जयपुर रेफर किया गया। जयपुर में उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।<br />-14 अप्रेल को अलवर जिले के पिनान इंटरचेंज की पुलिया नंबर 128 को पार करते समय मध्यप्रदेश के उज्जैन से दिल्ली जा रही स्लीपर कोच बस आगे चल रहे ट्रक से टकराने के बाद मिडवे जोन के एंगल से जा टकराई थी। इस हादसे में बस चालक उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद निवासी मोनू यादव (32), उसकी पत्नी रीना (31) व बेटी शक्ति उर्फ डोली (8) की मौत हो गई थी। इस हादसे में 31 यात्री घायल हो गए थे। इनमें से दो घायलों ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 14:02:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : BEST का बड़ा फैसला, 500 छोटी CNG मिडी बसें खरीदने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49381/after-the-mumbai-bhandup-accidents-best-takes-a-big-decision"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t123726.801.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, BEST ने एक नए प्रस्ताव के तहत 500 एयर-कंडीशंड (AC) CNG मिडी बसें खरीदने की योजना बनाई है। इन बसों को विशेष रूप से भांडुप, पवई, विक्रोली और कांजुरमार्ग जैसे इलाकों में चलाने की तैयारी है, जहां सड़कें संकरी, ढलान वाली और जटिल हैं। इन क्षेत्रों में 12-मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों को पहले से ही संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।</p>
<p> </p>
<p>यह फैसला हाल ही में हुई एक घटना के बाद लिया गया है, जिसमें एक खड़ी इलेक्ट्रिक बस पीछे की ओर लुढ़क गई थी और सड़क किनारे एक बूथ से टकरा गई थी। प्रारंभिक जांच में इस दुर्घटना का कारण ड्राइवर की लापरवाही बताया गया, जिसमें कहा गया कि बस में हैंडब्रेक नहीं लगाया गया था। हालांकि BEST के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह समस्या केवल मानवीय त्रुटि तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े वाहनों के लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी एक बड़ी चुनौती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रूट 605 और 606 जैसे मार्ग, जहां भीड़ और ढलान अधिक है, वहां लंबी बसों का संचालन जोखिम भरा साबित हो रहा है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों के लिए छोटी बसें अधिक उपयुक्त हैं क्योंकि वे संकरी सड़कों पर बेहतर तरीके से चल सकती हैं और मोड़ लेने में भी अधिक सुरक्षित होती हैं। इसी वजह से CNG मिडी बसों को फिर से शामिल करने का निर्णय लिया गया है। पहले इस परियोजना के तहत करीब 200 मिडी बसें जोड़ने की योजना थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 500 बसों तक कर दिया गया है। यह विस्तार इसलिए किया गया है ताकि मुंबई में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट्स के साथ बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>BEST का कहना है कि शहर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, कुशल और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। नई बसें न केवल दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करेंगी, बल्कि उन इलाकों में भी बेहतर सेवा प्रदान करेंगी जहां बड़े वाहन पहुंचने में कठिनाई महसूस करते हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में बस रूटों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र के हिसाब से उपयुक्त बसें चलाई जा सकें। इसके साथ ही ड्राइवर प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों को भी और मजबूत किया जाएगा। कुल मिलाकर, भांडुप हादसों के बाद लिया गया यह निर्णय मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बेकाबू सड़क हादसे; दुर्घटनाओं से हुई मौतों में २३ प्रतिशत की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में सड़क हादसों ने अब भयावह रूप ले लिया है। हर दिन हो रहे सड़क हादसों और उसमें हो रही मौतों ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरबाड-कल्याण मार्ग पर हुए ताजा हादसे में ११ लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इससे पहले भी समृद्धि महामार्ग और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि आम नागरिक घर से निकलते समय अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49192/23-percent-increase-in-deaths-due-to-uncontrolled-road-accidents"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t111158.667.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में सड़क हादसों ने अब भयावह रूप ले लिया है। हर दिन हो रहे सड़क हादसों और उसमें हो रही मौतों ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरबाड-कल्याण मार्ग पर हुए ताजा हादसे में ११ लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इससे पहले भी समृद्धि महामार्ग और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि आम नागरिक घर से निकलते समय अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित है।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि राज्य में सड़क हादसों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। २०१९ में सड़क हादसों में १२,७८८ मौतें हुई थीं, जबकि वर्ष २०२४ में यह आंकड़ा १५,७१५ पर पहुंच गया। विगत पांच वर्ष में इसमें कुल २३ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। समृद्धि महामार्ग पर भी स्थिति चिंताजनक है। वर्ष २०२४ में यहां १३७ हादसे हुए, जबकि वर्ष २०२५ में १८५ हादसे हुए, मतलब ३७ प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रमश: मौतें भी १२६ से बढ़कर १५२ हुई हैं। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह फेल साबित हो रही है। लगातार हो रहे हादसों से लोगों में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवारों को न तो समय पर मदद मिलती है और न ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है। महाराष्ट्र में सड़क हादसे अब ‘दुर्घटना’ नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का नतीजा बन चुके हैं। जब तक सरकार सख्त कदम नहीं उठाती, तब तक मौतों का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है।</p>
<p><strong>अब तक नहीं बनी ठोस रणनीति</strong><br />सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार कौन? क्यों नहीं हो रही सख्त कार्रवाई? सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। न तो ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और न ही हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस रणनीति नजर आती है।</p>
<p><strong>भड़का विपक्ष, लगाए आरोप</strong><br />विपक्ष का आरोप है कि परिवहन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण हादसे बढ़ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राज्य में क्षमता से ज्यादा यात्रियों को ढोने वाले वाहनों पर कोई सख्ती नहीं है। ओवरलोडिंग, खराब सड़कें और नियमों की अनदेखी आम हो चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:12:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो दुर्घटनाएं, पति-पत्नी समेत तीन की मौत और तीन घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार को हुई दो अलग-अलग दुघर्टनाओं में पति-पत्नी सहित तीन की मौत होने के साथ-साथ तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दुघर्टना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचक मृतकों के शवों का पंचनामा करवाने तथा घायलों का उपचार करवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48785/two-accidents-on-delhi-mumbai-expressway-three-including-husband-and-wife"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t185603.642.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दिल्ली - </strong>मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार को हुई दो अलग-अलग दुघर्टनाओं में पति-पत्नी सहित तीन की मौत होने के साथ-साथ तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दुघर्टना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचक मृतकों के शवों का पंचनामा करवाने तथा घायलों का उपचार करवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p>दोनों ही मामलों में पुलिस ने मामला दर्जकर मृतकों के शवों का जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा में पंचानामा करवाकर शव स्वजन को सौंप दिए। मृतक पति जितेंद्र व पत्नी आशा भीम बस्ती जोनावास दिल्ली के रहने वाले। दूसरी घटना में मरने वाली मेघा फरीदाबाद के ग्रीनफील्ड की रहने वाली।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार दीपेंद्र पुत्र अमरचंद निवासी मकान नंबर 97, भीम बस्ती , जौनाबास, नई दिल्ली अपनी पत्नि आशा एवं चाचा रामरतन के साथ अपनी इर्टिका गाड़ी से अपने पैतृक गांव कमालपुरा थाना खेड़ली मोड़ जिला भरतपुर से शनिवार को सुबह दिल्ली के लिए जा रहे थे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर फिरोजपुर झिरका थानांर्तगत गांव रीगड़ के पास सुबह लगभग सात बजे चैनल नंबर 68 के पास उनकी गाड़ी पंचर हो गई।</p>
<p>दीपेंद्र का चाचा रामरतन लघुशंका के लिए चले गए और दीपेंद्र गाड़ी का टायर बदलने लगा। अलवर की ओर से आ रही ग्रेंड़ आई-20 के चालक ने पीछे से इस इर्टिका गाड़ी में टक्कर मार दी। जिससे जितेंद्र उम्र 37 वर्ष एवं उसकी पत्नि आशा उम्र 36 वर्ष की दुघर्टना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि ग्रेड आई-20 में बैठे दो व्यक्ति घायल हो गए।</p>
<p>दुघर्टना की सूचना सदर थाना प्रभारी सुभाष चंद को दी। तुरंत मौके पर पुलिस की टीम पहुंची। पुलिस ने दीपेंद्र के चाचा रामरतन की शिकायत पर ग्रेंड आई-20 के चालक के विरुद्ध मामला दर्जकर मृतकों के शवों का पंचनामा करवाकर शव स्वजन को सौंप दिए। दोनों गाडिय़ों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>दुघर्टना के एक दूसरे मामला दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस वे पर नगीना थानांर्तगत गांव उमरी के पास के पास हुआ। जानकारी के अनुसार राहुल शर्मा निवासी 89 ए, 2557,द्वितीय मंजिल, ग्रीन फील्ड़, फरीदाबाद अपनी पत्नि मेघा के साथ कार से फरीदाबाद से शनिवार की अल सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जयपुर जा रहे थे।<br />उमरी गांव के पास इनकी कार के पास से एक तेज गति से ट्रक निकला जिससे इनकी कार अनियंत्रित होकर दुघर्टनाग्रस्त हो गई। इस दुघर्टना में मेघा पत्नि राहुल शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर नगीना थाना प्रभारी सचिन कुमार ने उप निरीक्षक देवी सिंह को मौके पर भेजा। ट्रक चालक के विरुद्ध मामला दर्जकर मेघा का शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव स्वजन को सौंप दिया</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 18:57:07 +0530</pubDate>
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