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                <title>Maharashtra Navnirman Sena - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Maharashtra Navnirman Sena RSS Feed</description>
                
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                <title>मलबार हिल में गुजराती नेम बोर्ड हटाए गए, मनसे की शिकायत के बाद BMC की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के मलबार हिल इलाके में गुजराती भाषा के नेम बोर्डों को BMC ने हटा दिया है। यह कार्रवाई मनसे की शिकायत के बाद की गई। मामले ने मुंबई में भाषा और साइनज नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। #MumbaiNews #MalabarHill #BMC #MNS #Marathi</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50092/gujarati-name-board-removed-in-malabar-hill-bmc-action-after"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/pudharinews_2026-06-03_l0jj0nf8_bmc-action-malbar-hill-6.jfif.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>मुंबई के मलबार हिल इलाके में लगे गुजराती भाषा के कुछ नेम बोर्डों को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने हटा दिया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा की गई शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये बोर्ड महानगरपालिका के साइनज नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, मलबार हिल के डुंगरसी रोड, स्वतंत्र सैनिक एस. एम. जोशी क्रीड़ांगण और अन्य स्थानों पर गुजराती तथा जैन भाषा में लगे नामफलक को लेकर मनसे ने आपत्ति जताई थी। पार्टी नेताओं का कहना था कि BMC के नियमों के अनुसार सार्वजनिक नामफलक और साइन बोर्ड निर्धारित भाषा मानकों के अनुरूप होने चाहिए।</p>
<p>मनसे ने इस मामले में पुलिस और BMC दोनों को शिकायत दी थी। शिकायत के बाद महानगरपालिका ने संबंधित पक्षों को नोटिस देकर बोर्ड हटाने के निर्देश दिए। बाद में इन बोर्डों को हटा दिया गया।</p>
<p>इस कार्रवाई के बाद भाषा और साइन बोर्ड नियमों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मनसे का कहना है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सभी सार्वजनिक बोर्ड निर्धारित नियमों के अनुसार होने चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।</p>
<p>BMC की ओर से संकेत दिया गया है कि शहर में साइनज नियमों के पालन को लेकर निगरानी जारी रहेगी। इससे पहले भी मुंबई के विभिन्न इलाकों में भाषा संबंधी साइन बोर्डों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।</p>
<p>फिलहाल यह मामला मुंबई में भाषा, स्थानीय पहचान और सार्वजनिक साइनज नियमों को लेकर चल रही बहस का नया केंद्र बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 13:58:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>माहिम प्रभाग 182 में महाविकास युति को मजबूती, राज ठाकरे से मुलाकात के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चुनाव प्रचार के दूसरे दिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और मनसे की युति के कार्यकर्ताओं ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से सदिच्छा भेंट की। इस दौरान प्रभाग 182 से उम्मीदवार मिलिंद वैद्य भी मौजूद रहे। बातचीत में संगठनात्मक समन्वय और प्रचार रणनीति पर चर्चा हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46769/mahavikas-alliance-strengthened-in-mahim-division-182-new-enthusiasm-among"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/fb_img_1767692765850.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई: चुनाव प्रचार के दूसरे दिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की युति से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष श्री राज ठाकरे से सदिच्छा भेंट की। इस अवसर पर प्रभाग क्रमांक 182 से युति के उम्मीदवार मिलिंद वैद्य भी उपस्थित रहे।</p>
<p><br />इस दौरान संगठनात्मक समन्वय, चुनावी प्रचार की दिशा और जमीनी स्तर पर संवाद को लेकर चर्चा हुई। युति से जुड़े नेताओं ने बताया कि इस तरह की मुलाकातें कार्यकर्ताओं के मनोबल को मजबूत करती हैं और प्रचार अभियान को अधिक संगठित रूप देने में सहायक होती हैं।</p>
<p><br />प्रभाग क्रमांक 182 में युति की ओर से जनसंपर्क अभियान जारी है। स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदाताओं से संवाद, बैठकों और प्रचार गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस भेंट को युति के भीतर आपसी तालमेल और रणनीतिक संवाद के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 15:16:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना  के साथ गठबंधन करती है तो भाजपा का होगा भारी नुकसान - आठवले  </title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ अगर भाजपा अगर गठबंधन करती है तो उसे भारी नुकसान हो सकता है साल 2014 लोकसभा चुनाव से भाजपा के पारंपरिक मतदाता हिंदी भाषीय और गुजराती भाजपा का साथ छोड़ सकते है.राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से चुनाव में कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/15583/if-alliance-with-maharashtra-navnirman-sena--bjp-will-suffer-huge-losses---athawale"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-11/ramdas-athawale.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ अगर भाजपा अगर गठबंधन करती है तो उसे भारी नुकसान हो सकता है साल 2014 लोकसभा चुनाव से भाजपा के पारंपरिक मतदाता हिंदी भाषीय और गुजराती भाजपा का साथ छोड़ सकते है.राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से चुनाव में कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव में एनडीए की एक बार फिर सरकार बनेगी आगामी मुंबई मनपा चुनाव में भाजपा का महापौर और आरपीआई का उपमहापौर होगा शिंदे -फडणवीस सरकार की होने वाली मंत्रिमंडल विस्तार में आरपीआई को भी स्थान मिलना चाहिए मंगलवार को पवई स्थित हमारा महानगर कार्यालय में सदिच्छा भेट देने आए केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले से ऐसे विभिन्न मुद्दे पर कुछ बातचीत के अंश.</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा और मनसे के बीच गठबंधन की चल रही चर्चा में अगर सच्चाई है तो यह भाजपा के लिए घातक है. आगामी चुनाव में भाजपा अगर मनसे के साथ गठबंधन करती है तो उसे भारी नुकसान होगा।क्योंकि साल 2014 लोकसभा चुनाव के बाद हर चुनाव में हिन्दी भाषीय मतदाता एकजुट होकर भाजपा को मतदान कर रहे है लेकिन मनसे के साथ गठबंधन के बाद हिंदी भाषीय के आलावा गुजराती मतदाता भाजपा का साथ छोड़ सकते है जिसके कारण भाजपा को भारी नुकसान हो सकता है.मनसे के साथ गठबंधन का आरपीआई पहले भी विरोध किया था आज भी विरोध कर रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने जिस पार्टी और विचारधारा के खिलाफ लड़कर अपने संगठन को खड़ा किया उसी विचारधारा और पार्टी के साथ हाथ मिलाकर उध्दव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के साथ धोखा किया।साल 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा -शिवसेना और आरपीआई की गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ा था जिसे जनता ने बहुमत भी दिया लेकिन उध्दव ठाकरे ने भाजपा के साथ धोखा कर कांग्रेस -राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2019 के विधानसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंद कमरे में शिवसेना को ढाई साल का मुख्यमंत्री पद देने का कोई वादा नहीं किया था. अगर वे ऐसा वादा करते तो मीडिया के पास ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी छिपी नहीं रहती। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे द्वारा कोंकण में आयोजित एक कार्यक्रम में अपने भाषण में इसका जिक्र खुद अमित शाह कर चुके है.</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव प्रचार की सभा में शिवसेना के नेताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह बार -बार अपने भाषण में कहते थे कि दिल्ली में नरेंद्र और महाराष्ट्र में देवेंद्र लेकिन उस समय शिवसेना ने इसका समर्थन किया था लेकिन जब चुनाव के नतीजे आए और भाजपा को उम्मीद कम सीट मिला तो उद्धव ठाकरे मौका देखकर ढाई -ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का मुद्दा उठाते हुए भाजपा को धोखा देकर कांग्रेस -राकांपा के साथ मिलकर सरकार बना ली.</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2019 के चुनाव के बाद कांग्रेस -राकांपा के साथ सरकार बनाने के बाद उद्धव ठाकरे के इस फैसले से शिवसेना के विधायक और नेता काफी नाराज हो गए थे.जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा एकनाथ शिंदे के साथ कई विधायक उध्दव ठाकरे को छोड़कर चले गए और उनके समर्थन से राज्य में शिंदे -फडणवीस की सरकार से बन गई.</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी और सीबीआई का  दुरुपयोग कर रही है यह विपक्ष का आरोप बेबुनियाद और निराधार है सीबीआई और ईडी एक स्वतंत्र संस्था है जो सबूत और कागज के आधार पर कारवाई करती है.एमवीए का आरोप है सरकार बनाने के लिए  जांच एजेंसी का उपयोग किया गया है वह बिलकुल गलत है पिछली केंद्र सरकार में भी जांच एजेंसी कारवाई करती थी इसका यह मतलब नहीं हुआ कि वो भी इस एजेंसियों का दुरुपयोग करती थी.</p>
<p style="text-align:justify;">आरपीआई ने बड़ी संख्या में हिंदी भाषीय लोगो को पार्टी से जोड़ने का सिलसिला शुरू किया है.आगामी मुंबई मनपा सहित अन्य चुनाव में आरपीआई अधिक से अधिक हिंदी भाषीय नेताओं को उम्मीदवार बनाएगी।हमने  उत्तर भारतीय जनता को पार्टी से जोड़ने के लिए उत्तर भारतीय मोर्चा का गठन किया है जो समाज को जोड़ने का काम कर रही है.  </p>
<p style="text-align:justify;">आगामी मुंबई मनपा चुनाव में भाजपा का  सत्ता आना तय है.क्योंकि पिछले 25 साल में मनपा की सत्ता पर काबिज शिवसेना से मुंबई की जनता ऊब चुकी है.मनपा के होने वाले चुनाव में भाजपा का महापौर तो आरपीआई का उपमहापौर बनेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2019 के चुनाव के बाद बनी शिवसेना -कांग्रेस और राकांपा का गठबंधन सरकार जाने के बाद भी बरक़रार है यह सही है लेकिन इस गठबंधन में शिवसेना को भारी नुकसान हो रहा है यही कारण है कि शिवसेना टूट गई.लेकिन यह बात उध्दव ठाकरे के समझ में नहीं आ रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा और लोकसभा के निधन के बाद होने वाले उपचुनाव में विपक्ष को अपना उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए यह महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपरा है जिसका पालन  अँधेरी पूर्व विधानसभा के हुए उपचुनाव में भाजपा ने किया।  एनडीए के उम्मीदवार की जीत पक्की थी लेकिन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की परंपरा को निभाते हुए अपने उम्मीदवार का नामांकन वापस ले लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">राज्य की एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और साल 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव में वापस बहुमत के साथ एक बार फिर राज्य में सरकार बनाएगी।क्योंकि शिंदे -फडणवीस की सरकार के कार्यों से राज्य की जनता संतुष्ट है इसलिए राज्य के विकास के लिए उन्हें दोबारा सत्ता में लाएगी</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की शुरू भारत जोड़ो यात्रा में भले ही भारी भीड़ हो रही है लेकिन इसका फायदा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को नहीं होगा। राहुल गांधी को भारत जोड़ने से पहले कांग्रेस पार्टी को जोड़ने की जरूरत है. साल 2014 के बाद से लगातार कांग्रेस पार्टी के नेता पार्टी छोड़कर दूसरे पार्टी में जा रहे है.</p>
<p style="text-align:justify;"> साल 2012 के बाद से लगातार हाशिए जाने वाली  बहुजन समाज पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने विकल्प के रूप में आरपीआई में शामिल हो रहे है.साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा का एक भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीता इसका कारण बसपा सुप्रीमो का उम्मीदवारों को पैसे देकर टिकट देना।जो पार्टी के लिए वर्षो से काम कर रहे है उन्हें मायावती चुनाव में टिकट नहीं देती बाहर से आने वाले लोगों को पैसे लेकर वो टिकट दे देती है इसलिए कार्यकर्ता उनके इस निर्णय से नाराज है और विकल्प के रूप में आरपीआई में शामिल हो रहे है.  </p>
<p style="text-align:justify;">हमारा महानगर कार्यालय में सदिच्छा भेट देने आए केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले का हमारा महानगर के संपादक अन्तेष सिंह, कार्यकारी संपादक राघवेंद्र नाथ द्विवेदी  और उत्तर भारतीय संघ मुंबई युवा मोर्चा के अध्यक्ष संजय सिंह ने साल श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया इस दौरान आरपीआई के महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव गौतम सोनवणे  मीडिया प्रमुख हेमंत रणपिसे उपस्थित थे. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Nov 2022 08:18:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हलाल मीट के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना...प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे कि कहां से पैसा आता है...</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र में हलाल और झटका मीट को लेकर बहस तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने हलाल मीट का विरोध किया है और इसके तार टेरर फंडिंग से जोड़े हैं। मनसे का ये भी कहना है कि इसके चलते हिंदुओं की आजीविका और राजस्व पर भारी असर पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/13357/maharashtra-navnirman-sena-will-write-a-letter-to-the-prime-minister-against-halal-meat--where-does-the-money-come-from-"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-08/download-(3)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>महाराष्ट्र में हलाल और झटका मीट को लेकर बहस तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने हलाल मीट का विरोध किया है और इसके तार टेरर फंडिंग से जोड़े हैं। मनसे का ये भी कहना है कि इसके चलते हिंदुओं की आजीविका और राजस्व पर भारी असर पड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मनसे ने कहा, 'हलाल एक धीमा जहर है, हलाल खाना हमारे लिए अनिवार्य नहीं होना चाहिए। उसकी वजह से बाकी धर्म को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। हलाल का जो तरीका जानवर को काटने का है, वो क्रूरता से भरा हुआ है। इसमें जानवरों की कुछ नसों को काटा जाता है और उसे तड़पने दिया जाता है। वो मक्का की तरफ मुंह करके जानवर को काटते हुए कलमा पढ़ते हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">मनसे ने कहा, 'हिंदुस्तान में 15% मुस्लिम हैं, बाकी अन्य धर्म है जो झटका खाते हैं। लेकिन हलाल ही बिकता है, जो बाकी धर्म के लोगों को भी जबरदस्ती खाना पड़ता है। हलाल सर्टिफिएफ्ट की भी मांग इनकी तरफ से की गई, लेकिन वो सिर्फ एक्सपोर्ट के लिए थी। इन संगठनों ने अब दबाव बनाकर हर प्रोडक्ट पर इसे अनिवार्य कर दिया है।'</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे: मनसे</strong></em><br /><em>मनसे ने कहा, 'प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे कि कहां से पैसा आता है और कहां जाता है, इस बात पर भारत सरकार ऑडिट करे।' जमीयत ए उलेमा जैसे संगठन हलाल प्रोडक्ट बनाने को लेकर दबाव डाल रहे हैं और हलाल सर्टिफिकेट के चलते खर्चा भी बहुत होता है, उसके चलते रेवेन्यू भी बढ़ता है लेकिन यह संगठनों के पास जाता है। यह लोग आतंकवादियों को समर्थन देते हैं और टेरर फंडिंग करते हैं,  जिनके खिलाफ केस होते है उनके लिए यह पैसे लगाते हैं। </em></p>
<p style="text-align:justify;"><em>मनसे ने कहा कि मीट के लिए अलग-अलग काउंटर होना चाहिए। जिसको जो लेना है, वो उसकी आजादी होना चाहिए। लोगों पर इसको थोपना नहीं चाहिए। कुछ देशों में यह पहले से ही बैन है कि हर पदार्थ में हलाल का सर्टिफिकेट नहीं होना चाहिए।  मनसे ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पर कब्जा करने के लिए इसका इस्तेमाल रेवेन्यू के लिए होता है। ऐसा कुछ संगठन करते हैं। झटका काउंटर की चेन खड़ी की जा रही है। ये देश के खिलाफ है तो यह टेरर फंडिंग नहीं हुई क्या? कौन से उद्देश्य के लिए इसका इस्तेमाल होता है, ये जानना जरूरी है। </em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Aug 2022 19:45:59 +0530</pubDate>
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