<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/6707/collection" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>collection - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/6707/rss</link>
                <description>collection RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नई दिल्ली : जीएसटी कलेक्शन का बना रिकॉर्ड, अप्रैल में बढ़कर 2.42 लाख करोड़ रुपये के हुआ पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अप्रैल में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन बढ़कर लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को अप्रैल 2026 का मासिक जीएसटी कलेक्शन जारी कर दिया है। प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, देश का कुल सकल जीएसटी राजस्व अप्रैल 2026 में ₹2,42,702 करोड़ पहुंच गया। यह अप्रैल 2025 के ₹2,23,265 करोड़ की तुलना में 8.7 फीसदी अधिक है।  शुद्ध जीएसटी राजस्व (रिफंड घटाकर) ₹2,10,909 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,96,618 करोड़ से 7.3 फीसदी ज्यादा है।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49623/draft-add-your-title"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-01t173254.754.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>अप्रैल में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन बढ़कर लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को अप्रैल 2026 का मासिक जीएसटी कलेक्शन जारी कर दिया है। प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, देश का कुल सकल जीएसटी राजस्व अप्रैल 2026 में ₹2,42,702 करोड़ पहुंच गया। यह अप्रैल 2025 के ₹2,23,265 करोड़ की तुलना में 8.7 फीसदी अधिक है।  शुद्ध जीएसटी राजस्व (रिफंड घटाकर) ₹2,10,909 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,96,618 करोड़ से 7.3 फीसदी ज्यादा है।  </p>
<p> </p>
<p>अप्रैल के आंकड़े मार्च महीने के दौरान एकत्र किए गए तेल के हैं, जब ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दिया और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। क्षेत्र में फिर से तनाव की आशंकाओं के कारण 30 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।</p>
<p><strong>आयात से जीएसटी राजस्व में कितनी हुई बढ़ोतरी</strong><br />आंकड़ों पर गौर करें तो सकल घरेलू राजस्व में साल-दर-साल 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1.85 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि आयात से संबंधित जीएसटी राजस्व में 25.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 57,580 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस वृद्धि का अधिकांश हिस्सा घरेलू मांग के बजाय बाहरी व्यापार से प्रभावित था।</p>
<p>इस महीने के दौरान रिफंड में भी वृद्धि हुई, कुल रिफंड में 19.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 31,793 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें घरेलू रिफंड में 54.6 प्रतिशत की वृद्धि मुख्य कारण रही, जबकि निर्यात से संबंधित रिफंड में 14 प्रतिशत की गिरावट ने इस वृद्धि को आंशिक रूप से संतुलित कर दिया।</p>
<p><strong>कैसे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा जीएसटी कलेक्शन</strong><br />मासिक रुझानों से पता चलता है कि जीएसटी संग्रह अप्रैल 2022 में लगभग 1.67 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये हो गया, फिर अप्रैल 2025 में 2.23 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया और वर्तमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अप्रैल 2026 में वार्षिक वृद्धि दर धीमी होकर 8.7 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 8.8 प्रतिशत थी।</p>
<p>हालांकि जीएसटी संग्रह निरपेक्ष रूप से नए उच्च स्तर पर पहुंच रहा है, लेकिन विकास की गति जारी रही है। अप्रैल 2026 में वार्षिक वृद्धि दर धीमी होकर 8.7 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 8.8 प्रतिशत थी। इससे पता चलता है कि हालांकि जीएसटी संग्रह निरपेक्ष रूप से नए उच्च स्तर पर पहुंच रहा है, लेकिन विस्तार की गति विशेष रूप से उपभोग से जुड़ी धीमी हो सकती है, जिसमें हाल के लाभों में आयात-आधारित राजस्व की बड़ी भूमिका रही है।</p>
<p>अप्रैल 2026 में भारत का जीएसटी संग्रह एक बार फिर ₹2 लाख करोड़ की सीमा पार कर गया। शुद्ध कमाई पिछले साल की तुलना में 7.3% बढ़कर ₹2.11 लाख करोड़ हो गई।  इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण आयात पर जीएसटी (कस्टम्स जीएसटी) में 42.9% की तेजी थी। यह बढ़ोतरी दुनिया भर की सप्लाई चेन में रुकावट और युद्ध के कारण बढ़ती आयात की कीमतों की वजह से हुई। घरेलू जीएसटी का कुल संग्रह ₹1.85 लाख करोड़ रहा, जो अप्रैल 2025 से 4.3% ज्यादा है। इससे पता चलता है कि ज्यादा लोग और कंपनियां अब नियमों का पालन कर रहे हैं। - विवेक जलन, पार्टनर, टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज एलएलपी</p>
<p>हालांकि शुद्ध घरेलू संग्रह बिल्कुल स्थिर रहा, क्योंकि मुख्य रूप से उल्टी ड्यूटी वाली चीजों पर रिफंड 54% बढ़ गए।  ये रिफंड इनपुट सेवाओं पर जमा हो रहे आईटीसी  (इनपुट टैक्स क्रेडिट) को शामिल नहीं करते। जीएसटी 2.0 के नए नियमों के तहत यह आईटीसी  लगातार बढ़ता जा रहा है। इस आईटीसी  जमा होने से सरकार का संग्रह तो बरकरार है, लेकिन कंपनियों का खर्च भी बढ़ गया है। इस समस्या को जीएसटी परिषद की आने वाली 57वीं बैठक में ठीक करने की बात कही गई है।घरेलू संग्रह को अतिरिक्त मदद मिली। 31 मार्च 2026 से पहले पुराने वित्तीय वर्ष 2019-20 के सेक्शन 74 आदेशों पर पहले जमा किए गए पैसे (प्री-डिपॉजिट) से।इसके अलावा, अप्रैल में एक बड़ा बदलाव भी हुआ। जीएसटी पोर्टल पर आईटीसी  एडजस्ट करने का तरीका बदल दिया गया। फरवरी 2026 की पुरानी सलाह वापस लेने के बाद यह बदलाव किया गया था, जिसमें अस्थायी रूप से आईजीएसटी को एसजीएसटी क्रेडिट से पहले एडजस्ट करने की छूट दी गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49623/draft-add-your-title</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49623/draft-add-your-title</guid>
                <pubDate>Fri, 01 May 2026 17:33:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/download---2026-05-01t173254.754.jpg"                         length="9282"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पार्कसाइट में साहूकार पर केस, ब्याज वसूली और धमकी का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>मुंबई के पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने एक कथित साहूकार और वकील हाशमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस पर आरोप है कि उसने बिना लाइसेंस के ऊंची ब्याज दर पर अवैध रूप से पैसे उधार दिए और बाद में एक बिज़नेसमैन को धमकाकर करीब 68 लाख रुपये की वसूली की। पुलिस ने यह कार्रवाई दर्ज एफआईआर के आधार पर की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49355/case-against-moneylender-in-mumbai-parksite-accused-of-interest-recovery"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t165611.898.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने एक कथित साहूकार और वकील हाशमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस पर आरोप है कि उसने बिना लाइसेंस के ऊंची ब्याज दर पर अवैध रूप से पैसे उधार दिए और बाद में एक बिज़नेसमैन को धमकाकर करीब 68 लाख रुपये की वसूली की। पुलिस ने यह कार्रवाई दर्ज एफआईआर के आधार पर की है। शिकायतकर्ता मोहम्मद नसीम रईस हाशमी (49) विक्रोली ईस्ट के गोदरेज गार्डन एन्क्लेव में अपने परिवार के साथ रहते हैं और विक्रोली वेस्ट के पार्कसाइट इलाके में ‘ज़रीन वुड क्राफ्ट’ नाम से लकड़ी के ज्वेलरी बॉक्स बनाने की यूनिट चलाते हैं।</p>
<p> </p>
<p>एफआईआर के अनुसार, आरोपी मूल रूप से प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पार्कसाइट इलाके में रहता था। उस पर आरोप है कि वह बिना किसी वैध लाइसेंस के साहूकारी का कारोबार चला रहा था।  शिकायत के मुताबिक, साल 2006 में व्यवसाय की जरूरतों के चलते नसीम हाशमी ने आरोपी से 10 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर 1 लाख रुपये नकद उधार लिए थे। इसके बाद 2006 और 2007 के बीच उन्होंने इसी शर्त पर अलग-अलग किश्तों में कुल 4 लाख रुपये और लिए।</p>
<p>शुरुआती वर्षों में उन्होंने 2008 तक हर महीने करीब 50,000 रुपये ब्याज के रूप में चुकाए, जो कैश और बेयरर चेक के माध्यम से दिए गए थे। इसके बाद जब ब्याज का बोझ बढ़ने लगा तो शिकायतकर्ता ने आरोपी से ब्याज दर कम करने की अपील की। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने ब्याज दर घटाकर 6 प्रतिशत मासिक कर दी। इस नई शर्त के तहत शिकायतकर्ता ने 2010 तक हर महीने लगभग 30,000 रुपये का भुगतान किया।</p>
<p>हालांकि, एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि भुगतान में देरी होने पर आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसे शारीरिक नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकी दी गई। इससे दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने कथित रूप से कुल लगभग 68 लाख रुपये का भुगतान किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला अवैध साहूकारी और जबरन वसूली से जुड़ा हुआ है।</p>
<p>प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से बिना लाइसेंस के इस तरह का वित्तीय कारोबार चला रहा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी आरोपी से जुड़े हुए हैं और क्या और लोग भी इसके शिकार हुए हैं। पार्कसाइट पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे लेन-देन और वसूली की सच्चाई सामने आ सके।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49355/case-against-moneylender-in-mumbai-parksite-accused-of-interest-recovery</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49355/case-against-moneylender-in-mumbai-parksite-accused-of-interest-recovery</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:56:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-20t165611.898.jpg"                         length="9803"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : रिकॉर्ड, स्टांप ड्यूटी कलेक्शन 1,012 करोड़ के पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश का सबसे बड़ा और सबसे महंगा प्रॉपर्टी बाजार मुंबई ने जनवरी में स्टांप ड्यूटी कलेक्शन के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है. भले ही इस दौरान प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की कुल संख्या में सालाना आधार पर गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन बड़े और महंगे घरों की खरीदारी ने सरकार के राजस्व को मजबूती दी है. महाराष्ट्र के रजिस्ट्रेशन महानिरीक्षक और कंट्रोलर ऑफ स्टांप्स के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में मुंबई में कुल 11,219 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन हुए. इन सौदों से राज्य सरकार को 1,012 करोड़ रुपये से ज्यादा की स्टांप ड्यूटी मिली, जो जनवरी महीने का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. हालांकि रजिस्ट्रेशन की संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 8% कम रही, फिर भी यह अब तक का दूसरा सबसे सक्रिय जनवरी महीना रहा. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47591/mumbai-record-stamp-duty-collection-crosses-rs-1012-crore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-09t115918.544.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश का सबसे बड़ा और सबसे महंगा प्रॉपर्टी बाजार मुंबई ने जनवरी में स्टांप ड्यूटी कलेक्शन के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है. भले ही इस दौरान प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की कुल संख्या में सालाना आधार पर गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन बड़े और महंगे घरों की खरीदारी ने सरकार के राजस्व को मजबूती दी है. महाराष्ट्र के रजिस्ट्रेशन महानिरीक्षक और कंट्रोलर ऑफ स्टांप्स के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में मुंबई में कुल 11,219 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन हुए. इन सौदों से राज्य सरकार को 1,012 करोड़ रुपये से ज्यादा की स्टांप ड्यूटी मिली, जो जनवरी महीने का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. हालांकि रजिस्ट्रेशन की संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 8% कम रही, फिर भी यह अब तक का दूसरा सबसे सक्रिय जनवरी महीना रहा. </p>
<p> </p>
<p><strong>सालाना आधार पर 2% की बढ़ोतरी दर्ज</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि रजिस्ट्रेशन में आई गिरावट मौसमी कारणों से है. नाइट फ्रैंक इंडिया के CMD शिशिर बैजल के अनुसार, जनवरी में आमतौर पर रियल एस्टेट गतिविधियों में थोड़ी सुस्ती रहती है. इसके अलावा महीने के अंत में कुछ ऑपरेशनल दिक्कतें भी रजिस्ट्रेशन पर असर डालती हैं. इसके बावजूद स्टांप ड्यूटी कलेक्शन में मजबूती यह दिखाती है कि घर खरीदने वालों का भरोसा बाजार पर बना हुआ है. </p>
<p>स्टांप ड्यूटी से होने वाली कमाई में सालाना आधार पर 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसकी बड़ी वजह यह है कि इस दौरान महंगे और प्रीमियम घरों की हिस्सेदारी बढ़ी है. 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों का हिस्सा बढ़कर 7% हो गया, जबकि 1 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी घटी है. </p>
<p><strong>नेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकता</strong><br />पैराडाइम रियल्टी के CMD पार्थ के. मेहता के मुताबिक, खरीदार अब सिर्फ सस्ती कीमत नहीं देख रहे हैं, बल्कि बेहतर क्वालिटी, अच्छी कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दे रहे हैं. मेट्रो से जुड़े इलाकों और बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स में मिड और प्रीमियम सेगमेंट के प्रोजेक्ट्स को ज्यादा पसंद किया जा रहा है.<br />जनवरी में कुल रजिस्ट्रेशन का करीब 80% हिस्सा रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का रहा. साइज के लिहाज से 1,000 वर्ग फुट तक के घर सबसे ज्यादा खरीदे गए. लोकेशन की बात करें तो पश्चिमी और मध्य उपनगरों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए, जिनकी कुल हिस्सेदारी 87% रही.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47591/mumbai-record-stamp-duty-collection-crosses-rs-1012-crore</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47591/mumbai-record-stamp-duty-collection-crosses-rs-1012-crore</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 12:00:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-09t115918.544.jpg"                         length="14785"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मनपा ने कचरा निपटान के लिए कचरा संग्रह और परिवहन के लिए 4165 करोड़ का टेंडर जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई मनपा ने कचरा निपटान के लिए जारी किए गए 4165 करोड़ रुपये के टेंडर के मामले में बोली दाताओं के रूख को देखते हुए यूटर्न ले लिया है। मनपा प्रशासन ने तय किया है कि इस टेंडर पर फिर से विचार किया जा सकता है। मनपा के घनकचरा विभाग ने कुछ दिनों पहले कचरा संग्रह और परिवहन के लिए 4165 करोड़ का टेंडर जारी किया था। हालांकि बोलीदाता टेंडर की रकम में 40 से 64 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग कर रहें है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45764/mumbai-municipal-corporation-issues-tender-of-rs-4165-crore-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-25t191313.265.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई मनपा ने कचरा निपटान के लिए जारी किए गए 4165 करोड़ रुपये के टेंडर के मामले में बोली दाताओं के रूख को देखते हुए यूटर्न ले लिया है। मनपा प्रशासन ने तय किया है कि इस टेंडर पर फिर से विचार किया जा सकता है। मनपा के घनकचरा विभाग ने कुछ दिनों पहले कचरा संग्रह और परिवहन के लिए 4165 करोड़ का टेंडर जारी किया था। हालांकि बोलीदाता टेंडर की रकम में 40 से 64 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग कर रहें है। उनका कहना है कि इस राशि में यह काम करना मुश्किल साबित होगा। इस संबंध में मनपा मुख्यालय में सोमवार को एक बैठक आयोजित की गई थी।</p>
<p> </p>
<p>इसमें घनकचरा विभाग के अधिकारी और बोलीदाता शामिल थे। घनकचरा विभाग के उपायुक्त किरण दिघावकर के अनुसार बोलीदाता जितनी राशि की मांग कर रहें हैं, वह मुहैया कराना संभव नहीं है। अब मनपा के पास दो विकल्प हैं। पहला या तो बोलीदाताओं को टेंडर की राशि (4165 करोड़) में ही काम करने को राजी किया जाए या फिर से टेंडर निकाला जा सकता है। इस संबंध में बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से बातचीत की गई है। स्थिती जल्द साफ हो जाएगी। </p>
<p>टेंडर में 22 वार्डों में कचरा संग्रह और निपटान का कार्य निजी कंपनियों को सौंपना शामिल है। इसमें एल वार्ड (कुर्ला), एम-पूर्व (गोवंडी) और एम -पश्चिम (चेंबूर) वार्ड शामिल नहीं हैं, क्योंकि ये कांजूरमार्ग और देवनार डंपिंग ग्राउंड के पास हैं। निजी कंपनियों को उच्च क्षमता वाले, रंग-कोडित वाहनों का उपयोग करना था, जिनमें से 10%–15% वाहन इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य था। मुंबई मनपा दिसंबर तक इस टेंडर को अंतिम रूप देना चाहती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45764/mumbai-municipal-corporation-issues-tender-of-rs-4165-crore-for</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/45764/mumbai-municipal-corporation-issues-tender-of-rs-4165-crore-for</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 19:13:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-11/download---2025-11-25t191313.265.jpg"                         length="8838"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        